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नाद एनमा
श्री महावीरं । जगदानंददायकं । नपा सकदा वागस्य । होचा कालाइ सम चपानामि नगरी
इ
जिनाय नमति
आर्य सुधम्मी स्वामी |
काले तां समए चपाए नाम नयरा हो बा नपासू वो तारमा सुबो । ववइनिक काजर | तेण सम | घिना नदवाई मध्ये | नामि चेत्पवन शतह तेश काल | वन हे चिईए वन
त १
काल ते समए इम कहता) हवा
स्थिवर समो| जावा घ] अनेराघा साधा सखा चपाइ ] ] ऊंबू प्रेमुष पर्युपास्तिकरे। मोसरिए जाव जंबूपवासमा संप्राप्त मोक्ष सिग अज्ञातासूत्र | तेमइ सम्म ग्रा वंत ड व संपते सागर नया धमक हा शो | दकन विषइ स्पर्धक स्चन ॥ सातमा गनइ विषई |
धर्म का न विषय के
बइ |
उपासक सूति
गरसन वा सगद साग समजाव संपत्ते
सुहाम स |
| हे स्वामी ऊसगवंत श्री महा| | वारे यावत् ।
एवंवया सागांसते समग
यम
|
केहबु 5 अंबू
के
कहन | रुविश्सात मुंजेनपास
1
क)
पनते सत्तमस्सांत ते
बश्ब ठे पन्न ते।
कहिन | पश्मरख लुक हिता | निश्च हे ॐ बू ! एवं खलु ऊंबूस
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प्रमणलगवंत श्रीमहासातमा अगभानपासक दसागनविष दस अध्ययनका वहना वारई मणे जावसंपत्तीसतमस्साअंगस्सनवासगदसादसअक्षयणा मनात नामका पादनु कामदेव गृहपतिचलनायिताने अद्यया सुरा देवनामा चुल्लसतकबाऊनाम हिब अध्ययनशन
श्रावक अधयालकसतकरुनु५ जहा माणदरकामदावरगाहावज्ञचला पियासुरादेवधचुलसापागा गृह स्व के मकोलान श्रावक सहालपन महासतकच्या निदनायिता अध्ययालितनायितानु तहनन अध्ययन तक०६ अध्ययना थयनाठमन ननवमनणययन। हावाऊडकोलाए सद्दालपुतीमहासयणानंदपायाणसालणापि हेनगवत श्रमशा या महावारसंघातजना तेत्तगवतश्सातमा अंगना विष नयासिक दिसाग नगवंता
सूत्र। यार०जशांततेसमगणकाव संपतेणासतमसायंगसानवासगदसाणदसन जअध्ययनदसाकस्यातिहमाहि डे पहिल अध्ययन नविष नमाण नगवंत मोष्णगयातेणेऊण अर्धकलोते
मुम्पतिसंतलावज उंबनिश्चयसा प्रयणापलतापट मसाततेसमणेणाजावसंपत्ते केपलताएवखलज
प्रघम
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सलिसुधर्मस्वामिकहे नशासम वाणिज्य ग्रामनगरपूर्वि नेहनगरंनुवर्ण। वाणिग्राम। बनातेणिकाला!
वन कहातिहा उपास बातणकालेगातेणसमएणवाणियगामनयरहोबावान तस्यगवाणियागा कसूत नगरनई बाहिरिनशनतरपूर्वना विचालाई शान क्वणितपलासं तेवाणिज्य ग्रामनगर
दिसिता गहवक्षनामिवनमान विष मस्सानयरस्सबहियानतरपुरविमेऽपलासएनामचेतनवाणियगा जिताउ एहव नामरामारा विणिवाणिऊया। आएंद एहवश्नामि गृहपति रश्नवसन ज्यकरमनशतेराजानु वाकि। मनगरन विषई। मोजियसवरायावानातवणवाणियगाामयागादनामंगाहावीपरिवसाय महाकवि जावतंपरिसूत। तेहाद गृहपति
न
चारिसुवलना कोहि निधान व्यब वतब कोई गंजानसका
मातालनविष। हमावाअपरिनुएतस्मात्राणंदस्स गाहावश्स्साचतारिहिरनकोडानगनिहाण सोता। च्यारिकोमि सुवासी चहियाप्तकहाच्याजन च्यारिकोनिसुवम प्रविस्तरप्राप्तघरवापर कंटेब ब
विषझवधतिमत्त घरचे सर्वघ १२ को कि पतानाचतारिहिरमकोडानवहिपतानाचतारिहिरमाकोडानपविबरपताना
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ब
च्यारिवऊकहिता गोकल जाणिवा ते दस सुरुमगाश्घईएकगोक ते आणंद नामा गृरुपतिघणाराका लजाणिवाए.रुवा गोकलबYog
सर तलवर चन्तारिवयदसगो साहसीपणावराणहोबासणयादगाहावईबजणइसर माडबा को मंबासा घा'कार्यकरवा घण) कारणका मंणुकसा। ऊटबझाति गुःपूनीयाप्रहर गुफ रखवारुपमुषातरू नेविषयमा विवादनावि अालोचनेवि नविषय पबनते नेविषा मामि
पि । जावसबवाहाणबजसुप्कधेसुर्यकारणेसुय मतपेय ऊडेबेसुयागुशेसुयरहस्से
निश्वयनशवि विवहार व्याया आश्पदपून पवाररपूनवा सर्व ऊटब माहि ते आणंद ग्रहपति मे] षरतविष वायोम्पब योम्पो पोताटा ) सुयानबासुयाववहारेसुयधापनपिधेपडिपुनणिजे सयस्सवियणेऊडबस्मेडा प्रमाण आधार अवलंबन चक्का मेटात सबकार्यवीपकस धुरंधरहतना तेहा आणंद । नूत सूत। नूतनूता विकार्य। पमाणं याहारेालबणं चस्कूमेढीतूतेसवकजवहावाप्राविहोबातसयाण
गृस्पति सिवनदासिनामिसायी ऊता प्रतिपूर्णपाचेदाई करा सरूप रंगदनमहा न
नश्खासबंधीयागुणमा दस्स गाहावास्स सिवनेदानामत्तारियाहोनाहाणजावसरुवा प्राणदस्य गाहा
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ईष्ट वनबह आपदसंघातिमहारक्तचितब अतिरक्तक सारविरक्तनहाइट कानबर यावत् पंचविध पासग वश्स्य वागदेगागाहावसर्मिपरताविरता रहे सद्देजावयंचविह चाक्षादिक मनुष्यनाका प.अनुत्तवता तोगवताविचर तैरुवाणिग्रामनगरनई बाहिरकतर मत्तोग
ब
विषा माणुस्सएकामतोएपच्चाएतवमाणविहरतितस्मणवाणियगामस्साबहिया न अनपूर्व विचालें जेईशा तिहा कणि कौलाससिनाम संन्नेवेस ढूंक
पणितहकवितपल्टाकदवी नक्तणि
हुं एकरुवश्व
समानसमवसनायनप्रतिरूपपुरुबह तरपुरसिमेदिसिताए एवण कोनाते नामसंमिवेसेहोबा रिकाबिमियजावपा
तेरु कोल्लाग संनिवेसनविषाणंद गृहपतिन बघणामिन जाति।।। पोताना सादिणतन्त्रणकोलाए संनिवेसे ग्राणदसागाहावस्माबजएमिताणातिलियग सऊन संबंधिापरिजना दासादिकंगायश्ना| तेस्पणिमहाधनवंतसम् तेणिकालैनेणिस श्रमण। वैचाहारषवाबसर्व तिलवस
ब मि सयणासंबंधिपरिजण परिवसति अहेजाव अपरिसूतातिएकालेरसमो
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रक्ष
सगवतश्रीमहावारसमासस्या परपदावा दवाई कोणाकराजाकिमवादवानासारनाऊमऊतवासनास इतपलासवनषत्रावान
नासोतिम मोटे मकाणकोणाक राजानावना नगवजावसमोसरिएपरिसाणिग्रया तणाएराया जहातहाजियसवनिग्रवतिका यावतयुर्यपातिवारिक
तिवारि आणंदगृहपति एहवाकया वाती लबाला मखलुनिश्चय श्रमण सनासेवानाका वपधवासतिातातणसेादगाहावई मासेकहाएलको समाणेएवं खलुस तगवंत यामहावारईतावान तोऊजाईनश्तगाजा-पीयासनासेवाममनमाहिविचारे स्वानम समासस्वा धर्मकरिता मतमो वतन वादा करंमचातव्या विचारानजनकर माणेजोव विहरतमहा फलंगवामिण जावपछवासामिाएवंसमेहतारोहीएं सुदनिर्मलवस्वा अल्पनारअनश्बजमुल्पएरु पोतानाघरघका निकमतिमोट तेकोरंटकनामावल। पहिरानवाजेआनण नेपस्या ग्घाना ति। रिपालकियमरारा
श्रामबरेनासर नामाला सुमावेसायप्पमहगासयाना गिहातोमडि निखमतिरसक्कोरंटमल्ल तेणिसहितएरुबवमनकिधरमवकर मनुष्यना व रासितेणियारवा पालन चालतन जा
खाघको दाम बनेणधरिजमाणे माणसवगुरापाररिकता पाद विहारचाण
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ना
नपास
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वाणिज्मग्राममामाहि धनिईनाकलनाकला जिसइतिषलासा चियवनबन जिरू। वाणियगामणगराममात णिगबतिम जिणाामवमलासेची जेणे श्रमण नगवंत श्रीमहावारबम ति सेकणि भावविवारजिमणा मासाधिका चारिश्प्रद
दाणा देईन वादि वसमणेनगवेमहावारातोवनवागबतिरतिखुतो वदति जावपङवास तिवारिश्रमणानगवंत
ताणदा गावापति पतिय तेरुमहा मोटा धर्मदेसनादायी
स्वपतिना तिताणसमणेत्तगवमहावाराणदसागाहावयस्मतासेयजावधम्मकहा। घमीदवाना सोचला। राजा पणिघा निवारिपना ते आणंद गृहपति श्रमण तगवत धामोहावारति न परषदा घरिग रिगयु परिसामडिगता राया पंगतोततेसाणदेगाहावीसमणसत्तगवनाति
दासम्यग्रत्रकार श्रुषी साताषपामाश्मकहितगत श्रात्तगवंतसह निग्रवप्रवचनतेसहा सलान.
हिमर एधमां सोचाणिसेम हठवाजावरावेवयासासदहा मेणतते निगघयावय
जावता
सम्मा
सनासा।
न
।
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सान
जाव३एवामवंतीतातहामयजातावितहानयत्तातोऽब्बियामयेशातपडि
जावत हेत्तगवन उमेकजन्नतेतिमजस्मक जिमग्र बियामयत्नातबियपशिबियामयंतात जावासकहेउवदह तिकडजहा देवानुत्रियो उम्हारा। अंतिसमापशघणाराजाएँ तघातलार गोदवाय पियाण अतिश्बजविराईसरतलवरमाडेबियकोडंबियासिठिस
जावतदाकालाधाबश्यणि नोनिश्श्कराना बवाहाप्पत्ताडीया मुडिसक्तिाअगारानणगारियपवतिया नोखलअहंसे उम्समापश्जता पायवानरममर। हेदेवानुमापो ऊँउम्मार अंनिसमायि पांच अणुव्रतरूपा सातशिष्य) चाणमिमाडजावपञ्चतितए अहणदेवाणुपियाणं अंतिएपंचाएवयं सतसरवा
घनवाददालेईनसकन।
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वतरूयाबारचतरूपश्रादरीसाधम्म पडिवङी म मुषजय असोदेवाय प्रियोति मकरइय
धिमीनविषलगार३.] उपासन वय ज्वालसविहंगिहधमपडिवजेस्मामि हासुदेवाणुपिया मोपडिब
मात्रविलबातिकारश्ते बाद गृहपति श्रमण नगर्वत श्रीमहावारनामापत्रमा मकर धकरेहि ततेणंसेागोदेगाहावीसमणसत्तगवनमहावारसातिएतप्पट पाहा यूलप्राणातिपातत्रसविषय पच्चखश जाव जावलगोजा विविध कराश्वेय नकरूं न
काया मा6ि माएलियोपाणायावायपच्चरखाजावजावान विहतिविहेगनकरेमिन | कोरा। मनरंकरा वचनकराकायाई विकारपगघूलकस्तिो मोडमृषावाद। पञ्चखने।।
करीना कारावमिामणसांवयसाकायमारतदातरचणघूलयमूसावायोपच्चरका जावजावलग|| बामवचन काया कराने मृषावा
दनबाला मिलावजावाए विहातिविाहणनकरेमिनकारविमि मणसा वयसा कायसा
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स्वासू
वाह
तिवारपबालमोटुंअदिनादन पच्चरकूऋणापुनलेन मनिकरावनिकरात्र कुरूंनही करताप के नाचोरानकरूं नकरात
कामाईकरावोसरावतिअनमोनहा तदाणातरचणचूलादिन्नादाणपञ्चरखारविहतिविहानकरेमि नकारते
तिकारमबाखदारासंतोषयरि मांग करूं मैघुननाचरेबाजापर निमणसावयसा कायसावतयाणतरचणं सदार संतोसिपरिमागां करेति एकसिवनंदासायी पोताना । अष्टादसत्तेदते देवतानो मैघुनन कदारिककाधाकराच्या अनअनुमोया मनेवच तेरुविनासर्व मितनगरि नेकामांइकराए पनेददेवना मैथुन अनउदारिकतिर्यचमनुष्यनाय नेपए
कस्व खादिनोसर्व यज.खा ननबकायासिवादाएनारियाऐवसेंस सवामिण विहपच्चरकाधितदा निफारमबायोच, ईलापरिमाणपरिग्रनुमान। हिरणातरजतजाणि, तह परिमाणकरूं। नहीच्यारि करा.
सुवी-विध णेतरचनापरिमाणकरेमाणे हिरणसुवाल विहिपरिमाणकारतिरननध हिरण कोमा सू मिनिक्षननूमिमधे चारिपिघल च्यापारन२) च्यारिविस्तरपवतच्या रवा
पारजलवटनविषज्ञ चाहि हिरणकोडाहिनिहाण यनताहि चहिवडश्यनताहि चनहि पविबरे
रुयो
विष
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नपासग
बाजासर्व रजता सु वर्ण यच्चखाण विकारमबीचचय्यदननयरिमाण
रुपन पनत्राहि वसेस हिरणसुवणीविहिपच्चरकामि तदाणतरचणचनपदविहि करने त लानपरिनहा च्याशिवधिजससहश्र गाई एकच ग्रएरुवायज धाकताचउम्पदगा परिमाणकरतिनिनबचनहिवएहिं दस गो साहस्सिएणवएणे यवसेसंसच्चे मञ्च खाण६ निफारपबा केन। वस्सुने परिमाण एतलिचमिनुपरिमाणघ
रहारषेत्र एतलाऊपेहरुंनकल्प. मादाबा चनपदविहिंपचरवाति तयाणतरेचणारिक्तावविहिंपरिमाणकरेति रसय पाचसहलवानमिएतला निवर्तनकहा। दसहाघ१० एकवासारवासेवास) अनूमिमोकलाचशेषघाकंनके १२५०
एकनियतण एहवा१००सोननियतणे एकहलवाया एहवा पाचसि५०० हलवा।
सूमिकामो कला रा.पो. कोस
नन्नवपंचहिहिलसएहि नियन्त्रणसतिहिणाहलेण यवसेसं सच्चखित वसुनु पच्चरकाण विकारपबासगडगामलान परिमाणका न न करता नकल्प
पांचस५००गामला वजविहिपचरका मितियाग तरचणसगड विहे परिमाणकरेशननपेच
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माणकर.
मोटा देशातरगमनयोग्पपांचसई 14०० नान्नाकाहाचारिनिनिता शेषपाकतासगरगामा गामान हिंसगडासहिदिसायतिएहिपंचहिसगडसएहिसंवहणिएहि अवसेसं (पञ्चरवाण
निफारपना वाहणसमुनाविषश्मध्यविचालतेख्नुपरि नहाच्यारिचा सगडाविहेपेचवामिातदागतरंचणाचाहणाविहे परिमाणकरेशाननबचन हण मोटी उपरांत चारिवाहणलकहोमिक विनावोषधाकतोपचहणनुपच्चरवा ] तिकारपना । हिंदिसातिपहिचनहिं चहणएहि अवसेसवहणावहपचरकामिानदाणत उयत्तोगपरित्तोगर्नुपरिमाणवार सेवाश्नेनपतोगकहाएकवार लणकारमान निमितवारीरलेहवातेरु
सेवाश्तेपरित्तोगकहा रचणानवत्तोगपरित्तोगविहीपच्चरवायमणिनिलगियाविहिपरिमाणे करे नहारकगंध सामाकहता रातासामा विनाघाकता सङ्घस्नानकरावारलूहवापञ्चरवाण तिकारप ननबएगाय गंधाकासाअवसेसंसच्चननणियाविहिपच्चरकातितिदाण
परिमाण कर
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दौतणविधि परिमाकर | नकल्प एका नालाहीमधनादातणाविना। बोषबाऊोदीत उपासम तरचणं दतणविहिंपच्चरकातिनन्नबागणियलल्लामऊपणावसेस
पच्चरकाणातिकारपना फल विधापरिमाणकर नकस्य । दतणविाहापच्चरकामिातदाणतरचणफलविहिपरिमाणोकरेति ननन एकदा रसरिघु मधुर एरुवा] घाक ताफल पच्चरकाण १२१तिकारपला अगनवि दारामलक फला एंगणाबारामलएणश्रवसेसफलविहापच्चरकाशतयागातरंचणाप्रसंग परि मोणकर सोश्नषधेनामनेतेशतया सतमाकतेल सहश्रयाकतेलाएबश्तेल असेषघाकतां करुजारऊषाधनापति सहश्रया क नकलप सोकषधाप मारवाडि विना),
विहिपरिमाणाकारतिानन सयपागासहस्सपागहातालहि वसेस। तल सर्व उपचषाण चोयमव तिवारपन ग टशन। परिमाण करते आणंद प्राव ऋगण विहिंपचरवा तितयाणतरचणानवणाविहिपरिमाणकरेशान
नहा १२
कानकलय
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| मुऊन एकरत्ति | गंध इव्यनुं चूकी। तथा गंऊंला चूरा मोकलने । " बाकी वाकडे गटानु नब एगे सुरत्तिणा गंध वह | मण स्नानना विधिनुं | परिमाण कर बइ | तरंच मण विहिपरिमाणं करेशन न स्नान करुं बाकी पाणी तलावन दी सरोवरे । तिवारी व मिचखाप
नषेध |
अवसे समज विहिंपञ्चरका मिति दाश तरंच
| पच खाण|१४|| तिवारपा वसेसे न वाण विहिंपच रकात याएं। [नकलप | चाह८ ] नष्टिका मोटा मानाघमा पाइंस या मौ कला | देसताषांचाली आाघ का ते हि नगस घडे हि
हि समस्तनी संष्पा करिबिइ || न०
नकलप मुऊन कपीस रही सामान्य वानां वस्त्र
नवे केरको म युगले
विलेपण ना संध्या करिबिइ।
व विहिंपरिमाणं करेतिन रवणिन वनुं पचषाण एतलिऊंन | तिवारपढी वली बीऊंना म|| | बाकी । निहारादि कुनही १६ । यवसेस व विहिं पञ्चरका ति तदा तरंच एं विले | बाहुं सर्वनषेध | केसरर | सूकादिमोक। बाकी शेषा ला। कता
अगर१]
व विहिं परिमा करेनन्नरुक्त माचंद मा दिए हिंव से सं
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सर्व विलेपन न पचमाणा तिवारपनी वली फूलना जाति वापचषाण करा नकलपक्ष।
वलेवा विहिंपचरकाशतदाणतरचणमुफविहिंपरिमाणकरेननबएगे उपासग एक हपदमाधोलुक मला अधवा मालताऊसम) सेष बाजा फुल पञ्चखाणारा
माला मोकला। सुरपन मेगामालकसमेदामेणवानवसेसमुफ्फविहिंपच्चरकाशत तिवारपावला प्राप्तरण विधिने प्रमाण करि आणंद नकलयः । एकला सोनाना अंमल नामांकित
बीडं। अपूरवकरणातरणा । दाण तरचणातरण विहि/परिमाया करेशननबामहेकालेजतेहिनाममु मुश्किा सेघवाकता अात्तरण। सर्व पचघाणारण तिवारपना बला धूपणा मुं। मरिमाणकर विना। दाण्याअवसेसाप्रातरण विहिं यचरकाशतयाणीतरचणाधूवण विहिपरिम आगदा नकलप अगर। ऊंदरुगूद। घाकता | बा जी सर्व धूप। पचषाण २०त्रिविधि करेशाननबअगरु सक्वधूवामादितहि अवसेसाधूवा विहंपच्चरखाना
षगलि) लोनान
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तिवारपबपिडनुपरिमाण कारबागांद घृततिलतंऽलपातिघवा राबमादालादा अधवा मुगादिकदानिटाला नेहनपेचकहाई
अपूवा ऽधनाराबकानघा मुंगदालिनोरस प्रधानश्यश्करीसस्कास्वननेह लिमग
नायकहीतयाणतरंचणविऊ विहिंपरिमाणकारतिनिनबएगा।कापकाएअवसेस ना.बाकानामसेषवाकतापे तिवारमबानकण
क वाननुयरिमाणकर नकलप एक जर्नुपच षाणा
॥ श्रादप्रावक पिघाविहिंपच्चखाशाशतयाणंतरचणीतरकविहिपरिमाणकरेनिनन्नबाण घृतपूमकघेव। अघवा घामलेपघा बाकासेघधाकता सर्व पकवाननुमच निवारपनी|| जलाषावा
पाण हिंधैय पुमाहिरिवंडखजए हिवाअवसेसेत्सवाविह पच्चरखातिरसतदाणतरंच उदनकर परिमाणकरसंवाद प्रावका नकलपशएककलमसालिकमोदि सेषधाकता३. चौघांप्रमु गणनदण विहिंपरिमाकरितिननब कलमसालिनदवसेसंनद विहं पचमाणावा तिवारपनीमूदालिन परिमाण करमन अाणद । नकलया कालायाचणका
सूपतादालि कहाम्रावका कारखान्पविशेषदालि। पच्चरकातिशतदातरचणसूयविहिंपरिमाण कारतिनिनवकलायसना
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U
मगनादालिामा० सूघाकतासर्वदामिना पचषाणाध तिवारियल तनु
अझदनादालि नपासग वामुग्रमासासूदेणवावाससंसूयविहिपचपाएरधातदाणतरंचघयवि परिमाण करबिया नकलपासा सरद काल नानापन नुमामु कहा सारले तनु यचघाण गदशावक
गास्नात. सेषघा कतास हिंपरिमाणकरेतिनन्नवसारदिएणगोघया मेडेगो वसेसे घयविहिंपचखा यतिवार माना। सा पत्र शाक। मरिमा करश्न बानुनकलप अगवाया। स्वस्तिक की
पत्र अपवादसत्ताधा घाबतदाणं तरंचसागविहिंपरिमाण करेशाननचाउचुसातणवा सुबिया मेरायकोमा शाकले सेष सवी पत्रचाकचे पचघाण कायनं२६ तिवारपनगाणंद माधुर विधि [एताना वा। ममुकाया सागणवा अवसेसासागविहंपच्चरकातिातयाणतरंच माधुरयावि परिमाण करईफलसंध्या बाजुनकलप एक मालंकाफलावल्लाफल| बाका|सवीफलन।।
विनोबा देसत्ताषा |उलघाइते! हिंपरिमाणं करेशाननबएगणपालेकामाधुरतणावसेसामाधुरयविहिं।
वायन
वेलानोफज
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पचषाण र तिवारमा जमण विधि) परिमाण करवाणंदानकलप अमद नोवमाना
पनीमगांवमाना पच्चरकाशातदाणतरंच माविहिंपरिमाणकरेतिाननवसेहबदालियावा यना नघामूरणा दिक लेवा बाजानुनीम सर्वत्र तिवारपबयाणामा विधि परिमाणकरिब तघा घोलवमोदिक दालिनी बाटोघेघो प्राणदन ] हि अवसेस मिमणविह पचखादातयाणतरंचपाणिविहिंपरिमाणेकरे। नकलयकाएक अंतलिषाकाधि सेषघाकता
पायातलावना | तिवारपबगाणंदन] पाणीमा तेसका नोयाणा
दाजुषननिहारण ननबएगणे अंतिलिखोदएणंअवसेसंपाणिविह पच्चरकाशतदाणतरचणमु. मुषवास तेबोलनु परिमाणक नकलपन पंच सुगंधा तंबोल विना एलचालविंगर कपूरव केको लकहतीचा
लाइफलप पांचविना गाकबाबध हवासविहापरिमाणकरेशाननबचासोगंधिएणतंबोलण असेसमुहवास साध बाकायचषाण तिवार पबावला बाग्मश्चतुर्विधअनर्थ दम्परिकार धर्म अर्घ कामविनाजे | तबाबा३०
जावदमाश्ते अनर्धदम्या हविहपञ्चखादातयारणतरेचणं चनविहीणहादंड पचषाशतंजहा अवताण
तिध्यानारोऽध्यानएका बाला
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माही
पामग
१०
त्रा यासव
जीजावर
मादचरतविक हिंसानावाखतेोमायापायोनपदेवाकीराबहि भागांदादिकन तगवेतम
घासूपावा कोशिकोदालनागितादेवा एच्यारिबोल सगी जागा शमण सावार चरिश्रपमायाचरियाहिंसप्पयाणापावकामावहिसाणदासमण तगव दशावक प्रति। मकहिसा मखमुनिश्चय आणंद प्रावक
घदा महावारोबाणदासमणोवासगाएवेवयासा एवंखलाप्राणदासमोवासए अतिगयजाणि सर्व वसुस || जाणावरतश्वर पुनना नाम धर्मना जाव
लेद पापनादध प्रतिगय जार्वजावाउवलमापनपावापासवसंवर वयणा निकारा किरिया हिंगरण बंधामोरककसलाअसहेजदेवासुरेनागवन्नाजरकरखस किन्नरोकिए रिसांगालीगंधामहोरगाशहिदेवगुणेहिं निगंथानमावयणानाअश्वमणी जाणमोनिगमायावयणेनिस किता निकंखियानिवितिगिबालिफडा गहिब डापबिअडाविणिबिहाअतिगतहाअाहिमिंद्यापेमाणारागरत्तात्रय मान
वेमानी
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सोनिगयेयावयणे अडेअयपरमसेसेअपडे चाग्दसहामुद्दिमुनिमासिकास। मडिपुनपीसहसम्पाअणुपालेमा कसितफलिहावेग्रतऽवाराप्रचियतति नरपरघरपवेसासमणेनियाकासुएसमाजेणं असणंपाषाश्मसाश्मेणव बपमिगाहकंबलपातगणनसहतेसो पार्टफलग सेजासिथारणोण यडिलातेमाणाबजहिंसालवतगणवेरमणापच्चरकाणपोसहोववासाहाग्रहा पामगाहिहितिवोकम्महिपागलावेमाणा विहतितणण्यारवेण विहारे
जाणवोजिम गाविहरमाणाबजवासासमणोवासगमरियागं पानतिरता अगतिक नामतगनधासम्पकना पांचा अताचा पेयालामोटोजाणवा पसमाचरखानहाा तसा
कhिa मणिमेणासमतस्यापच अध्यारा पेयाला जाणियबानसमायरियघातकहा
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उपासग स्सूलपति पाता
शंकासंसय नाका वासवदीन परदर्शनना प्रसंसा कालियरदर्शना स्पु मिलवुपरिचय तिवारपन ववा+t
- करण विधर्म ताफलतणुसंदेरुधरवा बोलवाया करवुनहा नंदमणाारवत अनासे सका कखावितिगिबापरमासंडपरसंसा परपासंडेसिंघवीतयोगतरंच
विरमणंचतता श्रावकन पोच अता चार) पात्रा जाणावा।
ला चूलस्सयायाणादिवायावरमणमासमणोवासरपंच अईयारापे माटा जाणिवा पणि प्रादरवानहातेकहा बंधमनुष्यमपंषानदारिकरी घणुत्ता रनवुत्ता
बावधालाक मार करार कण कंबलछेद तपाया नाच यालाजाणियच्चानसमायरियवातिबंधावाहाबविबदअतितारैतत्तापा विवेदकरतुपातिवारमनन खूलमृषा वादा विरमण वन विषमांचा याताचार
पायाला गावाबेदातदाणीतरचणीचूलगमुसावाय स्मावरमशास्सामंचायतिया माटा जाणिवात अताचार समाचरवानह। तिएकहि अणकाण अबता । एकातिरक्षकस्यों
बिवारदापनादवनगर
श्तप्रगटकरवा रापेयालाजाणियच्चानसमायरियचतिजहां सहसातखाणारहेसातवा र
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| स्थूल दत्ता दान
मोलताना खाना। [ मो. घोटोनपदेस] क्रु'कूमा लेष लिषवा 4 | | तिवारपा | वातप्रगट कराव.
