Book Title: Upasakdashangasutram
Author(s): Abhaydevsuri, 
Publisher: Agamoday Samiti

View full book text
Previous | Next

Page 40
________________ उपासक दशाङ्गः ॥ १९ ॥ Jain Education अथ द्वितीयमध्ययनम् । जइ षं भन्ते ! समणेणं भगवया महावीरेणं जाव सम्पत्तेणं सत्तमस्स अङ्गस्स उवासगदसाणं पढमस्स अज्झ - यणस्स अयमट्ठे पण्णत्ते दोञ्चस्स णं भन्ते ! अज्झयणस्स के अट्ठे पण्णत्ते ?, एवं खलु जम्बू ! तेणं कालेणं तेणं समएणं चम्पा नामं नयरी होत्था, पुण्णभद्दे चेइए, जियसत्तू राया, कामदेवे गाहावई, भद्दा भारिया, छ हिरण्णकोडीओ निहाणपउत्ताओ, छ वुडिपत्ताओ, छ पवित्थरपउत्ताओ, छ वया दसगोसाहस्सिएणं वएणं । समोसरणं । जहा आणन्दो तहा निग्गओ, तहेव सावयधम्मं पडिवज्जइ, सा चैव वत्तव्वया जाव जेट्ठपुत्तं मित्तनाई आपुच्छित्ता जेणेव | पोसहसाला तेणेव उवागच्छइ २ ता जहा आणन्दो जाव समणस्स भगवओ महावीरस्स अन्तियं धम्मपण्णत्तिं उवसम्पज्जित्ता णं विहरइ (सू. १८ ) तए णं तस्स कामदेवस्स समणोवासगस्स पुव्वरत्तावरत्तकालसमयंसि एगे देवे मायी मिच्छद्दिट्ठी अन्तियं । पाउब्भृए, तए णं से देवे एगं महं पिसायरूवं विउव्वर, तस्स णं देवस्स पिसायरुवस्स इमे एयारूवे वण्णावासे | पण्णत्ते-सीसं से गोकिलअसंठाणसंठियं सालिभसेल्लसरिसा से केसा कविलतेएणं दिप्पमाणा महल्लउट्टियाकभल्लसंठाणसंठियं निडालं मुगुंसपुंछं व तस्स भुमगाओ फुग्गफुग्गाओ विगयबीभच्छदंसणाओ सीसघडिविणिग्गयाई । For Personal & Private Use Only २ कामदेवाध्ययनम् ॥ १९ ॥ Jainelibrary.org

Loading...

Page Navigation
1 ... 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110