Book Title: Upang Prakirnak Sutra Vishaykram
Author(s): Sagaranandsuri, Anandsagarsuri
Publisher: Jain Pustak Pracharak Samstha

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Page 45
________________ औ०१९ रा० २० जी०२१ प्रज्ञा०२२ ॥४३॥ जं० २५ नि० २६ प्रकी०२७ तुलसे कण्ह उराले तुंगं न मंदराओ तेउस्स संखराई तेऊ पम्हं सुक्कं तेऊ पम्हा सुक्का लेसा ते कण्हमरणदूसह तेण उ इहलोगसुह ,, परमसंखिजा ,, परं उवरिमया | , , जे सेसा २२-४३ | तेणं० आमलकप्पा नामं २०-१सू० समणस्स० अजसुहम्मे २६-२सू० २७-३६६ ,, ईसाणे देविंदे . २५-११९सू० , अंते० १९-२७० २१-९२ , उत्तरडभरहे २५-५६सू० १९-१६सू० २७-१४९६ ,, उद्धलोगवत्थब्वा २५-११४सू० १९-१५सू० २७ २०५ ,, कालेणं० रायगिहे २६-१सू० १९-१४सू०॥ , कुणाला नाम १९-३८सू २७-१८८६ ,, केसी नाम कुमार० २०-५३सू० २४-२सू० २७-१९६६ , कोणिकए राया १९-९सू० २५-२सू० २७-१११८ , चमरे असुरिंदे २५--१२०सू० ,, जोइसिया १९-२५सू० २१-७३ , चंपा रिद्धस्थिमिय०१९--१सू० , यहवे १९-२१सू० २४-७७ , पुक्खलसंवट्टए २५.३९सू० ,, असुर० १९-२२सू० २७-१०७६ ,, पुरस्थिमरुअगव० ,,, असुर्रिद १९-२३सू० २७-१०९५ ,, मणुया तमाहार० २५-२४सू० ,, वाण. १९-२४सू० २७-१६४९ ,, मिथिला नाम नयरी २४-१सू० .वेमाणिया० १६-२६सू० २६-३सू० ,, मिहिला णाम णयरी २५-१सू० । ,, समणे० आइगरे १९-१०सू० १९-३९सू० 1.,, विजए देवे २१-१४२सू० , सूरियामे देवे सोहम्मे २०-५सू० २०-४१सू० ।, सक्के णाम २५-११६सू० ते तं. तवोकिलंतं २७-१६८५ ,,, देवगणा ,, य निधिषणं तेणं० अजसुहम्पस्स ,, अम्मडस्स परि० ,, अहुणोवषण्णमित्तए ॥४३॥

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