चोरि
सदार मंतए मोसो वसे डले हकरततरं धूल दि विरमण विषय | पांच मोटा ती चार जागाव]] | पलि समाचरवानही । तेकहि । । ३१ तचान इषरचना। नादास पंचाश्या राजाचा नस मारियच्द्या तेज हा । तेनाह । तकर ||विवराजानषेधुते।। ॐ कूमातोला कुलोमा त सबराव माहि निषरा तेल तिवारी | | व्यापार कर्वनर तथा दाणचोरि |प्लानकर वा ॥ वी नही जूना वस्तएकी करिनही | नगेो विरुध र जाति क्कमे | ऊड चले कडमाणे तप्पडि रुवगववहारे । तदा। तरंच स्वदार संतोषनामोच | तीचार | | जाणवा | | न· पणि सर्वीवेव समाचरवानही । श्वर घोमि। | तेक हिबि| कालिन्य। |सदार संतो सीए) पंच अतिया रा जाणियच्चान समाय रियच्चा तेज हो। इतरिप श्रापा पोताना करातो गव ॥ परिगृहीता विधवा । श्रकुचग्रहणादि। पारका वा चाहना जो रूप 'पबिका दाशर | कुमारिकावे शमा दिगमन | किचिष्टा करवा वामा करवा|४|
गंधन स्पर
रिग्रहियागमणे अपरिग्रहियाग मांग कीडा पर वावाह करणे कामतेो
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बापरिमाणविष] मोटिकामांचा
अती चार||
समो वाए। पंच अतिया |णि आदर वा न ही ते कहि । षेत्र' भूमिका घराते रुनु प्रमाण कस्तु होइते | सोनानाप्रा बिज्ञघका अधिक करते ती चारपहिन रूपा । माया कचा राजाणियच्चानस माय रियच्चा त खेत परिमाण तिक्क मे हिरेम सुवमप घका अधिककर। 5. द्दिपद' चनुपद तणुपरिमाणति । धनध्यान्मनु प्रमाणातिक्रमाध । 13. रानपा बाजनताचार | क्रिम का धन || | माणा तिक्क मेोपयचनपयेय माग तिक्क मे । धम धन्नाप माणा ति क्च मे कविय | तिवारी||बडा दिशित विषयांच अतीचार] जालवा।।
घरवाष
रु अधिक।
राधापा
रस्परूप विषश्ता | तिवारपना | वातिला धर31५
उपास गति वा तिला से । तदाणे तरंच इव। परिमाणं
[जाण वा
१२
पमाणातच तदा। तरंच गां दिसिवय मापंच ईया राजा पियानिस [तेकेहा! के चुंजा | तेहनाप्रमाणात गुफा विवरादिकमने जाव| तिरहुँ न अधिक मानघी]
कम |
| मायरिया | ह दिसिय माणा तिक्क मे
हो दिसिपमाणाइक्क मे तिरि।
१२
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जा प्रमाणन मिघाअधिा घेवाधिएकपषा सोनिकाननी करीतिवारपून सातमानपत्तोगाच
काबीजापवावधारण
बवाहमतिअंतरिकाघातदातरचणानवनागप कवार तोगबिजप्रकारे विशेषतोगवा कमीदान एकत्तेदत्तीजननुतेरुविषश्रावकन
पाविते
नागवत लावला
माणात कम रखतवहिसतिरिका
तोम्पवसजैनातरण वखादिना
गवातेन
पत्तोगक
रित्तोगविहेपन्नतोतंजहातोयण नयाकम्पनयात्तोयणनासमणोवासएणय श्पाचप्रतीचार जाणवााणंदप्रतिकहा सचिततणिमामलाधिकागदादिकषधा रवारिक
अधिक सचित अस्तिपतिबालेईषा चायाराजाणियचानसमायरियवातंजहासचितहासचितपडिबवाहा पालामा हिलकणकरमदापनि उलापकाsamsuषा बाफलमधी ऊबाफला। एतजाण पाश्नहाा क पूरारका गाविनापाकानीaeआरबलाऊपलाघमुमत पाचम त्रिपोलिनसहितरकणयाऽपोलितोसत्तरवण्याचबोसहित्तरकणयापक कम्पका श्रावकनयनरमामकरमाववानुजाणवामणिसमाचरवासाकेला
ठिामब
र पलोहारा कंसाराईटवारदातधमवा वा मानणे समणोवासरयाणपन्नरसकमादाणाशमाणियवातिनसमायरियता
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१३
2
सादिकच्यामिश्रारंजा व वासवलाक साकट कमिंगामायाका
ना.पोनामाकरेषरादि फो-पाणिपाषाण नकरवा पाववानहा माऊशादिक करीनावचिवा उपासग
तजहागालकमवणकारासाडाकम्भात्ताडाकाम्पाय अागरिऊदीनारसतेलंघामधमाके चरागाश्मुघताधालाष गुलामसासिल वि०अफावनागनास्वा चमरनलेवा हादरादिकनावमाघीकादारव्यागरभवणि साबूश्त्पादिविकप दिकावचिन्न णिजोदारसवाणिजोडाकेसाणमालकवाणिजेोपविसवाणिजेर घाणाघराकोला नि बलदयोमासम्म व दिवरावाघमननाचा सरोवरह'नदाकावावि इत्यादि पालाविश्श ।व। मात कर्ण बेद निपतित्तणा घेनादिकन तलावलेचावनदावालि
"काजीबालव। पालणकरशनिलंबणकम्मेरवादवग्रिदोवणायाश्वासरदहांतलावासो पापाटा काकराय सूझा सारि माजारास्वाना तिवारपनाममा अनवदमविरमण व्रतना डियाजाविशाककमापाषज्ञ सकजीव वेचशर५ । सगियारधान सईऊणपोसणयारयातदाणतरंचणकादंडवेरमण श्रावकन पांच अतीचा जाणवा समाचरवानहातोकहा कंदर्प रागलागि
हास्मवचनबो
.लि स समणोवासणायचअईयाराजाणियचानिसमा यरियवाजिहाकिंदाप्यर
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"कारकरी
लोकस्सा
विशशर
स्त्री आदि विलास' षष्फावस्त्र] | तिवारपा गारादिक विष। श्रतिरागधरिप कुरमोहरिएर सत्ता हिगरा निवत्तोग परिसोगा इरिते ।
तदा।
सामायक प्रति। श्रावकन |
पांच तीचार | जाल वा |
| समाचरवानही
तरच सा माझ्या समोवासया पंचाई या राजाणियच्चान समायरि सामाचक का धइति वचनिकराजा श्रावि कायाकरा ज्यापर मांजा पानाच ध्यानादिमनको आणि मुकिन कवन | पाषि वो दाद वा । काया । सामा
ते कहिब
यवा जहा मा पडिहावियप्पड हा शिकायऽप्पणिहाणि सामायस्य
इक' करतो बेला अवेला जोईन हा \सा• बघ मी पूगा माषिपारि' अघवा अविरमणि तिवारी' देशाव 'कालावली व ती कातकर६४ घन पाउनु परिमण करइ ते दोष लागिप
सतिकरणया सामाय स्मृणिवठयस्स करणयात
तरंच दे
गासिक विषइ) श्रावक न ]
पांच ती चार | जाए वा ।
सावगासियस्सा समणो वासां पंचईया रा जायिच्चा नसमारियच्चा
कुक मष्टांना पीचारी तातिविघा नृषल मुसल जोन | | चेष्टामुषनयनवि= असत्य प्रलाप बोलि मिली मुकवा
पण समाचरवान
हा |
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नपासग १४
ते कहि नामासूमि बाहरिनामासूमिबाहिरि स.सादकरावासा | रूपदेषामी बजे] Q• का क घी वस्त्र णावी इ१] मोकली इतै अनाचार 21 बजे जगावी | जलाबी इ| ४ |
ब
वप्पन
सवप्पन
सहावा एवागावाराधाबहि
श्रावकनइ
तेजा
| नाषा संकेत ऊ गावी ||१०| तिवारी पोसह व्रत विषइ।
या पालखेवे ॥१॥ तयाशी तरेचणं । पोस होववा सोमणो वा सात (मणि समाचरवाना) वेके | जावरा किले शिय्या संघा 'रादिक' संघारात सोमिका शिष्टि डोई
पांच'ताचार] ऊाण वा
पंचप्रया राजा शियच्चा न समायरिया | पडिल हाय 54 डिले हाम नरम किले हा दायमा जान सिसान संघारा मानक देब) मिले ही न हा रिष्टिनिराकण नऊइ । | लादिकम्रमार्ज | तेलूगमानइ बेहमितेप्रमार्जनक हाइ का धुन अथवा प्रविधिवि सिजा संघारै अप्पमझियापमडिया सिका संबारै पडिले हाय उप
प्रमाज्या उत्तरा सिंग निश्ळे हमितघा दे मास शिकराजा न [ प्रमाज्युन इ|४|
उपयोगि । उनमा नातिबाहिरजावा । काधी ऊश्र) मा करवानी मित्र |
डिलेही यंनच्चा र पासवनूमा अप्पमडियाप्पमडिया उच्चार पासवान
१४
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पोसहरुमापरिइपाल्पोनई चावधिअाहारमा रम्पशा पधनकर। संवित्तागसाधुनिश्मुधमानदान हएाकाहारवानाका वस्त्रचर्म व्यापार देरु, पोसहमद्यापतिवारपन दक्षपर्वतशियारणिश्योति ऊमश्ते मापोसहोस्मासमणपालण्यार१दाणतरच अहासंवितागस्ससम सं नागकहा। पांच प्रतीचार। जाणावा- समाचरवानहातेकह। सचिन श्रावकन तेहना।
बि हलि अणदेवा नाबुधि णोवासए पंच अध्यारा जाणियच्चानसमारियवातंजहा सचितानिखेव सचितिकराटाकश्यका वेलाढालाना मा.
नीदेवाना बुधिएअन्नपारबम तिवारया IFaम
दानदरम अहकारकरे गयासवितपिहाणया कालानिक्कमे परउवदेसे महरियोरवातदातर बेहल्पप्राणत्यागलाण तैमरणसंलेषणातपौविशेष रुतणा पांच अताचार जाणवा]] चणपब्लिममारणतियसलेहणाभूसणाराहणातपंचऋतियाराजाणिय नयमनातेवश्रामहावा अहिलोकाश्रामनुष्यपधा परलोकश्श्देवनापा जा पूजासका कहिविनसेवाश्वाबिर
दवावाबनाकरज्ञ२ चानसर्मयरियघाताशहलोगासंसप्पन गेपरलोगासंसपनगे जावाया
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१५
देषाजावचुवां मउखसातादेषामदेवतामनुषतणाकामनाग एवंपतिवार यादगाधामति
विरणवाबनाकरितणावाला करिपातीचारचालवा पाबा उपासग ससायनगमरणाससमनोकामनागाससपनगोतएणसेमाणदेगाहा श्रमणनगवंत महावीर स्वामि पासि समाथि पांच अपवता
सातविया व्रतातमधेगु
व्रत वीसमणसत्तगवनीमहावारसाअंतियपंचाणुवतियासतसिखाया एवेबारब्रतरूप। श्रावकवाधर्म मागीतपस्विजर। श्रमण सगवेतामसवारनवोदिन मकाह श्रादर
नमस्कारकरीन। वालस्साविहंसावयाधम्पडिवऊतिसमतगवावेदातनमसतियाएवं प्राणदश्रानो नहाबलु। मुझन आजघका नकलपअन्मयूधिका। अपयूधिकादेवाहरिह वकानश्चयानगवतन्यरलतासाधताधाराहानि वदासानोखलमेततकप्पध्यछम्पत्तिशमनबियावानबियादेवया अनेरग्रयां जे।।
परताधिएग्रहातकुसंगतियातेमुझने वादवानकलशनमस्का
रिहंतनचिया साधपमवारकरवुकल्पना नहीं। णिवामानबियपरिग्रहियाणिवाचेयाणिवाावंदितएवानमंसितएवा
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तेह प्रतिमहितुं । | श्री. पहिलं प लिबो से आलाप संलाप । तेरुन इन्पाणी देखें नही घोमावार लाचुन हा धर्म बुधि। नकरुधर्म बुधि। सूष की तंबोला धा
बोखे नहीं।
53घवा
पुचिणालिते चालवित्त वा संलवित्तएवा ते
गांव दानवा प वारशर धर्म बुधि अन्यत्र | राजानइ गणसमदीयना । कोइक बलवंत । दिवतानापरवसिया माता || देननहा नकलप मुकनातिनग विनाशयत्तिनुगविना नलिनुमा टि मिता | दानवान्नञ्च राया तिन गांगला जिनगेगा। बलातिनगेगा देव यात्तिन गेणं गुरु तघा चैत्य साधुना वि· वी तथा कालि। मुऊनइकल पियाज | प्रासुक] एषणीक ४रदोषरहित अन उपसर्ग हालवा देव पनि श्रम निघा
सर्व
निग्रहणं वित्ती केतारे
कप मिस मणे नियेधे का खुए
षमा मनवास
एस सिस पाणी | [षादिमसू | स्वादिम। वखापात्र | | कोबला | पा. पुढं पाथरवानु || पाटिलाफ पाटीचा | पाषा में साइमेवचापडि ग्रहाकबला पायपीट | फलगा से डिमिरा ग्रादि । विहरावनुष्ठि कविचरुं । धर्म पालु करा हरूकोम सहते सजेगा| पडिला से माणसा विहरतए तिक हुई में श्यारु
करानइ नोहर |
सिज्या संघाला पाटि ल।
जाय संघार
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ऋनिग्रहग्रहान नामलाधुसमकित प्रश्न संदेरुमनना पूनि सुधर्मादरि अर्धदेव श्रमण हिन अधि
श्रावकनाविधिजाणिष्टिाधारिश उपासग
वत्तिग्रह अगिटविस्तापिसिणाईपुलतिरंगमादियवासम नगवंतनश यामहावारन विणिवारवादिय नमस्कार कर करानः। श्रीमहावारना ऋतिसमापि
श्रमण नगवेता पत्तगवमहावारतिखतीवदशरसमणसगतगवनामाहावारस्सात्रावयाच घका उनिपलासाचेतवनघका नाकलनाकलान) जिहाकणि वाणिक गामानगर जिलोस्पो रूपलासानाचे पाऊपाशनिखमतिावरणेवावाणियांगामे नगरे जेणेव तानाघरनतिको अावशावा सिवनदा नायी प्रतिर म कहिाणंदाश्मंनिश्चय हे देवानु सयगेहोतेणेवनवागबनासिवणादात्नारियाणवेवयास एवंखलुदेवाणुपि प्रायो अाजमिछ। श्रमण गवत वाद्या' श्रामहावारपासधर्म सोतसो सोतलता तेधर्ममः।। यामसमणस्मात्तगवनामहावारस्सातिए धम्मानिसंत सेवियधम्मामक
नई
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पवान
पाया
इल। वीबो विसे मुकनिरुयु तिणिकारण उम् मानहेदेवान श्रमत्तगवंत प्रामहावारनवादी लिए पंडिडिए अतिरुशतंगबहाणामदेवाणुपियासमत्तगये महावारवंदा जावतपर्युपासनासेवनाकरो श्रमण नगवंत श्रीमहावारनई अंतियासि पेचअणुवत साता हि जावमधवासाहिसमणस्मात्तग्रवनमहावारस्याअंतियापंचाचश्यासतसि प्पावत एवारमाबार प्रकारिकरा गृह स्मधर्म परिवजि तिवारि। तेशिवनंदानामि आणंद| खावश्या ज्वालस्यविहेगिहधर्मप्रायडिवजाहिरात सा सिवनंदानारियांया नासायी आणद श्रावकर श्मक हाश्वका अत्यंत चितनविषार संतोषपामाजता आपणासेवक |
हर्षपामा पुरष ते मा.वि ते मान गादेगसमपोवासाप एवं वृतासमाणा हे कोइबियपरिसिसेदाविज्ञ इनकहि । विप्रसाग्रमेवा नानेकानिकरासहित। जाववादिपर्य यास श्रमणतंगवत-श्रामहा मकहताकर बलदजोमानधर्मरवले श्रावना नाकर वार देवन पवयासिखिभ्यामेवलजकरणजावपकुवासतितउसमतगेवमहावी
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नंदा।
उपासगा
तिवारि तेसिवा मोटाएकधर्मकघाकर धर्म देसनादार सुधाधमीत सिवनदानामिगा रंसिवनदाएतासे महल्लिाएपरिसाएधम्मं कहेशातएणसा सिवर्णदासम्म वामतिना श्रमतगत श्राम। अंपासिाधर्मसातला हयात जावतगृहस्य धमीयादवन हावार स्वामि
नइ. सतोषपामा णस्सानगवन महावारस्यातिएधम्नासाच्चाहहाजावगिहिधम्पडिवछ ठ+ जिमजिणिदिसिवात्रावानातिम पाबावला । जावतारघनशविघबरसानह पोतानश्घरिय तितमेवधम्मियंकासाप्पवरऽसहतिजा मेवदासियानच्या तामेवदिसं ऊती ताणवेलाइनदेतात्तगत गौतम श्रमण गर्दतामा हावारानवादा । मकहिश हेतु पडिगयातेतिनगवेगोयमेसमणंतगर्वमहावारावेदतिराएवेवयासाप नगवंत! आणंद जिको प्रावका उनपासि समाप प्रवयी येच महावत रूमजतानुधमी जणतेते प्राणादसमणेवासदेवाणुपियातिए मुंडेजावंपच्चतित र
न
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आदर स्पर। किं चाना) एर्व स
[वेत कहिइना | माहरु घणावरस | श्रावक नोमय नोते है| सम गोयमा आणंदेणं समणेो वा सग |बश्वासाइ समोवा
नही
आणंद, श्रावक ।
पालीनइ | अंतसमइ कालकरीन | |जावत | सौधर्म नामादे चलो महिल
रुतविमानन विष दे
सपरियागं पानी हितिर जावसो हम्मे कम्पेन
||देवता मणि कप जस्पई | तिहांक लि। एक देवता ।
तायांनव वजिहितितच
गाणं देवाएं चत्रा रिप लिन व मांई हिंदी
नितिशांक) आणंद'नामा देवतानुं । च्यारिपल्येोमम आयुबूं बिइ। तेयामस्य | | तिवारपा पन्नात दस्म विसमचित्ता पिलिनवमाहिती पंपत्ता | ततेांगावास श्रमण | रागवंत मावार) श्रन्पदाप्रस्तावि| बहिया जनपद देसमा हिविहारकरश | तिवारिली ध | समणे नगवामा हावा रे मादा कमाई बहिया जाव विहरति तातएं से स
मस्स +
रुणाविमाणे देव | च्यारिमल्यो पम ना स्थितिबइ | नूक्ति
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पासग
तेयाणंद श्रावकवयु। जाणवा लागु ) जाव अजीवनातेदाजावत साधुनश्प्रतिलातजवजवि माणदेसमणोवासए जाताअतिगयजावाजावाजावापडिलात्तेमाणेवि तिवारिसिवनंदा सायी श्राविकानु धर्म मालिक। जावता तेपणि साधसाधा हरताततेसासिवाणदात्तारियासमणोवासियाजाया जावपडिलाने नशपातलात्तता तिवारितेसा आदा श्रावकन
च्चाबतकहता मोटा छताविचरज्ञा माणविहरताततेतस्मााणेदस्सासमणोवासयस्मानच्चावहिासाला शालावतोस्योगुण धारक अताचार योसहानयवास। आयातमा निर्मल करतनाचउद चयगुणवेरमणापच्चरकाणायोसहोववाहि अप्पाणतावमाणस्साचन संवसरगया। तिवारसना पनरमावरस मधाबमास गयाएवज्ञप्रस्ताव अमदा दसासंवबराशवाकेतापमरसासंवबरस्याअंतरावहमाणस्सायम
रहित
करीन
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प्रस्ताविपु.मधान राचिनविषणिप्रस्तावि धमजागिरिका जागितज्ञधर्मवाती निवि
घजागतनघत याकयापुचरनावरतकालसमयसिधम्मजागरियं जागरमाणस्साश्मेय श्रान्माविषअतिप्राय मनिश्चय
वाणिक ग्रामनगरनविबजघणावी संकल्प पारघाऊपना
श्वर सावप्रवितिसमुपजिबाएवेरवलाअहंवाणिय ग्रामे नगरेबजगराई सेन जाव जातिस्वजनपरिजन कैटे बाबानर) असनाहि आहारकरावा एणिविषेये। यह अवध
नश्कहिंद. .कसे आबाप सर जावसयस्सविणकुडुबस्याजावाधारोतजहाएपणचखेवेशोअहनो नहाँबल वेतररुविकंघरऊट गवंत । श्रीमहावार पासिराधम प्रज्ञतिक स्यो अंगीकारकस्यो ते बस्तार में श्रमण सचाणमिसमणस्तगवतोमहावारस्यातिएधमंपतिनवसंपडिताण अादरानम्ह श्रेय निश्चयामुमनानातिजघकि सूर्य विपुलविस्तायसन जिममूराण जम पाले
ऊगाह पानषादिमास्वादिमाधावतामधाचन विहरतातिसेयखलाममंकल्लं जावलातविपुल असणध जहापूरणा
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तिमऊ चिंतव
उपासगाव जेठपुत्ते कडं बेठा वित्ता। मित्र जेठ तं च
१
| मित्र जेष्टव कुबे टुपुबी नई | कुलास सनवेशि के पुरुब वित्ता कुल्ला गसंनिवे
| पोता नुं तेंरुन विषइ | यौषध साला मोसाल | पडिलेही श्रमण | जगवंतीम फावार नइ | पास जे धर्म नई । सेगा तं कुलं सिंपोसह साल पडिले हात्ती समस्या गवना तियेधम्म। अंग कार 17. आदरु बितेरु पिरि | अनाचार रहिनपालनु विच विपुल विस्तामति मजेजिमा करचोबि रामचिंतनात घन्यायाषा दिम स्वादिमध पत्त्रिनव संपतिताणं विहरित एवं सपे हे शन क विउ साधनव
नापजावि ।। नइ ||
रकडा [विशतपच्चाराऐजावाप्प महाघा तरणालं कियसरायमंड |
वसिसु हासवर गए [मित्तनाशनि से बेधिपरितं स हितेवि १७
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सकारदेई सनमान ३६
यागलिन
नले असणधाअासाएमाणेवासाएमाणेविहरशाऊमियान्ततरागाविस
तिमज जिमामान विपुलविस्ताम तिम माणेायंतेचोरकेपरमसूश्तपतहेवजिमेयतरागातमितविनलेणफु घाणु सकार सनमान देश्न। तेह श्रेया मित्र स्वजन वमाबेदानश् नेमिनेमा म क । मनिम्र
हिश य. यफसकारैतिसमातिातेसेविमितापुरनाऊठपुतासदावतिनावेवाएंवरख रुपुत्र । जाबाणिजग्रामनमा घणा राजे श्वर माहि। अधिकार पणि विचरतनातेह श्रेय निश्च लुपता अहवाणियगामबजईसरमहावितियजावाविहरतातसयख सुमन। हवा पुत्रन कुटंबमाहि अालेबनायणि डावुधापुबनगरमक हिवविातिवारि | लाममेश्दाणि उमंसयसाकडबस्मालेबणधाठविता कावविहरिततातणे
Jav
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जेष्ट पुत्रवा। श्रागंदापिताप्रति त तिप्रमाणएहवन अर्घ विनयापूर्व कसा उपासग सजिठपुतेप्राणदस्य समोवासगस्माताहन्तिण्यमविणणपडिसु
तलानशतिवारिश्तेाणंद । श्रावकवतधारकारुन मित्राागलि जेष्टवमुपुत्राऊंटबत्तारि एतिाततेसेसाणंदेसमोवासपातसेवमितमुरनाजमुताकर्ड बनाक घाय्यो घापानशरमा हेदेवानुत्रियो मारुरवपुवाजघकामाहरिठामिमानवो
.कहि वीनरावेवयासामाणादवारणपायाउअजयत्तिकतेमाबजसुको मूब गूमवाति नानावाति मोचावातिशा अववा' मारुरिधि असना। नापजावुतेको सुयाजावामुम्बनवोपडिमुबनवाममाहात असणवाधानवरकडेनवा ३० नकरन तिवार तेहा आणेदा प्रावक |वमानस्यूबिदा पूजन सर्व कामत्तला नवकरे वातएणसेाणेदेसमणोवासणजेठपुतमितणातिप्रामुबतिान
चा
Jala
बान
२०
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दसणश्वय नासामाईय नायोसहा पमिमापन बत्त६सचि
पनिझामाग" नाघरघकानासर। वाणिक गाम मध विचालि| नासरनास जिहाकणिको भारत मागनापोता
घड़ 'रान
२ऊतीसर सयांतोगिहातोपडिनिष्यमशरावाणियगामामर्शमने निग्रबतिरजेणेवको पाला ब्लागसेनिस बाजियोतानाघरगिजेलोकणि। योषधपालाबातिआवशावानशयो ६ लाए सनिावसाऊणेवमितनाशकलेङगोवयोसहासालातोवनवागबतिरयो पोषधशालाप्रमाज विमानाति पाल। ननियमलेहीपमि। मात्तनई संघार । से याचा मात सहसालपमद्यतिउच्चारंपासवर्णमापडिलेहतमादनसंघारयसंघरदत्त
तेश्वारन सहसालममनिमानावनाले हान संघावान रन सघाइरशबश्सशब पोस रुसालाशमात्तना संघारा परिबशवश्यकश्रमण नगवंताश्राम श्सान
एसमान संघारयोरुहतिरपोसहासालाययोसहिपादनसंघारोवगएसमण सत्गव
। अनि यासिजेवतरुमाधम । तेधर्म सलापरिपालतनवितिवाशिप्राणदा श्रावकन। पहिला
युक्तिका आला.पा.सुबज्ञा
नागाघाम। प्रतियोधनमातिनवसंपताणविहरताततैणसाणंदेसमणोवासएप उलाया
पूज
मेघाल्यामु दिवज
हावास
चर
समकित सूधपालिहार 12वतऊचरबीजाशरसुत्नयकालसामायकाकरझानश्चयानापुरवा रघच्यारपुहराच्यारिदिसशकानुसगापावचकचरित्राशासचिन'नषानाशयारतनकराठमाण
लषयऊचारशदासाचन'नषाशप्रारंतन कराउमापदेसनदा -
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श्रावकनाप्रतिमा अतिग्रहरुपमा लिएकनासता सुहसमकितमालजिम सूत्रसित
विचर
माहिविधिकरुबि) उपासग
मांजवासगपडिमानवसंपत्तिाविहरतिपटमउवासगााहासुतधसम तिम का याश्स्फरसजावाझा तिवारपबा तेश्राणंदनावकाबीजापतिमारमा सना शम
याराधि कारण फासेत्रीजावाराहितिततेणंसेागदेसे दोच्चनवासगपडिमए बाजाशमासाचारपोचाबमा सातमा आवमानवमा दसमाामा) पारमा मासा
मासधा मीमासूपा सामासाशमासा, मासासाराताई गावषी वतच्वाचनधापचमाबधसतमाहमाननवमपदसमार०कारसमक्ष सम्यकपकारियाझा तिवारितागणद श्रावक एहवन) एतावारूपा ऊदारस्कार।
माराधन जावाबारातिातए सेयादेसमणोवासएश्मेणाएतारवेणीउरालेणे कि विपुलविताना एतपग्ररुमधवसा एहबुकाधुसूको लाउरेबलुघयुधिमणिसराघ ययनश्का तातपर्नु कामा । तपकर तो
जाणदनु बारारघयु। मुलेगापयत्तेण परियहिएगातवोक म्मेणं सुक्के जावासिधमणि संताए।
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तिवारिश्ते नाणंद नामागाघापति श्रावकन अन्यदायस्ताव पुपाहिलारा गई जाए।तात तस्मााणदस्सासमणोवासयरमायाकयापिच्चरतावर ऊत्तामध्यराविस धर्मजागरिका जागति अंतिम एहवुत्तावऊपन एवेरणा पका मय तकालसमयंसिधर्मजागरायजागरामाणस्योरमे अवबिपाशाएवं खलु निश्वन शरारतसालोतरना अामाहरान माणकर्महामासंघयण बलवाय
धमणिसरावुघयु तेकिन अहंम्मेणेजावधामणसतिजाएतबिता मेोनाणेकम्मेबलोवाराएपरि पुरुषा प्राकम हा तेहनापतिसंतोष संवेगजयन आयामपरिश्रमन हाणते रुनुसंवेग सकारमरिक्कमेसघाविसंवेगोतंजावयमेअबिनाणे समातिसंवेगेजाव ताजि वारक्षमाहरू धम्माचार्ययस धर्मनुउपदेसक श्रीमतलवार जिनसुरुस्तावावर विचर यमेधम्मायरिणाधमोवएससिमेणे जाव जिणेसुहबिविहरतिातावयामे
नाकाम
कार
तोजिवारमाहरु धम्मी चायगुरु श्रमण गवनविदहरातातावधान
तिवारमुऊन
माज
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ए श्रेये प्रत्ताति सूर्योदये
बेरुलीमा रणति संलेषण ऊसरणा
सेवना से वानई
उपास से या कलेजा वाले मामा रगति यासेले हा सणा ऊसित सम
सात पाणी नुं पचषाण करानइ
काल प्रति ऋणीब
एहमन माहिचीत व
२२
सत्तापडिया खिया कालाव के खमाणसाविहरत्ताए वसंपे मरान काल वानु वक विचरुं इम चिंतवर तेवार हति। कल्ले पान पश्चिममा र जाव कालं व कंखमाणे विहरातते
प्रजाति बेहली आराधनादिक पत्ताय
रामनने प्रणाम करा
बीते रुद श्रावक एकदा प्रस्तावि मुषसमाधि सुत्त ध्यानश्कर
न ६
तस्माद समया कया। पुस लेप) चोषिइमनश्करीन तिवारश्यावरण जे कर्म नं।
शव साग | सुपरिणा मे कयोपसमश्यामइ अवधि
गाले साहिं विसुनमाण हिंतिदावरणि जाग कम्मा व नवस मेगगन हा २२
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ज्ञान ) ऊपन। पूर्वश्लव समुश्न विष ५०० पाचसइओयण केवमान ५०० जाण णाणे समुपने पुरनिमालवण समुद्दे पचंजोयणसश्य रिक्त जाणति पासमा इमऊदहाणदिसह मऊपश्चम नतरदिसि लघुहेमवंता पर्वतलगिजाणि। दिषज्ञ 1400३.५०० पासति एवंदविणणपबिामणानतरण जावचुन्न हिमवतावासहरपचय
या देष रितलित्तर केवलागि उत्तरदिसिध्देषः | "राज उटप्रमाण अहे. हे पहिला जाणतिपासतिीन जावासाहम्मकणाणतियासतिअहे आश्मासेर रन प्रत्तानामा एघवालगि लोल यानरकावासालगा। जिलाधाचुरासा हमारवरसना आयुषाना यणप्पत्ताएटवानोलयच्चुयानरयोचनरासातिवाससहस्साहितायजा जाणदेव तेणिकालिनणसम प्रमण धान गवतामा महावार समोसस्या गतियासतिपपीतेकालेणेतेण समासमणेत्तगर्वमहावारेसमोस
स्वित
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उपासग नत्र
| बार परष दावी दवा गई | काव देखना सात्तलीन । तेशिकाल तेशि | श्रमणा । जेनव मुशिष्प इपानीघरे गया।
स. म
| गवता
ra.
