Book Title: Anusandhan 1996 00 SrNo 06
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad
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[19] तत्थ बंभयारी अणुव्वय-सिक्खावयाइ परे(रो) चिट्ठइ जाव मयणो, ताव रयणीए दूरे कावि इत्थी रोयमाणा अग्गिकुंडसमीवे चिट्ठइ । “अस्थि कोवि धम्मिउ जो मं उद्धरइ ?" । जाव मयणो गच्छित्ता, सद्दावित्ता पुच्छइ- "कासि तुमं ? " "कणग धाया । तुज्झ अट्ठाए कालं चिट्ठामि । मज्झ सामिउ हुज्ज, अन्नहा अग्गि पविसामि" अणेगवयणेहिं अ पडिलोहमाणा एवं प(?) भयवं अक्खडं (अखंड?) निरविक्खनिच्छट्टयाए कंतगं जा चिंतइ ताव पविट्ठा हुयासणं । सो वि पविट्ठो मामति(?) तित्थजत्ताए खंडणं । ताव अग्गी खड्डो खली (?) । जाया कुसुमवुट्ठी। दुंदुभिउ । "जयउ मयणो" । सा पच्चक्खा देवी मंगलं करेइ, गयणे तहा थुणइ-"संघवई जयउ।"
तउ कइया वि गष( ज्ज ? )ण (गयण?) देसाउ महुर मागच्छमाणो पुलिंदएणं गुज्झे लद्धअंवावरो सव्वं जिणित्ता संघजुत्तो महुरा थूभं पूइत्ता चंपमागच्छइ, वासुपुज्ज पूएइ । तउ परं मग्गेसोरट्टयं मिच्छदिट्ठिदेवयाए भोयणसमए इत्थीरूवं काऊण पललं मग्गइ। "तुमं सव्वदाणं दितो एयं दिज्ज । ने(नो) मोयगेहिं तिप्पई "। एवं कलयले जाए जाव छुरियं गिण्हित्ता कड्डइ, ताव पुत्ते आगंतूण पियरं मन्नावित्ता "मए संघ रक्खणट्ठियपियरस्स मणोरहे पूरियव्वे "। जाव अम्माए(?) वद्धावे(व)ए सुपुत्ते छुरियाए अप्पेइ पललं नियसत्तविसेसेणं, ताव जयसद्दे उच्छलिए, कुसुमवुट्ठी, तुट्ठा देवा । पूरेह तित्थजत्तामणोरहं । अट्ठाहियं करिति ।
तउ रयणउरं । एवं कमेण आगच्छंति तित्थं । वंदणट्ठाए सपरिवारो गणीसरिसहिउ । कत्थ वि फलियासालिखित्तमग्गे, कत्थ वि अमयतरंगिणीउ, कत्थ विघडुव्व ज्झरंत रवीराउ गावीउ, कत्थ वि आसव्वट्टा ? सेणा, कत्थ वि भडसहस्ससंकुला उ(ग)य घडाउ । इत्थं कपि [ ल] नउ (य)रे मुक्कपरिवारो । अट्ठाहिया
कया।
अंबाए सक्काइट्ठ ते(वे) समणनिद्दिवाए अहोरत्तेहिं चुलसीजोयणगिरी भग्गा। कउ सोरट्ठउ देवदेसो । तत्थ मयणो सपरिवारो पक्खोववासेण उच्चि(ज्ज लगिरि आरुहिऊण सव्वमहानईसहस्ससंकुलितित्थोदगं गइंदकुंडं पिच्छिऊण न्हाणविहिणा हरिसवसब्भंतलोयणो न्हवणे कए तक्खणत्ति(वि ?) गलियं(य) पडिमो दीणे दम्मणे कयभत्तपरिच्चाए चउव्विहसंघेणं कयउवसग्गो(उस्सग्गो) । घोरुवसग्गेहि अक्खुहिए संप(पु)न्नो । वेसमणनिद्दिट्ठा अंवा समागया। "तुट्ठा म्हो, पारेह" । कए पारणए हेमगुहाए कप्पासियं आरोविऊण पोरिसीए पुष्पिया फलिया कावि कुमारिया
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