Book Title: Agam 38B Panchkappabhasa Chheysutt 05B
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan

View full book text
Previous | Next

Page 19
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandin पंचकप्पो - (१४) ३१२४॥ ॥१२५॥ १२६॥ ॥१२७॥ ॥१२८॥ ॥१२९॥ ॥३०॥ ||१३१॥ (१२४) ओतरति अहक्खाओनिग्गंयसिणातएस दोसंपि एमेत समोतरिता अण्णोण्णेसुंजहाकमसो (१२५) उत्तारे सव्वमहब्बयाणि नियमा तु सव्वदव्येसु नतु सब्बपञ्जदेहिं जम्हा सामादिए उदितं (१२६) पढमम्मि सब्दजीवा बीतेचरिमे यसबदव्वाई सेसा महव्यता पुण तदेकदेसेण दवाणं (१२७) एतेसि नियंठाणं आवण्णाणं तु संजयाणंच बदहारोहोति दुहापच्छिते आमवंतेय (१२८) पछित्ते पंचविहो आगममादी उ होति नायचो कस्साभवति न वावी सश्चित्तादी तुआमच्चो (१२९) सादरहिस्स ववहारो अवराहोपडिसेवणा पडिसेषणा य कतिहा तीसे भेदा इमे भवे (१३०) दप्पिया कप्पिया चेव दुविहा पडिसेवणा जयणाऽजयणा कंप्पी जयणा सुद्धो तु सेवतो (१३१) जयणासेवी कप्पो दप्पो जयणाए अजयणाए य आवजति सट्ठाणं वण्णिअति वित्यरो कप्पे (१३२) पडिसेवगस्स होती देसम्मंगोयसवमंगोय अवराहे केरिसए देसे सव्येऽपि सोहोति (१३३) पणगादीजा छेदो एसोखतु होति देसमंगो तु मूलादि उपरिमेस नायवो सयभंगोउ। (११) तस्स उ विसुद्धिहेतुं पच्छित्तं तस्स केतिया भेदा छट्ठाणादीया खलुपरूषणा तेसिमा होति (१५५) छसुकाएसु वएसुय छबिह एगिदियादि पंचविहं संपट्टण परिताचण उद्दयणे वेव निफन्नं (१३६) चउहातु नाणवंते दंणसवंते चरितवंतेय तत्तोचियतकिच्चे अहवादब्वाइयं चउहा (१३७) अहवा अतिक्कमादी चउहा कोहाइयंच चउहा तु नाणादियारमादी होती तिविहंचपच्छित्तं (१३८) अहवाआहारोवहिसिञ्जतियारे य होति तिविहंतु उग्गम उप्पायण एसणाय तिविहं तु एक्केक्के आलोयण पडिक्कमणे तदुभयमेवं तु होति तिविहं तु सचित्ताचितमीसग तिविहं वेदं मुणेयव्वं (१४०) अहवा सतद्वविहं नव दसहा वावि होति पछित्तं आलोय पडिक्कमणे मीस वियेगे य वोसग्गे (११) छट्टगतवेय तत्तो सव्वे तुरिल सत्तमंछेदो अट्ठविह छेद दुविहो देसे सव्वे य बोद्धब्बो ॥१३२॥ ||१३३॥ ॥१३॥ ॥३५॥ ।।१३६॥ ॥१३७॥ ॥१३८|| ॥१३९॥ ॥१४०॥ ||१४११॥ For Private And Personal Use Only

Loading...

Page Navigation
1 ... 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135 136 137 138 139 140 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 151 152 153 154 155 156 157 158 159 160 161 162 163 164