Book Title: Charge kare Zindage
Author(s): Chandraprabhsagar
Publisher: Jityasha Foundation

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Page 68
________________ • बोलते समय हमें शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए। हर बात सोचने की तो होती है, पर बोलने की नहीं होती। बुद्धिमान सोचकर बोलते हैं, पर बुद्धू बोलकर सोचते हैं। किसी दूसरे के चित्र में कमियाँ निकालना हर किसी के लिए आसान होता है, पर उन कमियों को हटाकर स्वयं के द्वारा वैसा चित्र बनाना लगभग हर किसी के लिए नाममुकिन होता है । जब दुनिया में दूध का धुला कोई नहीं है फिर दूसरों की कमियों को निकालने का कमीना काम क्यों करें? - रावण के बीस आँखें थीं, पर नज़र सिर्फ एक औरत पर थी जबकि अपने दो आँखें हैं, पर नज़र हर औरत पर है। फिर सोचो कि असली रावण कौन है ? विश्वास है आप अपनी पूर्व ग़लतियों के लिए अपने आप से सॉरी कह रहे हैं और कल से कैसे पेश आएँगे इसका सहीसकारात्मक फैसला कर रहे हैं। Jain Educationa International For Personal and Private Use Only www.jainelibrary.org

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