राए परिसा निग्रयांजाव पडि गता । तेां काले
सा। जेठ
गौतम गोत्री सातहास भाऊचा
समच से स्वान सचित
वासा) इनूतिनामा
गर॥
वा साद तू ना मेगा रेगो यम ते सत्र सोहा समचरं सा संग
कसानानी पर दे दी य्प मान प० कमलस राम्रो गोरा
संठी | वजुरिसहानाराय संघया का मुलगा निघस पैमृगो रे | नगा
म० मोटा त पर्वत
तच्चेदिततवे। तत्ततवे घोरतादाम हात वे उराले घो र गुण घोरत व साघो
रबेनचेरवासी न छूट स रा रे। संखिताविचलते न ले से बहं बाहय अणि २३
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रिकतेण तवोकाममाण संऊमेशा तवसा अप्पाणंतावमाणविहरमातएणसे नगवेगोयमोबहरखमणापारणगंसिायठमाएपोरिसाए।सप्लायंकरे बिर याए।पोरिसाएका जियाशनश्याएमोरिसाएवरियाअचवलोमसीते। मुहपत्तिमडिालाहताक्षणावबायडिलेहेरे सायणेयमशेजायणा गाहमाजिरावसमरणातणावनवागबईसमवंदशनमेसशएवेश्या सिाश्वामिणतानाबानाहाअक्षणमाए।समाण बहखमणस्सापारणगसिावा पियगामा नयार उच्चानायसमतिमाशऊलाघरसमुदाणस्सात्तिरकाया
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नपासग रियाण अडितएअहासुहे देवाणुपियामापडिबधकारहितएणतगवेगो
यामासमणणाअक्षणाए।समारणासमणस्साअंतियाऽयलासचे
यानपाइनिरकमशवाअतरियामचवलामसंताताजगंतरपरितोयणा ए।दिहाएपुरनामरियासोहि माण जाणवावाणियागाामानयरितोगवन वागबशवाणियगाामानयारानचनायोमनिमाऊलाघरसमुदाणा स्सालिकायरियाएअडतएणासत्तगवंगोयामावाणियागाामनयार झाव जिम प्रानगवता सूत्र माहि वषाणाबशविस्तारिश सूझता अन्नपाणालेईनसाधुन आचारिअजमाणा जहापमतातहातिरकायरिएजावायडमाणयहापड़तत्ततपाणप
२४
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विमलेनहा .
लेईन वाणिक ग्रामघऊ बाहरमना सर। कोलागसंनिवेस पास।। डिगाहेबानावाणिय गामानापडिमिष्यमतिरकोलायस्मा सनिावसस्स। अतिटू कमुनहा अति जातो यावती घणा मनुष्यना साद सीतल बघणा ऊरण माहोमाहि। अरसामंतेवातावयमाणेबऊजण सहनिसामेति बजणोयलमाल इमत्ताघश्मक रु। म निश्श्या हेदेवा। श्रमणलगवेत श्रीमहावारमाअंतेवासा आणंदना स्सएवं प्रातिखधावंखलुदेवाण समणस्सत्तगवनातेवासायाणंदेणाम श्रावक सुधा यो सहसालानवि। अबेलासलेषणायणसण करा विचरश्बइ। तिवारि तेह समखोवासएपोसेहसालाए अपब्लिमजावाश्रयावखविहरतिततेतस्स श्रागौतमखानिघणाजणनइपास श्म सात्तलान सम्पगए हनुमनोगतचिंतातप्रातिसंक गोयमस्सबाऊसायंतिण्यमझेसोच्चा णिसम्माश्रयमेयारुवाअन्तति
नुप्रिया
मा।
ब
पनपनन
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उपास २५
ते माटि आउँ | आणंद श्रावक न वेदा | ओने पास जानुं । इम चीतवानई। [ जिल्हा कणि राधा गला मिशा श्रादास मणो वासयामासामिव संपेहितिर ऊ ऐव [[हि] आणंद | श्रावकब || || जंहा | पौषध चाला | उपायान | इविष ||
को लाग | संन्निवेस गामबइ !
वेद समणो वास ए| जे वापस हसाला दश्रावकर। श्रागौत्तम स्वामि श्रावतादेखी नइ ॥]
तेणे वन वागच ततेां से समणो वा साग वा गोय मोजमापा हर्षपाम्पा | संतोषषाम्पा | सगवंत | श्री गौतमनइवादिश। ॥ इमकरुई | इमनिश्चय । |सतिराहा जाव हियाला गोयमेवेदति। न मे सति। एवे वयासा एवं ख | नगवान | ॐ || ऊदारिका । यावद्धमणिसर घघ । बोला नाहिला इनही हदेवा उ प्राय
14
तु ते
मेरा ले आवधम सिंतिताए नो संचाए मि देवा।
| कोल्लाए सन्निवे से जो ति || श्री गौत्तम स्वामि आवश्]
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गौत्तमस्वामिम्पासश्याऊतूत। विनयशवणिवार मनकनमाउँ पगनश्वा अरसपक्षास।
प्रगटघई पुपियस्मातियोपाननविता तिखतोमुकाणणंपा अतिवेदितएउमेण जिमऊवादातिवारिते श्रागौतम स्वामि जिस आदना मा प्रावक तिहां प्राव अावान तिवा तैरिनाकारण अाणलिनुपणनचेवण्होडाणादवाणुपियाणं तिरकुतोमुका रिते आणंदाश्रावक
अादरकर गौतमप्रति श्रादनामा श्रावक बितिहासाव गणयाएसुवेदामिानमसामिातरणासातगवगोयमोजेणेवाग्राणदेसमणो "श्री गौतम स्वामा तिवारित अदाश्रावक विणिप्रदक्षणा देशविणिवार मस्तक पगेलि वासातवानवागबतिततेणे आणंदेसमणोवासपानगवयोतिकुतोमुकाणे गामिवो दिनमस्कारकर करीन। मऊया हेत्तगवनगृह बना घरमोहितसता रहिताध
का वधान पाएसुवेदतिएवैवयोसा अलिणेते गिहिणोगिहिमशेवसतस्मा हिमाणे
मकहि
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उपास
ऊपजक गोतमकहि जव अस्तिजयश्यदिजुगृहवासमाहिकप गोतम धमनिश्चयत्तगव
कहिन सासमुप्पचति हेताप्रविजयसिंतेगिहि जावसमुप्पऊतिएवखनुत्तात मुमनारहमाहि व सता रहितोषको अवधिज्ञान कपने बिनविलवणसमुह ममविगिहियोगिहामवसंतस्सान हिमाणे समुप्पन्न पुरबिमणलव माहि ५०० पाचसा कोयण! मावन लोलु अानरगावासालग जाएं। देवुति वारि॥
तादिषु। णासमुह पंचजोयणसयाशकावलोलयवानरयंजामियासामिर तहानगवेत गौत्तम स्वामि आणदाश्रावक प्रतिवमकरु। हे आदा यंसेगवेगोयमे आणंदेसमगोवासयोगवेवयासाअबिगाणंदागि यावत ऊपजघपणि नजरएमा अालयमाएतल नवाकपचे मनशानातेमाटि
.. श्रागाद एस्मान हि झावसमुपजतिणोचे वगाएवमहालयातनंबयाणेदाण्यस्सही
२६
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कन विधालोनाजावर पमिकमतपममिवोरमकहितिकारिश्ते प्राणदा तगवत गौतम गरसभालोएहि जावतावा कम्पडिवजाहिंतसेवागणदत्तगवे गोयम एरुवचन सात्तलीन ऊसगवन जिनवचन नविष संतान तवसाचान बतातावना) वल शमहिनाअस्ति। एवंवयासा अविणेते निणवयणे संतात्तावियाणसवाणासहियाण संन्नू
आलोई पझिक माह ने दार बालोयण लाजशपणिातहतगवनाजिन वचनना याणानावाण झालीरजातिजावपडिवकितितिणोसमहे जरणेते। विषबत सातल्युजि वातरागरमकरु नालोशिननेदार तपनपमिवजा आलोयण
निली जा जिणवयसताणजावातावाण णोपालोवजातिजावतवनोपडिवाज तेमाटि हेतगवन उम्टेनिश्च एवामि अालीन आलोअणलामा तप पविजो शमौनमस्या तितोतंत उसेचेवण्यस्माठाणस्मामालोयहाजावपडिवडाहातसेत्तगवेगो
ताव
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उपासग
ऊऊमना
मण
आणंदर श्रावकर मक ही गौतमसात्तलान संकायाम्या श्राको कावित गबग सदै॥
हमाम्या यमाणंदे समागो एवंचुते समाणे संकित कंखितेवितिगि समावल आणंदना तिसमापिका पाबावलि तिला घानाकल जिहातपलासवनबह जिहां प्राणंदस्साअंतिधानपडिनिखमति जेणेवततपलासेर्चईए जेणेवसम प्रात्तगवत प्रामसवारबतिसं आवा।।
समणेतगमहावारतेोवनवागन्बशरसमणरावाअतरसामंतगमणे जाववादियोपधिका परिकम अनेषण अालोर तात पाणी देघामायणि श्रमण गमणाएपडिक्कमएसणमन्नसणालोएतन्नपागणपडिदेसेतिरसम नगवंतनशेवादिर्शनमस्कार करानाश्मकरु श्म खलुनिश्चय रुगवन बुलारामाका
गौचरागया २७ गोत्तगवावंदतिनमंसति एवंवेयासा एवंखलुनते अहं हितगुणा
एषणा
हे पूज्पा
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एरु प्रायो।
वकी आणंदनासर्व वातकही तिवारइ तिहाज सेका पाम्पो कीका तिवारश्ाणेदना पासाघ
ऊपना तिवारी का विताचवसछकाहे तिजावतातगात्रह संकिोचायागणदासमरण)
उम् समापिकतावखायो' वासायातोतियानपाडखमशनिखमत्तिा राजाणवत्तयचाताणवहवमा तिवारि ते जगवन श्राणंदाश्रावकना किमातिण ठामि बालोवईं नंद ॥ गणतणतात किंग्राणादणसमणोवासण्णा तस्सहाणसालोण्य, गढ़वा पनि कम मिजामिक देव ते स्थानकनविषरम पूबा गवंत प्रतिमा जावपडिनदाऊमातागोयमातिसमतगवंगायमरावंवयासागो तिवारितगत कहि नेहवामन अालोन नंदोज मिनामिक हुंदा आणंदा
गौतमलेनिश्च.. यमा उमाचवणीतस्सहाणस्साअालोएहि जावपडिबडहाण दस
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श्रावक प्रति उस्ले एह तामना विघषमा||
एहवा स्वामाना उपासग
चसमणोवासयेण्यमहाखाामहिातातसेत्तगवंगोयामासमणस्य २८ आझापामा
तरुतिकरा विनय सहितासातला आणदपास गवनमहावारस्यातहतिण्यमहविएणपडिसुतिरतस्सहा वजनिक श्रीगौतम स्वामिषमावा आणंदप्रतिमिनामिऽकदेनि।।
आलो.ईनदान णस्सालाएजावपडिवजतियादेचसमा वासयोण्यम
श्रमण तगवेत श्रीमाहावार साधिविस्तार| श्रागौतमस्वामिजाच अहे कार'नरा खाम्नहितिसमरणलगवेमयाकया बहिया ऊणवविहारे। तेहाणेद श्रावक
घो शाल बता दिकेकरा न आत्मा विहरतोतासापादसमणोवासपाबजहिसालचएहि जाव
का
पन
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फरसा
नइ निर्मलकरीन। २०वासवर सा प्रावकपयायपालान। बेहमिश्रावकना॥२॥ प्याानवतावासंचासातिसमावासगापरियागोपानणताए। ३ग्पार प्रतिमा विधिसहित सम्पगप्रकारकायापक रामासना सल रुपाअगस कारसयनवासगमडिमानासम्काएफासितामासियाएसोलह करा
६० सावितत अणस बे दादानालोनी पमिकमा) णाप्रताणामसित्तासहित्तताणसणापाबादतायालोध्यापडि पापनिवती वान। मरणयामान
सौधमीदव लोकि। सौधर्मावतसक] छातासमाहियाताकालमासाकालकिच्चासाहम्मे काप्पासाहम्मवर्ड। महामोटिइविमानिघारअनपूर्वविचिई शाना ऊणिनिविष अरुणासनामादि
मानिकपनादिवाना सगस्सामहाविमाणस्साउतरपुरविम अरुणात्तेविमायादवता
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पणेतिही कणिकेतला एकदेवतान च्यारिपल्या पन ना अायुस्वितिकहान नपासग यनचवन्नेतनाबगयाणणादेवाचतारियलिनवमाशहितापान
| तिही आणंद श्रावक देवताघयुतेरून धच्यारिमल्योपम अायुघाना स्वितिकहाबइ अाणं तातलाशीदस्सविादवस्यचतारिपलिनवमातिापमताप्रारंग द देवता देव पणाघाचवायुदयकरा अातरश्चवानशकिहाँ
नवरयकरा. देणतातादवेतानादवलो गातोयानरकरणे उतरं चेयेचना कहि जास्पद कि हो कपऊस्पक्ष त्गत कहिबिहे महावदे क्षेत्र माहितही अवतरादिष्याले गबहिति कहिनववागोयमा महाविदाहवासासिनिहितिनि शति जपावाका दशांगप्रघम अधयन दबाघ संपूरण ग्रंशाग्रा०६०"श्री सुधमा स्वामि रिकावागापट मस्सनवासगदसाणपढमययणासम्मत्ती बाहुति
Dan
मादका पक्ष
पनि श्राऊंबू स्वामिपूबा'हतगवन
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चयाय विष
बाजाऊणअपिलप्पन मा निश्चशंदेजहा तेकालनेसमामई) चंपानामानगरी | अंती। शियणरसकेअपलोएवंखलाऊबुतिर्णकालणेश चंपानामनयरीदोला॥ तिने पुर्मसञ्चैत । जितसत्रुराजा तेनगरनविषश्कामदेव वेदनईतशमा बसूवर्मनीकोशातसमले वन
सहपतिवसईबई मासाबिई DODOOT ऊावसप पुसतहेवेतिएजियसतरायाकामदेवेगादासदासारिया बदिरणकोडीन सत नमिमोडाटीबई। उसुवर्मनाकोडानोघरवाषरोधानको कोरिमुवव्यापारनविपइंबई मस्सग SEDDDD लादिकबई DUDDOOD
स्मउवास निदाएपनाउबहिरणकोडी पविचरपनाउनहिरणकोडीनवहीपस्ता गादसा बवर्गगो दमसहसगाईएकवर्गएकगोकलदोज्ञासगवंतसमोसस्या । जिम आणंदवांदवाना सस्तो
पढमय बयादेस्सगोसादस्मीरणंवरहातगवंसमोसरण उदात्राणेदोतदान का
पस वनाम निमज कामदेवपणिप्रावकनोधम्म परिवज्यो। मागल्याबोलसर्वश्रारणेदनी याव म
परजाणवत गतीतदसावयधम्मपडिवकतिसमरणवासियाडाया सचेववतच्या जाच
कलजEDDDOसाठि हजार
तिमकांमदे 'अयम
AE
स्था
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साला
कामदेववों मात्रशानिनपुबीनकुटंबन पबईकोमदेवजिदीपोष। तिदाबाया श्रावीनई जिम पुत्रमई
विषधाप्पन जितपुतं मित्रातिापुचित्रा जेणेवपोसदसालातिणेवजवागबन्तिरज उपासग
श्रादधर्मफरस्यो जाव कामदेवपणिश्रमतगवतमहावीरमा समापईनउधर्मपरुपन] अंगीका S9 तिमज दाश्रारणेदोसावासमणस्मतगवतमाहावीरस्साअंतियंधम्मपतिनवसं रकरीमइंचाचरबशं पलनिवारपनी तेकामदेवनई] मध्यरात्रिनविषई ए कदेव पजिताणविक्षरशततेणं तस्मकामदेवापुवरसावरतकालसमयंसि एगे तामायावा मध्यावदृष्टा कामदेवनासमीप तिवारपनातेदेवताई एकमोटोपिसाचरुपा वीज
प्राचीनईपरगटधयो दिवेमाया मिचदिहाअंतियंपामश्रणाततणंसेदेवापर्गमदंपिसायरुवावित्र वीन देवता पिसाचरुपनो एअागलिकदास्परंएवोवामवनोकयो मस्तक ३०
तेदवपिसाचनो सीस अतिशतस्मणंदेवस्मापिसायरूवस्माश्मेण्यारवेवणावासेपरमने सास
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vasi
सुस्लमोटउतेदवईसंस्वानपिसाचनासालि तेसरिघाकेसातेवालतुंषरातिएईपीजरीकेस माघमोटबपनामाजर तणासिरी
कात्तिकरी शोसाय गोकिलंजसंशाणंसंहियासालितसिनसरिसाकेसाकविलातेपणादिपमा मानमोर गोलानउदेविलापा मरिषइंश्राकारनिपालोहडीत्तेदना तेविसा समुहाबवली यामाहाक
लाउबाबसरषUचनी समरंबईते, रोमडो या।महनडियाकानासंहियनिलाडीमुगुंसपुळंचात्तस्मसमुदाफुग लायमानमा दामनाऊतीसयंकरलाई|| हवयोपिकमावतेकदश्नमाधापण फुगाजविगयबिसदसणावासीसघडीविणिगयाऽप्रचाणि विगयबीस
दोसतो कानकि जेव्हवोमुपड़ानो श्राकारतेद दासतातयंकरबई गारानेहवानासा बदंसरणकरमाजहसुपकतरंचेवाविगयबासम्बदंसणिछा उरतपुड पुडजश्तेदवीचापडा] अतिहादुधामोटी बिचुल्दोजिसीपकवीदास नेहनानासादिवर जाणवी।। सणिसासेनासा कुंसिराजमलचुलीसंधारणसंधीयादोवितस्मनासापुडया
huestions
स्पाबा
२.
