Book Title: Hastlikhit Granthsuchi Part 3
Author(s): Jambuvijay
Publisher: Stambhan Parshwanath Jain Trith Anand
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विद्वान उपरथी कृति माहिती अमावास्या पूर्णिमा विचार प्रा. सं. जहा गेहं पइदिवस (भांता७०) अमृताष्टमीकथा\ सं.\ श्लोक ९२ \ श्रीवीरवदनकलशः. (पातासंघवीजीर्ण८०) अम्बाईस्तुति प्रा. अप. गा.२ \ नेमि जिणन्दह ति ( तालाद३३९) अरिष्टनेमिचरित्र (पाताहेसं५०)
अरिष्टनेमिस्तवन नम अक्षरद्वयमय - (सं.) अवचूरि \ सं. (पाकाहेम१२२९३) अरिहन्तविनती\ अप.\ गा. १४ \ देव पुच्छिउ दुत (भांता७२)
अर्बुदाद्रिजिनस्तवन\ सं.\ श्लोक ५ \ अर्बुदाद्रौ युग (पाकाहेम १२३७८) अर्हत्स्तोत्र ) प्रा. गा. ३७ \ अरिहाण णमो पूयं (भांता७०)
अर्हन्नामसहस्रसमुच्चय\ सं.\ श्लोक १११ (पाकाहेम८२२०, पाकाहेम१२२७१) अलङ्कारविवरण सं. (पातासंघवीजीर्ण८८)
अल्पबहुत्व - (सं.) अवचूरि सं. (पाकाहेम १५८०९)
अवन्तिकुमार सन्धि\ अप. (पातासंघवीजीर्ण७४, पातासंघवी५५-३) अव्यय सं . श्लोक १४० (पाकाहेम१४९८५)
अव्यय-(सं.)अवचूरि\ सं. (पाकाहेम १४९८५) अशोकचन्द्र वर्णन\ प्रा. गा. २१ \ सङ्खक्खमालधणुबा (भांता६९) अशोकचन्द्र गुणकीर्तन\ प्रा. गा.१३ \ नमिर सुरासुरमहि (भांता६९) अशोकदत्तकथा - गद्य सं. (पाकाहेम८०७७)
अष्टप्रकारी जिनपूजाकथानक प्रा. गा. ७५४ \ वरगन्धधूअचुक्खक (भांका२५४) अष्टप्रकारी जिनपूजाकथानक प्रा. (पातासंघवीजीर्ण९०, पातासंघवीजीर्ण९२) अष्टप्रवचनमातृकुलक) प्रा. गा.२८ ( पाकाहेम७७८६)
अष्टप्रवचनमाताविषयककथासङ्ग्रह ) सं. (पाकाहेम८१३४)
अष्टप्रवचनमातागाथा\ प्रा. गा. २० \ सज्झायसमत्तीए अ ( भांता६९)
अष्टभाषाबद्धनेमिजिनस्तवन \ सं., प्रा., अप श्लोक२१ (पाकाहेम११३०८)
अष्टादश दोषरहित पुरुष संसारस्वामिश्लोक सं.\ श्लोक १ \ अज्ञानारतिमानलो (भांता७२) अष्टादशजिनस्तोत्र अस्मद् युष्मद् रूपगर्भित - (सं.) अवचूरि सं. (पाकाहेम १५७१६) अष्टादशपापस्थानक\ प्रा. गा.१७ \ सव्वं भन्ते पाण (पाताहेसं१८९, भांता७२) अष्टादशप्रसूति\ सं.\ भलनं कुशलं तर्ज (भांता७०)
अष्टादशविधरसवती\ प्रा. सुओ दाणा... (भांता७०)
अष्टापदादितीर्थस्तुति\ अप. गा. १५ \ देव जिणवरपवरजस (पाताहेसं १६८)
अष्टोत्तरीस्नात्रविधि\ प्रा. सं. (पाकाहेम१६५५९)
अष्टोत्तरशतनामगर्भित महावीरद्वात्रिंशिका सं.) श्लोक ३२ ( पाकाहेम८२२२)
अष्टोत्तरीस्तवन- (सं.) टीका सं. (पाकाहेम१४०२३)
आउत्तकप्पजोगवाही\ प्रा. आउत्तकप्पजोगवाह (भांता७०)
आगम अष्टोत्तरी प्रकरण (पाताहेसं १७१-१४)
आगम मञ्जूषानी झेरोक्ष (अताका ४९३)
आगमादि विविध ग्रन्थों के सूत्रवृत्ति आदि का ग्रन्थपरिमाण\ सं. (भांता७०)
आगमिकवस्तुविचारसारप्रकरण प्राचीन चतुर्थ कर्मग्रन्थ षड्शीति - (सं.) अवचूरि \ सं. (पाकाहेम७६६३)
आगमोद्धारगाथा\ प्रा.\ गा. ७१ \ एवं विसिट्ठकाला (जेताजि१५४, जेताजि१५६, जेकाजि१३१७, जेकाजि १३२६,
पाकाहेम७७५)
आगमोद्धृत अनेक विचार प्रा. (पातासंघवी ११७ -१, पाताहेसं१५८)
आगमोद्धृत आहारशुद्धयादि अनेक विचार सं., प्रा. मागु. जीवा सुहेसिणो त (पातासंघवी११८-२)
आङ्कना घडिया \ मागु. ( पाकाहेम ११५०३)
आङ्कना पलाखां\ मागु. (पाकाहेम११५०२) आचरणशतकविचार (वताकांति४०५)
आचाराङ्गसूत्र-(प्रा.)चूर्णी प्रा.सं. ग्रं. ८३०० \ मङ्गलादीणि सत्थ (जेताजि३, पाताहेसं२, खंता५, भांता३०,
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