Book Title: Upang Prakirnak Sutra Vishaykram
Author(s): Sagaranandsuri, Anandsagarsuri
Publisher: Jain Pustak Pracharak Samstha
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श्रीजीवा० विषयसूचिः
११
श्रीउपां० १३१ विजय० विजयदेववर्णनम् २१६/ १४६ स्पर्शोत्पाटपृच्छावर्णनम् विषयानुक्रमे
Pal १३५ विजयदेवराजधानीवर्णनम् २१८, १४७ उत्तरकुरुवर्णनम् ॥१७॥
१३६ विजयद्वारवनखण्डभेदाः , १४८ यमकपर्वतवर्णनम् | १३७ विजयदेवसभावर्णनम् २२६/ १४९ नीलवद्धदादिवर्णनम् १३८ माणवकस्तम्भदेवशयनीय- १५० काञ्चनपर्वतवर्णनम् वर्णनम्
२३० १५१ जम्बूपीठवर्णनम् १.३९ सिद्धायतनादिवर्णनम् २३२/१५२ जम्बूवृक्षवर्णनम् १.४० तिर्यगधिकारे सिद्धायतनम् २३५/ १५३ जम्बूद्वीपे चन्द्रसूर्याधिकार१४१ विजयदेवाभिषकवर्णनम् २३७ वर्णनम् | १४२ विजयदेवजिनपूजावर्णनम् २५२|१५४ लवणसमुद्रवर्णनम् १४३ बिजयदेवपरिवारस्थित्यादि. १५५ लवणे चन्द्रादीनां वर्णनम् वर्णनम्
९/१५६ लवणे वेलावृद्धिवर्णनम् १४४ वैजयन्तद्वारभेदाः २६०/ १५७ लवणे जलवृद्धौ कारणं १४२ वैजयन्तस्यान्तरभेदाः , १५८ लवणे वेलन्धरवर्णनम्
२६१ १५९ वेलन्धरभेदाः २६२१६० अनुवेलंधरराजभेदाः ३१३ २८६] १६१ गौतमद्वीपवर्णनम् । २८७/ १६२ जम्बूद्वीपगतचन्द्रसूर्यवर्णनम् ३१५]
१६३ लवणगतचन्द्रसूर्यवर्णनम् ३१५ | १६४ धातकीखण्डगतचन्द्रसूर्यवर्णनम् ३१७ २२५/ १६५ कालोदगतचंद्रसूर्यवर्णनम् ,
१६६ द्वीपसमुद्रवर्णनम् ३००/ १६७ देवद्वीपादिचन्द्रसूर्यद्वीपादि
वर्णनम् ३०३] १६८ लवणे वेलन्धराद्या उच्छ्रितो ३०५ | दत्वादिवर्णनम् ३०७/ १६९ लवणे चन्द्रसूर्यद्वीपादिवर्णनम् ३२१ ३०८] १७० लवणे उद्वेधोत्सेधौ वर्णनम् ३२२
३०१

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