Book Title: Agam 04 Ang 04 Samvayang Sutra Sthanakvasi
Author(s): Amarmuni
Publisher: Padma Prakashan

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Page 256
________________ Arihant Sambhav Nath remained as a householder for a period of fifty nine Poorva years. After that he got his head tonsured and renouncing the life of a house holder got initiation. ३०८-मल्लिस्स णं अरहओ एगूणसटुिं ओहिनाणिसया होत्था। मल्लि अर्हन के संघ में उनसठ सौ अवधिज्ञानी थे। In the congregation of ascetic (order) of Arihant Malli. There were fifty nine hundred clairvoyant monks. । उनसठवां समवाय समाप्त । (The End of Fifty Nineth Samvaya) साठवां समवाय The Sixtieth Samvaya ३०९-एगमेगे णं मंडले सूरिए सट्ठिए सट्ठिए मुहुत्तेहिं संघाएइ।. सूर्य एक-एक मण्डल को साठ-साठ मुहूर्तों से पूर्ण करता है। ___ The sun completes one orbit (mandal) in sixty muhurat. ३१०-लवणस्स णं समुद्दस्स सटुिं नागसाहस्सीओ अग्गोदयं धारंति। लवण समुद्र के सोलह हजार ऊँची वेला के ऊपर वाले जल अर्थात् अग्रोदक को साठ हजार नागराज धारण करते हैं। Sixty thousand great Nagkumar gods hold the excess water at the surface of the sixteen thousand high boundary of Lavan Ocean at its shqres. ३११-विमले णं अरहा सर्टि धणूई उडूं उच्चत्तेणं होत्था। विमल अर्हन् की ऊँचाई साठ धनुष थी। Regarding the height of Arihant Vimal Nath it has beensaid that he was sixty (Dhanush) bow high. ३१२-बलिस्स णं वइरोयणिंदस्स सर्टि सामाणियसाहस्सीओ पण्णत्ताओ। बँभस्स णं 5 देविंदस्स देवरन्नो सर्टि सामाणियसाहस्सीओ पण्णत्ताओ। बलि वैरोचनेन्द्र और ब्रह्म देवेन्द्र देवराज के साठ-साठ हजार सामानिक देव कहे गए हैं। The co-chief (samanik) gods of Bali Vairochandra and Brahmna Devendra Devraj have been said sixty-sixty thousand. साठवां समवाय • 190 Samvayang Sutra 国与当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当当

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