Book Title: Agam 38B Panchkappabhasa Chheysutt 05B
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan

View full book text
Previous | Next

Page 37
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir ३४ पंकप्पो - (rra) || ४|| ४५०॥ ||४५१॥ ४५२॥ ||४५३॥ |४५४॥ ||४५५॥ I४५६॥ (ar4) वह बंधं उदयणं खिसण दासत्तमेव पावेचा निविसयंपि नरिंदो कोस संघपिसोरुहो (rvs) अजसो य अकित्तीया तंभूलागंतहियपदयणस्स लोगस्स होति संका सव्वे एयारिसा नणं (४५०) मुक्को व मोइओ या अहया वीसञ्जितो नरिंदैणं अद्धाण परिवेदेसे दिक्खा से उत्तिमढे वा (४५) दुविहो यहोति दुबो कसायदुहोय विसयदुटोय दुविहो कसायदुडो सपक्खपरक्खचउमंगो (४५२) सासवणाले मुहनंतएय उलुगच्छि सिहरिणि सपक्खे सासवणाल सुसंमिय एगेण गुरुणमुवणीयं (४५३) सब्गुरुणा खाइयंइयो कोयोयखामणा गुरुणा अनुवसमंते उगणे गर्णि ठवेताऽप्रहि परिना. (४५४) पुच्छंतमणक्खाए सोन्वइ अण्णास्स कस्य से देखें गुरुणो पुव्वंकहितेदाई पडियरण तंदवहो (४५५) मुहनंतगस्स गहणे एमेव य गंतु निसि गलग्गहणं संमूढेणियरेणवि गलए गहितो मया दोवि (४५६) अत्यं गतेवि सिव्वसि उलुगच्छी उक्खणामि तुह अच्छी पढमगमो नवरिइहं उत्तुगछीउत्ति ढोंकेइ (४५७) सिहरिणि लुद्ध निवेदे गुरूण सव्वादितंति उग्गिरणा भत्तपरिण्णा अण्णाहिं न गछतीसो इहं नवरि (४५८) परपक्खम्मि सपखे उदातिणिवमारतो जहवद्रो सोपवयणरक्खणशनिच्छुमति लिंग हातूणं. (४५५) परपक्खि सपक्खे पुणजउणारायब स्रोतु भयणिो तं पुण अतिसयणाणी दिक्खेंतऽग्रिगारिणं नाई (४६०) परपक्खे परपक्खे दंडियमादी पपरदेसे उवसंते वाऽनत्थ उदमगादि पदु मयितो वा (११) तिविहो य विसयदुट्टो सलिंग गिहिलिंगअण्णनिगेय अहदा सब्वेवि दुहासपरखपरक्खचउभंगो (४६) परखविसयदुट्ठोसपक्ख पारंचिओ तु आउट्टो अठियम्मिलिंगहरणं एमेव सपक्ख परपस्खे . (४६३) परपक्खं तुसपक्खे विसयपदुहन तंतु दिक्खंति सजियमादिपदुटुं नयपरपक्खं तुतत्येव (rer) दवदिसखेत्तकाले गणणा सारिक्ख अभिभवे वेदे बुग्गाहणमण्णाणे कसायमत्तेय मूटपदा (४६५) दबिदुहा बहि अंतो अंतो धत्तुरगादि बहिमो जावदवियं न याणति घडियावोहब्ब दिवपि ||४५७॥ ||४५८॥ ||४५९॥ ||६०|| I791 IIYE२॥ ।।४६३॥ ॥४६५॥ For Private And Personal Use Only

Loading...

Page Navigation
1 ... 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135 136 137 138 139 140 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 151 152 153 154 155 156 157 158 159 160 161 162 163 164