Book Title: Charge kare Zindage
Author(s): Chandraprabhsagar
Publisher: Jityasha Foundation

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Page 46
________________ कीजिए, दोहराइए, लिखकर उसे और पक्का कीजिए । ■ हौंसलों को बुलंद कीजिए । गिरकर भी फिर से खड़ा हो जाने वाली जापानी गुड़िया हमसे यही कहती है कि ज़िंदगी हार का नाम नहीं, जीत का नाम है। हारना गुनाह नहीं है, लेकिन हार मान बैठना अवश्य गुनाह है। ■ सफलता कोई मंज़िल नहीं, एक सफ़र है। मैट्रिक में मेरिट आकर कोई बैठ जाता तो वह एम. बी. ए. नहीं बन पाता, करोड़पति होकर संतोष कर लेता तो वह धीरूभाई अंबानी नहीं बन पाता और विश्व सुंदरी बनकर हाशिए पर चली जाती तो वह ऐश्वर्या की तरह महान् अभिनेत्री नहीं बन पाती । ■ आइए हम फिर से शुरू करते हैं ज़िंदगी की कहानी, सफलता की ज़ुबानी। 45 Jain Educationa International For Personal and Private Use Only www.jainelibrary.org

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