Book Title: Agam 38B Panchkappabhasa Chheysutt 05B
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan
View full book text
________________
Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra
५०
www.kobatirth.org
Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir
(७३४) दो धतपत्ला महु पलं दहिस्स अद्धाढगं मरिय धीसा खंड तुलाद सभागो एस रसालू निवतिजोग्गो (७३५) खंड तुलादसभागो दस खंडपला हवंति नायव्वा ते तम्पि पक्खिवित्ता मज्जियनामं रसालोत्ति (७३६) पाणं मज्जविही उ पाणीयं धारपाणियादीयं दक्खादिपाणगाई सागेणं दंजणा जे तु (७३७) एवं अट्ठारसहा निरुवहतो दड्ढगादिपरिहीणो नय उवहम्मति जेणं रसादि छूढेण दव्वेणं ( ७३८) परिसुक्खं दाहिणतो दवाणि सव्वाणि यामतो कुञ्जा निद्धमहुराणि पुब्वं मज्झे अंयं दवंताणि ।
(७३९) परिसुक्खं सालणगादि तं गिण्ह सुहं तु दाहिणकरेणं वामेण पाणगादी तेण तयं वामपासम्मि
( ७४०) अप्पाइजति देहं पुव्वं तू निद्धमहुरदव्वेहिं पेतादीहिं नियमा केवइयं तं तु भोत्तव्वं
(७४१) अद्धमसणस्स सव्वंजणस्स कुञ्ज दवस्स दो भाए वातपवियारणड्वा छष्मागं ऊणयं कुञ्जा
(७४२) तं पुण एयप्रमाणं आदी मज्झे तहेय अवसाणे केरिसयं भोत्तव्वं तस्स इमं गाहमाहंसु
(७४३) असतामिव संजोगं पत्रा भोयणविद्धिं उवदिसंति लक्खं दयावसानं मज्झ विचित्तं महुरमादी । (७४४) असता असजणा दुखणा य एगद्विताणि एयाणि तेहि समं जा मेत्ती संजोगेसो तु नायव्वो (७४५) गुलमहुरा उल्लावा तेसिं पुव्वं करिंति य पियाइ मज्झे य होति मज्झा महुरा विगतिं च दाएंति ( ७४६ ) कुव्वंतिय मासंति य अवसाणे तारिसाणि जेहिं तु जिज्झति सव्वं सुकलं एवं किर भोयणं भुंजे
( ७४७) आदीऍ निद्धमहुरं मज्झ विचित्तं दललुक्ख अवसाणे तेगं विपागमेती दुज्जणमेत्तीय अवसाणे
( ७४८) कुसला मिहिएणं पुण तं भोत्तव्वं इमेण विहिणा तु असुरसुरं अचवचवं अद्दुतमविलंबियं चेय ( ७४९ ) अयमण्णोऽवि विही खलु भोयणजायम्पि होति नायव्वो जारिसयं न भोत्तव्व दोसा जे यावि भुतरस ( ७५० ) अच्छुण्डं हणइ रसं अतिअंबं इंदियाई उदहणति अतिलोणियं च चक्खुं अतिनिद्धं मंजते गहणि (७५१) आहारियम्मि एवं नीहारेणं अवस्स भवियब्वं तत्य न धारे वेगं दोसा य इमे धरिचंते
For Private And Personal Use Only
पंचकपो ( ७३४)
-
||७३४॥
1193411
॥७३६॥
॥७३७॥
||७३८॥ ★
१७३९॥
॥७४० ॥
।।७४१॥
॥ ७४२ ॥
१७४३ ॥ ★
।। ७४४ ॥
॥७४५॥
१७४६ ॥
॥७४७
॥७४८ ॥
।।७४९ ॥
॥७५०॥
॥७५१॥

Page Navigation
1 ... 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135 136 137 138 139 140 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 151 152 153 154 155 156 157 158 159 160 161 162 163 164