Book Title: Charge kare Zindage
Author(s): Chandraprabhsagar
Publisher: Jityasha Foundation

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Page 65
________________ आपके व्यवहार से किसी को असंतोष तो नहीं? - - - हमारा व्यवहार हमारे व्यक्तित्व, चरित्र एवं कुलीनता का आईना है। व्यवहार यदि मधुर और शालीनतापूर्ण है तो आप बिना धन खर्च किए भी सबके दिलों में राज कर सकते हैं। महान् लोग शत्रु के साथ भी महान् व्यवहार करते हैं, पर ओछे लोग मित्र के साथ भी दगाबाजी कर बैठते हैं। अपने व्यवहार का मूल्यांकन कीजिए। यदि उसमें किसी भी तरह का ओछापन हो तो उसे आज ही अपने जीवन से हटाने का संकल्प लीजिए। Jain Educationa International For Personal and Private Use Only www.jainelibrary.org

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