Book Title: Agam Shabdakosha
Author(s): Mahapragna Acharya
Publisher: Jain Vishva Bharati

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Page 662
________________ १४. 50; बाउआय अंगसुत्ताणि शब्दसूची वागरेत्तए .११४१३६ ११५।२६ वाउप्पइय [वातोत्पतिक] पण्हा० ११८ वाउआय [वायुकाय] ठा० ३।३६० वाउभाम [वातोद्भ्राम] भ० ३।२५३ वाउकाइय [वायुकायिक] सू० २।४।३, १७, २१. ठा० वाउयाय [वायुकाय] भ०१।३११; २।८, ६, १२,५॥४१, १११५५; २।१२६, १३१, १३६, १४२, १४८, ३।६२, ४२, ४६, ४७, ५०; १६६१, ४, ५, १८।१४२, १९६से - १२४, ३२६, ४८७; ४१४६४,६४६; २१४०, १४१, १९६; १९३६ • १७८, १७६; १८२, १८३; ६।६, ८, ६, ६८, १२८; वाउरिय [वागुरिक] विवा० १।५।२६ .७।२, २५, ७३, ८२ से ८४,६७, ८, ११, ६२, ७२; वाउल [व्याकुल] भ०७।११७. नाया० ११२।११ ... १०।८, ६,१५३.भ०८।३,२७,२६; १३।८४;१८।१८६; वाउल [वातूल ] नाया० १११११५६ ..... १६।२२, २४ से २६, २६,३०,३१, २५।१०६;३०।२७; वाउलकर [व्याकुलकर] पण्हा० ३१५ ३४।५, ८, १३, २६ वाउलित [व्याकुलित] पण्हा० ३१७ वाउकाइयत्त[वायुकायिकत्व] भ०६।११६,३४१८ वाउवक्कम [वाववक्रम ] सू० २।३।६३,६५, ६६ वाउकाइयत्ता [वायुकायिकता] ठा० ६।६; ६८, १२ वाउसंभव [वाय संभव] सू० २।३।६३,६५, ६६ वाउकाय [वायुकाय] आ० ६।१।१२. आ० चू० २।४१, वाउसरीर [वायुशरीर] सू० २।३।२ से १०० .. ४२; १५४२. सू० २।११५६; २।२।४०; २।३।७६, वाकुलित [व्याकुलित] पण्हा० ३।२३ ८०; २१४।१३. ठा०.३१३५६; ७१२. सम० ६।२.भ० वाग [वल्क] भ० ८।३५५. विवा० १२६।१८ ११४३७,३।१६४, १६५,१७१; ५।४५,१८३; ७।२२८. वागर [वि+आ--कृ] -वागरित्था, सम० ५४।३. - नायां०१।५।२२ -वागरेइ,भ०५८४, नाया० ११५।६६. अणु०३।६०. वाउकायअंसजम [वायुकायासंयम] सम०१७।१ विवा० १।४।१३. -वागरेंति, सू० २।२।१३.-वागवाउकायत्त [वायुकायत्व] सू०२।३।६३, ६४, ६५ रेज्जा, भ० १४।१४२. –वागरेति, ठा० ४।११६.भ. वाउकायसंजम [वायुकायसंयम] सम० १७।२ १५५. -वागरेहि, भ०६।२३१. -वागरेहिंति,भ० वाउकुमार [वायुकुमार] ठा० ४।१२३. सम० ६६।२; १८६.-वागरेहिति, भ० १५।१३२ प्र० १४५२१. भ० ११२१३; ३।२७४; १४५ वागर[वि+आ+कारय]-वागरावेति, ठा०४।११६ वाउकुमारी [वायुकुमारी] भ० ५।४५ वागरण [व्याकरण] सम० ५४।३;प्र० ६३. भ० २।२४, वाउकलिया [वातोत्कलिका] भ० ३।२५३,१५११२ . ३१, ६५,१०३, १०६, ११०,२८३ से ८७, १०४से वाउकाडय [वायकायिकाठा०४१६४६. भ० ११२४६%; १०६; ६।४७, १३७, २३१, २३३; १३।२७, १५॥५, ८२६, ५८, ६०,३८१,३८७,३८६,३६१, ३६२,३६४, ७६, ११६, ११६, १२६, १३२, १३८% १६।५५; . ३६५, ३६७; ६२५६, २६१; १२।११५:१५।१८६; १८।१४३, १७२, २०५. नाया० १११।१५४, १५५; १७१७८, ८०,१६।३३; २०१५०; २४।१८०, २२६; १३५१६६. उवा० ६।२६; ७/४८, ५०, ८१४६, ४६. २५॥१६; २६।२७, ५५; ३४१५, १७, २३ । अंत० ३।३१. विवा०११८८११०१४ वाउक्काइयउद्देसय [वायुकायिकोद्देशक] भ०२०।५० वागरणी व्याकरणी] ठा० ४।२२ वाउक्काइयत्त [वायुकायिकत्व] भ० १७१७८, ८०; वागरमाण [व्याकुर्वाण ] ठा० ३१५३४; ४१६४७ २०५०, ३४८ वागरित्तए[व्याकर्तुम् ] भ० १५५१२६. उवा० ८।४६ वाउक्काय [वायुकाय] भ० ७।२२८ वागरित्ता [व्याकृत्य] सम० ५५०४ वाउजीव [वायुजीव] पण्हा० २।४ वागरिय [व्याकृत] भ० २।१०३ ; ५।८४, ८८; १५॥१३८. वाउजोणिय [वायुयोनिक] सू० २।३।६३, ६५, ६६ उवा० ८।४६, ४६. अंत ० ३।३१, ३२, ३५ वाउत्तरवडेंसग [वायूत्तरावतंसक] सम० ५।१६ वागरेत्तए[व्याकर्तुम् ] भ० २।११०. उवा० ८।४६ ६४७ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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