Book Title: Prakritmargopadeshika
Author(s): Bechardas Doshi
Publisher: Motilal Banarasidas

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Page 418
________________ ( ५ ) पृष्ठांक शब्द २५८ २१४ २६८ ३६२ अभिनिक्खम (घा० ) २१४ २१४ अभिपत्थ (घा० ) अभिभासह ( क्रि०) १६३ अभिभासे ( क्रि०) २६८ अभिभूय (सं० कृ०) ३६८ अभिमञ्जु (मा० पै० ) = अभिमन्यु ६६, ७६ अभीशु (सं०) १३१ अमरा (ना० वा० ) २७० अमराय ( ना० वा० ) १५०, २७० अमिअ २६३ अमु १६६ ૪૪ अर्थ शब्द अभिक्खणं अभिजाण (घा० ) अभितावे ( क्रि०) अभितो अमुग=अमुक अम्ब= आम का पेड़ अथवा फल अम्मो अम्ह अम्हारिस = हमारी जैसा अम्हे=हम अय अयड=अवट-कुँआ अयुअ अयुत अय्य (शौ ० ) = आर्य Jain Education International ८० ३६२ १६६ ७२, २५८ अर्थ पृष्ठांक अय्यउत्त (शौ० ) = आर्यपुत्र (नाटक) ६६ १६ २११ अरण्ण= अरण्य अरविंद अरहंत = वीतराग अथवा पूजनीय व्यक्ति अरिह= पूजनीय अथवा योग्य अरिहइ ( क्रि० ) अरिहंत = देखो 'अरहंत' अरिह अरुहंत = देखो 'अरहंत' अलं अलचपुर = महाराष्ट्र अलसी= अलसी अलाऊ = लौकी - तुंबा अलापू (पालि) अलाभ अलावू अलाह अल्ल आर्द्र-गिला अल्लवू (घा० ) अल्लिबू (घा०) अव ८६,११७ १४० ८७, ११७२१२, ३६२ के एक नगर का नाम देखो 'अलाऊ' "" For Private & Personal Use Only २१० પૂ ३८४ अवक्खंद= छावनी अथवा सैन्य ३८४ .६६ ८६ ७४ ७४ ४७ १६, ३१७ ४१ २०६ ४ १ २०६. २१ द्वारा घेरा अवक्खर= गुज० ओखर - विष्ठा ३२३ ३२५ १६२ ६३ ६३ www.jainelibrary.org

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