Book Title: Hastlikhit Granthsuchi Part 3
Author(s): Jambuvijay
Publisher: Stambhan Parshwanath Jain Trith Anand

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Page 75
________________ ५८ विद्वान उपरथी कृति माहिती गङ्गेश्वर मिश्र-जैनेतर (प्र. नाम-जैनेतर-गङ्गेश्वर भट्ट) तत्त्वचिन्तामणी\ सं. ग्रं.२८११ (पाकाहेम६८५०, पाकाहेम६८५१, पाकाहेम६८५२, पाकाहेम१०४२९, पाकाहेम१०७१३, पाकाहेम१३५०७, पाकाहेम१६३५४, पाकाहेम१६३५५) तत्त्वचिन्तामणीनो हिस्सो आख्यातवाद सं. (पाकाहेम६८६६) गजसार-मुनि दण्डकप्रकरण प्रा. गा.३८ (जेकाजि२७६, पाकाहेम४४७२, पाकाहेम६९५४, पाकाहेम६९५९, पाकाहेम६९६०) दण्डकप्रकरण-(सं.)स्वोपज्ञ अवचूरि। सं. (जेकाजि२७६, पाकाहेम४४७२, पाकाहेम६९५९, पाकाहेम६९६०) गदाधर-जैनेतर नैषधचरितमहाकाव्य-(सं.)टीका\ सं. (पाकाहेम१२९२७) गद्दकवि-कवि चाम्पात देवसिङ्घ छप्पा सवैया ब्रज गा.१२ (पाकाहेम१४३३३) गर्गर्षि-आचार्य (प्र. नाम-ऋषि-गर्गर्षि) कर्मविपाक प्राचीन प्रथम कर्मग्रन्थ प्रा. गा.१६७\ ववगयकम्मकलङ्क (जेताजि१५०, जेताजि१६०, जेताजि१७५, जेताजि४१५, पाताखेत५, पाताखेत११, पाताखेत१२, पाताखेत३६, पाताखेत४२, पाताखेत५०, पाताखेत५१, पाताखेत२-२, पाताखेत२८-२, पातासंघवीजीर्ण४५, पातासंघवीजीर्ण४६, पातासंघवीजीर्ण७३, पातासंघवीजीर्ण९१, पातासंघवी१७४, पातासंघवी६१-२, पातासंघवी६७-१, पातासंघवी१२७-१, पातासंघवी१३०-१, पातासंघवी१४५-२, पातासंघवी१७२-१, पातासंघवी१९३-१, पाताहेसं११०, पाताहेसं११२, पाताहेसं११४, खंता८८, खंता९९, खंता१०२, खंता१०४, खंता१०५, खंता११५, खंता११७, खंता१२०, खंता१२९, खंता१४९, खंता२८२, खंता२८३, अताका५०१, पाकाहेम६५९६, पाकाहेम१०१११) गर्गर्षि-ऋषि पासाकेवली\ सं. (पाकाहेम१५८२४) गर्गर्षि - जुओ - गार्षि-आचार्य गुणचन्द्र गणि - जुओ - गुणचन्द्र सूरि-आचार्य गुणचन्द्रसूरि-आचार्य (प्र. नाम-गणि-गुणचन्द्र गणि) महावीरचरित्र प्रा. ग्रं.१२०२५ (जेताजि२६३, पाताहेसं४४, पाकाहेम७०३०) हैमविभ्रमसूत्र-(सं.)वृत्ति। सं. (पाकाहेम८६७९) गुणभद्रसूरि (दिगम्बर)-आचार्य (प्र. नाम-आचार्य-गुणभद्राचार्य) जिनदत्तकथासमुच्चय। सं. ग्रं.१०९०१ महामोहतमश्छन्नभ (भांका२८२) गुणभद्राचार्य - जुओ - गुणभद्रसूरि (दिगम्बर)-आचार्य गुणरत्नसूरि-आचार्य कर्मग्रन्थषट्क-(सं.)अवचूरि। सं.\ ग्रं.३१०० (पाकाहेम८८४, पाकाहेम६९७२, पाकाहेम७६५९, पाकाहेम१०३२८, पाकाहेम१०५६५) कल्याणमन्दिरस्तोत्र-(सं.)टीका\ सं. (पाकाहेम१०६५५) क्रियारत्नसमुच्चय। सं. ग्रं.५७७८ (पातासंघवी५६-१, पातासंघवी१०५-२, पातासंघवी१०६-१, पाकाहेम७२१९, पाकाहेम१०३९६) चतुःशरणप्रकीर्णक-(सं.)अवचूरि। सं.\ इदमध्ययनं परमपद (भांका३००) नवतत्त्वप्रकरण-(सं.)अवचूरि। सं. (पाकाहेम६९५६) नव्यबृहत्क्षेत्रसमासप्रकरण-(सं)अवचूरि सं. श्लोक१०३६ (पाकाहेम११६६, पाकाहेम११६७, पाकाहेम१०५८९) परहेतुतमोभास्करन्नामस्थल सं. इह हि सकलतार्कि (भांका२१४) वासोन्तिकवितण्डाविडम्बनाप्रकरण\ सं. (पाकाहेम७९३१) संस्तारकप्रकीर्णक-(सं.)अवचूरि। सं.\ गा.१२२\ वसन्तपुरे गायनः (भांका१६८, भांका१९२, भांका३०१) गुणविजय-मुनि एकस्वरचित्रगर्भितसुविधिजिनस्तवन। सं. का.८ (पाकाहेम८२२६) नेमिनाथचरित्र (गद्य) सं. श्लोक५२७५ (पाकाहेम१६७२) सारङ्गशब्दषष्टिअर्थगर्भितवीरस्तवन\ सं. का.१९ (पाकाहेम८२२६)

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