Book Title: Prashamrati Prakaran Ka Samalochanatmak Adhyayan
Author(s): Manjubala
Publisher: Prakrit Jain Shastra aur Ahimsa Shodh Samthan
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प्रथम अध्याय 19 पं० कैलाश चन्द्र शास्त्रीः जैन साहित्य का इतिहास, पृ० 272 20 तीर्थंकर महावीर और उनकी आचार्य परम्परा, भा० 2, पृ०153 21. पं० नाथूराम प्रेमीः जैन साहित्य और इतिहास पृ० 547 22. वही देखें, पृ० 545 23. तत्वार्थसूत्र (संघवी) प्रस्तावना० पृ० 6 -12 24. जैनेन्द्र सिद्धांत कोश (सं० जिनेन्द्रवर्णी) भाग१, पृ० 4-5 25. सिद्धसेनी वृत्ति, पृ० 78 26. तत्वार्थसूत्र (सं. पं. संघवी), प्रस्तावना, पृष्ठ 13 की पाद टिप्पणी 27. डॉ० मोहन लाल मेहताः जैन साहित्य का वृहद् इतिहास, भा०4, पृ० 267.68 28. उमास्वातिः प्रशमरति प्रकरण, अवचूरि, प्रथम अधिकार, सूत्र-1-3,पृ० 217 29. (क) प्रशमरति कथंनाम ...................वक्ष्ये प्रकरण, प्रशमरति प्रकरण, अ०22, . का० 311 का भावार्थ, पृ० 214 30. प्रशमरति प्रकरण, अवचूरि, सूत्र। 1-3, पृ० 217 31. प्रशमरति प्रकरण, अ०1, कारिका 1-23, पृ० 1 से 17 32. वही, 2, का० 24-33, पृ० 19-25. 3. वही, का -34-35, पृ० 26-27 33. वही, 4, का० 36-40, पृ० 28-31 34. वही, 5, का० 41 - 80, पृ० 32-55 ॐ. वही, 6, का 81 - 105, पृ० 56 - 71 36. वही, 7, 106 - 122, पृ० 72 - 83 37. वही, 8, का 123-167, पृ० 84 - 115 38. वही, 9, का० 16-8-181, पृ० 115 - 125 39. वही, 10, का० 182-189, पृ० 126-130 40. वही, 11, का० 190-193, पृ० 132-133 41. वही, 12, का० 194-193 पृ० 132-133 42. वही, 13, का० 196-206, पृ० 135-144 43. वही, 14, का0 207-227 पृ० 145-159 44. वही, 15, का० 228-244, पृ० 160-169
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