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भित्रसम्बन्धि प्रकीर्यक।
१७१.
(अ - क) - (अ)
(७) (
+य)न = --
( +य)-न'
(२) जब कि अं= xxx इत्या० न गुण्य गुणकरूप पद
और = xxx .इत्या० म गुण्यगुणकरूप पद,
जब न और म संख्या धनात्मक और अभिन्न हैं, तो x x x इत्या० न गुण्यगुणरूप पद x xx इत्या० म गुण्यगुणकरूप पद
=xxx इत्या० (न+म) गुण्यगुणाकरूप पद
= ( वें प्रक्रम से) अम इस से स्पष्ट प्रकाशित होता है कि किसी एक हि पद के दो घातों का गुणनफल उसी पद का वह घात होता है जिस का घात. मापक उन गुण्यगुणकरूप घातों के घालमापकों के योग के समान है।
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