चाकांनबईमोटा
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घोडानापुंसरीषावालतेपिसा | अतिसुराबमुंबनावाल ।। अतिसयंकरदासबाटमासरीषा
चनी मुंबई घोडयपुछेचतस्सममुहीकविलकविलागियबीतवदंसाहाह हो पासग लांबाविसावलोहना कोसमरीषातेपिसा जितकमीबजेदवासुपडोचीमडई अतिभयंकरदासई)
बेहोहबईचनांसाबादतिबा जम्योकहिन असीजाब स्सचेवलंबानाफालसरिसासेदेतो जिताउदमुप्पकतरंचेवा विगयबीतबदी जाहलनोउपलोसागवकसीपिमाचमाडादीव | | गालकडिहिलासरीषाबई उदा: फाटा काचिन रमवईडबचाबगर
पिसाचना गर्नाकार वर्णन स्मणिद्यादलकहालसंडीयासेहण्यागलकडिनंचतस्मारवंडफुडकवि फरस मोटाबमादलनेयाका तेविसा बेरवध माहानगरनांजेदवांकिमाउसईद लोधमणि
TIपमा चनाब बुंतेपिसाचनदयवस्तीएबिनधई न अडदा लेफरुसंमदानामुरंगाकारोवमेसेरचंधेपुरवरकवाडोचमेसेवो कोहिया वाना नासाया माटानानाल तेसरिष तेदवातेपिमाचनी | मुजादिपामणदलमशि तेदवास्बुलबेश्तेपिसाचना ।। याबेऊहाधना
बाबईलातेदनोजसोत्राकार अगदाधजोगवा||१७| | यऊचा उप संहावंसंहिया।दोदितसबाहानिसापदापासहियादीवितस्मगहल्लाग
हणनातेसरी
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बाबऊहा नाअागुल उलार
जिस्पोपाषाणनोलोटोज तेहवी तेपिसाचनीदाधनाबीपनीनोजसिआकारतेदवापिसाच नासाकपसो पाहागनोना तिजाडसरलकचिनरुप
आरलीजाणवी १८ साततिम निसालोदसंघाणसंहियाजदनेमुचंगुलीतोमिपिपुगसंहारसंहियासे नानख नाविना नरदणीपाबणजेमादर्श | सरीषा बश्तेपिसाचनाघणबई लानामा
लोहनामोटासाजन स्मरवा राधियपसेवउच्चवरंसिलिंबंतिदोवित्तस्मघण्यामापोहायकोही वाटलाउदा पाजणापावानुसाजनतेसरीषा दहीनोविलोमननोदोरोतेनेत्रीकही नरागुणिनावि रजाणवोपानातीजाणवीगतहसमानतेपिसाचनीनेत्रत्रांविनोवा पुरनइंसंस्थान उच्चवांपागालंबसरिसासेनाही सिकगंसंहासडिएसेनिनेकिणपुडसं नईश्राकारई बेशतेपिसाचना सोवपूणे बेकोडीएकवानसंस्थानईश्राकार बेनेपिसाचमा
पोत्रको चासंहियादोवितस्मसवणा जमलकिसिंहासंघियादोवितस्मन उरुजते विशेषतेदनीजेदवीगाहिज।। अति हावांकी दासतीज अनिलयंकरतधाजंघाजानो। साधल तिसानेपिसाचनाजाएंगोडाजाणिवा ।।
करकस रूअधणंगुवतस्मजाणुशंडिलरकोडिलाइविगयबीतबदसणा।
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ऊंघाबश्वलाकसी मामाकरी वजारोमराईकरीमाहितब बांकीतवाहिरणनोजस्पो तेपिसाचनापगजां जघाबईतेकदेब रहातन पदवी पिसाचनीजंघालई संस्थागतसईत्राकारई
जंघाउकरकडीनालोमेहिंज्वचियाजदरासंधारणसंहियादोवितस्मापा उपासका जिवा अहिरणनो मिलाको तेहनोजेदवउाकारजाङ जाणवी बीपनीनो जिस्पाग्राकार असत्रा ३२
दौडो उदउदीमाईतेहवौघगनीजामानोगुना कारश्तेपगनानरवजोगवा याग्रहरीलोढसंहियाछापादेसेयंगुलीनासिणिपुडसंधारणसंडियासेगारवा) गाइलामपाबल्लिवितागईलाकडो दाजानुं नाकलनीसागार पसास्योमोकलोजेपिसाचनो वलीपिसाब शरंगाडाउललवारक्षनरंका जश्नापीका वांकासमुह नाऊ मुखविधरजाणिवोमुरवमांदिया लडदमंडदाजाएँग विगयसगुलयतर्मत अवदालियवाणविवरानिलायग जासबाहि वलीकोकी मालाकरश्तेणामा दरनीमालातेदनसुष्टुतलारचीबई नवलनीमालाकांऊड रकादीबई माजावनी लाईकरापर्ण चिकनीसानोकामनालयातरणविशेषकी जाहे सरडकयमालियाएपदरमालापरिणचसुकयचिंधासाचलेकयका धाबई सपनामालागवरंजनो दाबहाध अनेकत्तयकारीयो सयकारी अहहहास्पक वलातपिसाच
|श्करीबवलीकेहयोब तालीदेवालागो वचनबोलतो तो रौधारतोता केदवाबत्र पुरेसप्पकयविगलिफोतिप्रतिगयंन्तिासीममुकदासे नारा दिद
गलब
Hasa
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JA
षडगते षडग की स्पों सेंस ना सोगनीज बई कालो ब सी गोली बाई
लसीनां फुजनी प्रसा सरिषो
नेकप्रकार एड्वा जेरोम ते लिकी उप पंचवरल चैतसहीत एक मोटो पंचवलेहिं लोमेदिंउचचे ईएम देनी लुप्पल गवल गुलिया षडग करपा बासरीषी जेह हावेंले जिहां पोषसाला जिहां काम देवसमणोपासक ) ] तिर्दा नी धारा इस्पो षडग ईन
यसिक सुमपगा
संमिं खुरधारं गदाय | जेणेव पो सदसाला | डे व कामदेवे | समरणो वासए ने || श्रावनई]] ॥ कषाय सहीत || || कामदेव समणोपासक प्रत्तई || एमबोल्यो || हे कामदेव वन वागळे तिश्ता | मुरते कामदेवंसमणो वासयं । एवंवयासी । ईनोको ॥ श्रावक || अण बांबाना वां बलदार एनादिता मरणनावां | लजाई करी रहित ॥ धर्माना कांभी कल कर |मदेवा| समणो वासया चप्पचियपश्चियाऽरंतपंत जावपरिवजिया धम्मका ॥ पुन्पना कांमी ॥ श्रगना कांमी || मोक्षनाकांमी ॥ धनावांबणार ] || धनावलल | | मया | पुल कामया |सग्र का मया। मोरक को मया धम्म के रिकया| धम्मपिवासि
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नदी।
-तेदवारवि
hu देकामदेवउऊमकल्प मनरंदेदेवाणुपिया जेमाल बत| वेरम]] ||पचरवाण)
याधानोरक्षकप्पतितवदेवाणप्पियाडसीलाईवयाशंवेरमाशंपञ्चरकाण उपासग पोसानपवासाधी 11 चलव]] बोसपोमवंडानकरदी सर्वघानागवो तेहधी
तनधावो तिपोसदोववासाशंचालितएवा रवोसित्रएवाखंडितएवा कितपवा परिमा रहितनधावो विशेषे तेमारजद अाज जोसीलधा यावर पोसाउपवासघा बॉडीसनही सा चयितएवातंजतिणंचम् अजसीलाझंजावपोसहवासाशेनबंडिसिन जासनही 1} तोतेअंबाज] एनालुपनकालई) | यावत रवडगईकरी]] कटकार)) करीस ।।
जेसितोतेयङनाश्म्हेणं नालुपलाजावयसिएगारवंडारवंडिंकरिसी || जिम प्रासंध्यांनऽपदोतोधको अकालई) जीवधारहितधाइसई तिवारपत्र जदाउमाप्रज्वस्वसहेकालेचेवाजावियानविवरो विद्यासिाततेणं
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घका
रहिD
तेकामदेव।। प्रावक ते देवता पिसाबरूप पड्वूवचनसांसल बाहनोनही कामदेवोसममोवासयतेणंदेवेणं पिसायस्वे एवंवुसमाणे असाए। बोटोनदी |उद्देगनपोम्यो] |पोत्तनपाम्पो।।अचलचल्पोनदी) संत्रांतपण अणबोल्पोध धर्मयाननविषj यतलेअणुविग्रेकुसिएप्रचलिएसंसते सरगाएधम्मशागोग विचरवालागो |तिवारपना तेदेव पिसाचरूप ।। कामदेव ] | श्रावकमई | अणबीहतो धर्म पाविदरतिततेणंसेर्दिछ। पिसायरवेकामदेवंसमरणोवासयंअतीयोधम्म यांननविषई) विचरनोधको | देषानई बेवाररात्रिणवार कामदेव । श्रावकन। एम शाणोवगयं विदरमारणोपासंति दोच्चंपितञ्चंपिकामदेवंसमोवासयंण ||बोल्पो || देकामदेव ) || श्रावक अणवांबणनावांबण्डारा यदपाउंआज] वंवयासीईसोकामदेवासमोवासया अपलियपचिया जतिणंउमंअध
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लझ्मरणापामासा
यावर
O
सोलादि बतलानीसनहातोश्रका निवारपना तेकामदेव । श्रावक । तेदेवता ।। पिसावरूपन।
सालाशंडावविवरोविऊसितयणसे कामदेवेसमोवासएतेदेवणं विसाया नपासग
बेवार त्रिणवार) एर्बुवचनसांत, अणबादतोषको धर्मयाननईविष] विचरवालागो सिवार 1३४
विणेदोच्चपितळपिाएवंवुनेसमारो असाइजावाधम्मशागोवण्याविहरतितेणं तेदेवतापिसाचरूपई || कामदेव || श्रावक 1) अणबाहनोधको धर्मानविषई) देषानई]]|
यावत। विचरतो. सादपिसायरूवेकामदेवंसमोवास असायंनावविदरमाएंपासंतिरता अत्यंतकोणो । त्रिणलोटा निलाई चडावीन|कोमदेव ।। श्रावक । | कालख शससहित। ५
आसुस्तपातिवलियंसिउर्मिनिलाडेसाहहुकामदेवंसमोवासयानीलप्प उगई करीन)। रवंडोरवंडकरवालागो निवारपल तेकामदेव) श्रावक नेजाजल लातावअसिण खंडावंडिकरेतिततेणेसेकामदेवेसमोवासपातंउध
३५
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ापक
अगवाहनो माना यावत सहितांदोदला पदवाव सम्पपकार यावर महायासेश तिवारपबीतेदेवतापिसाबस
अतीय लडावरहियासांवेयणंसमंसदतिजावदियासेतितत्तणंदिवेपिसायरू धर्मनवि प|कामदेव श्रावकनई नियंधवचनबका। चिलाववा) रवोसपमाडवा ।। जाववि विचरती वेकामदेवंसमोवासोनियंघानापावयणाजाचालितएवारवाशितएवादि दरमाणं। विपरजासपणकरवा लिमजघोको विशेषकरीक्षा दिलवहलवउत्तस्योउनसनई. पोषयमालाचा रबोमई पासतिर परिणामितएवातादिमतेते परितो सणियंरपच्चीसक्कतिरपोसहसाला असमाना नामर नासरीमई दिव्यापिसाचरूपलोड)बोडीनई। ॥दिछ। एकमोटोहाबानोपदिक्कत कामदेव तोपडिनिरकमतिरादिपिसायरूवाविप्पजतिशदिवशएगंमदिवंदविरुवं श्रावकनाई यु तेहाध मातअंगन्नामिपनिष्टि वाफह जान लक्षणोपेत यागतिकंचो। मुकरनीपरिपाललिाम
वनसंस्खान गजर्नु। नववितिसतगपतिहियासमंसंडियसुजायापुरतोगदग पिकतोवारा समणादा सयं उलार उपरनानापोटिन)-पग सुंदपउंबरशस्लोनक
ना
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सीपरिनाकाबलांबीकाअनंबकहितालाबालंबोदरगणेशा माटीवि आश्नीकलीसरिषा विमलनि जीऊष बनधीनीपरिदेवलोदोहामुदि।किसी याचित्रलंबऊबिपलबलंबोदराऽधरकर गयमनलमनियाविमल "मलोलादीत तेदांतसोनानीपालजयाबई जिमनगारेकधनुषनमावाश्मरीषा। संकोची अयमुदि।
ललितलगारेका धवलदंती कंधणकोसीपविदंतश्राणामियचावललितासंविलियंग्रसोई ऊर्मकाचबानामरिषाप्रतिमर्स । वासारव । रुडोषमागासहितबबई मेहतस्यानापरई गर्जना
पगअमर्श कमपडिपुचलणवीसतिहाखानीएपमारगजुपुछाममेदमिवाल करतोधको मनपवननीपरिवेगउतावलो ]दियषधांनदाधारूपविजवीनई]] जिहां पोषधमाला बई ।। गुलेंतामणपवणऊणिएवेगादिवंदविरूदंविचतिर जेवपोसहसाला जिहांकोमदेव । श्रावकब तिहीं। अायो अावानई) | कामदेवश्रावकतई। जेणेवकामदेवेसमोवासपातेणेवववागतिशकामदेवंसमोवासय
३५
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कदि
इमबोल्पा ।। देकामदेव ।। प्रावक। तिमजपुरवल्लीपरई जावनही ताजपोसो तोते एवंवयासी दंतोकामदेवासमणोवासयात्तदेवतणतिजावतंजसितोते आज ॐ।। मुंडियदानई) । पोषधसालाघालेईनई उंचोउलालान तिमण धग्रहं सोडाएगिहामिशपोसदसालानाणेमिाउहवेहासंउचिहामिशतिष | दांतअवनवा लेईम यहाँसपाई देवोधरनाईनोपास] नापानशेत्रिणवारा पगरावलञ्चोपसुं) जिम हिंदतम्सनेदिपडियामिराअदेधरणितलंसितिरकुन्तीपाएसुलोलेमिाज उपाध्यानपहंतोधको) अकाल जावतव्यधी रहितपाइमा तिवारपनी तेकामदे हामंऽहवसहोमकालेचेवाजावायानाविवरोविद्यासातौसेकामदे
वश्रावक ते देवता हाचाळ रूपाएहर्बुवचनमानलान तयरदिन विचरवानागो।। Baunti
वसमएोवासएतेणं देणंहविरवेगारवंबुसमारणे अतीयंजावधिहरति
एण+
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तिवारपाते देवता हस्तारूप कामदेवश्रावकनई तयरहितविचरतोदेषीनई दिपानई
ततोसे देवेदविरूवेकामदेवंसमोवासय असायंजावविहरमाणापासति उपसबिवार विणवार || कामदेवप्रतई॥ ॥मबोल्यो] हेकोमदेव। श्रावक ।।
त्रादोछपितचंपिाकामदेवंसमोवासयोगवंवयासी दंतोकामदेवासमरगोवा मपूर्ववत तिमजतेकामदेवविचा तिवारपबीतेदेवता हाधीमपाई कामदेव || श्रावकनई।।। कम्पबई सियातदेवजावसोविविदरतितपणं सेदेकेदविरुवेकामदेवेसमोवासयं सयरहित । विचरतोदेषीनई अतिक्रोधको कामदेव। श्रावकनई मोडिग्रदान असायांजावधिमाणंपासतिशासुरुधकामदेवममणोवासयांसोडाएगि ६२॥ उंचोउजालानाधोनावतोधको तिक्षणदंउसलिलायो।। पबई।। हेवो धरतीनई एहतिशवहविदासंचिदतिशतिरकदिदंतमुसलेहिपडिलतिशअदेवरणि
लागो
२६
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| तलई | त्रिलिवार || पगसुं लोल्पो चांप्पो] तिवारपबी | ते कामदेव ] | श्रावकन । ] तेनी वेदना ही तलसिति स्कूलो| पादेसु लो लेति ततेां से कामदेवे समो वा सण तं द्यले डाव श्रासी । | तिवारपबी | ते देवता हस्तिरूप ] कामदेव | श्रावकप्रतई ।] कांइन चालई । पब
दिया सेति। ततेां से देवे द चिरू कामदेवं सम रंगो वा सयं। जादनो से चारति जा हलव२ ॥ उत्तर उत्तरी नई 1] पोसहसा लाधी || नी सरर्शनी सरीन | दिवा दाधीनुरूप । बोनें दसलियंशपञ्च्चोस कश्२ पोसदसाला तो | पडिरिक मतिश विदरुिवं विपन
दिव्यप्रधान ॥
|| एक मोटो | सपनों रूप || विक्ररुव्युं ॥ उग्रवीषि ॥ दृष्टिविखी ॥ मोटी काया॥ मसी उंदरतेसरी दनिशएगेम दिबं सप्रू वां दिवति विसं|दीही दिसा महाकायं मसी मुसा पोकालो [) नया विष | रोषें रोमिप्रतिम | श्र जलना दगलास रिषीप्रना । रातां नो हिमरिषां लोचन कालगयं नयण विसरोस पुणं जणंपुंज निगरपगासं रत चलो दिय लोय
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उपासग
39
बरो बरि | बे चंचल चपलजी सबई}} धरती नई विषमाधानी वेणि|| प्रचदीर्घ चा व्यामिति।। धरलीतन
समान ]
अलडि
वेणीलयंडफुडकलिङि लोहना या गर ते दनीधमलिनीपरि फुंकार श्मे न तो माहाऽष्टको थुई स्प ं
जिहां कांम
लक्ककसनियडफुडा डोकरण दिवं लोहागर धमाधम निघो जेद नोरोस निवारो न जाइप वन । सर्प नोरूप विऊद्दीन |] जिहांपोषधसाला ऋणागलियति द्वेवंडरोस सप्पस वंदिनइतिश्ता / जेणेव पोस हसाला / जेणेव देव श्रावक | तिदां यावादी न | | कामदेव ॥ श्रावकतई || इमबोसो | कामदेवे सम गोवा सरते व वागतिकामदेवंसमणो वासयं पचंवया हे कामदेव श्रावक । पोसो लागी मनही तोते । । श्राज || ॐ || ताड्री काया ३ सीसो कामदेवासमो वासया / जावन संजसि तो ते यद्येव यदं । सरमस्स
जमलजुगल चंचलजी धरणीय
देली वजं ।
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घका
उपरिचदीन पाबलिवितागई। | त्रिणवार MAJD गलईवाटाईतिक्षण विषश्करी मरमरम कायंकवहामिपचिमणं सागान्तिरकुत्तोगीविटेमेशतिरकाऽविसपरि कामुकरका मदीना दादाकरी उदरन सीमा कीस | Jऊम} |5| अार्तिध्यानपोतो । अकाल Parन गयादिंदातादिनरंसिचेवनिकमिजदाउमंग्रहऽहवस अकारलेचे ऊया: मि चेवपूजावतव्यदकीरदानधाइस) तिवार तेकामदेव ] श्रावक।। ते दाव्यसमेनोरूप।
वडावीया विवरोविद्यमितंसेकामदेवोसमगोवामा देवणांसप्परवेणं यहवोवचनमीत्तलई सयरहितविचरवालागोपबई/तेदेवताईबेवारत्रिणवारखोल्योपलई कामदेव।। एवंबुलेसमाणे असीपजावविदरंति सोविदोपित पितांति कामदेवे। तिमनक्चिरवालागो तिवारपना दिवसर्परुपनई कामदेव । श्रावकनई। तयरहितविचरतो जावविहरतितपणंसेदेवेसम्परुवे कामदेवंसमणोदासयत्तीथंजावधि
एमपसल
पठा
कई
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कशांकर्क
|| देषानई कपाश्करीसहितध। कामदेवना | | श्रावकना। शरीरकायानविषचंचो गवडालंति
नकलाविप हरमापासतिशासुरुधाकामदेवेसमोवासयंसरसरस्मकायंस हलेना पास चदीन पाबिलावितागनईविष त्रिचार गलचाटाईन तिक्षणविषरंकरीसहित।
प्पकलंकि
दाढाईक | TTMEET दतिश्पल्लिमांसापण तिरकृतोनिवेदेतितिखाहिंधिसपरिगयाहिंदादा
शरीरव्याप वतिऽरहि
कञ्चारक यासंतिपुर उदरनविषसवालागो | तिवारपळी तेकामदेव श्रमणेपासका तितात्रवेदना अहियासी ||
शध्यामि विसह्यामि हिंउरंसिचेaनिकहितिततेसेकामदेवेसमोवासणतंउछलंजावअहि वानिष्टोत्र
गादाप्रकर्ष | तिवारपग ते दिव्यसप्पेरूपदेवता]) कामदेव ।। श्रावकनई]., नयरहितविचरतोदेषशा वताचारी यासेतिततेसेदिवेसप्परवेकामदेवसमणोवासयांअसायंनावविहर स्वरूपाना । देषान।। समर्धनहीघाको। । कामदेव। श्रावक नई निवप्रवचनवकी || ३८]
रवामित्पर्वः माणंपासतिराजादिनीसंचाएतिकामदेवंसमोवासयनिग्रंधातोपाव
ति
किंमुक्तंस
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चलाववा || बोसपमाडवासणा विषनासपमाडिवा । निमजधाको विशेषकराधाको यणावाचालिएवारवोसीतएवाविप्परिणामितएवातादिंसंततिपरितंते, दलवईदला पाठोक्नस्यो उन्नर पोषधसालाधा नासस्यो नासरीनशे दिव्यसर्पनारूपा) सणियशपच्चोसक्वतिरपोसहसालातोपडिनिरकमंतिरता दिवंसप्पावं बांडीन एकमोटोदावरूपदेवतानुरुपविऊचीनइंहारकरीविराज्यमानझदयदिशदिशनई विपजदतिशएगंमदिचंदेवरुवंचिउच्चतिहारवराश्यवछोडावदसदिसा उद्योतकरतोधको कासकरतोधको योवायोम्पा दियदेवनानुरुप विजवानाकामदेवश्रावक नवयोवेमारणेपत्तासमाएंपासातियधादिचंदेवरुवाविजविनाकामदेवस बई पोषधशलानविषई पेसानई अाकाशमविषरसोधको घुघरीवजाडवा मोवासयस्मापासदसालाएंपविसतिशअंतलिखपडिकनीसविविणे
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उपास
aru
प
लागो | पांच का रपंच व वस्त्र | प्रधानप हेरीन | कांमदेव | श्रावकत्रतः । या पंचवन्नावञ्चाई | पत्रपरिहिए का मंदे वं समोवास ध | | श्रावक । | बंधन्प) | हेदेवाप्रिया [ | पुण्पसहित) | जंकता कयल मदेसमणो वासयो|धले सिमं देवा पुंणिया स पुमेकाचे कयलक्षणे नलो लादो तें देदेवाएं प्रिया || मनुंष्पनो जन्म | जीवत्तव्य सफलकस्यो । जेमा टइं उम्हे नियंघप्रवचन सुल देणं । तव देवागुप्पिया | माणुसण्डम्म डी विफले) जस्म तवनिधेपा
|| पतानरूप ||प्रतिरूप || ]]लाहो||पामी ॥] सन्मुख | |इम) निश्व देदेवाएं वयो। इमे यारुवेपडिवत्री | लायापता / यत्तिसमरगा गया। एवं खजु देवाणुं प्रिया | |स केंद्र देवतानोराजा) | सतकर्ड) | सत्र सिंघास निविषई बरहो || चोरासी) ३(U प्पिया| सके देवं दे देवराया | सत्त कत्तु | जावसकंसिसी दासांसि च जरासि
| एमबोल्यो || हे कांमदे एवं क्या सी दो कं
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सामान्पसहप्रश्पसहीत। एत्रादिदेईघण्ण देवता || देवा । मभेबेरंधकई यएसामाणियसाहस्साएं जावग्रामसिंचबलदेवाणयदेवाणयमशगय माथापाईकहीवाश्म निश्चदेवाणंप्रिया जंबुद्दोपदीपनई नरवषेत्रनई चंपानगरीन
विषई विषज्ञ एवंमातिरकतिधाएवंरवलुदेवारगुणियाजंबुदावेशसारदेवासचंपाएन इंविषई कामदेव ॥श्रावक ] पोषहसालान विषई बह्मचर्यसदिन] डात्तसंघाराने यरीयाकामदेवसमणोवासए पोसदसालाएपोसहिणाबंतचारीङावदास विषबेछ। श्रमणसगवंत माहावीरदेवना, समीपनो धर्मपरुमो अंगाकारकरीनई धारोवगणसमस्ससगवजमावावीरस्साअंतियधम्मपणतिउरसंपनि विचररंबई। [निश्चशंसमर्धनधी/तेकोई। देवता। [ दोणवा! |गांधी) ताविहरतिानोबलुसेसवााकेणदेवेणवादाणवेणवा जावगंधवणवा
पोमोबई
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उपासग
४०
|नियंघप्रवचनधकी]]
||चलाचवा || खोसपमाडिया | विप्रजा सपमा डबा कोइनधी तिवारपबी
है।
निर्गुधा तो पावयणानु चालित्रय वा खोलिएका विष्परिगमित्त्रय्वा। तते || सकऽ | देवतानाराजानो || ए || चणसतो | ३ |इहां दवड) आव्यो| तेमाटई प्राचर्य । हेदे सकस्मादेवं दसदेवरले यमग्रसद्दहमा ३ | इदंदछमा गए| तंय होणं देवाएं वाएं पीया | पछि ला पांमी || सनमुषईघई | | तेम दीडी / देदेवाएं || जीया | | एहि सनमुखधाई
कौत
पिया | इही ३ लापत्ता | अनि समरगा गया। तं दिठाणं देवाप्पिया। इदी जावच्य || तेमाट | ] मा बुं बुं| हेदेवाएं प्रिया | खमो म्हेमा हरो पापराधनशं। उम्हे षमवा | हेदेवा |तिसमरगा गया| तेरवा मेमेगं देवाएं पिया। रवमममये वादं नेणंदेवाणुं प्पि प्रिया प्राजपुत पहवो अपराध दी। इमकहीनई | पगई लागो || दाघ जो की नई || एच्चपरा६ वारें वार
योग्यत्र ।
'कर्क म्हारो ।
या गाईस छोटा करण्यापति कहु| पाय पडिए पंजलि डिप्यमहं सुखो
४०
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थामारान विषय
मायोषमा जेदिनाधकाअायोमतो तेदिसमऽविषरंगयो | तिवारपना तेकामदेव || श्रावक।
बीमई वामेतिशजामेवदिसंपावतामेवदिसिंपडिगयततेगमेकामदेवासमणोवास उपसरिदातजातिवारई प्रतिज्ञापारीप तेकाल तेसमानविषई श्रमण नगदंतमाहा
वारदेवजावर पानिरुवसमितिकडुपडिमंपारेशतेकालेरणेतेणंसमएसमजाववि समोसा तिवा कामदेव श्रावकई एहवा कथावाती लाधधकई मनिश्चम हरतिततेप्सेकामदेवेसमोवासएश्मीसेकहापालघठेसमारोएक्खनुसम गत्तगवंतसमोसस्या तेश्रेयसखंनिश्चमुफनशेजोश्रमणतगवं वांडा नमस्कारकरूं]तिवारिपनी
तश्रीमहावीरमई एणेजावविहरतिसेयखखसमणंतगवंमादावारवंदितानमंसित्ताततोपाडि || पुरोध पोमो पास्यो। मकरीन| श्मविचारीनई मुहनिर्मल वस्त्रपहिया सारघोडो नियतस्मापोसईपारितयातिक एवंसंपेदितिशमुपाविसावलाशेअपम
स्वारपबी
पाला
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मुलघणं यावत मनुष्पपरिचारपरिवस्योधको पोतानाघरधीनीकलनाकलीन||२
हायाजावअप्पामगुस्मवगुरापरिस्वितेसयागिदिया/पडिनिरकमंति|| उपासग | चंपानगरीमामशिनासरनासरीनई जिहांपुजाउद्यानजि विहांत्रावाची सेवाकर
हातगवंबई जिमसरवतिमकामदेव वालागे चंपनगरिमर्शमशेनियलतिराजेणेधपुसद्दचेतिए जादासंग्वेजावपछ
तिवारपती श्रमणतगवंतमहावीरदेवई कामदेवरूपणीषपदापतई धर्मकधाकदियाअनंत वासंतिततेणंसमणेतरामदावारे। कामदेवस्मातीसेयाजावधम्मकदासम र कामदेवश्रा श्रमणलगवंतमहावीरदेव कामदेवश्रावकत एमबोल्पातेषफैमा नाकामदेवारासमणेशगवंमादावारोकामदेवंसमोवास एवंवयासी से ||हेकोमदेव | श्रमण पासक उम्न मध्यरात्रनई सम एकदेवता]]| एएणकामदेवासमएगोवासयात्रुझंपुचरनावरतकालसमयंसी/एगेदेवेश्य
४.
