Book Title: Agam Suttani Satikam Part 07 Nayadhammkaha Aadi 5agams
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan
View full book text ________________
४३८
प्रश्नव्याकरणदशाङ्गसूत्रम् १/४/१९ हसुनिचितघणथिरसुबद्धसंघी पुरवरफलिहवट्टियाभुया भुयईसरविपुलभोगआयाणफलिउच्छूढदीहबाहू रत्ततलोवतियमउयमंसलसुजायलक्खणपसत्थअच्छिद्ददालपाणी पीवरसुजायकोमलवरंगुली तंबतलिणसुइरुइलनिद्धनक्खा
-निद्धपाणिलेहा चंदपाणिलेहा सूरपाणिलेहा संखपाणिलेहा चक्कपाणिलेहा दिसासोवत्थियपाणिलेहा रविससिसंखवरचक्कदिसासोवत्थियविभत्तसुविरइयपाणिलेहा वरमहिसवराहसीहसद्दूलसिंहनागवरपडिपुनव्नविउलखंधा चउरंगुलसमुप्पमाणकंबुवरसरिसग्गीवा अवट्ठियसुविभत्तचित्तमंसू उवचियमंसलपसत्थसद्दूलविपुलहणुया ओयवियसिलप्पवालबिंबफलसंनिभाधरोहा पंडुरससिसकलविमलसंखगोखीरफेणकुंददगरयमुणालियाधवलदंतसेढी अखंडदंता अप्फुडियदंता अविरलंदता सुणिद्धदंता सुजायदंता एगदंतसेढिव्व अनेगदंता हुयवहनिद्धतघोयतत्ततवणिज्जरत्ततला तालुजीहागरुलायतउज्जुतुंगनासाअवदालियपोंडरीयनयणा कोकासियधवलपत्तलच्छा आणामियचावरुइलकिण्हब्भराजिसंठियसंगयायसुजायभुमगा अल्लीणपमाणजुत्तसवणा सुसवणा पीणमंसल-कवोलदेसभागा अचिरुग्णयबालचंदसंठियमहानिडाला उडुवतिरिव पडिपुन्नसोमवयणा छत्तागारुत्तमंगदेसा घणनिचियसुबद्धलक्खणुन्नयकूडागारनिभपिंडियग्गसिराहुयवहनिद्ध-तघोयतत्ततवणिज्जरत्तकेसंतकेसभूमी सामलीपोंडघणनिचियछोडियमिउविसतपसत्थसुहमलक्खणसुगंधिसुंदरभुयमोयगभिंगनीलकज्जलपहट्ठभमरगणनिद्धनिगुरुंबनिचियकुंचियपयाहिणावत्तमुद्धसिरयासुजातसुविभत्तसंगयंगा लक्खणवंजणगुणोववेया पसत्थबत्तीसलक्खणधरा
-हंसस्सराकुंचस्सरा दुंदुभिस्सरासीहस्सरा उज्ज(ओघ)सरा मेघसरा सुस्सरा सुसरनिग्घोसा वजरिसहनारायसंघयणा समचउरंससंठाणसंठिया छायाउज्जोवियंगमंगा पसत्थच्छवी निरातंका कंकग्गहणी कवोतपरिणामा सगुणिपोसपिट्टतरोरुपरिणया पउमुप्पलसरिसगंधुस्साससुरभिवयणा अणुलोमवाउवेगा अवदायनिद्धकाला विग्गहियउन्नयकुच्छी अमयरफलाहारा तिगाउयसमूसिया तिपलिओवमद्वितीका तिन्निय पलिओवमाइं परमाउंपालयित्तातेवि उवणमंतिमरणधम्मंअवितित्ता कामाणं । पमयावियतेसिंहोति सोम्मा सुजायसव्वंगसुंदरीओपहाणमहिलागुणेहिं जुत्ता अतिकंतविसप्पमाणमउयसुकुमालकुम्मसंठियसिलिट्टचलणा___-उज्जुमउयपीवरसुसाहतंगुलीओ अब्भुन्नतरतिततलिणतंबसुइनिधनखा रोमरहियवदृसंठियअजहन्नपसत्थलक्खणअकोप्पजंघजुयला सुनिम्मितसुनिगूढाजाणूमंसलपसत्थसुबद्धसंधी कयलीखंभातिरेकसंठियनिव्वणसुकुमालमउय कोमलअविरलसमसहितसुजायवट्टपीवरनिरंतरोरूअट्ठावयवीइपट्ठसंठियपसत्थविच्छिन्नपिहुल सोणी वयणायामप्पमाणदुगुणियविसालमंसलसुबद्धजहणवरधारिणीओ वज्जविराइयपसत्थलखणनिरोदरीओ तिवलिवलियतणुनमियमज्झियाओ उज्जुयसमसहियजच्चतणुकसिणनिद्धआदेजलडहसुकुमालमउय-सुविभत्तरोमरातीओ गंगावत्तगपदाहिणावत्ततरंगभंगरविकिरणतरुणबोधितआकोसायंतप- उमगंभीरविगडनाभा _ अनुब्भडपसत्थसुजातपीणकुच्छी सन्नतपासा सुजातपासा संगतपासा मियमायियपीणरतितपासा अकरंडुयकणगरुयगनिम्मलसुजायनिरुवहयगायलट्ठी कंचणकलसपमाणसमसहियलट्ठचुचूयआमेलगजमलजुयलवट्टियपओहराओ भुयंगअनुपुव्वतणुयगोपुच्छवट्टस
For Private & Personal Use Only
Jain Education International
___www.jainelibrary.org
Loading... Page Navigation 1 ... 439 440 441 442 443 444 445 446 447 448 449 450 451 452 453 454 455 456 457 458 459 460 461 462 463 464 465 466 467 468 469 470 471 472 473 474 475 476 477 478 479 480 481 482 483 484 485 486 487 488 489 490 491 492 493 494 495 496 497 498 499 500 501 502 503 504 505 506 507 508 509 510 511 512 513 514 515 516 517 518 519 520 521 522 523 524 525 526 527 528 529 530 531 532 533 534 535 536 537 538 539 540 541 542 543 544 545 546 547 548