Book Title: Agam 14 Jivajivabhigama Uvangsutt 03 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan
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पडिवत्ति-३, दीव०
६७ बाहल्लेणं सव्वमणिमईओ अच्छाओ जाव पडिरूवाओ तासि णं मणिपेढियाणं उप्पिं पत्तेयं-पत्तेयं चेइपरुक्खे पन्नत्ते ते णं चेइयरुक्खा अट्ठजोयणाइंउड्ढे उच्चत्तेणं अद्धजोयणं उबेहेणं दो जोयणाई खंधी अद्धजोयणं विस्खंभेणं छजोयणाई विडिमा बहुमज्झदेसभाए अट्ठजोयणाई आयामविक्खंभेणं साइरेगाइं अजोयणाई सव्वग्गेणं पन्नत्ता तेसिणं चेइयरुक्खाणं अयमेतारूवे वण्णावासे पन्नत्ते तंजहा-वइरामयमूल-रययसुपतिष्ठितविडिमा रिट्टामयकंद-वेरुलियरुइल-खंधा सुजातवरजातरूवपढमगविसाल - साला नानामणिश्यविविधसाहप्पसाह - वेलिवपत्त-तवणिजपत्तवेंटा जंवूनवरत्तमउय-सुकुमालपवालपल्लववरंकुरधरा विचित्तमणिरयणसुरभिकुसुमफलभरणमियसाला सच्छाया सप्पभा सस्सिरीया सउज्जोया अधियं नयनमननियुतिकरा अयमरसमरसफला पासादीया दरिसणिजा अभिरूवा पडिरूवातेणंचेइवरुक्खा अण्णेहिं बहूहि तिलय लवय-छत्तोवग सिरीस - सत्तिवण्ण-दाहेवण्ण-लोद्ध-धव-चंदण-अजुण-नीव-कुडव-कब-पणस-ताल-तमालपियाल-पियंगु-पारावय-रायरुख-नंदिरुस्खेहिं सव्वओ समंता संपरिक्खित्ता ते णं तिलया जाव नंदिरुक्खा कुस-विकुस-विसुद्धरुक्खमूला मूलमंतो कंदमंतो जाय सुरम्मा ते णं तितया जाव नंदिरुक्खा अण्णाहि बहूहि पउमलयाहिं जाय सापलयाहिं सव्वतो समंता संपरिक्खित्ता ताओणं पउमलवाओ जाव सामलयाओ निच्चं कुसुमिवाओ जाव पडिरूवाओ तेसिणं चेइवरुक्खाणं उप्पि अट्ठमंगलगा झया छतातिछ्ता तेसि णं चेइयरुक्खाणं पुरओ पत्तेयं-पत्तेयं मणिपेढिया पत्रत्ता ताओ णं मणिपेढियाओ जोपणं आयाम-विक्खंभेणं अद्धयजोवणं वाहल्लेणं सबमणिमईओ अच्छाओजावपडिसवाओ
तासि णं मणिपेढियाणं उप्पि पत्तेयं-पत्तेयं महिंदज्झए पत्रत्ते ते णं महिंदज्झया अद्धमाई जोयणाई उड्ढे उच्चत्तेणं अद्धकोसं उज्वेहेणं अद्धकोसं विखंभेणं वइरामय-वट्टलसंठियसुसिलिट्ठपरिघट्टमट्ठसुपतिहिता विसिट्टा अणेगवर-पंचवण्णकुडीसहस्स-परिमंडियापिरामा वा उद्घुयविजयवेजयंतीपड़ाग-छत्तातिछत्तकलिया तुंगा गगणतल-मणुलिहंतसिहरा पासादीया दरिसणिज्जा अभिरुवा पडिरूवा तेसिणं महिंदज्झवाणं पिं अट्ठमंगलगा झया छत्तातिछत्ता तेसिणं महिंदज्झयाणं पुरओ पत्तेयं-पत्तेयं नंदा पुक्खरिणी पत्रत्ता ताओ णं पुक्खरिणीओ अद्धतेरसजोयणाइंआयामेणं छ जोवणाइंसकोसाइंविखंभेणं दस जोयणाई उव्वेहेणं अच्छाओ साहाओ पक्खरिणीवण्णओ पत्तेचं-पत्तेयं पउमवरवेइया-परिक्खित्ताओ पत्तेयं-पत्तेयं वणसंडपरिस्वित्ताओं वण्णओ तासि णं नंदाणं पुरिणाणं तिदिसिं तिसोचाणपडिरूवगा पन्नत्ता तेसि णं तिसोवाणपडिरूवगाणं वणओ तोरणा भाणियव्वा जाव छत्तातिच्छता सभाए णं सुहम्पाए छ मणोगलियासाहस्सीओ पनत्ताओ तं जहा-पुरस्थिमेणं दो साहस्सीओ पञ्चस्थिमेणं दो साहस्सीओ दाहिणेणं एगा साहस्सी उत्तरेणं एगासाहस्सी तासुणं मणोगुलियासु बहवे सुवण्णरुप्पमवा फलगा पनत्ता नेसु णं सुवण्णरुप्पामएसु फलगेसु यहवे वइरामया नागदंतागा पत्रत्ता तेसु णं वइरापएसु नागदंतएम बहवे किण्हसुत्तवद्धा वग्धारितमल्लदामकलावा जाव सुकिकलसुत्तवद्धा बग्धारितमल्लदामकलावा तेणं दामा तवणिज्जलंवूसगा जाब चिट्ठति सभाए णं सुहम्माए छ गोमाणसीसाहस्सीओ पनत्ताओतं जहा-पुरस्थिमेणं दो साहसीओएवं पञ्चत्यिमेणवि दाहिणेणं सहस्सं एवं उत्तरेणवि तासुणं गोपाणसीसु वहवे सुवण्णरुप्पमया फलगा पन्नत्ता जाव तेसु णं वइरामएसु नागदंतएम बहवे त्ययामया सिक्कया पनत्ता तेमु णं त्यवामएसु सिक्कएसु यहवे वेरुलियामईओ धूवघडियाओ पन्नत्ताओ
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