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ववत् जाग
उझारीसमीपई तिवारपनीतेदेव एकमोटो दिया पिसाच रूपविधीनई कषायसहित एक तियंपाउनुगततेसेदेवेगगंमदिछपिसायरुवंविनईतिरामुरतेधापगं मोटोकालिवरलिरवडगग्रहीनई] उम्म]]इमकहि हे कामदेवशेषानु यावत् जीवा मनिलुप्पलाजावसिंगदायाउमंगवंवयासी हंसोकामदेवाजावजीवीया घिऊरहितकरस्पुं| उम्नईतेणईदेवताई) श्मबोलऽधकानयरहितविचरवालागो। एमवण
विवरोविजमिउमंतेणंदेवाएंएवंवुतेसमारणे अतिएजावविहरत्तिएवंच वपुरववतजा त्रिणउपसर्यकाक्षा मईई) कहिवा कमर्श देवनाधाकानउंपा तेष नगरहियातिमिविश्वसनाचेवपडिउहारेयछाडावदेवोपडिगतो सेनु निश्च हेकामदेव) श्रावक एअधीसमर्थबई | दासमर्धबई/पबईचार्यजन श्रमणतात एकामदेवासमोवासयाअन्वेसमोहंताअविअधोसमणेसगर्वमहा
-णिवी
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घणा श्रमण नियंघसाधासाधचीनई आमंत्रीनई इमबोल्पा) जदपी पहेलु हेार्य)
वारोबहवेसमणेनियंनिधीम्याआमंतिना एवंवयासीजस्तायोस नपासग
श्रावकधका दस्म रहवासिवसतांघको) देवतामनुष्य तिर्यंचयोजना कीया उपसर्ग सम्प ४२
मोवासगगिक्षिणो मिदिमवसंता दिदामासतिरिरकजोगिणववसगेस
सकारई घमई अदिवास्यातेमाटें। समरधवला यार्यश्रमणधका| नियंषधका पादशांगी मंसदतिजावदियासेतिसक्कापुराशयोसमणेदिनियहिज्वाल
असणाधकां।। देवमनुष्पतिर्यचनीयोपनाकीधापरीसहासम्परपकारसहि। संगगणिपदिगंवादिघमाणेहि दिवमासेप्तिरिश्वजोगिएसमंसहित) याव अदियास तिवारपना तेघणा | श्रमण नियंधई माधवीई| श्रमणतगवंतनोव घर जावअदियासिनणाततोतेबदवे समएणनियंधायानिगंधाउयासमणमतग
सहई
त
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पा
चनसहितकरीबई एअई। विनयसहीतसोसल्पों यदि तिवारपना तेकामदेव। श्रावक वजमहावीरसतदतिपयमहाविणयपडिसुगतिततेसे कामदेवेसमोवा दर्षनागदपा पनईश्रमणगवतमहावीरनई प्रश्नामबानई॥]] अर्धयहीनई॥ ), श्रमण || सपहाउसमसगर्वमहावीरापसिगापुञ्चतिहमादियतिसमएं। सगवतमाहावारनई दिलवारवांदा नमस्कार करीनई दिसतकी प्रायो। तेदिवशनविषज्ञ।। सगर्वमादावारतिरकुत्तोर्वदतिनमंसतिश जामवदिसंपाणितामेव दिसं गयो । तिवारपनी श्रमणलगवंतमहावीरदेव एकदापस्तावई चंपानगरीधानासरीनई।। पडिगणाततोसमतगवेमदावारेमयाकयाईचंपाउनयरीउपडिनिष
बाहिर जनपदनविषऽविचरवालागा तिवारपनी नेकांमदेव । श्रावका पहिली मतिशबदियाजव्यविहारंचिदरतिततेणंसेकोमदेवेसमोवासपापड
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४२
Aas
पावकनाप्रतिज्ञा | अंगीकारकरीनई विचर तिवारपना तेकामदेव श्रावक
मउवासगपडिमांववसंपजिनाणंविदरनितितेप्सेकामदेवेसमोवासय। उपासण
घएमालबतादिपालवे यावर पोतानोत्रातमाताव ] वासवरसनी | श्रावकनी || अव्यापा बजदिंसीलछादिजावअप्पासाविता वीसंवासाशंसमोवासगपरियार लान अगायार श्रावकनी प्रतिज्ञा | सम्पयप्रकारकायाईकराफर एकमामनीसले गंपावणितापकारसयनवासगपरिमाउसम्मंकाएफासेनामासियाएस षणाकरी | पोतानोत्रात्मामु] | सात्तिक्ता अणमणलेदानई॥ आलोही पडिकमी। लिहणायाप्पाणंसितासहितनाणसानेदिताालोश्यपडि || || समाधि | कालनई अवसरकालकरीन/]मोधर्मदेवलोकने) मोधर्मवतंसक [] कंते समादिपनीकारतमासेकालकिचासोदमेकप्पे सोदमविडंसयस्म
विष
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मोराविमाननविषज्ञ ईशांनऊलिनेविष अरुणनामाविमाननविषई देवतापलिउपनो तिहां महाविमाणस्मावतरपुरिनिमेणं अरुणाविमारणेदेवताएउववन्तीतच || अकेक | देवतानो । आरिपल्पोपमनीस्वितिबा तिहांकामदेवदेवतापनि
यगश्यादेिवाणांचनारिपलिउवमाशंहिनीपमतातलकामदेव याशिरापल्पोपमनी|वितिपाम्पोखशात हेगवंत कामदेव।तेदेवलोकधी आउघु।। साचतारिपलिम्वमाहितीपमनासेणंततेकामदेवोततोदेवलोयाउमा षयकरीनांतरारहित चवीन किहांजास 1किहां उपजसई (हेगौतम। उरकरणातरंचयंचश्ताक हिंगमिदितिकर्मिउववधिक्षितिगोय माहाविदेहनविष। सिकस एनीषेपोपुरोधयो)। एबाजोकामदेवनोअध्ययन संधर्मः। मामादाविदेदेवासेासिशिदितिनिरवेदो।बीयंकामदेवयंअशयसम्मतं
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४४
|| देसगवन || श्रमणत्तगवंत मोदप्राप्तजयातेणई। सातमो | अंगा उपासगदशांगना || बाजा
जतियांसते समणेरग डावसंपनेणं सन्नमस्मअंगस्माउवासगदसाणं बीयम उपासग
अध्ययननाए अर्धकदा जाजाना लगनई अध्ययनना] ऊंणअर्धकया। श्मनिश्च अशयरगस्माश्रयमपमतीतञ्चसणतंतेशयाणस्माकेअपस्मन्न एवंरव हेजंबु ।। तेकाल ! ) तेसमानऽविषई। वाणासी |नामानगरी | ऊती) कोईमईनामई। लुजबुतेकालेणं तेणंसमय वाणारसानामनयरीहोचाकोहएचेतियति जिलशत्रुराजा तिहां वागणरसीनगरीनविषई चुलणीपियानामा । ग्टदपति । रहब। यशवरायातचणवाारसीएनयरीए चुनाणियानाम गादावनीपरिवसनि शक्ष्विनकोईपासवानसक, सोमासार्याब अादिरणकोडिसोमिनइंविषरंडारीबई ४४ अहेजावयपरितासोमासारियादिरमिकोडा निदाणपउना।
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चौविसको दिक।
पिणजोगादों
श्रावहिरणकोडियापारमइंविषबई आहिरणनाकोमिनो घरवाषरोधानकचोला श्राव ऋदिरणकोडिनवहिपनन्नानादिरणकोडी पविश्वरपन्नाव यगोकुल दसगाईएकगोकुलधामं । जिम आणदया | राजादिकनोकामसर्वत्रतावनोऊतोतिम आगोकल असाहजारगाई 20000 को यादमगोसाहसियरर्णवरणं जहाभारदोईसरमावसबकवहावरयावि
पिता स्वामीसमोमस्या || चुलाणपियापति जिम आणेवादवा तिमचुलणीपिया निमजाद दोश्चगासामीसमोसदेचुलरिणम्पियाविजादामाणेदो तदानिग्रतीतदेवगिहि कनोधर्मपरिवज्यो पगौतमनगा तिमज मेषधाकउँ कामदेवनीपरजी यावत् पोषधसाला धम्मंपडिवऊतिगोयमपुज्ञातदेवसेसंजदाकामदेवस्माजावपोसहसा पोसोब्रह्मचर्यादिक महानश्कीयो डात्तनासंधारादिकन विषई| श्रमणगवंत माहावारना ।। लाएपोसदिएबंसचारीजावदलसंधारोवगए। समरणासगवनमहावी
Mad
बईवोधको।
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प्रायो।
॥ समापनोधर्मपप्पो॥! अंगीकारकरीनः। विचरईडई। निवारपना नेचुलणापिता समणे उपासग
रस्मा अंतियधम्मपनि नवसंपधिताणविदरहिततेर्णतस्मचुलगापियस्मा सम पामकनई। महिरावनईसमई अवसरई । एकदेवतामायावीज मिधात्तरष्टि समापपासई गोवासयस्मा पुवरसावरत्रकालसमयंसिायगेदिवेमायामिञ्चदिहितियंपाजार तिवारपबीतेदेवता । एकमोटो समवल वडगग्रहीन चुलणपिया ।। श्रावकत्तई। म नतेसेदेवे एगमर्दनिलुप्यनजावासिंगहायधुनगिपियांसमोवासारवेव बोल्पो हे चुलणापिया । ।जिमकामदेव तिमनहातांजई| तोते ॐ / आज ताहोवोपुत्र नाही यासा देतोचुलणापिया जहाकामदेवेजावनसंजाम तोतेअग्रजजेठपुर्तसातो घरघकालेईन || उजागतिविणामि त्रिणिमोसनामुलाकरपुंकरानई तेलसरीलोहनी । गिहाउणाणिमितिक्गज्याएमिशततोमंससोलेकरेमिशादायसरियसीक
रा
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करी
कडाहामा पचस्पउँपचीन नादोसशरमामई कधेिरैकश ] पररसिपबई)) जिमा )) आर्वध्यान डादयसिअहमितवगायमसेरणयासोणिएण्याचासिंचामिाजहार्णवर्मग्रज पहोतो। अकालिजीवरहातघास तिवारपना तेचुनापिया। श्रावका सइधान दवसहअकालेचेवजीवियाविवरोविद्यासिाततेरणंसेचुलगिपियासमणोवास
तेदेवतानो। भाबोलघकसयरदात विचरवालागो। तिवारपना तेदेवना चुलणापिया श्राव एतेणंदेवणापर्ववुतेसमारणेअसीएजावविहरतिीततेणंसेदेवेचुलणिपियासमो कनई।। नयरहात) विचरतो। देषान। (देवनाईनश्वारविणि चुलतापायापनश्मनोल्पो) वासयांवत्तीयंजावविदरमापासितिशदोपितञ्चपिाचुलणिपियाएवंवयास हे चुलणिपिया।। निमनपुरवलापरतेनयरहितविचरवालागो] तिवारपवातिदेवनाई चुनलिपियानई हंसीचुलणिपियातंचेवसणति मेधसाश्जावविदरतिततेसेदेवेचुलणिपियसा।
कहिग
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उपासग
५६
भयरहित विचरतो देवाना कषायसहात | चुलापिया | श्रावकनो]] वडा असायंनावविहरमाणपासितिश्नाभासुरूधचुलणिपियस्मासमरणोवासयस्मानो पुवन। घरबालेईन २ागलिवएणमान विणिमासनासुलाकरीनई) नेलसरीनई॥
पुतंसातीगिदातीणीविरगतोयापतिश्ततोमंसमोनएकरतिपादारणतरिय लोहनीकडामोदई पच/पचीनई बुलणापिया। श्रावक । शरीरमांसईकरीनई लोहाई साकडादियसिहदेशिचुलणिपियस्मासमरणोवासयमागायंमसेरणयासोशि करीन परम्पोपबई।तिवारपसीतेचुलणापिया |श्रावकई तेनीवरवेदनामही अदीयासई।। एण्यांाईचेति तयगंसेचुलगीपियासमएवासातं उद्यनंजाववक्ष्यिासेति। तिवारपबीतेदेवता चुलणपिता । श्रावका सयरहीतविचरतोदेवानवार विणवारIRIYE ततेएंसेदेवेचुलणिपियंसमणोवास असायंनावपासतिरदोईपितञ्चपिाधु
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चुलजिपिता |श्रावकतई || म बोल्पो।देचुलपिपिता श्रावक अणवांबण लणिपियांसमोवास एवंवयामादसोचुलणिपियासमोवासयाअप्पति नावांबणदार डोवतादिकन | तोते ॐ श्राजाविचेष्टपुत्रातादराघरवालेईन उमत्रा यपडियाजावनतंजसितोलेनअद्यमशिर्मपुती सातोगिहातोणाणेमिशतवन गलिमारास] [जिम जेष्टपुत्रनई निमजक) । तिमजक। मलपुत्रनमा धर्वववकीका राज्यामि जहाजेहपुननिदेवतणितिनदेवकरेति एवंकणीयसंपिानाववादिया निवेदना, सिवार तेदवला चुलरणापिया श्रावकनई सयरहान विचरतोदेषान चिजली वारदोल्पा सतितितम्सेदेवचुललिपियंसमोवासयांनत्तीयंनावपासतिश्चापिचुन चुलाणपाया। [श्रावकनई इमबोल्पो] हेचुलापिया श्रावक अणवाध्यानावाज लिपियांसमोवासयाएवंवयासी ईसोचुलणापियासमरणोवासया अपश्चियप
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एहारच जोवतादिकनही सांगई। [तो छ अाज जेएउमारी माता। नासारवाही) । देव |
बियाधजरणंमजावनतंजसिातवमर्दअजजामातवमायासदासवादीदेव उपासग
|| गुरुनाकामिबई। करकारिक || नेदनशंतादराघरचीलेईनामयागलिमारीसमारीनईविणिमो यंगुरूंजरगरगा ऽक्करकारियातंतेमाजगिदाणाणेमिशतवयवधाएमिशननोमंस सनामुनाकरीन| तेलतरालोदना] किरादा तेमाइं] सलान5 उम्हारूंशशरण मांसईकरी लोदी सोनएकरेमिशादागासरियसिकड़ादियंसिअहमिशतवगायंमसेणयसोनि करीनई परडास जिम उम्। अार्मध्यानेपहोतो अकालिजावतयधकीरदीतधाश्म।। एण्याचार्यचामि जहाजमंग्रहहहवसहेयकालेचेवजावायाजविवरोविद्या
तिवारपबी] तेचुलणापिता|श्रावक तेदेवताएहर्बुवचनसातलीन सयरहीत मिततेणंसेचुलणिपिएसमपोवासए तेणेदेवेगवंबुनेसमारणे सताएजावध
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धर्मयाननविषविचरवालागो तिवारपबीतेदेवताई चुलणापिताश्रावकनेंतयरदात धर्मनई
मशाणावगएविहरवितणसेदेवेचुलणिपियंसमरणोवासयंत्रतीयोजावध विषई विचरनो देषानई चुलगापिया) श्रावकनई] बेवारविणवार ||| मशागवगविहरमाणेपासतिराचुलणीपीयंसमोवासयंदोच्चपितईपिाए मकदि] हे चुलणापाया। तिमज शेषपुरवनाजावराहनधाश्म तिवारपबीते चुलणापतान
वयासाईसोचुलणापियातदेवजावविवरोविद्यसिाततेणंसेतस्माचुललिपि 5) श्रावकन। तेदेवताउँ|| बेवार) विणिवार एकवचनसात्तलईधका पतांनरूप] यस्मसमणोवासस्मातेणंदेवेणंदोरपितपिखेचुनेस्स समारणस्माश्मेयारू
अधक्सायउपनोध आचर्य एपुरिस अगायब अनार्यबुधिन अनार्यमापरि पाप विशलिएधाश्रदोश्मेपुरिमारिए प्रणारियाबुछारणारियाशंपा litient a tionalit
a alaang
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उपासग
८
वत्
ब23
कर्म समाचरज्ञ|| जेईमादरोवडोपुत्र।मादरोघरपालेश्नई (मुफआशलिमारीनई वाईकम्मासमायरितिजेणंममंजेठपुतं मातीनिहालाणतिरममयतोधाय
जिमकाधुनिम चीतव) यावततर शरीरघरड्छु जणाईमादरी विधिष्टो] माहराघरवाली तिर जदाकयंतहाचितिनि जागाश्चाश्चति जेरोमममशिमंत सानोगिहातो मारीन लोहामासईकरीसरीरघर जगदे माद लघुपुत्र | माहराघरवालेई निमनमारी शशस्तो जावसोगिएणयचाचतिजेणिम्ममकएसपना मातोगितामोतदेवजावचाई रउ जेहमणां । एदेवता मादी माता सशसारधवादा) | देवगुरुसमान ] |करकारीतेमानानई चतिजावियरश्मामममायासहा मनवादाणादेवयंगसंजणगाडकरकारि | नेहमरणदेवता बोबई मादराघरधीलेनुबाबईबई पबईमुगाभागलई भारस्पई तेमाशं श्रेयत मुज योपियां इसनिसातोणिदालोणीमति मर्मअययातितए नसेयंवलमम ENintinesiadeemientistsetunitandee
S
मिश्नई नज्ञ
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कान
पत्या
यपुरुषनईलेईझालं श्मकरीनकालवान पन देवता अाकामिउत नेचुलणापा स्वत्तयदानश) एयंपुरिमंजिपिहनयतिकह उछाश्य मे वियागासिवय्पश्यतेणेयखंत्रासादि मोर३३ शदश्करीन कोलादलकस्यो। तिवारपना तेतजमार्यवाही ते कोलाहल श६] सांस पमदयाश्सद्देणे कोलाहलेणेकराततेणेसासदासनवादातकोलादलसह सो ल्यो दयानऽवि जिहां चुलणापाया। श्रावकबई|| निहा भावीन३२।। 11 जुलणापिया | धानिसम्मा जेणेवचुलणापिया समोवासयतेणेवउवागतिशचुलीवितंस श्रावकतई मबोली किमदेपुत्र उम्हे मोटई२ शद| कोलादलकस्यो निवारपना ते मोवासयो एवंवयास किंसंपुनाउमंमदयासद्देणं कोलादलेकर ततेासेधु चुलापिया। माता नामावादावनई इमबोल्यो। म निश्चई) अन्हे नजारपुंजे कोश्कफुरु लापिया अमयेसहसवाहिं एवंदयासी एवंखलु अम्मोमयागामि केविष
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पा कषायसदिन] ५ एकमोरो कालवाई षडगमहीनई। मुनश्म बोलो ।। दे चुलगापिया
रिसेवासुरूनेोपापगंमहंनालुपलाझावअसिंगदायाममंएवंदयासाईसोचुला पासग
" अणवाया नावांबणदारध जोबनादिनही सांगई तोउफनरंजी परंऊ तेदेवता रदर्बुवचन) UU
वधारदोतकरस्प पिया अपबियपछियाधाजतिर्ण उमजावविवरोविद्यसिअाईतेणंदेवेणं एवंवुत्तेस सांतली सयरहीतविचरवालागो तिवारपनातेपुरूषनई मुझनसयरहीत विचरतो || देषानई ) माणे अतीयकावविदरामितिलेणमेरिखममं असीयंजावविदरमाणं पासिति२ मुऊनशेबेवार विणिवार एम बोल्पो दे चुलणपित्ता) निमजपुर्ववत्र मासिकरीशरीर तिवार मई ममंदोछवितञ्चंपिएवंवयासीहंतोचुलावियानदेवगायंत्राश्चति ततेणं अहं तेदेवदना अदायासी महाषमा मानिमजपुर्ववरकहे सर्वधरव लघुपुत्रनमारीनईशारीरुषर) Uru तंउछलजाक्त्राहियासेमि एवंतदेवउच्चारियांसबंजावकणायसं जावासेच
मई
उपबी
वत्पब
उन
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|| महं] ते वेदना | यावत् || अदीयासी षमी ) तिकारपबीते देवता भयरहीत ) |विचरतो || देवी तिच्यतं उचलं जाव दिया सेमितपणं से देवे मर्मीयंादहिमालपा नई || मुऊनई) च उधी वा रहूं| इम कहिजं । हे चुजलीपिता । वांयांना व बहार बनादिक नही सतिशममंच व चंपिएवं वयासी हंसो चुललिपिया अपञ्चीय पचिया (कावन संज नागरं) तोतेऊं ! जजे ए| तुम्हारी माता | तपासार्धवादी | | देवगुरुणी समांन) | तेनऊच्या सितो ते श्रद्यजाइमा तव मा या नद्दा सञ्चवाही | देवयं गुरुंजाणी जाव विद गलिमारसरं ]) निवारपनी ऊं ते देवतानां पवश्वचन इंसां सलई | नयरद्दीत विचर वालागो | तिवारप रोवियसि ततेातेणं देवेां। एवंत्रे समाणे ती जाव विहारामि ततेां |तेदेव ताई बे वा रत्रिवार | मुफनई | एम कदियें || चुली पिता || मरणनावां बादार इतादिक नदी ||से देवे दो चंपितचंपि ममं ण्ववयासी हंसो चुललिपिता पत्रिया जाव से जसि तो
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तोते जंम्हारीमातामईमारीसमारी तिवारपबीतेदेवलाई बेवार विणवार मुझनई) एहईकधिकई
नईमोसईकरीषरडीम निअघजावविवरोविछमिततेणंसेदेणेदोञ्चवितचंपिममं एवंवृतम्भसमा उपासण
मुझनई | एतानरूपा अध्यवसायनपर्नु अहोबाची यपुरुष अनार्यधिको पापसमाचरब जेण पय
एस्सामेयारवेशचिएपादोश्मेपुरिमारिएजाक्समायरहिजो मादोवडोपुत्र)] माहराघरधीले निमजपु लघुपुत्रनमारीन मामशरीरनवि अनाउने
ममंजपुतं मातोगिदातोतदेवजावकणीयसंजावाचति झविय वांबवानागो। माहराघरवालेईन.] मुसागलि]] मारसई तेमाट निश्वशेउफनें । एपुरूषने एश्वतिसातोगिहातोलाणेशाममंश्यतोधानियत सेयरवस्तुमर्मपयंपुरि 1. मानु श्मकीनई) मालवानोमयोपबई तेदेवता याकामई मईपाणि स्वांसोग्टहीनई संगमितएतिकहाउसाईएसेविया बागासेउपरिणामपवियरवतेत्रासाइए।
नमास्व
वत्
षषरना पलिएहy
५०
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मोटश्मोटरंशदश्करीकोलाहलकस्यो तिवारपना तेत्तासाईदाहा। चुलापिया आवकपतई। महियासदेणंकोलादलकर ततेणंसातहासवादी चुलाणपियंसमोवास | एमबोला] निश्चयईकोई पुरुष ताहराबडापुत्रादिलघुपुत्रन] नादाघरधीलाधनध।।।। यंएवंवयासीनोवलुकेश्पुरिसेसवजावकरणीयसंपुतं सातोगिहाउणालित उफागनिमास्पानी | पकोई पुरुष | उऊनईउपश्रमकस्यो । एउम्दर्शणदेषानरंकोला | २तवयतोधाएशएसकेईरिसेतवउवसायंकरिति एसएँउमेविदरिस दलकस्पो नेणा जहा हम बतघुला नियमसागो । पोसहतागो नेणईविच मा उम्हे हेषु गदिछोतेणंमईदाणिसगवए समणियमिालयपोसादिविदरंसितेएंउमपु ३] एस्बानका प्रावितलाउ तिवारपना तेचुला पिता श्रावक।। नाएयस्महारास्साबालोएडांजावपडिवोहिततेणंसेचुलगीपियासमय
दितासंग
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उपासग
प्रघम
मातासासाठवावचनत्तहितकस्यु एनर्धविनयमदान) | सिलीनई) धानकाला मगाएसमजवाहीएतदति एयमविणएपरिसुणितिशतस्मठास्सा " नई भाबितरूपत्तपनीयो | तिवारपनी तेचुलणापिताई श्रावकनी पतिज्ञा। अंगीकारक
लोएति डावपश्विद्यतितरणसेचुलपिपिया पदमउवासगपडिमं उसंप सन विवस्यो । प्रथमश्रावकनी सुत्रनारान जिमआणंदका गारपतिज्ञापान जितागंधिहरतिपटमउवासगादामुन्नोजदावाणंदोजावणक्वारस्मति तिवारपना तेजुनणिपिता] श्रावक | उदारतपरकरी जिमकामदेवतिमन सौधर्माकम ततेणंसेचुलणापिएसमगोवासपातेणेउरालेजहाकामदेवेडावसोदा नविषई सौधर्मवितंसक मोटा विमाननईविषई शानऊणिनविष|| अरुणपतविर्भान ५१ म्मेकप्पे सोदामवसिगस्समहाविमाणस्माउत्तरपुरछिमेणे अरुणपसेवि
तिज्ञान
पीतिमा
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प
ध्ययन
माप्त:
नदि देवताप उपनो | आपिल्पोपमनी स्थित नई) | माहाविदेदनविषरं । । सिशसि ) ५) ||माणे देवतापवने चत्ता रिलिजनमाहिती मादा विदेदेवा से सिझिहेतिप निखेवोस // उपा सगदशां गनुं ।] त्री जो ) त्र्यध्ययन | संपूर्णः | ३ | प्रारंसी इंबई | चउघोग निरखे वो अदा समुदसा संतत्रियंत्रशयस मन्त्रं ॥ ३॥ बरवे वचनम |श्म निश्वइं| हेजंडू | तेलका लई | तेसमानइंविषई | वा पारसी नगरी || कोहनामा उद्यान | जिल एवं खलु ते का लेणं| तेणं सम एवं वारणार मीनयरी | कोहए चेत्तिए जिय सचुराजा | तिहांसुरा देव गाधापतिर । रुकिरी ने रा को ईशान बदिएकोडी सुमन डारी बई) as सहीत 'वीस सचुराया | सुरादे विगादावति महे जावयपरित एब हिरण कोडी उनि दाणप || बहिरा कोडि व्यापार नविषबई | | बहिरनी को डीनो घर वा घरो बालक चोला) बवर्ग) उत्ताउ | बहिरल कोडितो व हिपन सा७ । बहिरल कोडीन पविचर पडला बच
दिक १०
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पडिवज्यो।
गोक दसमहगाईपकवर्यगोकल तेदनई धनातायो। । स्वामीसमोसस्या जिमापदेधर्म ल घाईएहवाग ६००००
या दसगोसावस्मियाणवेपणाततेधनासारिया सामासमोसडेडदाश्रादे उपासग
सानिममुरादेवश्पमिचन्यो ग्टदस्तनोधर्मी जिमकामदेवई तिमसुरादेवश्श्रमणलगवनमादावारनी ५२
तदेवपडिवकालीमिहिधम्म डाहाकामदेवो समएस्मतगवनमहावीरस्सा मापरे धर्मपप्पो, अंगीकार करीनई। विचरईन तिवारपना तेमुरादेव। श्रावकनई अंतियधम्मपरमति वसंपकिनाणं विहरतिसतेणंतससुरादेवस्या समयो
मध्यराविनाविष] एकदेवता समीपत्राव्यउ तिवारपबी वासयस्या पुचरन्नावरतकालसमयसि पगेदेवेचंतियंपाउसविना ततेणसे नेदेवता पकमोटो कानश्चरण षडगग्रहानई सुरादेव) श्रावकपतई मकहाना हे || ५२ दिवे एगंमदंगालुपलजावासिंगदायासुरादेवंसमोवासय एवंवयासीद
khanaya nesdaera
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मुरादेव
श्रावक । | वांच्या नावां बाहार | जो | ॐ | सीलबनादि | नहीं लागई ||
