Book Title: Swasthya Sadhan
Author(s): Mohandas Karamchand Gandhi, Gandhiji
Publisher: Gandhi Granthagar Banaras

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Page 68
________________ दर्द में पहले पानी का भाफ देकर ठंडे पानी में स्नान करने से बहुत कुछ लाभ होता है शरीर के फोड़े-फुन्सी जो केवल मरहम पट्टी से नहीं आराम होते ठंडे पानी के प्रयोग से आराम हो जाते हैं। थकावट को दूर करने के लिए यदि पहले भाप लेकर ठंडे पानी से स्नान किया जाय तो थकान दूर हो जाती है। ऐसे ही यदि नींद न आती हो तो पहले भाप लेकर ठंड पानी से स्नान कर यदि खुली हवा में आदमी सोवे तो शीघ्र नींद आ जाती है। जहाँ पर भाप काम लाने को कहा है, वहाँ हम गरम पानी का प्रयोग कर सकते हैं। यदि पेट में दर्द हो तो गर्म पानी को बोतल में भर कर उसके ऊपर पतला कपड़ा लपेट कर यदि पेट पर रखा जाय तो शीघ्र दद आराम हो जाता है। जब कभी के (उलटी ) करने की आवश्यकता हो तो याद पेट भर गरम पानी पी लिया जाय तो कै आसानी से हो जाती है । जिन्हें कब्ज का रोग है वे यदि सबेरे उठकर दाँतुन करने के पश्चात् गरम पानी पी लें तो दस्त खुलकर आती है । सर गार्डन स्प्रिंग जो कभी केप के प्रधान थे बहुत स्वस्थ थे। सोने के पहले या सोकर उठने के बाद वे गरम पानी पी लिया करते थे। कितने ही लोगों की ऐसी आदत है कि सवेरे गरम चाय पीने के बाद ही उन्हें दस्त आती है जिससे वे इस भ्रम में रहते हैं कि चाय की वजह से ही उन्हें दस्त आती है। लेकिन चाय से हानि हाती है और दस्त लान का मुख्य कारण चाय का गरम पानी है। भाप लेने के लिये एक प्रकार का चौखटा होता है लेकिन उसकी कोई विशेष आवश्यकता नहीं है । बँत को बुनी कुर्सी के नीचे स्पिरिट या किरासन तेल का चूल्हा या जलती लकड़ी या कोयले की छोटी अंगोठी रख ली जाय और उसके ऊपर एक छोटी सी पतीली पानी से भर कर और ढक्कन से ढंक कर

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