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शावर तन्त्र शास्त्र
१
प्रयोग-विधि
(१) उक्त मन्त्रा का उच्चारण करते हुए प्रातःकाल २२ बार अपने मुख का प्रक्षालन करें तथा साध्य-स्त्री का नाम ले तो वह बस में हो जाती है।
(२) उक्त मन्त्र से ७ बार अभिमंत्रित-जल साध्य-स्त्री को पिला देने से वह वशीभूत हो जाती है।
स्त्री-वशीकरण मन्त्र (१८)
मन्त्रा-"मद मद मद मादय खिल ह्रीं अमुक नाम्नी 'अमुकस्व रूपां स्वाहा ।"
टिप्पणी
उक्त मन्त्र में जहाँ 'अमुक नाम्नी' शब्द आया है, वहाँ जिस स्त्री को वशीभूत करना हो, उसके नाम का उच्चारण करना चाहिए तथा जहाँ, अमुक स्वरूप स्त्री शब्द आया है। वहाँ उसके स्वरूप अर्थात् वर्ण (रंग), आय आदि का उच्चारण करना चाहिए, जैसे स्त्री का रंग गोरा तथा आयु उन्नीस वर्ष की हो तो "एकोनविंश वत्सरेण वय समन्वितां' आदि ।
इस मन्त्र का जप करने से पूर्व निम्नानुसार कामदेव का ध्यान करना चाहिएध्यान -- "कनक रुचिर मूर्तिः कुन्दपुष्पाकृतिवं युवति हृदयमध्ये निश्चतादत्तदृष्टिः । इति मनसि मनोजं ध्याययेद्यो जपस्थो बशयति च समस्तं भूवलं मन्त्र सिद्धः ।,
साधन विधि
ध्यानोपरान्त पूर्वोक्त मन्त्रा का १०००० की संख्या में जप करके, जप का दशांक अर्थात् १००० की संख्या में लाल फूलों से होम करें। इस प्रयोग में सभी काम बाँये हाथ से करने चाहिये ।
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