Book Title: Prakaran Samucchay
Author(s): Ratnasinhsuri
Publisher: Rushabhdev Kesarimal Jain Shwetambar Sanstha
View full book text
________________
Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra
www.kobatirth.org
Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir
964
द्वादशव्रत टीप्पन
करण | गावीओ ॥ १७ ॥ दो वसहा खर एगो पसुकरभाणं च मज्झ एकेक । अंकवडियस्स नियमो कम्मयरदुर्ग तहच्चेव ॥ १८ ॥ कुवियं | समुच्चयः
सहस्समोल्लं इच्छामाणाउ होज्ज एयाओ। जइ कहवि अहियभावो धम्मे ता देमि नियमेणं ॥ १९॥ बंधवभइणेज्जाणं परिग्गहो होज्ज
| तस्स जइ चिंता । भत्तिज्जाईण य पालणंमि जयणं करेस्सामि ॥ २० ॥ अणहिलवाडपुराओ चउसुपि दिसासु जोयणाण सयं । दो जोयणाणि ५१॥
उड्डे अहोदिसि पुरिसपन्नासं ॥ २१ ॥ बीयगुणब्वयविसया भोयणओऽभिग्गहा ममं एए । दुविहतिविहेण मसं मज्जं एगविहतिविहेण | ॥ २२ ॥ नायं दुभिक्खोसहिदोसीणविवज्जऽणंतकायं च । महुमक्खणपंचुंबरि गोरसमिस्सं चए विदलं ॥ २३ ॥ दुब्भिक्खमोसहं धरXणगं च मोत्तण नो निसाएवि । खाइममसणं भुंजे तहत्थियं पाउसे दुन्नि ॥ २४ ॥ अंबामलयजयंती करपढकरवंदलिंबुयकरीरे । तिंदूर
मिरियमंजरि अत्थाणं वज्जए सेसं ॥ २५ ॥ तीसं दब्वाइं सच्चित्ता, दिणस्संतो दसेव मे। विगईओ य चत्तारि, एगा धन्नस्स सेइगा ॥२६॥ अब्भंगे भोयणे चेव, घयतेल्लाण मे पलं । दक्खाई तोलि मे अट्ठा, पला सयलखाइमे ॥२७॥ (सिलोगा) अंबयदाडिमविज्झिडकविट्ठबीजउरकरुणकेलाई । नारंग मुत्तु नीलं वज्जेऽहं जाव जीवाए ॥२८॥ पाणम्मि एगो घडगो जलस्स, पूगीफला पन्नर तीस पन्ना । जाईफलंमी पलमेगमेव, सेसे पला दोन्नि उ साइमंमि ॥२९॥ कत्थूरिंगाकुंकुमचंदणाणि, कप्पूरमुत्ताहलफुल्लमाई । वज्जेमि सिंगारकए तहेव, नेवोचियं जं विहवंगणाणं | ॥ ३० ॥ (इन्द्रवाछंदः) पहाणं सव्वंगिया तिन्नि, भोगत्थं मासभंतरे । तेऽवि मे जलकुंभेणं, वज्जे सेसमहं सया ॥३१॥ पारुत्थसयमोल्लाउ, तियलीओ सत्तमे दिणे । सुवन्नसय मे दोन्नि, रुप्पस्स पल मे सयं ॥३२॥ सेज्जाकज्जेण काहामि, तूली एक परिग्गहे । वज्जे भोगब्बए सेसं, | भोगत्थं तिविहेणऽहं ॥३३॥ (सिलोगा) निग्घिणजणोचियाणं बहुसावज्जाण लोगवज्जाणं । खरकम्माणं सव्वाण मज्झ विरई उ जाजीवं ॥३४॥ | ठट्ठारभाडमुंजाइयाण बहुजलणजालणविहीए। परिकलियजीवियाणं वित्तिं वज्जेमि तिविहेणं ॥ ३५ ॥ वज्जे वणकम्ममहं छेयणछेयावणे य
॥५१॥
For Private and Personal Use Only

Page Navigation
1 ... 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133