Book Title: Upang Prakirnak Sutra Vishaykram
Author(s): Sagaranandsuri, Anandsagarsuri
Publisher: Jain Pustak Pracharak Samstha

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Page 40
________________ सूर्य०/२३ औ०१९ रा० २० जी०२१ प्रज्ञा०२२ ॥ ३८॥ जं० २५ नि०.२६ प्रकी०२७ RRRRENRELEMEEXXXX तत्थ य सो उवलतले २७-१७०४ | तम्हा निउणं निहालेउं २७ ७१६ | तस्स ,, कोणि० धारिणी. १९-७० , बिमाणा बहुविहा "स उट्रिउमणो २७-३६० ,, ,, पुरिसे १९-८सू० २७-१९८३ , ,, सम्म निहालेउं २७-८१४ ,, तिमिछिद्दहस्स : २५-८५सू० २७-१९८५ , सरीरमाई २७-१६३९ देवसयणिजस्स २०-३८सू० २७-१९८८ , सरीरमाई २७-६८८ पउम० २५-७५सू० ." , २७-१९९८ २७-१९९८ , सुक्खमहातरु० २७-१८९३ बहुसम० एगो २१-१३९सू० २७-११९२ |, सुत्तरमूलं २७-१३३५ २५-७४सू० २७-११९५ ,, सुयम्मि जोगो २७-१३८४ ,, माणवगस्स २०-३७सू० | तत्थासणा २७-१९८० तयछल्लिपवालेसु २२-११० मूलपासायवडें० २०-३६मू० २७-११९० तवअग्गिनियमसूरा २७-६०२ २१-१३८सू० २७-१२०० तवपरसुणा य छित्तण २७-१२६७ ,, वण० असोग० १९-४मू० तत्थेव य धणमित्तो २७-२७२२ तवपोरं गुणभरियं २७-१५०४ , अंतो० २५-६सू० तप्पु (नियपु०)रिसनाडयंमि २७-६३५ तवपोयं .. २७-२१२ , ,, घणसंडस्स । २१-१२८९० तम्मि य महिहरसिहरे २७-१६५० ,, सोसियंगमंगो २७-१५७४ ,, सिद्धाययणस्स २१-१४१सू० तम्हा चंदगविज्झं २७-११७ तसपाणबीयरहिए • २७-१७६३ ,, सिद्धायतणस्स २०-४०सू० ,, घत्तह दोसु २७-१३८८ तस्स० जेट्रे भाउयवयंसप २०-५१सू० । ,, धुणंतस्स जिणं , धितिउट्ठाणु २४--१०१ | तस्स णं असोग० पुढवि० १९-५सू० | , पएसिस्स० जेट्टे २०-५०सू० ॥ ३८॥

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