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स्त्री रहिए इस्त्री मत बनिए
● आपके पति आपके जीवन-रथ के सारथी और संचालक हैं। वे आपके माथे के सिंदूर, जीवन के सौभाग्य, करवा चौथ का व्रत और दिल के देवता हैं। अपने पति के दिल को जीतना उतना ही ज़रूरी है, जितना भक्त के लिए भगवान के दिल को जीतना ।
अपने पति की दूसरों से तुलना मत कीजिए। वे जैसे भी हैं आपकी भाग्य रेखा के हिस्से हैं । उन पर संतोष और गौरव कीजिए | आख़िर कोई भी दो अंगुलियाँ एक जैसी नहीं
होतीं ।
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