Book Title: Agam 14 Jivajivabhigama Uvangsutt 03 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan
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पडिवत्ति-३, दीव० भंते एवं वुघइ-पउमवरदेइया गोयमा परमवरवेइयाए तत्य-तत्य देसे तहिं-तहिं वेदियासु वेदियाबाहासु वेदियापुंडतरेसु खंभेसु खंमवाहासु खंभसीसेसु खंभपुंडरेसु सूईसु सुईमुहेसु सूईफल एसु सूईपुडंतरेसु पक्खेतु पक्खदाहासु पक्खपेरतेसु वहूई उप्पलाई पउमाई जाव सहस्सपत्ताई सव्वरयणामवाइं अच्छाई सण्हाईजाव पडिरूवाई महता कासिककच्छत्तसमाणाई पन्नत्ताईसमणाउसो से तेणदेणं गोयमा एवं वुच्चइ-पउमवरदेदिया-पउमवरवेदिया, पउमवरवेइया णं मंते किं सासया असासया गोयपासिय सासया सिय असासया सेकेणटेणं भंते एवं बुच्चइ-सिव सासया सिव असासया गोपमा दवट्टयाए सासया दण्णपनवेहि गंधपज्जवेहि रसपनवेहि फासपञ्जवेहिं असासया से तेणगुणं गोवा एवं बुच्चइ-सिय सासया सिय असासया पज्मवरवेइया णं मंते कालओ केवच्चिर होति गोयमा नं कयावि नासि न कयावि नस्थि न कयाविन भविस्पति भुविं च भवति य भविस्सतियधुवा नियया साससा अलया अव्वया अवडिया निच्चा पउपवरवेदिया।१२६7-125
(१६४) तीसे णं जगतीए उणि पउमवरवेइयाए बाहिं एत्थणं महेगे वनसंडे पन्नत्ते-देसूणाई दो जोवणाई चक्कवालविक्खंभेणं जगतीसमए परिक्खेवणं किण्हे किण्होभासे नीले नीलोभासे हरिए हरिओभासे सीए सीओमासेनिद्धे निद्धोभासे तिब्वे तिव्योभासे किण्हे किण्हच्छाए जाव तिब्बे तिव्वच्छाए धणकडियकइच्छाए रम्मे महामेहनिकुरवंभूए ते णं पायवा मूलमंतो कंदमंतो खंधतो तरागतो सालमंतो पवालमंतो पत्तमंतो पुष्फमंतो फलमंतो वीयमंतो अनुपुच्च-सुजाय-रुइलयभावपरिणया एक्कखंधी अणेगसाह-प्पसाह-विडिमा अणेगनरवाम-सुप्पसारिय-अगेज्झ-घणविउल-बद्ध वटट्खंधाअच्छिद्दपत्ता अचिरलपत्ता अचाईणपत्ता अणईइपत्ता निद्भूब-जरढ-पंडुपत्ता नवहरिव-भिसंत-पत्ताभारंधयार-गंभीरदरिसणिज्जा उवविणिग्गच-नव-तरुण-पत्ता-पल्लव-कोमलउञ्जलचलंतकिसलय-सूमालपवालसोहियवरंकुरग्गसिहरा निचं कुसुमिया निचं माइया निचं लवझ्या निच्चं धवइया निचं गुलइया निच्चं गोच्छिया निच्चं जमलिया निचं जुवलिया निचं विणमिया निच्चं पणमिया निच्चं सुविभत्त-पिंडि-मंजरि-वडेंसगधरा निचं कुसुमिय-माइच-लवइव-धवइवगुलइय- गोछिय - जमलिय - जुवलिय-विणमिय-पणमिय-सविभत्त-पिडि-मंजरि-वडेंसग- धरा सुय-वरहिण-मयणसाल-कोइल-कोरक-भिंगारग-कोंडलग-जीवंजीवग-नंदीमुह-कवित-पिंगल
खरंडक-चक्कवाय- कलहंस-सारस- अणेगसउणगणमिणविरइयसगुण्णइयमहुर-सरणाइया सुरम्मा संपिंडियदरियभमरमहुयरिपहकर-परिलिंतमत्तछप्पयकुसुमासवलोल-महुरगुमगुमंत-गुंजंतदेसभागा अभितरपुष्फफला बाहिरपत्तच्छपणा पत्तेहि य पुप्फेहि व ओच्छन्न-पलिच्छन्न निरोया अकंटया साउफला निद्धफला नाणाविहगुच्छ-गुम्म-मंडवग-सोहिया विचित्तसुह- केउबहुला वावीपुक्खारेणी-दीहियासुय सुनिवेसियरम्मजालधरगा।
पिंडिम-नीहारिमं सुगंधि शुह-सुरभिमनहरं च महया गंधद्धणिं मुयंता सुहसेउकेउवहुला अणेगसगड़-रह-जाण-जुग्ग-सीया संदमाणियपडिमोषणा सुरम्मा पासादीया दरिसगिजा अभिस्वा पडिरूदा तस्स णं वणसंडम्स अंतो बहुसपरमणिजे भूमिभागे पनत्ते से जहानामए-आलिंगपुक्खरेति वा मुइंग- पुक्लरेति वा सरतलेति वा करतलेति वा चंदमंडलेति वा सूरमंडलेति वा आयसमंडलेति वा उरव्यचम्मेति वा उसभचम्मेति वा वराहवमेति वा सीहचम्मेति वा वाधवम्मेति वा विगचम्पेति वा दीविवचम्पेति वा अणेगसंक्रकीलगसहस्सवितते आवड-पच्चावड-सेढी-पसेढीसोस्थिय-सोव- स्थिय-पूसमाण-वद्धमाणग-मच्छंडक-मकरंडक-जारमार फुल्लावली-पउमपत्त
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