Book Title: Agam 03 Ang 03 Sthanang Sutra Part 01 Sthanakvasi Gujarati
Author(s): Ghasilal Maharaj
Publisher: A B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
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अनु. विषय
पाना नं.
४८ ४८ 40
પ૧
પર
પ૪
પપ
५८
२७ अधर्भ प्रतिभा छे भेष्ठत्व ठा नि३पारा २८ धर्भ प्रतिभा डे सेठत्व छा नि३पारा २८ भन डे मेऽत्व ठा नि३पा 3० वयन मेऽत्व डा नि३पारा उ१ ठाय व्यायाभ मेऽत्व ठा नि३पारा ३२ ठाय व्यायाभ उभेटों छा नि३पाया 33 ज्ञानाहि मेष्ठत्व छा नि३पारा उ४ सभय ठेमेष्ठत्व ठा नि३पारा उ५ प्रदेश आहि मेष्ठत्व हा नि३पारा उ६ सिद्धि माहिछे सेठत्व ठा नि३पारा उ७ शाहि मेऽत्व ठा नि३पारा उ८ प्रायातिपात आहि मेष्ठत्व ठा नि३पारा 36 प्रातिपात विरभा आहिमेठत्व ठा नि३पारा ४० अवसर्पिशी माहि मेऽत्व ठा नि३पा ४१ नैरयिष्ठ आहिडे वा छा नि३पारा ४२ सूद्वीपाहिजे मेष्ठत्व छा नि३पाया ४७ अनुत्तरोपपात आदि विभानवासी हेवों शरीर हे
प्रभाग हा नि३पारा ४४ मेऽप्रदेशावगाढ पुगलों छा नि३पारा
५८ ५८
૬૨
૬૫
६८
६८
७१
८६
८८
८८
टूसरे स्थान ठा पहला शष्ठ
४५ व-सव आहि द्वित्व ठा नि३पा ४६ ठ्यिा माहिठे द्वित्व ठा नि३पारा ४७ गहष्ठि द्वित्व ठा नि३पा ४८ लावगह में प्रसन्नयन्द्रराष्टर्षि छा द्रष्टांत ४८ द्रव्यगह में अंगारभईछायार्थ छा द्रष्टांत ५० प्रत्याज्यानठी द्विविधता ठा नि३पा ५१ द्रव्यप्रत्याज्यानमें रापुत्रीठा द्रष्टांत ५२ प्रत्याज्यान ज्ञान ठ्यिा पूर्वष्ठ उरने पर भोक्ष साधष्ठ
होने ठा नि३पारा
८८ ૯૨ ૧૦૧ ૧૦૧ १०७ ૧૦૯ ૧૧૦
૧૧૨
શ્રી સ્થાનાંગ સૂત્ર ૦૧
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