Book Title: Kuvalayamala Katha Sankshep
Author(s): Udyotansuri, Ratnaprabhvijay
Publisher: Singhi Jain Shastra Shiksha Pith Mumbai
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२०२ उजोयणसूरिविरइया
[६३२०1 णय घेप्पई अदिण्णं सरिसं जीएण कस्सइ जणस्स । दूरेण जत्थ महिला वजिजइ जलिय-जलगं व ॥
अत्थो जत्थ चइजइ अणत्थ-मूलं जयम्मि सयलम्मि । ण य भुजद राईए जियाण मा होज विणिवाओ॥ तं गरवर गेण्ह तुम धम्म अह होइ जत्थ वेरग्गो । परियाणसु पुहइ-जिए जलम्मि जीयं ति मण्णेसु ॥ अणिलाणले सजीए पडिवज वणस्सई पि जीवं ति । लक्खिजह जत्थ जिओ फरिसेंदिय-मेत्त-वावारो॥ अलस-किमिया दुइंदी पिवीलियाई य होंति तेइंदी । भमराई चउरिंदी मण्णसु सेसा य पंचेंदी ॥ णर-पसु-देव-दइच्चे सव्वे मण्णेसु बंधवे आसि । सवे विमए सरिसा सुहं च इच्छंति सव्वे वि ॥ णासंति दुक्ख-भीरू दुक्खाविजंति सत्थ-पउरेहिं । सव्वाण होइ दुक्ख दुव्वयण-विसेण हिययम्मि ॥ सव्वाण आसि मित्तं अहयं सव्वाण बंधवो आसि । राब्वे वि बंधवा मे सब्वे वि हवंति मित्ताई ॥ इय एवं परमत्थे कह पहरिजउ जियस्स देहम्मि । अत्ताण-णिव्विसेसे मूढा पहरंति जीयम्मि ॥ जंज पेच्छसि जीयं संसारे दुक्ख-सोय-भय-कलियं । तं तं मण्णसु णरवर भासि महं एरिसो चेय॥ जं जं जयम्मि जीवं पेच्छसि सिरि-विहव-मय-मउम्मत्तं । तं तं मण्णसु णरवर एरिसओ आसि अयं पि॥ जीएसु कुणसु मेत्तिं गुणवंते कुणसु आयरं धीर । कुणसु दयं दीण-मणे कुणसु उवेक्खं च गम्वियए। असमंजसेसु कायं वायमसन्भेसु रंभ वयणेसु । रंभसु मणं अयजे पसरत सव्व-दम्वेसु ॥ काएण कुणह किरियं पढसु य वायाए धम्म-सत्थाई। भावेसु भावणाओ भावेण य भाव-संजुत्तो ।। कुणसु तवं सुविसुद्धो इंदिय-सत्तुं णिरंभ भय-रहिओ। कोवम्मि कुणह खंति असुई चिंतेसु कामम्मि ॥ माणम्मि होसु पणओ माया-ठाणम्मि अज्जवं कुणसु । लोहं च अलोहेणं जिण मोहं णाण-पहराहिं ॥ अच्छसु संजम जमिओ सीलं अह सेव णिम्मलं लोए। मा वीरियं णिगूहसु कुण कायन्वं जयं भणियं ॥ मा कुणसु पाग-किरियं भिक्ख भमिऊण भुंजसु विहीए । मा अच्छसु णिचिंतो सज्झाए होसु वक्खित्तो ॥ णिज्झीण-पाव-पंको अवगय-मोहो पण?-मिच्छत्तो । लोयालोय-पयासो समुग्गओ जस्स णाण-रवी।