तो सुरादेवासमणो वासया । चपचिपचियाति तुमंसी लाई जावन संज | तोते । ॐ । जता दरो वडो पुत्र ताहराघर घी लेइनई | जुऊ ग्रागलिमारीवई ) ) पांच मांस सितो ते यद्यतेपुत्त्रं सानो गिदाउलीले मि तव तो घार मिशपंचमं नासुला करीनइं२|| तेनसुंतरीस) | लोहनी कड हातेमां दें। तनी सपबई | नारुं शरीर मांसें ससोलए करेमि चादारांत रियंसि कडादयंसि देमि तवायंमंसेए करी | लोहाईकरीषरडीस) |जिम || जं| चार्त्यमानपोहोतोधको कालें मरीस जीवक्की यसोशिएएए यया सिंचामि कदा डमं ग्रह दह व सहे काले चेचजीविया रहीतवाइस) | ईमविचिष्टपुत्रनई (लक पुत्र नई || केक ना पांच मांस नासु लाक | तिमजकरीस नई सर्ववत्। दिवसेविद्यमि एवंमशिमयं कणीयसं एक्वेक्वे पंचमंस सोलया। तदेव करे
मारी
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बिहीबांकई
जाता
जिमलणा पितानकपुं एलोवि एकेकना पांचसो सोलाक तिवार तेदेवता मुरादेव), हुमग
समगनियोः तिनहाचुवणिपियस्मानवरंएकेकेपंचमेससोज्नयाततरणसेदेवेसुरादेवंस गपनत्य उपासग श्रावकतई चउघीवार! एमकहि देसुरादेव। मरणनावाजणहार सेषपूर्ववान मासे
सादोयाव मणोवासयं चबंपिएवंवयासी हंसोमुरादेवा अपलिपजियाजावनपरि करणदि प्रकारए |
दहससा नादिकन तोते जं ताहराशरीरमविषई। समकानांबरोबरिसा। सोल रोग), घानाम सरकार वित्रणा
चयमितोतेचदंशजतवसरसिजमगसमगंमेवासोलसरोगायंकेपरिव नरेश्दाह की । तेकदवई सासरोग खासादिक यावत कोट/जिमा डार्सानपजतो अका पतगंदरे
वामिजदा सासेरवासिरजावकोदेजदाणं उमंअहउदमका बजारणे टेर लजावतव्यधा, रहातपाइस तिवारबातेमुरादेव। श्रावकई /से देवतानो पEE रोचकलेचेवजावायाजविवरोविद्यासितएपंसेमुरादेसमणोवासए तेर्णदेवे दाहायम्
दिले० चउछ:
कन्वेन
अतिसारे
उधाउद रेपका
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atta
यह वचनसोल नयरहितविचरवा लागो || एमदेवता | बेवार ) त्रिलवार|श्मक हियं । यावत्।
इंधक
एवं
समाणे सीए जाव विहरति । एवं देवो दो चंपि तचंपिस पति जाववि |जीव रहितवाइस | तिवारपी] ते | सुरादेव) | ममोपासक / | ते देवतानो) बेवारा त्रिल वरो विद्यसि तते तस्मासुरा देवस्म समगोवा-सयस्स | तेणं देवेणं दो चं पित वारपहर्तुंवच नसांस लेवक पवोतान अध्यवसाय ] ४ | आचर्य) 1) | पुरुष नार्य रुप उपनो पिएवं वुत्त्रे समाएस इमेयारू वे यशचिए४ | यो इमी से पुरिसे या (घको) पापसमाचरइंबई | जेामादोवडो पुत्र यावत लघुपुत्र न ईमारी नई शरीरपरडयो अन |रिए डाव समाचरंति जेणं ममं पुत्रं कणीय संजा वयाचति | जे दि हमलां ए| सोन || रोग | | ते देवत्ता वां बबई | मादा सरीरनईविषमं प्रषेपवा । तोश्रेय यहां इमे सोलस्म रोगाईका ते वेयणं इल्लति ममं सरीरं सिपखिविज्ञातं सेयं
जेवल
म. मशमपुत्र
as
कर
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म
थापबई
प
निश्यामा पपुरुषनईग्रऊकालु श्मकरीनई कालवानई तेदेवता त्राकामनविष से
बलुममोण्यपुरिसंगिएिहनाशिकह उछाईए सिवियागासेउप्पतिए तेणं उपासग अनुममा
रादेवतिवारप यदानई मोटईमोटइ शदश्करी कोलाहलकस्यो तिवारपनी तेधन्ना सार्या । सयंवंते प्रासातिए मदियारसद्दे कोलाहलकाततेसांसाधन्नालारिया तकोलादल दशमोत्तलीन जिहां मुरादेवश्रावक तिदांत्राव संकोलाहलसहसोचानिसम्माजेणेवसुरादेवेसमोवासए सेणेवउवाग तिदाबावीनई] | मुरादेव। श्रावकत मिकदिव। किमदे देवाएं पिया। खतिउवागचित्रा सुरादेवंसमोवासयोएवंवयास किदेवाणुप्पिया उम्हे । मोरशेमोटादश कोलाहलकस्यो तिवारपनी तेमुरादे। श्रावका धनाथ उन्हेण महताश्सदेण कोलादलकएनएएसेसुरादेवसमणवासएक्षणं
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स्थानमा
सायोष मकदिउँ] श्मानिश्चशे हेदेवापाया। नहाएई) कोपुरुष निमनपूर्ववनक सारियांएवंवयासी एवंखलुदेवाणिपामयाणामि कश्पुरिमतिदेवकदेखि तिमचुलणापियानई तिमधणातार्याकिदिन व विचिष्टालघुन निश्वज्ञहेदेवापियामा उहाचुलगीपियाधणाविपडितराति जावकरलायंसमोरवसुदेवार प्पिया। तुम्हनईकोई पुरुषशरीरन | बरोबर! मोलरोग ] प्ररवेप्पानी ए कोईकपुरुषई। उशेकेश्पुरिसेसरीरंसिजमगसमगंसोलसरोगार्थपरिवति एसएंकेश्पुरिसे तुम्हनऐ उपसर्यकस्यो सेषजिमजुलणपितानीमाता सपाईकयो इमसेषतार्याइ जिमचुलाणीपि उउवसकरेति सेसंजहाचुलगीवियस्मातहासपति एवंसेसंजनाचुलगी। तानापर; सर्वपायनित अलंक सौधर्मदेव अहणकातिविमानईउपनो] | मुरादेवतियारफनो पयस्मानिरवसे सजाक्सोहमेकप्पे अरूणकतेविमा चनारिपलितोक्माई
विष
लड्नईम
लाकड़
पमनीस्चिनबर्ग
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उपासग पक्ष
[१] मादा विदेहन इंविषई) | सीफसई ] ] समाप्तः [ [ उपासगदशां गनुं चोघो अध्ययन संपूर्ण
हित्ती | मादा विदेदेवा से सिशिदिति निखेवे ॥ ववास गदसाणं च तंत्रशय गं।। -सुरादेवनो | ६ || प्रारंसीइं पांच मंत्र एम निश्व | जंन | |तेकाल ) | तेसमान इंविषई ) | ||समनं॥४॥ ॥ देवो पंचम स्म एवं स्वच्तु जंछ | ते एगंका ने ए| तेणे समर्पणं| च्या त्र्याललीयानगरी | संखवनद्यांनब | ) तिहांजितशत्रुरा | तिहांला तकुग्रह | रुविंतत्र्मने
ध्ययन
|
जाबशेष
स्तर
कोई प्रास
सियान गरी मेरववरणा उद्या ऐ| जिया चुराया चुन सएगा दोवती हे नावच या बहिनी कोडि | निधांनल मिमादद्वारा | बहिरानी को डी व्यापारनें विषइंबई ।। परिलूप बहिरण को डी तो निहरणु पत्ता) बहिरण को डिनो वहि पत्ता | बहिरानी को डीनो घर वा परो बरं घालको बवर्ग | दसमहश्रगाधं एक वर्ग 1 | बऊला ५५
ब
अगर कोडि १५
लादिकब
'सात हजार ६००00
बहिरण कोडी तोपविचरपान बच्या दस गोसाहसी एचएएं बऊला
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सामीसमोसा जिमनादवाट्दा निमल्सतक तिमश्रावक
नासस्वाधवांदवानीसम्यो
चरखा
सारिया सामासमोसदेजदाधारणंदोतहानिगतीनदेवगिहिधम्मपडिवजति सेपजिमकामदेवतिम चुलसतकधर्मपरुप्पो अंगीकारकरीनवि तिवारपनी ते चुल सेसंडहाकामदेवस्माजावधम्मपणितिनसंपछिताणविदरतिततेणं तस्मयु सत्तकसमणोपासकनई मध्यराधिनसमई| एकदेवता] समीपत्रावान
सयगस्मासमोवासयस्म पुचरन्नावरत्तकालसमयंसिाएगेदेवेतिएपाउ जातिवारपनातेदेवताई) एकमोरोका लेवल धारवडगगहान तुलसतक। श्रावकपत। शुगततेसेदेवे पगंमदंनीलप्पलजावासिंगदायाचुनसतयंसमोवासयों इमकदि। देचुलसतक इतादिनहातोज तोते जाजताहरावापुत्र]|घरवीत्राणानई एवंवयासी हंसीचुलसनयोजावमनसि तोतेअभयपुत्र सातोगिदाउ
ना
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- मजिमचुलणापतानकऊंति हाएतलो एकेकानामात्तमंसनासुलाकरीस मघुनस्पणिमा
शनमांसलोनाई जिणेमिशएवंजदाचुलणिपियांनवरं एकेकेसन्तमंससोलयाजावकणीय उपासग
तादररंदालईषरलीस जिम /अार्तिघकोमरीमऽर्गतिजाश्म तिवारपब्ली तेचुलशतका ५६
से जावाईचामि ऊदाउमंग्रहजावविवरोविद्यसिाततेणंसेचुलसतस वकर तेदेवता- पहबुवचनांतलानई सयरदातक्चिरवालागो तिवारपना तेदेवताई चुनशतक म तेरणंदेवेणंएवंवुसमाणेसाईजावविहरतिततेणंमेदेवेचुनसयगं श्रावकनशा चउघीवार श्मकहिलं हेचुलशनका श्रावक जोनहीतांज समोवासयंांच उच्चपिएवंवयासी हंसोचुनसयगा समएणेवासया जाव
तोते जा आज पनाह बदिरणनीकोडावि मिनविषबईते नतंजसि तोते अहंअधमातो बहिरणकोडीतो निदापनाउन
५६
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बहिरणनीकोडरायापारशंबईते बदिरणनीकोडामोघरवाषरोबरते। तोते जा हिरणकोरिजवहिपउनाउबहिरमकोडीतोपविञ्चरपउनाडतोतेअद। ताहराघरपालेश्मालतियानगरीनविषज्ञ चाचरचोकसिघाडानविषईराप सर्व
पंधन विवई । सामिहानणाणेमिर अालसियानयरीण सिंघारगजावमादापहेसुसच धनबई तेसमकालईसाधई। जिमउमे वार्तओनपहोतो॥ अकाल जावतव्यका रहा। तोसमंताविष्मरामि जहणंउमंग्रहदवसहेकालेचेवजीवियाउ तधाईस तिवारपना तेचुनसतक श्रावक ते देवताएहबुंक्चनसांसजानई] ववरोविधसिततेणंसेचुनसतएसमरणोवासपतगंदेवेगवेवुतेसमा जयरहीत विचरवालागो निवारपली लेदेवताईचुलसत श्रावकनधानयरहीत विचरतो अत्तीएकावविहरति नतेणंसेदेवेचुलसए समगोवासए असायंजाववि
विपासपमाडीसनोषास
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विकास मेरास
देष, देवीनई वारविणिधार तिमजकदिन यावर जावयकारहातघाइस तिवारपत्र
हरमाणंपामतिवादोपितञ्छंपितदेवतणतिजाववदरोविद्यमिततेणं नपासग
ते चुनसतक] श्रावकनभ तेणशंदेवताई बेवार त्रिणवार] पहचुवचन) कद पत्र
तस्मचुनसतगस्सासमोवासगस्मातेणंदेवेणंदोचंपिातचंपिएवंदुसमा रंधकरं) एनानरूपएड्नु] चितववा लागो अहोतेत्राचर्य पपुरष अनार्य। जिमचुलणापिता
झाप्रयमेयारवेअशशिणधग्रहोगइमेपुरिमेणारिएजदाचुलाण चिंतयु तिमजचिंतयु अनुक्रमलघुपुत्रन मा शरीरमोशई जेहमणांएदेवता एमाहा बहिर पितातदाचिंतेतिजावकीयसजावयाचतिजाउवियएं मातोमम पनीकोडी समिन विषबज्ञ बहिरणनीकोडा मापारनइंविषरंबई गहिरणना || एच बदिरताकोडीनिदाणपउनागबदिरणको डीजवहिपतानाबदिरणको
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कोडीनो घर वापरो बबाल | तेहमणावांबई ब| | माहरा घर घी लेवज अनइंले ईनई | आली डी उपविचरप उत्तान
कचोनादिक
नई
वियतमसा तो गिदान ली ऐत्ताच्यानं यानगरीन इंविषई | | सिंघाडा दिकई| नांषवन || तेमा टइंश्रेय निमुपपुरुषनई यऊं जाउं । सियानयरीए सिंघाडय जावपत्रितं सेयं खलु ममं पयंपुरि संगिएदीत |इमकरी नई | छाइज कालवा जिमसुरादे बनी पर | तिमज ) सार्याई पुग्यो | | तिमजकदिन] ] ] शेष एतिक्का उछातिए जहासुरा देवो । तदेव तारिया से पुञ्चति देवकदेति से || जिम / चुलीपातानी परिजानुक सौधर्म कल्पे | अरुण सहि विमान नई विषई देवताप || ||जदाचु लिपिमा जायसो हम्मे कप्पे अरु सिधिदिमा लेज वदले|| यारोपमनी) स्विति |- |शेष | तिमज पूर्ववत् | माहाविदेहमां हई || सीशसई) चारिपलीत व माहिती मेमंत देव नाव महा विदेदेवासे । सिशिहिति
मई
लई उपनो ||
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उपासग 45
रंसी इंबई
समाप्तं । | पास गदशांग नुं पांच मो अध्ययन चुलत कस्य ॥५॥ विब दो अध्ययन म निरखे वो ॥ उवासंग दसाणं पंचमंझणं समन्त्रं ॥ ५ ॥ बरवा एवं निश्चरे हे जंबू | तेकाल तेसमानई । किं पुलपुर नगर तो तिहां पुढवीसिलापट्ट | | सहे संबदन विष खजु जंबु तेणंकालेश के पिल्ल पुरे नगरे पुढविसिलापट्टणचेइए सदम ||उद्यान | |जितशत्रुराजा । (ऊंड को जिन ग्रस्त व सब तेड्नई | पुंमा सार्या वरं । बहिर बवले नसाले जिया चुराया ऊंड को लिएगा दावती घूमा जारिया । बहिर एनी कोडि | | स्तुमिमां दुबई। (बहिरानी कोडी व्यापार नईविषदंबरं || बहिरएनी कोडिनो । एकोडी उनिदाएपना हिरण को डीन वहद्दीपन ज्ञान | बहिरण कोमी घर वाषरो बालक चोलादिक । बवर्ग्रदस सहस्रगाई। एक वर्ग पहवावर्ग | सामी समोरचा जिम पवित्ररपना बया दस गोसादस्तिपणं व् सामीस मो सद्दे कहा
+परिवस्तर
६०००००००
६००००
ब
प
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हवा
कामदेववाद निमजकंडअनि तिमजश्रावकमोधनी अंगीकारकीयो तेश्मसीप्रकारेवतका वानीकलन । उवांदवानीकूलन कामदेवोतहानिगतो तहेवसावयधम्मपडिवऊतिसेसंवेववतव्या जा याव साधुनपनिलासतोविचरबतिवारपबीते]] अंडकोला श्रावक एकदाप्रस्तावना वपस्लिामाणेविहरतिततेणंसेकंडकोलिएसमणोवासप अहमयाक विषई | बेपहोरनविष जिहां अशोगवाणकावारी| जिहांपुटवासिलापहब]] याईपुछावरटेकालसमयंसि जेणेसोगवणिया जेणेवपुरवासिलाप | तिहाआवश्त्रावीना नामांकितमुंपिका उत्तरीय वस्त्र। पुटवीसिलापहन विषमुंकी हए तेणेवनवागतिश्नामंमुहागंच उत्तरगंचापुढवीसिलापहएहवि नई|| श्रमण सगवत महावीरना] समापन धर्मपरुप्प अंगीकारकरीनविचर तिरसमससगवनमहावीरस्साअंतिधर्मपरमति उवसंपजिताएंवि
नई
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गठ
U
वस्त्र
वाला तिवारपनी तेऊंडकोलिया) श्रावकनासमीप एकदेवता समापबायो
हरतितांतस्मऊंडकोलिए समोवासयमाएगेदेवेअंतियंपावसवि पासगा
तिवारपनातेदवताई नामोकित्तमुपका उत्तीय पुदवासिलापदृघका नेईन किंकणी बाततेणंसेदेवेनाममुचवतरियंचापुटवासिलापट्टयातो गिएिहतिसं पाश्मीनअंतरं
सयुक्तरणक गगनमंउलई एहवई) ऊँउकोजिक। श्रावकत । एमबोल्पो । रिवखिणियाअंतलिरकेपडिवले कंडकोलियंसमोवासयंएवंद्यया । सोऊंडकोलिका श्रमणोपामया) तलोबई देदेवाणुंपिया, गोसालामेरवली सी दंतो कंडकोलिया समोवासया सुंदरीणंदेवाणंपिया गोसालमव प्रमोधर्मपरुप्पन जेधर्मामाहरं उघानादिनधीवधा कर्मकहाश जारीरबल जाववार्य पुरुष
नकदाईतपसंयमकीधापरखें मनादिकरूप वार्थपरवई परखई निपुनस्सधम्मपहातानचिउहाणेश्वा कमेश्याबलेश्वाचारिश्वा पुरि
Ki...
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कारपाकमपरवई पुरुष सर्वपदार्यताजियजेजिमऊणहारबईतेश्राफणी ग्रामणसगवंतोदाचारनो वासिमांनकार्यसिसऊसइंतिमजऊसईशणकारणिगोसालानाधर्मत्तलो धम्फ्रुणालेविरुअसं सक्कारपरिकामवानितयासवतावामंगुलीणसमासत्तगवउमदाचीरस्सा दरजेपर्शमाहा उचानतपबतबनचर्यचारिवादिकेंकरीबलवीर्यपुर्वअनिससघलादेवा दिवसानादि वारनयमाबकारपाक्रमादिकईकरासऊकोवसईसर्वपटा केंकरीवरंगणेकारण्यासंदर धम्मपणनीलिउहाणेवाडावपरिकामश्वाणितयासवसावाततेणं तिवारपनी ऊरकोनिश्रावक ), तेदेवत्तापनश्मकऊं]} जोउंददेवाणुपियामकहा सला सेकंडकोलिए समोवासए तंदेवंएवंवयासा जत्तिणंदेवारjप्पियासुंदरी गोसाला) | मरवलीपुत्रमो धर्म परुयो। जिधम्मेइंचचानबनवायर्यादिकपुरूषाकार गोसालमामवलिपुत्रस्सधम्मपणती/नबिनधारणेश्वा जावपुरिसक्का पाकर्मनदी| निससर्वपदार्घबरंजेजिमजणहारन विमा श्रमणसगवंतनो धर्मपरुषोते) रपरिकमेश्वा नितयासछतावा मंगलाणंसमस्सतगवाजावधम्म
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काति
उखमली जानकदितांबलवीर्य सर्वपदार्थअनित्पतेहत्तणवि सर्वपाप्रतिप करको पाकर्मकरीसर्वज
कहबईईस्कदाना प लीयोदे |पमती अविठाणवा जावारिसकारपरकमेश्वामितयासछतावा। तपासणवताप्रतकदप I T एप्रसहएहवा दियदेवसे दियदेवतानी जाति दिव्यदेवताना पदया। ऊणप्रकार
बंधारिया उमदेवाश्मेपलारुवा दिवादेिवहि दिहादेवजुशदिवेदेवाणुसावे किमा सादा ऊंगप्रकार किमप्रतिसनमुषज.) उलानकतपर्मयम बनवायर्यादिकपुरूषाकारपाक
पामी लकिलापनाकिस्मासिसमक्षागय निकाणेणं ज्ञावपुरिसकारपुरि मकरी उदाऊकहे तपसंयमवहायो कामपषशंप कर्तव्य पुरूषाकारपाक्रमपाषरंवती मक उद्राजकई तपसयमब्रह्मक्या शापामा पापा
नदिपामी कमेणं उदाजाप्रमाणे काम्म जावपुरिसक्कापरिक्कमेणे तिवारपलातदेवता । ऊंउकोलिक श्रावकतई | श्मकहि म मिश्य हेदेवाएपिया ततेणंसेदेवेऊंडकोलिय समणोवासयं एवंवयासी एवंखलुदेवाणुपिया
६०
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मई) एतानरूप || दिव्यऋद्दिपी लाभ उठा तपसंयम, बलवीर्यपुरुषाकारपाशं) त्राक्रमपापं । "सर्व
ब्रह्मचर्यादिकपाषें हा तिवारी ते कुंड कोलिक
डावा पुरिसक्कार परिक्क मे
||मएश्मे यारुवा दिवा देवही लाथी पामी | सनमुषरं रं) श्रावक। [तेदेवताप्र लापत्ता/तिसममा गया ततेां सेकंड को लिए समणो वास तं देवंप |श्मकही उं || जो खंश्म दे देवाएं पिया || चंडम क द ब परवी पवडीदिव्यदेवनामा तेलपर्स जमा तक्ष किती वर्यपाषणं । ॥ वक्यासी| जती देवा सुं पिया | उमेमा नारू वा दिवा देवही अणुंडाणेणं पुरुषाकार पराक्रमक्रिया पाषएव मी ऋषि | लादी | पांमी) सनमुषइलोगिप | न कोई जीव | जावा पुरिस्कार परक्क मे णं लापत्ताच्यति सम लागया| जसिगंजी वाले तपसं मर्यादिक प्राक्रमनी करता ते देवता । लेकिमदेवतान | अधवा हेदेवापिया | उम्हे! नीषिकांनपांमई ।
ऊती
सचिव जावरकामा ले किं नंदेवा ग्रां देवाएं पिया / उमेश
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उपासग
पहवाएतका दियदेवनानीसहि दिव्य जोतिकलि दिया देवता,सोलापपणु नपसंयमब्रह्म अपराक मागतारुवादिछदिवहादेवेदिविजुशेर्दिवेदेवाणुसावे वहाणांडावप मकरी || लाहा पामी। सोगिपत्तासनमुखई] | अनजेमकह;] 1 मुंदरसान31] रिक्कमेपालधापना अतिसमणागयातीतंतेएवंनतवतिते वदसिमुद
11 गोसालानो मरवनापुत्रनो धर्मपरुप्पोजिणधर्म उचाननपसंयमबम्हच पाकर्मवादिक शणगोसालसामवलिपुत्तसाधम्मपात्राएचिवमाणेश्वा जावपरक्कमेश नधी सर्वपदार्थतजनिसजाजिमऊलहारबश्ते अनेविफउन्न लगवंत महावीरमोधर्मपरुप्पोबरंजेहता वानितियासतावा) मंगुलीएसमस्मासगवउमहावीरस्मधम्मपाती। सर्वऊरंतपसंयमवदनचर्य पुरूषाकारपाकमकरीनई अनिपलसर्वपदार्थ तेहतमावि तेषोडं। अविवाणेश्वा जावपुरिसकारपरकमेश्वा अनिसियासतावा तंतेमि
श्रापहातिमजजश्तेतणीगोसालानाधर्मजलो मण
कांकहरंबई
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वचना पनी
ऊपबई
मिथ्या तिवार तेदेवता इ.]}ऊंडकोलिया। [श्रावक-] एडवचनसांतलानई सेकाउफनी] बाततेणसेदेवेकंडकोलिएरणासमोवासएरणएवंवुत्तेसमाणे।संकिए। मननविषसंदेहउपनो कलुष समरिहित !! ऊंउकोलिया| श्रावकनई॥ जावकलुससमावो नोसंचाएहि कंडकोलियस्मासमणवासयस्सा घोरोई पामोरवनिप्रमोन्नरमारया पनामांकित उत्तरीयवस्वा पुढविसिलापट्टउपरिमेहेना
उसपति उत्तरदेवाननसमधःका ।।। किंचिपमोरकमातिरिकत्तए नाममुद्दयंचाउनरिछयंचापुतविलापहएछ नई]] जेमभाव्यो। ऊंतो॥ ॥तेदिशिन विषरंगयो॥ ॥तेकाल|| ||तेसमानविष वेति जामेवदिसिंपाउनणतामेवदिसिंपडिगए तेणंकालेएतेसमएणं सामासमोसस्या ऊकोलिक। श्रावकई|| ||एमा कधा! लायेषकरंजेसामी सामीमहाततएसेऊंडकोलिए समणोवासएश्मीसेकहाए लष्ठेसमा
तिवारपबी
समो
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पबर
६२
पबइंदर जिमकामदेव तिमवादवानीमयो वांदानई सेवासक्तिकरी धर्मकधासातला ऊरकोनि
णे दहउँदाकामदेवोतदानिग्रति जावपछवासतिधम्मकहा कंडको नपासणी
श्रादिदेर्शनई श्रमणतरावंतमहावीरदेव । ऊंउकोजियश्रावकतई। मकक्षिा देऊंडको लियाईसमरोतगमहावारीऊंडकोलियंसमणोवासयंएवेवयामा सेणु लिया। समणोपासक कालरंजन।। बेपदोरमयाननसमा ए कंडकोलियासमोवासियाकलेशं पुवावरण्हेकालसमयंसी। असोगवाजीनऽविषई। । एकदेवता तुम्हारीसामीपत्राव्योत्रा तिवार तेदेवताई नामांकित{धिका
आसोगवणियाएएगेदेवेतियेपाउत्सविता ततसेदेवेनाममुद्दयंत निमजश्ववनजाणवळ तेषरूं| देऊडकोलिया। श्रावक ।। एअर्धसाचोबसमर्थनई पुई देवजावपगियासेणूणंऊंडकोलियासमोवासयालेसमोदिता
वीन
पद
पाबोग
परनाऊ
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बोलिउपअर्पण नेमारबंधन हिमकामदेवति । आर्थनई श्रमण सगर्वतमहावीरदेव||घण||| अवितंधणेसिजमंजहाकामदेवेप्रजोनिममणेसगर्वमहावीराबहवे श्रमण नियंधनई नियंघनई)आर्मवीनई) | इसकहि जदपा तिमादेार्य रहता समगा नियंघायालिगंधाग्यामंतिताएरवयासी जस्तावऋद्योगिहि गहनावासिवमतांधकां) अन्पत्ताधीअन्गदर्शगा अर्धकरी देसईकरा । अन्नईकरा कारणईक गोगिदिमवसंताएअमजबिएअहियाहेजहियापसिणेहियाकार कहिनश्करीतेदेवतान।। | निपाष्टकम्पोनेनाप्रश्न वागरणनिपिष्टकस्योपमार; उत्तरदेश्सक|दे दियावागरगोदियानिप्पपसिहाशेवागरणकरेंति सहापुणाई आर्याश्रमणे|| नियंघो। शदशांगी गणिपिटका प्रमुषसिकतनावेतातेदनई अन्पत्तीधी छोममणेहिनियहिंऽवालसंगंगणिपिटग अादिधमारोहिंग
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परवादीनई अधिकरी यावत् निपष्ट करानई जापासक निवार ते एई श्रमलनियंघ चनि
बिया अदियजाप्पपसिणावागरकरिनानतोतिसमणोनियं उपासग
निग्रंधाए । श्रमण नगवंत मादावीरनविचन सहितको एअर्धविनयकरी । मौत छायानिगंधाज्य समासगवत्तीमहावारस्मतदतिपयमविणएरपडि ल्पो । तिवारपाते। ऊंडकोलिक) श्रावक। श्रमणसगर्वतमादावानावादी सुरक्षिततेसऊंडकोलिएसमोवासय समसगर्वमहावीरं वदति नमस्कारकरी प्रश्न पुबीन अर्धयदानई। जिम आयो तिमलेदिसइंगयो नमसतिर पसिणारंपुतिरहमादियजामेदिसिंपावनय तामेवादित || मामी बाहिरजिणपदनविषई विहारज्ञविचस्या निवारपनी ते ऊंडकोलियो पडिगए सामाबदियाजणवयाविहारविहरति ततेतस्मऊंडकोलियम
