Book Title: Agam 06 Ang 06 Gnatadharma Sutra Part 02 Sthanakvasi
Author(s): Amarmuni, Shreechand Surana, Surendra Bothra, Purushottamsingh Sardar
Publisher: Padma Prakashan
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मज्ज P ( २२४ )
ज्ञाताधर्मकथांग सूत्र डा सूत्र १२७ : राजा पाण्डु ने वासुदेव आदि राजाओं के आने की सूचना पाकर अपने सेवकों को द र बुलाया और कहा-“देवानुप्रियो ! जाकर हस्तिनापुर नगर के बाहर वासुदेव आदि राजाओं के लिए ड र आवास तैयार कराओ जो अनेक स्तम्भों आदि से युक्त सुरम्य हों, (पूर्व सम)।'' सेवकों ने राजाज्ञा । 5 का पालन कर सूचना दी।
127. When King Pandu got the news of arrival of Krishna Vasudev and S other kings he called his servants and said, “Go and get beautiful houses
with numerous pillars constructed outside Hastinapur for Krishna Vasudev 15 and other kings." The servants did as told and reported back.
सूत्र १२८ : तए णं ते वासुदेवपामोक्खा बहवे रायसहस्सा जेणेव हत्थिणाउरे नयरे तेणेव ड उवागच्छति। र तए णं से पंडुराया तेसिं वासुदेवपामोक्खाणं आगमणं जाणित्ता हट्टतुढे ण्हाए कयबलिकम्मे ड 5 जहा दुपए जाव जहारिहं आवासे दलयइ।
र तए णं ते वासुदेवपामोक्खा बहवे रायसहस्सा जेणेव सयाइं सयाइं आवासाइं तेणेव 15 उवागच्छंति, उवागच्छित्ता तहेव जाव विहरंति। र सूत्र १२८ : तब वासुदेव आदि अनेक राजा हस्तिनापुर आ पहुँचे। राजा पाण्डु उनके आगमन S र की सूचना पाकर प्रसन्न व संतुष्ट हुए। वे स्नानादि कर तैयार हुए और आगुन्तकों का अभिवादन । 15 सत्कार कर उन्हें उचित आवास प्रदान किये। वे सभी राजा अपने-अपने आवास में गये और द 2 आनन्द से समय बिताने लगे। (वर्णन राजा द्रुपद के समान)
128. When King Drupad got the information about the arrival of Krishna 2 Vasudev and other kings he was pleased and contented. He got ready after 15 his bath etc., went out and duly extended traditional welcome and sent them
to independent dwellings. All these guests started enjoying their stay. (samec
as in case of king Drupad). 5 सूत्र १२९ : तए णं से पंडुराया हत्थिणाउरं नयरं अणुपविसइ, अणुपविसित्ताटा 15 कोडुंबियपुरिसे सद्दावेइ, सद्दावित्ता एवं वयासी-'तुब्भे णं देवाणुप्पिया ! विउलं असणं पाणंद र खाइम साइमं' तहेव जाव उवणेति।
तए णं वासुदेवपामोक्खा बहवे राया ण्हाया कयबलिकम्मा तं विपुलं असणं पाणं खाइमंदी र साइमं तहेव जाव विहरंति।
सूत्र १२९ : राजा पाण्डु तब हस्तिनापुर लौटे और अपने सेवकों को बुलाकर आदेश दिया-“हे टा 5 देवानुप्रियो ! अशन-पान आदि विपुल भोजन सामग्री तैयार कराओ और अतिथियों के लिए लेडी
जाओ।" सेवकों ने राजाज्ञा का पालन किया। अतिथि राजाओं ने भोजन किया और मनोरंजन र करते समय बिताने लगे। (पूर्व समान)
JNĀTĀ DHARMA KATHĂNGA SÜTRA Fennnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
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