Book Title: Charge kare Zindage
Author(s): Chandraprabhsagar
Publisher: Jityasha Foundation

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Page 32
________________ आप अपनी पत्नी से बड़े हैं तो बड़प्पन दिखाइए - ग़लती आपकी है या उसकी, आप सॉरी कहना सीखें। माना कि ग़लती पत्नी की है, पर उसके नाराज़ होने पर नुकसान तो आपका ही होगा। पत्नी के कार्यों की प्रशंसा किया करें। इससे आपको फ़ायदा होगा और आपको किसी को निजी सचिव बनाने की ज़रूरत नहीं होगी। पत्नी के द्वारा ग़लती होने पर उसे सबके सामने डाँटने की बजाय एकांत में उसे उसकी ग़लती का अहसास करवाएँ। सबके सामने डाँटने पर वह ख़ुद को अपमानित महसूस करेगी वहीं अकेले में करवाए गए अहसास से वह आप पर गर्व करेगी। पत्नी को सुनने की आदत आम होती है, पर कभी पत्नी को बुरा लग सकता है और वह आप पर झल्ला सकती है। वह जो कहना चाहती है उसे उगलने दीजिए। आप बस शांत orammarwaamaiawinawwamrammarmaweiwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwunik Jain Educationa international For Personal and Private Use Only www.jainelibrary.org

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