६३
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॥ श्रावक
श्रात्मा
| घणुं । सीलव्रतादिककरी पोलानोसावतो व को) चउदवरमयत्तिक | समणे वास या बहु हिंसी बजावण्णा नावे मालम चोदा संव मईधक) | पनरमुं }} ॥ दरस ॥ || वरत नई | घक | | एकदा प्रस्ता रातिवीत्तिकं तापेन्नरस्तमस्मयांसंदञ्च रस्म | अंतरावहमा एस्मा मया | वरं || जिमकांमदेवनी पर | निमज वडापुत्रन ) कंटबनविषघापीन | पोषहसा लान निषई ।। कथाईजिदा कामदेवो नहा जेठपुत्रं बेठा देता जाव पो सहसा लाए। | धर्म तीर्थंकर नो पुरुप्पो || संगीकार करीन || विचस्यो || इम गीयारश्रावकनी || प्रतिज्ञा ॥ | डावधम्मपत्ति उवसंपछित्ताविहरति । एवं एक्का रस उ वा सगपडिमा तो तिमज पाली नई | सौधर्म कल्पनेविषरं । काझविमान इंदेवना अनुक्रम माहानीदेहमाद सास ।। पाई उपनो रुपमा ले डावच्यं तं करेति निखे वो६ ॥ ॥
समाप्त
नुक्रम
लदेवजाव मोम्मेको
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उपासकांग-उतुंअभयन ऊंउकोलीयानुंसप्तरी ६) सातमुंअभयनपारा मनि जवासगदशाबठंशयाँसम्मतं॥हासतमस्समवेवन एवंरख श्चरंदेबु तेकाल तेसमानविष पोलासपुरनामानगरऊतो सदसंबवणउद्यानऊतो मुर्डबुतणेकालेणं तेणंसमएगण पोलासपुरंनामनगरसदसंबवाँउद्या । जितशत्रुराजा । निदा पुलासपुरनगरनविषई महालपुत्रश्स्पर्शनामशे ऊसकार ) एडियशवरायातचएणपुलासपुरेमगरे सहालपुतणामऊतकारेश्रा आजादेकोपामकसईश्राजाविक गोसा गोसालानामास्वनाअर्ध लामाबई यहीयान पुयालई लोकहियई तेहनाआज्ञापाजावाजापराव जावितोवासएपरिवसति आजीवियसमयंसिलघवेगदितपुलिया अर्घषु निश्शश्कस्यो विशेषकरीअर्धय गोसालानाधर्मानविषश्अनुरक्तब देनाउषवंता बीनई बनर्वबई हायाबा नोतचकरी जाणतो विलिहितोपत्तीगहियअधिमिजापमाणुरागरले अयमाउसो
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गोसाला नोधर्ममत | अर्धपपरमार्ध तेषुसार सेषमा कला सर्वे मच्या जीवी कहना गोसा जो कहानईविष
तब
नई
小
पवंच्या जीवीय समवणं/च
याजीवियसमण्यं परम से सेाधित्ति पोतानच्या मासावतोध को वि }} ते | सदाल | पुत्रनई ]
चरबई
गोसालाना श्रावकन। | एक हिरण प्या नावे मालाविहरति तत्र सद्दालपुत्रस्म व्याजी विजवासग स्म। एक्कादि नीको डिभूमि न विषडाट (बई | | एक दिशानी को डीनो व्यापार बरं | | एकदिनी को डीनो ॥ ॥ रल कोडी निहालपत्ता ३ | एक्वाहिम को डीव हिप उत्तान पक्का हिरण कोडी घर वापरो धानको एकवये दस सहश्र गाईएक वर्ग गोकल | | तेहनत्र्यग्रिमितासनामार्या दिकब पविचरता गेवपट्सगो साहस्रिणंव | नायमित्रानामंसारि महालघु तर उध ऊंती | | तेढ्नई || सद्दालपुत्रनई | | गोसा जाना | श्रावकनई || पोलासपुर | | नगर|| यादो तमसद्दाल पुत्त्रस्मा आजी विउ वासय स्म | पोलासपुर नगर
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रिनादाद
पापकर दीधोबोल्पो सालयता नई
यानईजेशम कणदिक
गपालीनानाजन घडा
तिलादिकनासाजन पुत्रादिघणा पुरुषनई। । कोहीसुराकर ब
अनेशदोहाणी चोदाटीकरण करवडाप्रमुख दगालाजापवासाजनातलना
नरी माटीना ताजन
सबहिया पंचसयासकारोबातिरमणबदवेपुरिमादितयितन्त्रवि उपासगी
(दिनयतपत्तातिवे घणा पालामा गाड्या घालामानक घडापमिद अस्थघडाप्रमाण क या कानाकर्मि बदवेकरण्यावारण्यपिउरण्याघडण्याअवघडएयक सायान आकारई बसण्यापलिंजरण्याबुलायमधियानकरितिणेयसेबहवेपुरिसा मनुरी चो योम जानष्टतादि दिनदिनपत्तई तेदनाजनघणा पालानापमु पुर्ववत्र उहियादिक दिसमश्नवेयशा कानाकतिदिबऊदि करपदियाजावहियादि || राजमार्ग्रनविषईवेचतोधको आजीवीकाकरताधका तिवार तेमहाजपुत्र गोसालानो । यरायमगंसिविक्षिकप्पेमाणेविदरंतिततेणेसेसहालपुते याजावितो
विचरईबई
पनी
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Ad
श्रावक | एकदा प्रस्ताव | | बेपदोरमध्यानन) | समई॥ ॥ जिदां | सोग वरणीया वाडी । | बासए रमया कया। पञ्चावरण्ह कालस मयंसि केोवच्या सो गदलियाँ तिहांश्रावी नई गोसाला ॥ मंखला पुत्र नो समीप धर्मपरुपांगीकार क | तेणेव बवागञ्चतिर| गोसाला मंरख ली पुलस्त्र तियंधम्मपत्तिं वसंपि |रान इंदिचर बाला गेो ( तिवारपबी || सद्दालपुत्र | | गोसालाना श्रादक नई ॥ एकदेवता समीप । तादिरेति । ततेां तखा सद्दालपुत्रस्म याजीविन वासया । एगे देवे निय चावी नई। / तिवारपबीते देवता / गगननविषइंजन | घुघरी फांऊरी व जाडीन ] स लावस्त्र पद्ि पाउसविञ्चा| ततेां से देवे। तलिक पडिवो । सखिखि लिया | जावपवरप
नई | | महालपुत्र | गोसालाना श्रावक प्रत ) | श्मकजिं । यवम्पदं । देदेवा पिया।। रिहि सहाजपुत्रं याजवितो वासयं । एवं वयासी । पहिने णं देवाप्पिया।
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काल इंदांमा दामाद जे ऊपनुंबई ज्ञान दर्शणतेतीत वर्तमान श्रागमया जाएबई नाधरणदारबई) कालनी कालनी कालनी
I
"
नई
उपासग
जालाई
สริ
आदरणाय बरफ रवाना
कलमा दामाद | उपो रमा पदमं धरे। तीयं पशुपमा लागया| जा गए३ रित तीर्थंकर केवली सर्वज्ञ सर्व सर्वदेष | त्रिणि लोकनदि | मोटाइजनीक | देवता मनुष ष वंदनी क ६६ अरदास केवल सहनुस इदरिसी तिलोक वे दिया मदियपुश्य सदेव मरणु असुरकुमाररूप लोक अर्चना योग्प | वां दवायोग्प | पुजवा योग्य | सतकार वा योग्य सन्मान देवायोग्य या सुरम्म लोयस्म श्रञ्चलिये। वंद लिये प्रयोि । सक्का र लिछे समाएल लिखे चिंतन | सेवा कर वा योग्य ] | सत्यकि याते नी संपदा संयुक्त || कारी कारी रिडंत कनाणं मंगलं देवयं चिंतियं जावपकवास लिखे। तब कम्म संपया संपते। तेनइंतेमा वांदयो | सेवासक्तिकरयो] | पालियारा [बाजोट | पारीयो | घानक ६६ तेलं चर्मवदिद्यादि जावप कवासेद्यादि पाटिहारपयो। पीढ फलग सिद्या
זי
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नई
मंधारादिक आमने अापजे बेचारानिलिवार) मकहीनईतेदेवता लेदिसधका अामा तेरि घारगण उवनिमंतेद्यादिदोच्चंपितचंपिाएवंवयंतिजामेवदिसिंपाउनएता सनविषरंगयो | तिवारपली तेसहालपुत्र) 1गोसाजानो श्रावक देवता मेवदिमिपरिगए तरणतस्मसातपुतस्मात्राजावितोवासगरमातेणंदेवे । एहवुवचन / सांतनश्यकई एदवूआगति अध्यवसाय उपनो। म निश्चमाहरो धमा
एवंवुत्तस्मा समाएरमाश्मेयारवेशविपसमुपन्नोएवंरवलुममधमाय || धर्मानोउपदेसक }| गोसालो मरवलिपुत्र।। तेमादामादण उपनांझानदर्शननोधरणहार जा रिएधम्मोवएसणगोसालेभरवलिपुनेमादामादणे उपराकाणदंसणधरे जा वर मराकियातेदना संपदा संयुक्त ते कालि दी) आवस्पर्श नगवंतनशंज नांदी वतच्चकम्मसंपयासंपन्ने सणकादंदछमागछिस्मतिाततेणंअवधि
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"
सूर्यग
याबीनई
लागा
सिहं । यावत् तेनी सेवा करी सई | पाडिहार पीढफल सिद्या संघारा प्रमुपनि मं । तिवारी) वि सामिजादपद्यो वासस्सामि पारदारियां ज्ञाव व निमन्नस्सामि ततेां क उपासंग हॉल इंवाइये। श्रमण सगवंत महावीरदेव || समोस्या || परषदा वांदवा यावी सेवा करवा ६१ | जावजलते समऐसगवंमदातीरे जावस मो सरिए | परिसानिया । जाद पद ? || सदालपुत्र गोसालानी | श्रावक ] | इहवी कमावासी जाधव कसां समाजे ||ति | तते एसेसद्दालपुत्ते या जीवी तो वासय् । इमी से कहाए | ल६ हे समाऐ | || निश्व | श्रम सगवंतमहावीरदेव | समोसरचा [तिहां] जाउं ) | श्रमण नगर्व नमहावी पर्ववतु | समणे सगर्वं महावीरे जाव विहरति । तंगचामि | समस गर्वमहा रन वानमुस्का | सेवासक्तिकरुं। एहविचारी नई | स्वान प्रायश्चितमंगलकक सजीव ६५ स्याए स्त्र पहि वारंवंदामि | जावपक वा सामि | एवं संपेदिति । एहाए जावपाय चिते। सुपा
पबी
करू
कस्चु
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घको
सनई) मनुष्यनपरिवारिपरवपो पोतानाघरधकी नासरीनई] पोलासपुरनगरमध्ये महि
अप्पमएमवगुरापरिगए सातोगिहाउपडिनियबतिशपोलासपुरनगम | महिधका नासरीमई। जिहांसहेसंववन उद्यांन] जिहां श्रमण तगवंत महावारदे शमशेरनियबतिजेरोक्सहसंबवरणेनद्याजेणेवसमरणेसगर्वमहावी व तिहां प्राचीन विलवार प्रदक्षणा करीन) वंदनानमस्कारकरीन) रेतेणेव उवागमति तिखुनोत्रायादिणं पयाहिणंकरतिरवंदेतिनम मंति सेवासक्तिकरीनश तिवारपना श्रमणसगवंतमहावारदेव सहालपुत्र। गोसालानो) | जावपछवासति तणंसमसगवंमदाबारे सद्दालपुतस्माजीवितो | श्रावक । तेहपतविस्तारसहीत धर्मकधाकही कहधक सहालपुत्रवादिदेना वासगस्मातासेयमहसी जावधम्म कहासमता सदालपुत्रादिसमणे।
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तपासग
६५
श्रमणगर्वतम सदालपुत्र । गोमालानाश्रावकघतज्ञ श्मकहिउँ । तेषरूं देसदालपुत्र संगमदावारे सहारनपुतं श्राजीविक्वासयं एवंवयास साम्सद्दालपु 11 गोसालानाश्रावक || कालजमनपाललापहोरन विष जिहांसोकवाणि नाभाजीविनवासया कलंचमं पञ्चावरण्दकालममयंसि जिणेवसो कातिहं विचरतांधकी। तिवारपनाउने एकदेवनासमापत्र्याचानई तिवारपबीतेदेव गवलिया जावविदरंसिाततेवर्श एगेदेवेतियंपाउत्तविश्वाततेणं सेदो ता आकासजर्शन मकदिन देसहालपुत्र तेसर्वपुरवलीपरि पनवदीश्रा
तिलिरकजाव एवंवयासी दसोसदालनातवेवसाईजावपछवास गो तेषम् देसहालपुत्र एवर्षसमर्थक हास्वाभाएपमा लेनिश्चशंदेसहालपुत्र।। सामि सयङ्गमहालपुना असमर्दिता विनोबलुसहालपुता।
जपरु
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तणदेवताई गोसालामरवलीपुत्र श्राश्रीश्मनकद तिवारपबी तेसदालपुत्रा तदेवेणं गोसालभरवलिपुत्तंपणिहायएवंवुनीततेवंतससानपुतस्म गोमालान श्रावक श्रमत्तगवंतमहावीरदेव पहुवचनसीसलधकई) एहवन आजीविउवासगरमासमतगश्यामहावीरे एवंवुनस्वासमाएएस्माश्मया
अभवसाय उपनो श्रमणसगवंत माहावार। (तेमाइमादण उत्तपन्नज्ञान रुवेनशचिएसमपन्ने एसएंसमणेत्तगर्वमहावारेमहामादणे उपमहा। दर्शणनाधरणहार यावर सत्पक्रिया तेदनीसंपदा संयुक्त तोश्रेयानिश्चर मुझनरंजो श्रमणलगवेन
दसणधरे जावतचकम्मसंपयासंपउत्तेतिसेयरवलु ममंसमवंतगाम महावारनें वार्ड | नमस्कारकरूं। पाटीयारा | पाटापार धानका आमचुंचा। | श्म दावारे वंदिता नमसिना पाडिहारिएणं पादफलद जावनवनिमंतितर एवं
बाजार
दिक
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उपास
५००
वीत्तवी नई )] उठ) उहीन | | श्रमण सगवंत माहावीरनई | वांदी ] नमस्कार करीनें / इमक हिउँ संपेदितिर उसाहिति२) समां सगर्वमदा वीरं वंदति न सतिश पवंदया ॥ इमनिश्वई हे सगवंत | माहुर | पुलासपुर | नगरबाहिर ] | पांचस ऊं सारानां दारबई ॥ ॥ FU सी एवं खच्खुतं ते ममं पोलासपुरस्म | नगरसब दिया। पंच कुंकारा वलसा | तिहां | उमे | पादिदारी पारिपाटियां || संधारादिक ] ] लेईन । ] विचर जो || तिवारपछी ॥ | तचणं उझे पाडिदारियंपी जा व संघारयंत्र गिल्हित्ताएं दिहरह तते एंस श्रमण सगवंतमहावीरदेव || सद्दालपुत्र || गोसालाना | श्रावकनुं । । पहुवचनसांतली नई || मणे सगवं महावीरे| सद्दाल पुत्र रमजीवि वा सग स्म । एयमहं पडिसुऐति जिहां सद्दाल पुत्र | | गोसालाना श्रावकनां । | पांचसई ऊं सारना हार बीति | प्रभुक एब लीक सद्दान पुत्त्रस्म या जीवीउ वा सगा पंचऊंन कारावासप्सु फा सुएएस
बाताह
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Mar
का चु
साजन
निरदोष पाटीयारा बाजोट पाटीयादिक | याची नेईन तिहां (चिचरइंबई) शिवारपढी] ते सहा जपुत्र लिद्यं पाडि हारीयं पीढफलगं | जाव उगिएद्याएं विहरति । ततेां सद्दालपु | गौसालानो| श्रावक }} एकदाप्रस्ताव न विष । इषवायर जगाएगा | अंतकार तेड़ना | सालामाहिंघ से श्राजीवी उदासर या कथा वाया हवा को लाल तं तो सा का }} बाहारका टीन | तावड | मेल्ले बाबु तिवार ते श्रमण सगवंत माहावीर दे लाहंतो बहियानी ऐतिच्यायवं सीदलयेति। ततेां से समले संगमादा व || सद्दालपुत्र || गोसाला नाश्राव कातरं | इमकाउ || सद्दालपुत्र | गोसालाना || श्राव वीरे सद्दालपुत्त्रं त्र्या जीविन वासयं एवंयासी | सद्दालपुत्तात्र्याजी विजवा क | | एसांडाकिमकीधां ॥ ॥ तिवारी | तेसहाउपुत्र गोसालानई आबकई॥ सया | एस को लाल संडक | ततेांसेस हालपुत्ते च्या जीवि उदास ए
(
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मिश्रितमीसई
कफेरवीनई
श्रमणगवंतमालावारप्रतमकहि पसांडा गवंत पहि माटीअासातज तिवारपनी/
समसगर्वमहावीर एवंवयासी पसलते पुर्छिमहीयात्रामा ततोपचान उवासग करतीजवान राषनघोडानीलादिसामर्श एकचोपिकरीनई एकरच किचदावारंपबच
दए निमिति बारेणयकारिसेसायाएगउमामिछति गश्चकेमारुतिछ तिवारपला घणा तिहनाघडाप्रमुष उहीसाप्रमुषतांडानीपज तिवारपना श्रमणसगर्वतमहावीर वितउबदवेकरगायनावा उहिया उहियाउकयति ततेसमणेसगर्वमहावी देव महाल पुत्र गोसालाना श्रावकतई मकदिउँ सानपुत्र गोसालानाश्रावक । र सहारनपुतंत्राजाविधवासयंपवंवयासी सहालपुत्ताधाजीविनवासया।। एऊलालमाटानोतांड किमउस्लानादिकई याव पुरुषाकार पाकमकरीकीजईकहा एसकोलानितंडे किंउमाणे नाव पुरिसकारपरिक्कमेकातिाउदा
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ऊ
वर्षतई
अधवा उस्वानादिक पाषरं | पुरूषा कारमा कर्मपाप करी की जई | तिवारपनी तेसदालपुत्र || हाणंजा व पुरिसक्कार पर कमेणं कांति। ततेां से सद्दाल पुते चा गोसा जानो श्रावक | श्रमण सगर्वतमा दावीर दे । इम कदबई | सदन ज्यत्र्य एंस्वाने | जाव पराक्र जीविधवास ए| समणं सगवंमदा वीरं | एवंवयासी | संतेाणु ठाणे गं| जावापु मयत्रादिकपा बरंदो नधी | [ उस्वान) [ यावत् | प्राक्रम | जगमा दुई | निस बई | रिसकारपरक्कमेणं | एािणितिया | जावपुरिमक्कारपरक्कमेतिचा नित्या | सर्वपादा | तिवारी | माग वं नमहावीरदेव | सद्दालपुत्र | गोसालाना श्रावकत्रतरं | इमकहिज सच्चा वा न ते सम ऐलग वंमा दावीरे| सद्दालपुत्तं ाजी विज वासयं । एवंवया || हेमद्दालपुत्र || गोसालाना श्रावक प्रन) इम कहि | देसराजपुत्र | | गोसालाना | श्रावक' | सी महालपुत्त्रा च्या जीवित वासयं । एवं वयासी सद्दाल पुलाच्या जीवी वास
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पचमा ।
करई
लीमई
पर
परिहव
|| जोताहरा | कोएकपुरुष } \वायरशंसुकाणां । श्रग्निकरीपाकां । ताहां सां डानीमा हे। पदर या । जतियां खझे के पुरिसे वाया दयंदा पहिलयंदा को लालतंडं वह रिजा उपासंग चोरई | विश्वेरीनां परं काकरानी को की जड़ा बाहिरका दीना । नत्रयीमिता सार्या वा विविरेद्यावा सिंदियावा या बिंदिद्यावा परिहविद्यादायगिमिनार वा सारि साही ते सा वशं विपुलधन | लोग सो गवतो ] ] धको |] विचर) |ते | तुम्हे | पुरुषन | किस याय सिद्धिविनलाई सोग सो गाई | सुं जमाए विदरिद्या । तस्मणं च मं पुरिस्मा किं चंदंड दीप बरं हेतगवंत ॐ || तेपुरुषनई (याकोबा | दंडादिककरीन राडीकरी खडगा }} इंमार्फ बांध दिक दंडवतेद्यासि संतेय देतां । तं पुरिमं या उसे द्यावा | दले द्यावा बंधेद्यावा / वधेद्या करानें डोली सरिष्टाचा पेरादिधन्यादिसर्व नष्टवचन किंबहुना जीवतव्य थकी काले चैव जीविया
सदान पुत्रकहर
पर
गानप्रमुषा काल
रहितकर
वरईस वचन
कहा
उदालील
घा/ तो द्यावा / ता लिद्यावा निबोडिया वा निर्झने द्यावा
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कर
तिवाररंजीवधारहि तिवारपबीश्रमणगवंत श्मकदि) देसहालपुत्रनिश्चश्नकरता कोश साववरो विद्यावा ततेसमजावएवंवयामी महालपुत्तानोश्वराम के एकपुर तादृशंसानन अग्निकरीपाको इस्पाङलालसाडीते अपहरईचोर भवन जाणवका पुरिसे वायाहयेवा पक्केलयंवा कोलालवहरेसिवानावा परिध्वेति नहें। अधिमिता | नार्या । | संघातशेविपुलघएं तोगतोगवईनही भोगवनोविचरश्नही ।।
अग्रिमिनाएवासारियाए सिद्धिविनलाईतोगतोगाशंकमाविहरति) नकरचं उम्तेपुरुषनई. श्राकोसनकरई नमार) अकालेजीवधको विपरीतनकररंगनोवानुमंतपुरिस अाउसेसिवादणेसिवा आवश्रकारलेचेवजीवियावविवरी
अनइंजना नघाउस्लोन । यावत पुरुषाकारपाक्रमनधी निसबरं सर्व विधसिजति मचिउधाणेतिवा भावपुरिमवारपरक्कमेतिवालितियासब
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जन
-कांश मार बांध
राधीन
शेणश
मजी
साव | अधवा तादरांना केपुरष वायरइसका तेचोर परिहवशं अनिमितातार्या संघातई उपास
साचा अदमंत्र्शकेश्पुरिसे वायादयंवा जावपरिष्वेतिवाणिमिनायवा | तोगतोगवताविचर) तोडं तेपुरुषत्रप आकोसमारई जीवतव्यधकीविपरीतकर सोनेउँमकरु इजेजीम जावविदरतिमेवातंपुरिस आउसेसिवाजावववरोविद्यास तोजवदामिण स्नात उस्मानादिक जावपाक) सर्वपदार्थनिसलई । नेमियाचवचनते यहां सदालपुत्र | गोसाला स्पर्शाताग सामिाणेतिवा जावमितियासवसावा तंतेमिला एचएसेसातपुते अाजा माना वकसमायोजगवंतना | तिवारपनी तेसहानपुत्र | गोसालानो श्रावक | श्रमणगवंतमहावीरमें तेजाजर
नही तो वीउवासएसबुक्षततेसहालपुत्ते भाजावीतोवासए समसगर्वमहावी कांमार | (बौदा नमस्कारकरी मकहिउँ | वांबउ ब5 उम्ला समापई धर्म सोत्तल तिवारपना पर रंवंदति नसति एवंवयासी श्वामिणंउतिए धनिसा मिन्ता ततेणं जोमारली
मनधी
ऊउतरुनी
नाघ्ना
तोताहरई
वचनमान्मा।
ईतोलाई अंकशाउँको उजनीश
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श्रमण सगवतमहावीरदेवई महालपुत्र ॥ ॥ गोमालानो । श्रावक || तेदपतई धर्मकधा समसगर्वमहावीरेसहालपुत्तस्माश्राजावितोवासयस्मातासेयजावधम्म कदा तिवारपना। सदालपुत्र । । गोसालानरंश्रावक श्रमण सगवतमाहावीरनाम परिकदेति तसेणंसेसहालपुती आजीविश्वासप समरणस्मसगवतोमहावीर
DM समाप धर्मसोतला हास्येवरानई हर्षसंतोषपांम्पोदश्यानविष जिमयादिपम्म निमा गृहपाव स्मतिधर्मसोचा निसम्मादउजावदियाए जदाश्रादौतहागिति कमधमे अंगीकारकस्यपरंएतलोपि एककोहिसोनईया सुमिनऽविषडायांबई एकदिरणनीको डीनो धर्म परिवति सव एगादिरणकोडोनिदाणपउना पगादिरणकोडीव व्यापार । एकदिरणनी कोजानो घरवाषरोधाजकचोलादिक एकवर्यबदासहस्रगाई एकवी मर्वव हिपन्ना एगादिर कोडापविचरपउनाएगेवए दसगोसादसिएएणं जावं
शेष
१००0DEO
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श्रमलतगवतमाहावीरनई वादा नमस्कारकरीनई जिहां पोलासपुरनगरबई तिहांधावामा
समगंतगमदावारवंदतिनमंसतिर जेणेवपोलासपुरेणगरे तेवउवागत उपास
पोलासपुरनगरमधोमध्य नासरीनई जिहां ।। पोतानुंघर || जिहां भाग्रिमिना । तिरपोलासपुरं नगरमर्शमशेणं निगलतिर जेवसागिदेोजेरणेवाणिमित्ता सायो । तिहां | अावान अधिमितातार्यापतई। श्मकहि श्म निश्चशे देदेवाएं पिया तारिया तेणेवउवागतिअणिमित्रासारियो एवंवयासी एवरवसुदेवाणुपि 1 श्रमण सगवतमहावीरदेव | हांसमोसस्याबई तेमादर्श तिहाईजा जा श्रमणसगर्वतमाहावीर या समसगर्वमदावारे जावसमोसदे गलादिएंउमासमरसगवंमदावी दवनचादि नमस्कार सेवासक्तिकरे ||श्रमणलगवंतमहावारदेवनी || समापई पांचइत वंदादि जावपधूवासादि समस्मतगवतोमहावीरस्मा अंतिए पंञ्चाएवा
७३
करी