संभिण्णं सो पेच्छइ लोयमलोयं च सव्वओ सव्वं । तं णस्थि जण पासइ भूतं भव्वं भविस्सं च ॥ सो य भगवं किं भण्णइ । तित्थयरो लोय-गुरू सव्वण्णू केवली जिणो अरहा । सुगओ सिद्धो बुद्धो पारगओ वीयरागो य॥ सो अप्पा परमप्पा सुहमो य गिरंजणो य सो चेव । अव्वत्तो अच्छेजो अब्भेजो अक्खओ परमो॥ जं जं सो परमप्पा किंचि समाइसइ अमय-णीसंदं । तं तं पत्तिय णरवर तेण व जे दिक्खिया पुरिसा ॥ भलियं अयाणमाणो भणइ णरो अह व राग-दोसत्तो । कह सो भणेज अलियं भय-मय-रागेहिँ जो रहिओ। तम्हा णरवर सव्वायरेण पडिवज सामियं देवं । ज किंचि तेण भणियं तं तं. भावेण पडिवज ॥ सुहमो सरीर मेत्तो अणादिम अक्खओ य भोत्तादी । णाण-किरियाहि मुञ्चह एरिस-रूवो जहिं अप्पा ।। एसो गरवर धम्मो मोक्ख-फलो सन्व-सोक्ख-मूलं च । इक्खागू-पुरिसाणं एसो चिय होइ कुल-धम्मो॥
जं जं एत्थ णिरुत्तं तं तं णरणाह जाण सारं ति । एएण विरहियं पुण जाण विहम्मं कुहम्मं च ॥ 20 एयं भवमण्णता णरवर गरयम्मि जंति घोरम्मि । एयं काऊण पुणो भक्खय-सोक्खाइँ पार्वति ॥
६३२१) एवं च पढिए इमम्मि धम्मे णरवइणा भणियं । 'अहो अणुग्गिहीया अम्हे भयबईए कुलदेवयाए । ता सुंदरो एस धम्मो, ण एत्थ संदेहो । एयं पुण ण-याणिजइ केरिसा ते धम्म-पुरिसा जाण एरिसो धम्मो' त्ति । कुमारेण 33 भणिय 'देव, जे केइ धम्मिय-पुरिसा दीसंति ताण चेय दिक्खं घेत्तूण कीरए एस धम्मो' त्ति । राइणा भणियं 'कुमार, मा
1) Pघेप्पड, P जियस्स for जणस्स, P जलण for जलिय. 2) P वइ for चइजर, P जलंमि for जयम्मि, P भुजति रातीए. 3) Pधमं जह होइ, Prepeats जद्द होइ, P हर जए for पुहइ जिए, पीs for जीयं. 4) Pसुजीए for सजीर, P जीवं पि ।, P फरिसेहियमेकवावारो. 5) अलसा-, P दिइंदी for दुइंदी, Jom. पिवीलियाय होंति तेइंदी।, P पिवीलियाती, भमराती चउरेंदी, P पंचिंदी. 6) P अब्वे वि for सब्वे वि, P सा for सरिसा. 7) Pदुखाविजंति, P पहरेदि, विसेए for विसेण. 9) पहरिजइ. 10) Padds त after अहं. 11) P जीवे for जीवं, I •मपुमत्तं. 12) P मित्तं for मेत्ति, गुणमंते, P कुणतु अवेक्खं. 13) P वायमसत्तेसु, Jom. रुंभ, P सव्वेसु for सञ्चदम्बेसु. 14) Pभाएसु भायणाओ. 15) " इंदियसेत्तुं, णिसुंभ Pणेरुंभ, P खंती अमुर्ति, P देहंमि for कामम्मि. 16) Pमायमि for माणम्मि. 18) पाव for पाग, Pणिबिन्नो for णिचितो, P आउत्तो for वक्खित्तो. 19)णिज्झाण, P लोगालोग. 20) पेच्छ लोगमलोग, सब्बतो, । पेच्छ for सव्वं,J जण्ण पासति भोत्तुं सव्वं, P भूतस. 22) J सुगतो णिद्धो, वीतरागो. 23) अप्पा वरमप्पा, चेभ,
सम्वत्तो for अश्वत्तो, P अमेज्जओ, अक्सरो परमो. 25) रागरोसत्तो, भममय, P भयममरोगेहि. 27) P अणाइम, अक्ययभोत्तादी।, किरियादी, Padds मुन्बा before अप्पा. 28) Jom, च. 29) णिहित for णिरुतं. 31) F भयवतीए. 32) Pइमं for एयं, P एसो for एरिसो. 33) P दिक्खा, I कीरउ, Pom. मा.
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