Book Title: Agam 14 Jivajivabhigama Uvangsutt 03 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan

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Page 13
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir जीवाजीवाभिगप - १/-10 विहे पन्नत्ते तं जहा-तित्यसिद्धा (अतित्थसिद्धा तित्थगरसिद्धा अतिस्थगरसिद्धा सयंबुद्धसिद्धा पत्तेयबुद्धसिद्धा बुद्धबोहियसिद्धा इत्थीलिंगसिद्धा पुरिसलिंगसिद्धा नपुंसकलिंगसिद्धा सलिंगसिद्धा अत्रलिंगसिद्धा गिहिलिंगसिद्धा एगसिद्धा] अनेगसिद्धा सेत्तं अनंतरसिद्धा से किं तं परंपरसिद्धासंसारसमावण्णजीवाभिगमे परंपरसिद्धासंसारसमावण्णजीवाभिगमे अनेगविहे पन्नत्ते तं जहा-अपढमसमयसिद्धा-दुसमयसिद्धा जाय अनंतसमयसिद्धा ते तं परंपरसिद्धासंसारसमावण्णजीवाभिगमे सेत्तं असंसारसमावण्णजीयाभिगमे।७-7 (८) से किं तं संसारसमावण्णजीवाभिगमे संसारसमावण्णएसु णं जीवेसु इपाओ नव पडिवत्तीओ एवमाहिजंति तं जहा- एगे एक्माहंसु-दुविहा संसारसमावण्णगा जीवा पन्नत्ता एगे एवमाहंसु-तिविहा संसारसमावण्णगा जीया पत्रत्ता एगे एवमाहंसु-चउबिहा संसारसमावण्णगा जीवा पन्नत्ता एगे एवमाहंसु-पंचविहा संसारसमायण्णगा जीया पन्नत्ता एगे एवमाहंसु-छव्यिहा संसारसमावण्णगा जीया पत्रत्ता एगे एवमाहंसु-सत्तविहा संसारसमावण्णगा जीया पन्नत्ता एगे एवमाहंसु-नवविहा संसारसमावण्णगा जीया पत्रत्ता एगे एवमाहंसु]-दसविहा संसारसमावण्णगा जीवा पन्नत्ता1८1-8 (१) तस्य णं जेते एवमाहंसु दुविहा संसारसमावण्णगा जीया पत्रत्ता ते एवमाहंसु तं जहातसा चेव थावरा चेव।९। (१०) से किंतंथावरा, थावरा तिविहा पनत्ता तंजहा-पुढविकाइया आउकाइया वणस्सइकाइया।१01-10 (११) से किं तं पुढविकाइया, पुढविकाइया दुविहा पन्नत्ता तं जहा-सुहमपुढविकाइया य बाबरपुढविकाइया य ।११1-11 (१२) से किं तं सुहुमपुढविकाइया, सुहुमपुढविकाइया दुबिहा पबत्ता तं जहा-पज्जत्तगाय अपजत्तगा य1१२)-12 (१३) सरीरोगाहण-संघयण-संठाणकसाय तह यहंति सण्णाओ लेसिंदिय-समुग्घाओसण्णी वेए य पात्ती पद्य दिट्ठी दंसणनाणे जोगुवओगे तहा किपाहारे उवदाय-ठिई समुग्धाय-चवण-गइरागई वेव पद्य|१२.१/-12-1 (१४) तेसि णं मंते जीवाणं कई सरीरंगा पत्रता गोयमा तओ सरीरगा पत्रत्ता तं जहाओरालिए तेयए कम्मए तेसि णं मंते जीवाणं केमहालिया सरीरोगाहणा पन्नत्ता गोयमा जहन्नेणं अंगुलासंखेजइमागं उककोसेणवि अंगुलासंखेजइभागं तेसि णं मंते जीवाणं सरीरा किं संघयणा पत्रत्ता गोयमा छेवट्टसंघयणा पन्नता तेसि णं भंते जीवाणं सरीरा किं संठिया पन्नत्ता गोयमा मसूरचंदसैठिया पत्रत्तातेसिणं मंते जीवाणं कति कसाया पत्रत्ता गोयमा चत्तारिकसाया पन्नत्तातं जहा-कोहकसाए मापकसाए मायाकसाए लोहकसाए तेसि णं मंते जीवाणं कति सन्नाओ पन्नत्ताओ गोयमा चत्तारि सन्नाओ पन्नताओ तं जहा-आहारसन्ना [भयसनना मेहुणसन्ना] परिग्गहसन्ना तेसिणं भंते जीवाणं कइ लेसाओ पत्रत्ताओ गोयमा तिण्णि लेस्साओ पत्नत्ताओ तं जहा कण्हलेस्सा नीललेस्सा काउलेस्सा तेसिणं मंते जीवाणं कइ इंदियाई पन्नताई गोयमा एगे फासिदिए पन्नत्ते तेसि णं भंते जीवाणं कइ समुग्धाया पन्नत्ता गोयमा तओ समुग्धाया पत्रत्ता तं जहा-वेयणासमुग्धाए कसायसमुग्धाए मारणंतियसमुग्धाए, तेणं भंतेजीवा किं सण्णी असण्णी नो सण्णी असण्णी, तेणं For Private And Personal Use Only

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