Book Title: Agam 38B Panchkappabhasa Chheysutt 05B
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan

View full book text
Previous | Next

Page 73
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra PO www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir (१०९१) भणिओ य धेरेण समाणेणं कारणजातेण एतिओ कालो अजाणं पणगंपुण नवगग्गहणं तु सेसाणं (१०९४) निम्मवणट्ठा एतेसिं चेव एवं तु कारणज्जायं जेहिं गुणेहिं जुत्ता दिजंते ते इमे होति (१०९५) जे गिव्हिउं धारयितुं च जोग्गा थेराण ते दिंति बिइजए तु गिण्हंति ते ठाणठिता सुणं किचं च थेरस्स करेति सव्वं ( १०९९) आसज्ज खेत्तकालं बहु पाउग्गा न संति खित्ता उ निच्चं च विमत्ताणं सच्छंदादी बहू दोसा (१०९७) जह चेव उत्तिम कतसंलेहस्स ठाति एमेव तरुणपडिक्कम्मं पुण रोगविमुक्के बलविवढी (१०९८) बुड्ढावासातीए कालदी तेण उग्गहो तिविहो आलंबणे विसुद्धे उग्गहो तक्कजि वोच्छेओ (१०९९) जंकारण युड्ढीगतो वासो तर्हि कारणे अतीयम्मि मति पडिभग्गा जे उ आयरिए उग्गहो नत्यि ( ११००) दुविहेवि कालतीते मासे चउमास उग्गहे छिन्ने सच्चत्तादी छिष्णो आलंबणे तम्मि छिण्णम्मि (११०१) कारणसमत्ति पुरओ जो अच्छति उग्गहे तहिं होति सच्चित्तादी तिविहे न तस्स तहियं इमं नातं (११०२) आगासकुच्छिपूरी उग्गहपडिसेहियम्मि जो कालो न हु होति उग्गहो सो कालदुगे वा अणुष्णाओ (११०३) जह नाम कोति पुरिसो छाओ आकासकुच्छिपूरिच्छे न हु होति सोवि तित्तोऽमुत्तत्ता उवणओ एवं (११०४) कालदुवेत्ति अनुण्णा गिम्हाए जत्य धरममास कती अण्णत्त सतीए तत्थ ठियाणोग्गही होति (११०५) एमेव वासतीते दस राया तिणि जाव उक्कोसो वासणिमित्तठिताणं उग्गहो छम्मास उक्कोसो (११०३) तक्कअसमत्तीएवि रायदुट्टपरचक्क असिवादी तेहि कारणेहि तु उग्गही होतऽतीतेऽवि (११०७) एतेसु उग्गहेसुं आभव्वऽणभव्वक्त्ति भणिएसा अयमण्णोतु पगारी आभव्यमणामवंते य (११०८) सुहसीलऽनुकंपातट्ठिए य संबंधि खवग गेलपणे सच्चिते ससिहाए पट्ठिए धारण दिसासु (११०९) तणुयंपि नेच्कए दुक्खं सुहं चाकंखती सदा सुहसीलो एस अक्खाओ सातागारवणिस्सितो (१११०) सुहसीलयाए सेहं कोई पेसेज अण्णसाहूण पलिमंथं भण्णंतो दुक्खं खू सारवेउं जे For Private And Personal Use Only पंचकप्पो (१०९३) - ॥१०९३ ॥ ॥१०९४ ॥ ॥१०९५॥ ॥१०९६ ॥ ॥१०९७॥ ||१०९८॥ ||१०९९॥ 119900|| ।।११०१।। ॥११०२ ॥ 11990rtl 11990X11 11990411 ॥११०६ ॥ 11990611 11990611* ॥११०९ ॥ 11999011

Loading...

Page Navigation
1 ... 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135 136 137 138 139 140 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 151 152 153 154 155 156 157 158 159 160 161 162 163 164