Book Title: Hastlikhit Granthsuchi Part 3
Author(s): Jambuvijay
Publisher: Stambhan Parshwanath Jain Trith Anand
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विद्वान उपरथी कृति माहिती प्रमाणकलिकासूत्र-(सं.)वृत्ति। सं. (पाकाहेम६६९१) प्रमाणमञ्जरी-(सं.)टिप्पण। सं. (पाकाहेम६६६९) प्रमाणमीमांसोद्धार सं. (पातासंघवी६२-२) प्रमाणसङ्ग्रह सं. श्रीमत्परमगम्भी (पातासंघवी१३५-२) प्रमादपरिहारकुलकी प्रा. गा.३१ (पाकाहेम४७४०, पाकाहेम७७९३) प्रयोगसमुच्चय। सं. (पाकाहेम६७१७) प्रयोगसमुच्चय-(सं.)वृत्ति। सं. (पाकाहेम६७१७) प्रवचनसन्दोह। प्रा. गा.३५५\ सारस्सयमाइच्चा (जेताजि१५३, जेताजि१६०, जेताजि४१५, पाताखेत४२, पातासंघवीजीर्ण४५, पातासंघवीजीर्ण५९, पातासंघवीजीर्ण७३, पातासंघवी१०४-२, पातासंघवी१८१-१, पाताहेसं११७,
जेकाजि१३१७, जेकाजि१३२६) प्रवचनसन्दोह प्रा. गा.३३४ नमिऊण वद्धमाणं (पाताखेत११, पाताखेत३६, पातासंघवीजीर्ण९१, पातासंघवी१७४,
पातासंघवी११०-२, पाताहेसं११९, खंता११२, तालाद३४३, वताकांति४३४, पाकाहेम७७५, भांका१६१) प्रवचनसार-(सं.)टीकानो (हि.)पद्यानुवाद हिन्दी\ सिद्ध सदन बुधि (भांका२०४) प्रवचनसार-(सं.)छाया। सं. एष सुरासुरमनुष् (भांका२०४) प्रव्रज्याविधि तथा उपस्थापनाविधि प्रा. (पाकाहेम५२६८) प्रव्रज्याविधानकुलक प्रा. गा.३०\ संसारविसमसायरभव (जेताजि१५६, जेताजि१५९, पाताखेत१२, पाताखेत५१,
पातासंघवीजीर्ण४९, पातासंघवी१६५, पातासंघवी१०४-२, पातासंघवी१३०-२, पातासंघवी१६१-२, पातासंघवी१९०-२, पातासंघवी२०६-२, पाताहेसं१११, पाताहेसं११४, पाताहेसं११९, पाताहेसं१६१, खंता९०, खंता९५, खंता११८, खंता१२६, खंता७६-१, भांता२४, जेकाजि१३१७, जेकाजि१३२६, पाकाहेम७७५, पाकाहेम९०२, पाकाहेम१०२३, पाकाहेम१०६१९, पाकाहेम११०५२) प्रव्रज्याग्रहणविधि। सं. प्रथमं चैत्यभुव (पाताहेसं१८९, भांता७०) प्रव्रज्यायोग्यायोग्यविचार प्रा.,सं.\ अट्ठारसपुरिसेसु (भांता७०) प्रव्रज्याविधि। प्रा. सुत्तत्थतदुभयवि (पाकाहेम१२७५५) प्रशमरतिप्रकरण-(सं.)टीका। सं. ग्रं.२५००\ प्रशमस्थितेन ये (पातासंघवी६८-२) प्रशमरसपद्य सं. श्लोक१\ प्रशमरसनिमग्नं (भांता७२) प्रश्नव्याकरणसूत्र-(सं.)पर्याय। सं. (पाकाहेम७१११) प्रश्नव्याकरणसूत्र जयपायड प्रा. (तालाद३७८, पुप्रे४५९) प्रश्नव्याकरणसूत्र जयपायड-(सं.)चूडामणिटीका\ सं.\ ग्रं.२३९० करकमलकलित... (पातासंघवी१७७-२, तालाद३७८,
पुप्रे४५९) प्रश्नव्याकरणसूत्र जयपायड-(सं.)लीलावत्यां मयूरवाहिनी\ सं. (पातासंघवी१७७-२) प्रश्नशतक-(सं.)टिप्पण। सं. (भांका२६९) प्रश्नशतक-(सं.)अवचूरि। सं. जिनन् हानि गच् (भांका२४२) प्रश्नात्मक औपदेशिकश्लोकी प्रा. गा.३\ किं सुरगिरिणो ग (पाकाहेम१०२३) प्रश्नोत्तररत्नमालिका-(सं.)समासार्थप्रकाशिनी वृत्ति। सं. (पाकाहेम१३७८) प्रश्नोत्तररत्नमालिका-(सं.)वृत्ति। सं. (पाकाहेम१४९७१) प्रश्नोत्तररत्नमालिका-(मा.गु.)टबार्थी मागु. (पाकाहेम७०१३) प्रहेलिकाजातिसङ्ग्रह सं. (पाकाहेम८६८५) प्राकृत पैङ्गलनो हिस्सो छन्दोरूपक-(सं.)टिप्पण\ सं. (पाकाहेम१२०१४) प्राकृतपद्यव्याकरण सं. (पाकाहेम८५६३) प्राकृतलक्षणसारोद्धार-(सं.)वृत्ति। सं. (पाकाहेम७३७१) प्राकृतलक्षण-(सं.)टिप्पण। सं. (पाकाहेम७३७१) प्रायश्चित्तविधि। प्रा.,सं. (पातासंघवी६९-४, खंता८७) प्रायश्चितविचार प्रा. निस्सल्लो जह हव (भांता७०) प्रायश्चित समुच्चय सं. श्लोक४२२\ संयमामलसद्रत्न (भांका१३१) प्रास्ताविकश्लोकसङ्ग्रह\ प्रा.,सं.,मागु. (पाकाहेम२७१८, पाकाहेम२७१९, पाकाहेम८६९३, पाकाहेम८६९५)

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