Book Title: Hastlikhit Granthsuchi Part 3
Author(s): Jambuvijay
Publisher: Stambhan Parshwanath Jain Trith Anand
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विद्वान उपरथी कृति माहिती जिनप्रभसूरि-आचार्य अजितनाथस्तवन यमकबन्धी सं. श्लोक२१\ विश्वेश्वरं मथि (पाताखेत११, पाकाहेम११३०८, पाकाहेम१२३१०,
पाकाहेम१२३४५) अजितशान्तिस्तोत्र-(सं.)बोधदीपिका वृत्ति सं. ग्रं.७४० (तालाद३३६, जेकाजि२१२०, भांका१८६) अनाथिसन्धि (कडव-२) अप.\ गा.१३\ जस्सज्जवि माहप (पाताखेत६) अन्तरङ्गरास\ अप. गा.११\ पणमिउ पढमजिणिन् (पाताखेत६) अन्तरङ्गविवाह धवल अप. पमायगुणठाणु पाट (पाताखेत६) आत्मसम्बोधकुलक प्रा. गा.३३\ मोक्खमुक्खे माय (पाताखेत६, पाताहेसं१६१) उपदेशकुलक\ अप. गा.३२\ सुगुरु न सेविउ (जेताजि१५१, पाताखेत६, पाताहेसं१६१) उपसर्गहरस्तोत्र-(सं.)वृत्ति सं. ग्रं.२७१ (तालाद३३६, जेकाजि२१२०) ऋषभचरितस्तवन चरितकुलक\ अप. गा.२७ पणमिय पढम जिणिन (पाताखेत६) कल्पसूत्र-(सं.)सन्देहविषौषधिवृत्ति। सं. ग्रं.२१६८ (जेताजि४४, जेताजि४२६, पाकाहेम१००३५, पाकाहेम१०११८,
पाकाहेम१०४३४, पाकाहेम१०४५२) गुणानुरागकुलक स्तवन\ प्रा. गा.३५ (पाकाहेम३६१७) गौतमस्वामिस्तोत्र सं. श्लोक९\ ॐनमस्त्रिजगन्न (पाकाहेम७३०७, पाकाहेम१२३६३, पाकाहेम१२३७४,
पाकाहेम१३१७१) चतुर्विंशतिजिनस्तुति। सं. श्लोक५०१ (पाकाहेम१५३०६) चतुर्विंशतिजिनस्तुति। सं. का.२९\ ऋषभ नम्रसुरासुर (पाकाहेम१२१८८, पाकाहेम१२१८९, पाकाहेम१२१९०) चतुर्विंशतिजिनस्तुति सं. का.८ जिनर्षभ प्रीणित (पाकाहेम१२२३१, पाकाहेम१२२६३, पाकाहेम१२३५९,
पाकाहेम१२३६४) चाचरिस्तुति अप. गा.३६ जयउ जयउ सिरिरिस (पाताखेत६)
चैत्यपरिपाटी\ अप. जयइ जयइ जिणधम्म (पाताखेत६) जिनजन्ममहोत्सव प्रा. सो जयउ जस्स कल (पाताखेत६) जिनजन्ममहोत्सवस्तवन। अप. गा.२५ नमिवि सिरिपासना (पाताखेत६) जिनजन्माभिषेक भासरागेण अप.। गा.१५\ सुरनरखयरिन्दा द (पाताखेत६) जीवानुशास्तिसन्धि। अप.। गा.१८\ जस्स पहाणज्जवि (पाताखेत६) जैनागमस्तव सं. का.४६ नत्वा गुरुभ्यः (पाकाहेम७३०७, पाकाहेम१२३६५, पाकाहेम१२३८१, पाकाहेम१२३८२,
पाकाहेम१२३८३) ज्ञानप्रकाशकुलक\ अप.\ गा.११३\ देवहं देवु सु ज (पातासंघवी१६४, पातासंघवी७२-३) तपोटमतकुट्टनशत\ सं. श्लोक११०\ निर्लोठितशठकमठं (जेताजि२८४, पाकाहेम७११९, पाकाहेम१४०२४,
पाकाहेम१५३१८) व्याश्रयमय वीरस्तवन\ सं.\ श्लोक१७ (पाकाहेम११३०८) धर्माधर्मविचारकुलकी अप.। गा.१९। अह जण निसुणिज्ज (पाताखेत६, पाताहेसं१६१, पाताहेसं१६८, पाताहेसं१८९) नयगमस्तव प्रा. गा.११\ नयगमभङ्गपहाणा व (पातासंघवी१९६-२, पाकाहेम१२३१८) नर्मदासुन्दरीसन्धि। अप. गा.७१\ अज्जवि जस्स पहा (पातासंघवी७२-३) नवग्रहस्तुतिगर्भितपार्श्वनाथस्तुति प्रा. गा.१०\ दोसावहारदक्खो .. (पाकाहेम१२१७४, पाकाहेम१४९७१) नेमिनाथजन्माभिषेक। अप. गा.१०) मरगयमणिवन्नह ति (पाताखेत६) नेमिनाथरास\ अप. नन्दउ नेमिजिणिन (पाताखेत६) पगामसज्झाय-(सं.)वृत्ति सं. ग्रं.५४८ (पाकाहेम१००७०) पञ्चपरमेष्ठिस्तव। सं. श्लोक५। स्वश्रियः श्रीम (पाकाहेम१२३७५) पार्श्वनाथजन्माभिषेक\ अप. गा.११\ जय जय जगनायग सि (पाताखेत६) पिण्डालोचनाविधानप्रकरण प्रा. गा.७३ (पाकाहेम११०२५) भयहरस्तोत्र-(सं.)वृत्ति। सं. ग्रं.३०० (तालाद३३६, जेकाजि२१२०) भवियकुटुम्बचरित्र। अप. गा.३७\ पढम जिणिन्दह पा (पाताखेत६, पाकाहेम७३०७) भव्यचरित अप. गा.४४\ भविय सुणउ भवजीव (पाताखेत६)

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