Book Title: Charge kare Zindage
Author(s): Chandraprabhsagar
Publisher: Jityasha Foundation

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Page 64
________________ ■ कहीं भी बहुत ज़्यादा आने-जाने से हमारी क़ीमत घटती है । सम्मान पाने के लिए दूरी बनाना भी सीखिए। सूरज उस दिन कुछ ज़्यादा ही सुहावना लगता है जब वह बारिश के दिनों में कई दिन बाद नज़र आता है। इस स्वार्थ भरी दुनिया में पता नहीं चलता कि कब कौन किसके काम आ जाए । इसलिए भूलकर भी किसी का अपमान मत कीजिए । ग़लतियों को तो माफ़ किया जा सकता है, पर अपमान को नहीं भुलाया जा सकता । ■ स्वयं को घर या किले की चारदिवारी में कैद न करें। किले में रहना सुरक्षा के लिहाज़ से अच्छा है, पर ऐसा करने से दुनिया की विराटता से वंचित रह जाएँगे। सभी से मिलेंजुलें, मित्र खोजें और सबसे जुड़ें। इससे ताक़त और ख़ुशियाँ दोनों में बढ़ोतरी होगी । 63 Jain Educationa International For Personal and Private Use Only www.jainelibrary.org

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