Book Title: Bhadrabahu Sanhita Part 2
Author(s): Bhadrabahuswami, Kunthusagar Maharaj
Publisher: Digambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
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भद्रबाहु संहिता
हैं। दृढ़ जोड़ वाला अंगूठा दृढ़ स्वभाव का बाहरी चिह्न हैं और नाखून का भाग जितना भी लम्बा होता हैं इच्छा शक्ति उतनी ही दृढ़ होती हैं ऐसे मनुष्य बहुत कम ही मित्र जल्दी से बना पाते हैं। और रेल यात्रा में बहुत कम कोई बात शुरू करते हैं उनको करनी ही पड़ती हैं, तो वह एक बहस के रूप में होती हैं। जैसे खिड़की खुली रहनी चाहिए अथवा बन्द यदि कहीं दूसरा यात्री भी दृढ़ जोड़ के अंगूठे वाला हुआ और उसके विचारों के विपरीत रखे तो बस ईश्वर मालिक हैं।
चित्र संख्या - 19