Book Title: Gitagovinda Kavyam
Author(s): Jayadeva, King Manaka, V M Kulkarni
Publisher: L D Indology Ahmedabad
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________________ 44] सटिप्पणकम् [सनः४ . त्यजति नेत्यादि। त्यजति न पाणितलेन कपोलम् / बालशशिनमिव सायमलोलम् // 6 // तथा सा राधा अलोलम् अचञ्चलं यथा भवति तथा कपोलं न त्यजति / केन / पणितलेन। कदा। सायंकाले / कमिव / बालशशिनमिव / बालश्चासौ शशी चेति / तमिव / समग्रं मुखं पूर्णचन्द्रानुकारि भवति / करतलपिहिततदेकदेशत्वाद् बालचन्द्रेणोपमीयते। हरिरि यादि / हरिरिति हरिरिति जैपति सकामम् / विरहविहितमरणेव निकामम् // 7 // सा राधा सकामं यथा भवति तथा हरिरिति हरिरिति जपति। कथम्भूता सा / निकाममतिशयेन विरहविहितमरणेव / विरहे विहितं स्वीकृतं मरणमिव यया सा तथा / श्रीजयदेवेत्यादि। श्रीजयदेवमणिर्त मिति गीतम् / सुखयतु केशवपदमुपनीतम् // 8 // श्रीजयदेव भणितमिदं गीतं सुखयतु। कम्। जनम् / 'किम्भूतम् / केशवं प्रति भक्त्या उपनीतम् / चरणाराधन परमित्यर्थः / सा रोमाञ्चतीत्यादि / सो रोमाञ्चति सीत्करोति विलपत्युत्कम्पते ताम्यति _ ध्यायत्युद्भ्रमति प्रमीलति पतत्युद्याति मूर्च्छत्यपि / एतावत्यतनुज्वरे वरतनु वेन किं ते रसात् स्ववैद्यप्रतिम प्रसीदसि यदि त्यक्तोऽन्यथा नान्तकः // 1 // सा राधा कृष्णो मां भजते' इति मनसि परिकल्प्य रोमाञ्चति रोमाञ्चयुक्ता भवति। तथा सीत्करोति किलकिञ्चितं विधत्ते / तथा परितो विलोक्य 1) B अचलं / 2) B drops from समग्र...to णोपमीयते। 3) P. वदति / The commentary reads however, जपति / 4) B विरहेण / 5) °मति / 6) B °भणितं गीतं। 7) B drops किम्भूतम् / 8)A केशवपदं प्रति 9) B °तत्पर / 10) P neither contains this verse nor offers the comment. B con. tains the verse only but not the comment.

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