Book Title: Agam 14 Jivajivabhigama Uvangsutt 03 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan
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परिवत्ति-३, "म"
४९ ऊणगं उक्कोसेणं पलिओवमम्स असंखेजतिभागं ते णं भंते मणुया कालमासे कालं किच्चा कहिं गच्छंति कहिं उववजंति गोयमा ते णं मणुया छम्मासादसेसाउया मिहुणयाई पसवंति अउणासीई राइंदिचाई मिहुणाई सारक्खंति संगोवंति य साराक्खित्ता उस्ससित्ता निस्ससित्ता कासिता छीतित्ता उक्किट्ठा अव्वहिया अपरियाविवा सुहंसुहेणं कालमासे कालं अण्णयरेसु देवत्लोएसु देवत्ताए उववतारोभवंति देललोगपरिग्गहिया णतेमणुयगणा पन्नत्तासमणाउसो
कहि णं भंते दाहिणिल्लाणं आभासियमणुस्साणं आभासियदीवे नामं दीये पत्रत्ते गोयपा जंबुद्दीवे दीवे मंदरस्स पच्चयस्स दाहिणेणं चुल्लहिमवंतस्स वासघरपव्ययस्स पुरथिमिल्लाओ चरिमंताओ दाहिणपुरत्यि मिल्लेणं लवणसमुदं तिण्णि जोयणसयाईओगाहिता एत्थणं दाहिणिलाणं आभासियमणुस्साणं आभासियदीये नामंदीवे पन्नत्ते सेसं जहा एगूरुयाणं कहिणं भंते दाहिणिल्लाणं णंगोलियमणुस्साणं णंगोलियदीवे नामंदीवे पन्नत्ते गोयमा जंबुद्दीवे दीये मंदरस्स पव्वयस्स दाहिणेणं चुल्लहिमवंतस्स वासधरपव्वयस्स पञ्चस्थिपिल्लाओ चरिमंताओ दाहिणपञ्चथिमिल्लेणं लवणसमुदं तिणि जोयणसयाई ओगाहित्ता एत्थ णं दाहिणिल्लाणं णंगोलियमणुस्साणं गंगोलियदीवे नामंदीवे पत्रत्ते सेसं जहा एगूरुयाणं कहिणं भंते दाहिणिल्लाणं वेसाणियमणुस्साणं वेसाणिय दीवे नापं दीये पत्रत्ते गोयमा जंवद्दीवे दीवे मंदररस पव्वयस्स दाहिणेणं चुल्लहिमवतस्स वाप्तघरपव्ययस्स पचत्यिमिल्लाओ चरिमंताओ उत्तरपञ्चस्थिमिल्लेणं लवणसमुदं तिणि जोयणसयाई ओगाहित्ता एस्थ णं दाहिणिल्लाणं वेसाणियमणुस्साणं वेसाणियदीये नामंदीवे पत्रत्ते सेसं जहाएगूरुयाण।११२:111
(१४६) कहिणं भंते दाहिणिलाणं हवकण्णमणुस्साणं हयकपणदीवे नामंदीवे पन्नत्ते गोयपा एणूश्यदीवरस पुरथिमिल्लाओ चरिमंताओ उत्तरपुरत्थमिल्लेणं लवणसमुदं चत्तारि जोवणसवाई ओगाहिता एत्य णं दाहिणिल्लाणं हयकण्णमणुस्साणं हयकण्णदीवे नाम दीवे पन्नत्ते-चत्तारि जोयणसवाइंआयाम-विक्खंभेणं बारस पत्र जोयणसवा किंचिविसेसाहिया परिक्खेवेणं सेसंजहा एगूरुवाणं कहि णं भंते दाहिणिलाणं गयकण्णमणुस्साणं गयकपणदीवे नामं दीवे पन्नत्ते गोयमा आभासियदीवस्स पुरस्थिमिलाओ चरिमंताओ दाहिणपुरथिमिल्लेणं लवणसमुदं चत्तारि जोयणसयाई ओगाहिता एस्थ णं दाहिणिल्लाणं गयकण्णमणुस्साणं गपकण्णदीचे नामंदीवे पत्रत्तेसेसंजहा हयकपणाणं एवं गोकण्णाणं वि-णंगूलियदीवस्स पञ्चस्थिमिल्लाओ चरिमंताओ दाहिणपञ्चस्थिमेणं लवणसमुदं चत्तारि जोयणसयाई ओगाहिता एत्थ णं गोकण्णमणुस्साणं गोकण्णदीवे नाम दीवे पन्नत्ते सेसं जहा हयकण्णाणं सक्कुलकण्णाणं-येसाणियदीवस्स पचत्थेिमिल्लाओ चरिमंताओ उत्तरपच्चस्थिमेणं लवणसमुदं चत्तारि जोयणसयाई ओगाहित्ता एत्थ णं दाहिणिलाणं सक्कुलिकण्णमणुस्साणं सक्कुलिकण्णदीवे नामं दी पत्रत्ते सेसं जहा हयकपणाणं आयंसमुहाणं पुच्छा हपकण्णदीवस्स उत्तरपुरथिमिल्लाओ चरिमंताओ पंच जोयणसयाई ओगाहित्ता एत्थ णं दाहिणिल्लाणं आयंसुह मणुस्साणं आवंसमुहदीवे नाम दीवे पनते पंच जोयणसयाई आयामविक्वंमेणं आसमुहाईणं छ सया आसकण्णाईणं सत्त उक्कामुहाईणं अट्ट धणदंताईणं जाव नव जोयणसयाई।११३-१1-112-1 (१४७) एमुरुयपरिक्खेवो नव चेव सयाइ अउणपत्राई बारस पत्रवाई हयकण्णाणं परिक्खेवो
|२५||-1 (१४८) आयंसमुहाईणं पनरसेकासीए जोयणसए किंचिविसेसाहिए परिक्खेवेणं एवं
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