Book Title: Anuyogdwar Sutram Part 02
Author(s): Kanhaiyalal Maharaj
Publisher: A B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
View full book text
________________
Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra
www.kobatirth.org
Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir
४२०
अनुयोगद्वारसूत्रे एतेषां वैक्रियशरीराणि तथा भणि व्यानि । यथा असुरकुमारणा तथा यावत् स्तनितकुमाराणां तामद् भणितव्यानि ॥५० २१३ ॥ ___टीका-'नेपइया णं भंते' इत्यादि--
नैरपिकाणां भदन्त ! किपन्ति औदारिकशरीरान प्राप्तानि ! इति शिष्यप्रश्नः । उत्तरयति-गौतम ! औदारिकसरीराणि द्विविधानि प्रज्ञतानि, तधथाबद्धानि च मुक्तानि च नैरविकामां क्रिमशरीत्वेन औदारिकवन्धमावादौदारिकशरीराणि न सन्तीत्यत एवोक्तम् तत्र खलु यानि तानि बद्धानि तानि न सन्ति । औदारिक शरीर के जैसा जानना चाहिये । अर्थात् जिस प्रकार बद्ध औदारिक शरीर अलुरकुमारों में नहीं होते हैं, उसी प्रकार बद्ध आहारक शरीर भी असुरकुमारों में नहीं होते हैं। तथा मुक्त भौदारिक जिस प्रकार असुरकुमारों के समान होते हैं, उसी प्रकार से मुक्त आहारक शरीर भी इनके अनन्त होते हैं। (तेयय कम्तयसरी जहा एएसिं वेउब्वियसरीरा तहा भाणियव्या) दोनों प्रकार के तैजस शरीर और कार्मण शरीर बद्धमुक्तक्रिय शरीर के जैसा असुरकुमारों के जानना चाहिये । (जहा असुरकुमाराणं तहा जाव थणियकुमाराणं ताव भाणियवं) असुरकुमारों के जैसे ये पांच शरीर कहे गये है, वैसे ही ये पाँच शरीर स्तनितकुमारान्त तक के भवनपतियों के भी जानना चाहिये।
भावार्थ-इस सूत्रद्वारा मूत्रकार के 'नारकों और भवनपतियों में पांचो शरीरों का कौन २ प्रकार, कितने २ रूप में होता है ? यह सब स्पष्ट
એટલે કે જેમ બદ્ધ દારિક શરીરે અસુરકુમારોના હોતા નથી, તેમ જ બદ્ધ આહારક શરીર પણ અસુરકુમારમાં હતાં નથી. તથા મુક્ત ઔદારિક જેમ અસુરકુમારોનાં અનંત હોય છે, તેમજ મુક્ત આહારક શરીરે ५५ सनत डाय छे. (तेययकम्मयसरीरा जहा एएसि वेउव्वियसरीरा तहा भाणियबा) मन्ने तेस शरी२ अ२ मशरी२ मा भुत वैठिय शरीरनी २म असुमारानां ५ ॥ (जहा असुरकुमाराणं तहा जाव थणियकुमाराण ताव भाणियव्य) सुरेभारेशनाभ मां पांय શરીર કહેવામાં આવ્યાં છે તેમજ આ પાંચ શરીરો તનિતકુમારાત સુધીના ભવનપતિઓને પણ જાણવા જેઈ એ.
ભાવાર્થઆ સૂત્રવડે સૂત્રમારે નરકે અને ભવનપતિઓમાં પાંચેપાંચ શરીરના ક્યા કયા પ્રકારે, કેટલા રૂપમાં હોય છે ? આ બધું સ્પષ્ટ કરવામાં આવ્યું છે. નારક જીવમાં ઔદારિક શરીર હેતું નથી કેમકે ત્યાં
For Private And Personal Use Only