Book Title: Nandanvan Kalpataru 2006 00 SrNo 16
Author(s): Kirtitrai
Publisher: Jain Granth Prakashan Samiti

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Page 10
________________ | अनुक्रमः । कता पृष्ठम् | भक्तामरसमस्यास्तवः मुनिधुरन्धरविजयः | अनूदिताः श्रीशत्रुञ्जयतीर्थचैव्यवन्दन स्तवन-स्तुतयः - मुनिधुरन्धरविजयः श्रीवीरस्तुत्यष्टकषोडशकम् पं. अमृतपटेल: श्रीशारदावन्दनम् SH डॉ. आचार्यरामकिशोरमिश्रः२५५ श्रीमत्पञ्चसूत्रस्य चतुर्थं प्रवज्यापरिपालनासूत्रम् उपाध्यायो भुवनचन्द्रः २७ (पद्यानुवादः) | पाहाया व्यथितम् जगन्नाथ पाठक: Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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