Book Title: Agamsaddakoso Part 2
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agamdip Prakashan

View full book text
Previous | Next

Page 329
________________ ૩૨૮ आगमसद्दकोसो વિશેષ पण्हा. १६, जीयव्यवहार [जीतव्यवहार] ५२५२।गत मायार મુજબનો વ્યવહાર जीय. १; जीरयवच्च [जीरकवर्चस्] ®शनो ध्य२री निसी. १९३; जीरा [जीरक] ७२-से वनस्पति भग. ८२१; जीव [जीव] ®व, आत्मा, चैतन्य, वन आया. २४,२५,५१,१३९,१४६,३४० थी ३४२,३६०,३६८ थी ३७१,३७६,३९८, ४००,४२२,४४०,४७७,४८०,४८२,४८६, ४९२,४९७ थी ४९९,५०७,५०८,५१२, ५१९,५३५,५३६,५४०; सूय. ६५,३८७,५०३,५०४,६४१ थी ६४७, ६६०,६६५,६६६,६७०,६७१,६७३ थी ६९९,७०१,७०३,७०४,७१७,७७१,७७२, ७७७,७८९,७९०,७९४,७९९,८०२ थी ८०४; ठा. १७,१८,३८,५७,९९,१००,१०८,१११, १२५,१३३,१४८,१७५,१७६,१७९,१८०, १८९,२४७,२६४,३१२,३३३,३५४,३५६, ३५९,३८१,३९६,३९९,४०४,४१९,४२१, ४२४,४६१,४६४,४६७,४६८,४७९,४८८, ४९६,५०४,५१७,५२१,५२२,५२५,५२६, ५२८,५४३,५४४,५७२,५९१,५९३,६०९, ६५९,६६२,६६७,६९७,७०१,७०५,७२१, ७२५,७३६,७८३,७९९,८०४,८०५,८७०, ८८६,८८८,९००,९०२,९२९,९४३,९६६, ९७८,९९४; सम. १ थी ७,१०,१३,१८,१९,२५,२६, ३१,३७,४१,४२,४५,४९ थी ५४,५९ थी ६३,९९,१०१,१०८,१०९,२१६,२१९ थी २२१,२३३; भग. १९ थी २२,२५,२६,३०,३१,३४, ३५,३७,४२,४४,४८ थी ५०,७१,७२, ७६,७७,८१,९३ थी ९७,१००,१०२, १०३,१०६,१०७,११२ थी ११५,१२३, १२७,१२८,१३०,१४२,१४४ थी १४६, १७८,१८१,१८२,१८७,२२१,२२३ थी २२६,२४२,२४४ थी २४७,२६३,२६७, २७५,२७६,२८१,२८५ थी २८८,२९१, २९४,२९९ थी ३०१,३१५ थी ३१७, ३२० थी ३२२,३२५,३२८,३२९,३३२, ३३८,३३९,३४३ थी ३४७,३५१,३५५ थी ३५८,३६२,३६६,३७५ थी ३७८, ३९० थी ३९८,४०९,४२४ थी ४२७, ४२९,४३४ थी ४३७,४४६,४५८,४६०, ४६२,४६४,४६७,४६९,४७१,४७५,४८७ ४९८ थी ५०५,५०९,५१०,५१३,५१५ थी ५१७,५२५,५२८,५३२,५३३.५३६, ५४०,५४३ थी ५४५,५५०,५५१,६०८, ६११,६२७,६३१,६३७,६४० थी ६४२, ६४८,६६३ थी ६६६,६६९,६७०,६७७, ६७८,६८३,७२२,७२४,७२७,७३१,७३३, ७३५,७४४,७४५,७५७,७६१,७६८ थी ७७०,७७९ थी ७८४,८०३,८०७,८०८, ८१५ थी ८३४,८६३,८६६ थी ८६९, ८८०,८८२ थी ८८६,८९३,८९६,९७०, ९७५ थी ९८०,९९१,९९८,१००३,१०१६, १०४५,१०५७,१०६४,१०६६ थी १०७१; नाया. ३०,३५,३७,३८,४८,४९,६५,६७, ७४,८७,१०३,१४०,१४१,१४४,१४७, १५६,१५९,२०७; उवा. ९,१३,२०,२९,३२,३४,३७,३८,४६, ४९,५७,५८; अंत. १३,२७,३९,५०; अनुत्त. १०; पण्हा. ७,८,११,२०,२३,३४,४५; विवा. ३७; उव. १७,३४,३८,३९,४४,५०,५५; राय. ५५,६१,६५ थी ७५,८०,८४; जीवा. ८,९,१४ थी १७,२९,३३,३४,३६, ३८,४०,४३,४६,४९,५१,५२,७२,७४,९१, ९९,१०५,१०९,११२,११५,१२२,१२६, १३१,१३४,१३५,१३८,१८४,२००,२०२, Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org |

Loading...

Page Navigation
1 ... 327 328 329 330 331 332 333 334 335 336 337 338 339 340 341 342 343 344 345 346 347 348 349 350 351 352 353 354 355 356 357 358 359 360 361 362 363 364 365 366 367 368 369 370 371 372 373 374 375 376 377 378 379 380 381 382 383 384 385 386 387 388 389 390 391 392 393 394 395 396 397 398 399 400 401 402 403 404 405 406 407 408 409 410 411 412 413 414 415 416 417 418 419 420 421 422 423 424 425 426 427 428 429 430 431 432 433 434 435 436 437 438 439 440 441 442 443 444 445 446 447 448 449 450 451 452 453 454 455 456 457 458 459 460 461 462 463 464 465 466 467 468 469 470 471 472 473 474 475 476 477 478 479 480 481 482 483 484 485 486 487 488 489 490 491 492 493 494 495 496 497 498 499 500 501 502 503 504 505 506 507 508 509 510 511 512 513 514 515 516 517 518 519 520 521 522 523 524 525 526 527 528 529 530 531 532 533 534 535 536 537 538 539 540 541 542 543 544 545 546 547 548 549 550 551 552 553 554 555 556 557 558 559 560 561 562