Book Title: Agam 14 Jivajivabhigama Uvangsutt 03 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan

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Page 92
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir पडिवत्ति-३, दीव० घडग कलस-कक्कार- पायंचणि - उदंक-वद्धणि-सुपइट्ठग-विट्ठर-पारी-चसग-भिंगार-करोडि. सरग-परग-पत्ती-थाल-मल्लग-चवलिय-दग-वारक-विचित्तवट्टक-मणिवट्टक-सुत्तिचारुपिणय कंचण-मणि-रयण- भत्तिचित्ता भाजणविधी बहप्पगारा तहेव ते भिंगंगयावि दमगणा अणेबहविविहवीससापरिणताए भाजणविधीए उववेया कुस-चिकुस-विसुद्धरुस्खमूलाजाय चिटुंति उत्तरकुराए णं कुराए तत्थ-तत्य देसे तहि-तहिं बहवे तुडियंगा नाम दुसगणा पन्नत्ता समणाउसो जहा से आलिंग-मुइंग-पणव पडहदद्दरग - करडि - डिडिम -मंभा-होरंभ-कणियखरमुहि-मगुंद-संखिव-पिरती-वच्चग-परिवाइणि-चंस-वेणु -सुघोस - विपंचि महति-कच्छभि-रग -सिगा तल-ताल-कंसताल-सुसंपउत्ता आतोन्न- विधी बहुप्पगारा निउण-गंधव्बसमयकसतेहिं फंदिय तिट्ठाणसुद्धा तहेव ते तुडियंगहयावि दुमगणा अणेगबहुविविधवीससापरिणयाए ततवितत-धण-झुसिराए चरबिहाए आतोनविहीए उववेया कुस-विकुस-विसुद्धरुक्खमूला जाव चिट्ठति उत्तरकुराए णं कुराए तत्थ-तत्य देसे तहिं-तहिं दहदे दीवसिहा नाम दुसगणा पत्रत्ता सपणाउसो जहा से संझाविरागसपए नवणिहिपतिणो दीविया-चक्कवालविंदे पमूयवट्टिपलितणेहे धणिउजालिए तिमिरमद्दए कणगणिगरण-कुसुमितपारिजातकवणप्पगासे कंचनमणिरयणविमलमहरिहविचित्तदंडाहि दीक्यिाहिं सहसापजालिउस्सप्पियणिद्ध-तेय-दिप्पंतविमलगहगणसमप्पहाहिं वितिमिरकरसूर-पसरिउज्जोय-चिल्लियाहिं जालुजल-पहसियाभिरामाहिं सोभेमाणा तहेव ते दीवसिहावि दुमगणा अणेगबहुविविहवीससापरिणयाए उज्जोयविधीए उवचेया कुस-विकुसविसुद्धरुक्खमूला जाव चिट्ठति उतरकुराए णं कुराए तत्य-तत्य देसे तहिंतहिं बहवे जोतिसिया नाम दुमगणा पत्नत्ता समणाउसो जहा से अचिरुग्गयसरय- सूरमंडल-पड़तउक्कासहस्स-दिप्पंतविजु-उज्जलहुधवनिद्धमजलिय निद्धतधोयतत्ततवणिजकिंसुयासोयजासुयणकसमविमउलिय पुंज-मणिरयणकिरण-जच्चहिंगुलुयणिगररूवाइरेगरूवा तहेव ते जोतिसियावि दुमगणा अणेगबहुविविहवीससापरिण . उज्जोयविहीए उवरया कुस-विकुस-विसुद्धरुक्खमूला जाव चिट्ठति उत्तरकुराए णं कुराए तस्थ-तत्थ देसे तहिंतहिं वहये चित्तंगा नाम दुसगणा पत्रत्ता सपणाउसो जहा से पेच्छाघरे विचिते रम्मे बरकुसुमदाममालुञ्जले भासंतमुक्कपप्फपुंजोवयारकलिए विरल्लियविचित्तमल्ल-सिरिस मुदयप्पगन्भे गंधिमयेटिमपूरिमसंधाइमेणं मल्लेणं छेयसिप्पिय-विभागरइएण सव्वतो चेव समणुव द्वे पबिरल-लंवंत-विपइटेहिं पंचवण्णेहि कुसुमदामेहिं सोमाणे वणमालकतग्गए चेव दिप्पमाणे नहेव ते चित्तंगयावि दुमगणा अणेगबहुविविहवीससापरिणयाए मल्लविहीए उववेया कुस-विकुस-रिसुद्धरुक्खमूला जाव चिट्ठति उत्तरकुराए णं कुराए तत्थ-तत्य देसे तहिं तहिं बहवे चित्तरसा नान दुमगणा पन्नत्ता समणाउसो जहा से सुगंधवरकलमसालितंदुल-विसिट्टणिरुवहतदुद्धरः सा यययगुड-खंड-महुमेलिए अतिरसे परपणे होज्ज उत्तमवण्णगंधमंते रण्णो जहा वा चकवट्टि स होज निउणेहिं सुयपुरिसेहिं सजिए चउरकप्पसेयसिते इव ओदणे कलमसालिणिब्बतिए रिपक्के सबप्फ-पिउ-विसय-सगलसिस्थे अणेगसालणगसंजुत्ते अहवा पडिपुत्रदव्युवक्खडे सुसक्कए वण्णगंधरसफरिसजुत्त-बलविरियपरिणामे इंदियबलपुद्विवद्धणे खुष्पिवासमहणे पाणगुलकढियखंडमच्छंडिघओवणी- एव्य मोयगे साहसमियगउभे पन्नते तहेव ते वित्तरसा वि दुपाणा अणेगबहुविविहदीससापरिणयाए भोजणविहीए उववेया कुस-विकुस-विसुद्ध-रुक्खमूला जाव चिट्ठति For Private And Personal Use Only

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