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|| सातसीष्यात ] | पर्वबारबत | | गृहधर्म | | अंगीकार करई) तिवारपबीते / अग्रिम इयं सत्रसिखावतीय वाल सविहंगिदिधम्मं पडिवद्याति ते साम सार्याई || |सहालपुत्र । समणोपासक नुं वचन तदितकरी | इम | विनयसहीत | वचनससिलीनें ताजारिया महाजपुलस्म समलो वासय स्मृतदत्ति एवं दिए एवं पडिमुऐति तिवारपबीते | सदाजपुत्र || श्रावकई || ऊटंबी कपुरुषनई | तेडावीनई ) | श्मकदिजं । / ततेां से सद्दालपुत्त्रे समो वासए को डुंबियपुरि से सहावे तिश एवं व्यासी।। सिा उतावली | हेदेवाएं प्रिया || शिघ्रकिया न प्रविष्टरु | प्रत्रायो खुरी नई पुंबन इंजेहना सम | पलं ते लाई करा संयुक्त उपत उल्पसरीषां व वक्र नही विप्पामेव तो देवाएं पिया | नऊ कर ले जुन जोईये | समखुर वालि हा स सीग बेसमा बईन्यवक्त उसी सुवर्णमय ग्रीवा नाच्या सराईयुक्त रं | प्रतिविशिष्ट कहितां || रुपामय गादानी कल्पानी वागल / मलिदियसिंगपहिं जंबुण्या मय करना वजोत्रं परविभिद्वपं श्ययाम
राजेन
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सुचनारास सुवरजेचचितकहताविज्ञानमा रासितेपाई सबलपराई नीलोत्पलत्तालय शिखर
प्रधानबाडितमाघनासिकानुबरं करीबांधा गदायाबई संरकमलईकाई जेदने
यघंटामुन्नरजुगवर कंधणवंचियणचा पदोगहिनासुप्पलकया मेला उपासमार एदवावा एडवावरुणारतानानाप्रकारमणिरत्रकनकमयजेयं पनि जेजालीका सलाकानी प
पंधान इंजोतस्योरछ । टीकाघारतणकरीसहात तेणाकरीसहित पर्नु सरह। हिंपवरगोगजुवारगयदिनापामणिकणगघंटिया जालपरिगयासुजायनु जोत्रपारी जग्मनजे पदवामारलश्म सुधिरचित निवेरपाबण जकराकरीउपयुक्त जोतरीनई यमी तेदन हनईविषई स्तंऋतिरुडा घटित रघवधानमा एदवोरछ गजात्राउजगापसञ्चासुधिरश्या निम्मयंपवरलरकरणोध्य जुत्तामवधा यंसाई रघ पक्षांन] गोमात्रा एमाहीत्राज्ञासाघेकरी पालीत्राणो तिवारपना तेकोउंवि
पानई मर्मयं जाएगपवरं उववेदशममण्यमााशियोपञ्चप्पिदाततेणंतेकोर्ड कपुरूष तेतिमजवाज्ञाकरीरवजोत तिवारपली तेअनिमित्ता) (सार्या मानकरी याव
रीनायो बियपुरिसा नावप्पिञ्चपितितांसायिमितासारिया एहायाजावे
नाम
ध
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एहवा
शरीरमविपई।
पाबितधोदप्रमुष संबै बञ्जमुल्पवस्वपदिशनई सारिअल्पमुलेबऊमय अातरणकरीअलंकारको दास पायविनासपावसाचचाईपहिरशअप्पमहम्घासरणालिंकियसरीरोचडि दामीनापरिवार परिवरोधका | धम्मीनामारछ | पनि ते उपरिचदीना पोलामनगरमध्योमहि॥ नास याचकवालपरिकिसाधम्मियजाएगपवरंऽरुदतिपोलासपुरंनगरामर्श रचनासशन| जिहांमदसंबवला) | उद्यानबई तिहां श्रावछावान) | जिहां श्रम मशेणंनियरिजेऐवसदसंबवरणेद्यारणेतेरोवनवागन्नतिर रोवस गत्तगवंतमाशावारदेवति धर्मानामा रक्षकी उन्नर उत्तराम दासानपरिवारिपरवरी मणेसगर्वमदावारे धम्मियाउजाणपवराजापच्चोरूदतिखेडियाचक्कवाल घका | जिद) श्रमण सगवंत मदावारदेव) तिढां-श्रावशंत्रावान विणवार वांदा । परिकरण डेणेवसमणेसगर्वमहावीरं तेणेवउवागतिशतिरवुनोभायाहिी
हावीन्नई
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उत्ती
नमस्कारकरीनई नाचश्यासणई दाइजोडीमरदीपका || ऊत्ता रसायका शूपयाक्षिणकरेशवंदतिनमसंलिशनचासणेजावपजतिनडा हिप्तियाज उपासग
सेवाकरवालागी | Jतिवारपना श्रमण तगवतमाहावारदेव अनिमितानार्या । तेहपतई।।। चेवपछवासतिततेसमतगवंमदाबारे अग्रिमिनाए तीमयजावधा धर्मकदिन तिवारपबी। तेअयिमित्ता | सार्याई ।। श्रमण गवंत माढावीरदेवनी ।। मंकहेतिततेणंसानिमित्रासारियासमरास्मसगवउमदावारम॥ समाप धर्मसातला हश्यान वि वर्षमंतोषपा, अमए लगवंत मादावारनई वादा नमस्कारकरी अंतिपधम्मेसोच्चानिसम्माहटासमतगमहावीरी वंदतिनसति इमकदिवं । [ मदऊंबुंदेशगवंत नियंध पश्चन। | जिमउम्झकहो लो। तेतिमन एवंवयासी सहाहामेरांतते नियंपावयणे जासेजदेयंशेवदहाल
पईमीपबई
अप
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कोई देवाणु प्पियानी I J समीपई] / घJउग्रतोगादिक दिक्षालाएतेध-पपरं नहीनिवाई कहा जहाएंदेवाणुपियाएंअंतिए बहवेज्यातीगाजावपचश्यानोवलु अंतिम समर्थनही देवाणुपियासमीपईदिदाखवा ऊदमां देवाणुपियानी] समीपई पाँच अदंतहासंचाएमिदेिवाणुणियामुंडाहणेदेवाणुपियाएंवेत्तिए पंञ्चाएं वत सातमिरव्यावत । एवंबारधकारटधम्मी अंगकारकरवासमई जिमसातातिमा क्याई सनसिरकावश्यं ज्वालसविहं गिदधम्मपरिवद्यामिचिदासुदीत तिवारपनाति अग्रिमिनासार्या श्रमणसगर्वतमाहावीरदेवनी समाप पांच अवतादिकापुकारें तेणंसाशिमिता समस्मत्तगव महावीरस्मतिए पंचाऐवश्यंजा धर्मअंगीकारकरी नई श्रमण सगवंत मादावारन । वादीन नमस्कारकरीनई तिमजधर्मियनामारघ वपडिवाति समस्मत्तगर्वमदावारवंदतिनमंसतिशतामेवधम्मियंजा
करो।
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पर्धान उप बेसीमई। जिम]] आधी॥ तिमन || गईम तिवारपनी श्रमण सगवंत
पवरं दतिर जामेवदिसंपाउण तामेवदिसपडिगए ततेसमणेत्तग उपासग
माहावीरदेव एकदाप्रस्तावई | पोलासपुरनगरकी सदसंबवनउद्यानधाaj विमहावीरेहमयाकयाईपोलासपुरनगरातो सदसंबवतोज्छाएगातो | JABAR बाहिर जनपदनविषई विचरवालागा तिवारपना तेसदालपुत्रश्रावक ।। पडिनिखमंति२बहियाजणवयविदारविहरतिततेससहानपुतेस समोपासकघ) जीवादिकपदारहजाणतोवकोविचरई निवारपा | गोसालऽमरखलापुबई । इसी मणेवासएजाए।अतिगयजावविदरंतिततेरणंगोसालमरवलिपुत्ते इमा (कया। [मांसप्लाजेश्म निश्चरं सदालपुत्र । गोमालानोसिवांतधर्मसर्वबांडीमई सेकहाए जसमाणे पवंखमुसद्दालपुनेमाजीवियसमयंवमिन्नग
६
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श्रमणनियंघनादृष्टपताविता रकामोबईतेमाई तिहाजजाईन सरालपुत्रन | गोसालानोप्रावक ताईकरनोबर्मअंगाका। समाएं निगंधाणं विहिपरिवणे तंगहामिणंसद्दालपुतं भाजावातावा करूं । श्रमण | मिगंधना] विष्टलांडावास)| पुनरपि गोसालानीविष्टलेवरावाम || सय समाएनियंधाणंदिछीवामिता पुरविश्राजीवियदिहंगिएदेवित इमकरानई पहचुवाचारीमई|| गोसालोमिष्यनई परिचारपरिवस्वो जिहां पोलासपुरानगर) एतिक एवंसंम्पेदितिराजीवियसंघपरिवुडे जेणेवपोलासपुरेनग || जहा आजीविकाससाबानिहां श्रावीनई उपगरणादिकम् जान | केतला रेडक्वाजावियसता तेवउवागछतिश्तंडगनिरवेवंकरितिशको एकशिष्पनई गोमाले माघईलामालेईनई जिहां। मदालपुर। श्रावकलाई लिदा श्रावाने वतिपहिंयाडीवीपहिंसिविजेणेवसद्दालपुते समगोवामए तेणेवउवाग
RSS
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दीदी
नघा
तिवारपना] तेमदासपुत्र] | श्रावक | गोसालो मरवलीपुत्रनई आवतोदेवाना
तिशतत्तणसानपुतेसमणोवासए गोसालमरवलिपुतं पद्यमाएंगपास उपासग
|आदरभावकारम) नलोकरि जांगतो श्मशादरावकार अणजागतोषकाविशे मोपलेर लि२ नोभादाति नोपरिजाातिप्राणादायमाणे अपरिजाणमाणे उमिण हाउविनयका निवारपना त गोसालो मरवलीपुत्र । सदालपुत्र श्रावकई || सनमुषमात्रनजो एसंचितिततेणेसेगोमालेभरवलिपुलेसहालपुत्रेणंसमोवासपणं या वतो अजाणतोधको जाएगातरंगोसालो बाजोट पायो धानकर्मधारानई श्रमण लगवंत दिधमालि अपरिजाणियमाणे पाटफलगसेयासंधारहयारश्रमस्मसग माहावारना । । गुणकिर्तनकरवालागोसदाल याबाऊंसा देदेवाः पिया दामादामादन तिवार वामदावीस्मा गुणकिनकरेति भागएएणंदेवाणु प्पिया।हमादणे ततेणं माह + ।
नकरई
प्रश्न
पब
Sai
n
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एव समणे
ईमनिश्च तिसदाजपुत्र।। प्राचक गोमालामखलापुत्रपतई मकदिऊण देवाणुप्रिया । वव सेमहालपुसेसमोवासप गोसालमश्वलिपुत्र एवंवयामी किणंदेवाणुपिया देसदाल र लुमदान मादामादनकहाई सिकार तेगोमालो मरवलीपुत्र। | सदालपुत्र श्रावकतई), श्मकहिलं
महामादणे तसेणंसेगोसालेमवलिपुत्ते सद्दालपुतंसमपोवास एवंवयासा/ पुनासम पासका श्रमण सगर्वतमहावारदेवने मादामादनकदाई किस्परंथईई हेदेवाणिय। श्मकहि श्रमण एगावास
श्रमण समऐनगमहावीरेमाहामारणे सेकेण्डेणं देवाणिया एवंबुच्चति समणे नगवंतम तगवंतमाढावीरदेव माहामादण । उत्पन्नज्ञानदर्शसनाधरण चोसहिनापुज्पनीकबई सत्पकिया पसग रुदावते तगमहावारेमादमागेउमानागदंसाधरे जावमहितप्रतिपाजावतच वमहावीर हमान करीसंयुक्त महातबई तेतेलअर्धशं देदेवाणुपिय || श्मकहि श्रमण गवतमाहावीर माहामा कहा कमासंपया संपउने से गंठणंदेवाणुपिया एवंञ्चति समणेसगर्वमहामा
हारब
उलार देवन नावाटले
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पुत्रकदव महागा
श्रमणसगर्वतमादा कर
संदालपुत्रवत
पियो
मादामादनकदाई बलागोमा जोकहर अाव्याऊंता देदवाएंपिया यहां महागोपाल3) एवइंसदान, महागोपाजो
देसदालपुत्रा रेमदामादणे महालपुत्ता प्रागएणंदेवाणुप्पिया दमदागोवे केणेदेवा इनाम उपासग गोमानापति वीपदकुंकहिउँ प्रमणलगवंतमहावीर महागोपा पणन किया देदेवाणुपिया] श्रमणमा
गोपालोकदाईगोवा वसमणे | हेदेवा
प्पिया एवंञ्चति समजावमदागोवे एवंवलुदेवाणुपिया समतगवं अमन लीगाइबलदनभरडाप संसाररुपवा घि सन्मातांत्र विनाममानश्रिीमृगादिकने वा राहाजाईनदी तिमतगवतपणि मोदर
मरनामसायमान याघ्राहिमनगम पिया मदावारोमदागोवे संसाराउवाबदवेजोवेनसमाणे विएस्समा रवधमा महायो उना२ उप स्वाति रवडगादिक ऊनादिकई कर्णादिकबेदाने बायउपअपह इस्पाजावन दंडश्करीनई तेराषता हावीरम | रत्नानाषाट तई बेदितई।।। दिती
त ई"Fधर्ममया लाइबर ब्धिमाणेसियमाणे लुप्पमाणे विलुप्पमाणेधम्ममगारंडेणं साररक
पालो घका] पालावालिन मोहपापीयाश्वाद सहयश्करीघातमिपऊ तेतेणइंकारणइंदेमदान दा
वकिस्पश्य माणे संगोवेमाणेणिबाणमादावाडे सादसिंपावेति सेतेण्हणेसहाल सकते
या
वा
चाड
घ
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पुत्र) एहतुंकहिउँ) | अमाणसगवंतमदावारदेव महागोपालपाय वलीगोमानीकन आगाऊता) इहा || पुत्रा पर्वतुञ्चति समतगवंमहावीरमदागोवे भागए देवाणुप्पियामि महामार्यवाद देवश्सदानपुगोसालाप्रतिकदुई। माहामार्धवाद । हेमदापुत्र श्रमणलगवतमाहावीर हासववाद सेकेएदेवाणुंपियामदासचवादिसहानपुत्तासमणेत्तगवंम देवते। | माहासारववाहि तेकिस्प६अर्धज्ञ देवाएंपिया] एकहि श्रमागतमदावारदेव
माहासावादि गोमालो हावीरे महामञ्चवादी सेकेएएं देवाणप्पियाएवंञ्चति समजावमादा करंबई एणिका निश्चई हेदेवाएप्रियासदाला श्रमणतगवतमाहावीरदेवी माहासार्धवाद संसाररूप सबवाहे एवंखलु देवाएं प्पिया समणेत्तगर्वमहावीर महासजवाद संसा टवामाद घणाजाव सन्मार्गधी त्रष्टा पुरवपामतान उन्माराश्रितामियाची मम्ममयपंधिकर राजवीए बदवेजीवेनसमारो जावविलुपमा उमयंपडिवन्नेधम्ममएएणं
रगई।
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मादाधर्मक
विषई
दीक गोमा
अधई
याऊता
श्रमएसग तमहावीरदेव समोचन
श्रमण
राषताधका माध्याचमाधापाबा मोहरुपमहानगरमई।
वालोबकरी पंधिएणं साररवमाणेसंगोवेमाणे निवागमहापहणसिमसामसिंपामदाध उपासग चाडई तेतेमाटतेई देसदालपुत्रा एहवउंकही] | श्रमणतगर्वत मादासावाटसमान वनागोमालो माकहाण
वेति सेतेपदेणं महालपुन्ना एवंबुञ्चति समजावमदासवेवादि आगर महावारद इहा हेदेवाएं पियामा मागधर्मकाहीवन गोमालातरकर हेदेवाणुपिया गोमालापदन्छ । श्रमण महाधीकदा दवाएपियाश्दं महाधम्मकदा सेकेएएणं देवाणुपिया एवंञ्चति सम महाधम्म सगवंतमवारदेव महाधर्मकदा। पतिकारणनि हेदेवारणप्रिया प्रमणलगवनमदावारदेव | कहापर्व पिसगवंमदावारे मदाधम्मकदा एवलुदेवाएपिया समणेतगर्वमहावी खलुदेवा | माहाधर्मकथा माहामोटीसाररूप अटवीमादि घण | जीव सन्मार्गऊंना विनासमौन | रेमहाधम्मकदामहतिमहालयसि संसारंसिबदवेजोवेनसमाणे विषम पिया
51 सदालपुत्र
निश्चरेवाएं
glu
वष्टनासता
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मयमा गादिकमध्याघ्रा मनुष्यादिकमध्व ऊत्तादिकशेकणेमासिकादि बाबाउपाधअप्पा सम्मागिपड्याळ
ना दिकरवातानई डगादिकरंदीत दाताई कदातई दरता माणे रवद्यमारणे निघमाणे सिधमालुप्पमारणेविलुप्पमाणेउमयपडिवणे पंधधकीपणित्रष्टजंता मिश्रावआप्पा] अष्टविधकर्मतमपरलसमोदकरानाबाद्याजावन | घण धम्मनलाई
धर्मकछाउपदेशदेईनई। सम्पदविप्पण्डेमिलतबलासितपत्रविदकम्मतम्मपडलपडोबणेब ई। अपस्करी देतयं पश्नउन्नररंकराचगति संसारकतारऊता। स्वस्तिकरीनि जहिदिया जाववागरणदियाचाउरताउसंसारकतारा साहानि स्तारई || नेतेणईकारणई देदेवाएंपियमा मकहाई श्रमण सगर्वतमहावीर माहायमेकवक ।
देवो पहचोकदार। बारेति सेकेण्हणे देवाणुप्पिया एवंवुञ्चतिसमजावमहाधम्मकदा भाग वलागोसाजोमदाल हेदेवाएं।
मकतिवा सदाजपुत्रगोसालानइंकाई
बईतेऊंण देवाएं पिया एणं देवाणियाइद महाणिधामण सकेगदेवाणुपिया महाणियामय
नपुत्र
पतकहनाबाजीता पियाहां।
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उपासग
८०
ककदी ||
कबश्रमण सगवंत मदावी रहे
लपुत्र
सदा जपुत्र गोसाला में कई माहानिर्ज्यामीक तिवारी गोसा जो सदा जपुन मादा निर्ज्यामीक कम ते ऊंण हे देवाएं पिया। हाय मेकेां देवाएं पिया महाविद्यामय समऐसगदंमदा वीरे म हालिया मए एवं निश्चरं | हृदेवाएं पिया सदा श्रमण सगवंतमहावीरदेव | माहानिजमकढई | |संसारमो टा समुड्मादई || खलु देवाप्पिया समणे सगर्वमहावीर महालिया मए संसारेमदास मुद्दे न जीवनमार्गमा जनमजरा मर्ण रोग सो बुरुतानई | निरंतरविशेषइंबु उष्टकमा रु पृथका मुषपाली मापामा उतानई मकरी सोसवता जाव हवे जीवन समाजावदिनुप्पमाणे बुमुमागे निबुडुमा ले व पियमा ले धम वायने डी व मोहरूपी इंतीरहं ॥ [ सहस्ति करी पऊचा उई || ते तेलइं देदेवाणुं पियास देवा ए पिया
यना
इश्क
दालपुत्र ॥
|मताप नावाए| निवारण ती रातिमुदे सादचिंसंपादेति | सेतेाठे
श्म कही एलं श्रमण लगवंतमा हावी र देवन | माहानी यी मी ककड़ी | तिवारी ते सदालपुत्र | | श्रावकई कारलाई
यई॥५
एवं चुच्चति समले सगर्वमहावीरे महानिद्यामप्| ततेां से सद्दाल पुत्त्रे समो
GO
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गोमाला | मरवलीपुत्रपतई। । एहचुंबोल्पो लोगोमालाउम्मेदेवाएं पिया प्रस्तावना जाण अतिनिध वासपा गोसालमरवलिपुतीपवंचयासी उज्ञेयंदेवाएप्पिया श्यलेयाजा
बडादानन्पायनाबोल प्रतिउपदेशलामाइसिन्नपुर्वक्रतग्रहएश एहार
तिवंतविज्ञानप्राप्त
इसोगोसा माहर
ला॥
aamश्यनयवादी श्यंउवयसलकाश्यविमाणपत्रा पत्तएरपंचशेमगंधमा भाचार्य। धर्मोपदेशक गणतगवतमाहावीर संघातबादकराम पलगोसानो यरिएणं धम्मोवएसेणं समोसवतोमहावीरेण सिदिविवादेकरित्रए गोते नई वादकरवा लेकिस्परंकारणई हेदेवाणुपिया | श्मकदिवंजेलम्हे जंसमर्थनही निश्वरं उन्हे माहराधर्मा गसमठीसेकेएंएंदेवाएंपिया पर्ववुच्चति नोरवखुपशेममधम्मा चार्य।। | माहावारना । संघातई ।। वारकरवा । । हवासालाबोल्पा सदालपुत्र प्रावक।। यरिएणंजावामदावीरेशंसहंविधादंकरिनए सहालपुत्तासमपोवासीया
गोसारना
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ना
यौवन वैतपूर्ण
लगाकर
तेजिमनामसंसाव कोरकपुरुष | तरुणणे समकालाई निपुणकलावंत। । एक मोरो बोकहुं तवाव उवास.
सेजदानामए केतिपुरिसे तरुणेनुगनिउसेप्पोवगए एगंमअयंवाएल 110) मुकर । ऊर। तीतर। बटेरो] | लावकजीव || पारेयो। काकसबा ।। यसुयरंवाऊऊउंवा तितरंवा बस्यरंवालावयंवा कादोयंवा कविलवा कागो | नेहन पाडई | दाबरकरा पाईकरा] राईकरी मुंबईकरा पिलश्करी वायसंवा सएदंवादलिसिवा पायंसिवाखुरंसिवा पुर्खसिवापिञ्चसिवालि सांगडेकर । वषण रोमश्करी । जिहां२ साइश तिहार निश्चन अणदालतई जिसिवा विसाएगेसिवा रोमंसिवा जदंगिएहतितार्दिनिचलंनिप्पंदंधरे
मवारंवारमुफ़ णश्वष्टांतश्रमणमा नघणाइ गवतमाहावारदेवरा माताश्रमणल मुजनशेधण) अर्धकरी प्रश्नकरवर्गकरीनई।
मात्रयकरणानकरपर लिएवामेव समणेसगर्वमहावीरे ममंबजहिं हदिया जाववागरणेदिय
सीचाणा
सूयरदातेसाहार
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वक्तनो.
वातंगछ
देशक
तपनकार जिहांरममनभुलईते उतरनावश्तिवारनिपष्ट व्याकरणकरई नेते अर्धतेण देमदालपुत्र पुड्वू पाटीया
नहीं तोत्र अहिंशगिएदेति तहिनिप्पटवागरणकरेति सेतेणेसहालपुप्ता एवंतु पाडिया
माटर कहिउँ नहीनिश्वसम तादरा धर्माचार्यधपि । माहावार संघातई विवादकरवा।। एणका जापति नोवलपतयदतवधम्मायरियोजावमदावारणं सर्दिविवादकरिव हणे तिवारपना तेसदालपुत्र आवकई गोमालामेरवलीपुत्रप्रतई) मकहिउँ । जेम संघारादिक
धारपणे | माहीअंसा एतएशंसेसहालपुनेसमोवासए गोसालमरिखलिपुतं एवंवयासी जामता नामक एणं हेदेवाएंपाया |उम्मे।माहरा धर्माचार्य) श्रामादावारना जता] सत्य सौरवणे माणंदेवाणुप्पिया झेममधम्मायरियस्मजावमहावीरस्मसंतेदितोहि तमिनो मु+नतम्पजधान्तत || नाव गुण कीर्तनकरि तमारई ऊ उऊन|| पाटीया बानोट पाट | Name
दिएहिंसावेिदिगुणकिन्त्रणकरेहासम्हानिदर्श पारिहारी यांपा
Shashantdai
उआयुब
विक्ष
नईटेत
दिवलीनाबा दिलषा
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नई
पाटीयादिकसंधारदिक धानेकजाची अंगाकारकरीनविचररंबई तिवारपा गोमालोमरवलापुत्रशं
ढफलयंजावजगिरिस्तावसंपधिन्नारगंविदरदातएणंगोसाले खान उपास THEATRA
॥ सदालपुत्र | श्रावकनो रहबोअर्धवचनसासलीनई ऊंसारसालानऽविषज्ञ ||
सहालपुत्रस्मसमोवासयमाएयंमपरिमुगतिरसारावरणेम। पारीयारी बाजोट पाट पाटीयादिक जाचालेईनई विचरा तिवारपनी गोसालो मरवलापुत्र | मदान पाडिहारयं पीटनावअनिशिहनाविदरतिततेणंसेगोसालमवलिपुत्र सद्दा पुत्र श्रावकमचलावा मुझनई समर्शिनही घर्षकदिवईकरीपफपवश्करी नियंघ पक्व लपुतं समोवासयं जानोसंचाएप्ति बजाहिंधाधवणेदियधानियंधातोपा नधक चलाववालोसपमाडिवाविप्रजासपमाडवा । तिमजधाको विशेष वयणासंचालित्रएवा खोसितएवा विष्परिणामितएवा तासंतोतंतेपरि
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ब
कोप पोलासपुरनगरधा र नामरीबई। बाहिरइंजिनपदनई विषई वाचरवालागो । तते पोलासपुरातोनगरातोपडिमिरवमतिरबहायाजावयाविहारविहर | तिवारपना ते ] मदालपुत्र श्रावकई || बजघjसालवतादिकईकरा पोतामोत्रा तिततेणंतस्मासदालपुनस्सासमोवासयम बजहिंसातजावत्तावेमा वतोधको वउदवस अतिकमई। पनरमुं। वरस । वरततई ] (विचाल एस्सचोदस्ससंवचराविताहंतागपनरस्समम संवचरस्म अंतरावरमा ई मध्यरात्रिनसमई एकदाप्रस्ताव पाषालान विषश्रमणगवतमाहावारदेव स्मापुचरनावरनकानसमयंमिजावपोसहसालाप समगमतगवउम
समापनोधर्मपकप्पो अंगीकारकरीनविचरातिवारपना तेमदालपुत्र हावीरस्माअंतियधम्मपलनिनवसपछिताविहरतितततस्मसहाल
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आवकनामध्यरात्रिनसमईतरंविषई एकदेवता ममाप आधीन पुस्तस्मासमोवासगरम पुचस्तावरतकालसमंसि एगेदेवे अंतियंपावत्तवि उपासग । तिवारपबीतेदेवता एकमोटोरवडगग्रहान, मजामचुलणपितानउपानिमजसदालपुत्रनई was
म र्गकीक्षा देवत्तारंपसकीया लाततेसेदेवे यगंमनीलुप्पन एवंजहाचुलगी पियस्मातदेवदेवेनवसर्ग || एतलोविशेष अककपुत्रना नवनवमंसनासुला करीन अकमलघुपुत्रमारीनई पुर्ववत् । करेति वरंयकेवपुतीनवमंसमोलएकरेति जावकणीयसंघाएति जाव
विषई तिवारपबीते महालपुत्र। [सयरहातविचरवालागो । तिवारपबीतेदेवता] सदालपुत्र परडयोमांस
आश्चतिशततेणंसे सहानपने अतीजावविहरति ततेरणंसेदेवेसदालपु ||श्रावकनई सयरहीतदेवानईचउलीवार सदालपुत्र|| श्रावक नई तंसमोवास प्रसाश्जावपासिता चळपिसदालपुतं समोवासयं।
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साग
हा
मकदि। हे महालपुत्र॥ ॥ श्रावक अवांडकनावांबक) पोसादिक वतनदी ।। पवंवयासी हंसोसद्दालपुत्रासमणोवासया अपचियपश्चियाजावनजमि तोते जिए। अग्रिमिना सार्या । । धर्मनासादापनादेण धर्मनारागरक्त धर्मनारा रक्त तत्तोतेश्मा प्रणिमितातारियाधम्मसदाश्याधम्मबिछिया धम्मारपुरागर || बरोबर मुरव उषनीमाहज्पनीदे तेमाईतेस्त्रानताहराघरवालेईन उऊआगलिमारीन तासममुहहसाहाश्या ततेसातोगिदातोगारणेमिरातवंगाघापनि नवमांसनासुलाकरीन तलतरी लोहानीक राहतेदमाहतलान, ताहह रनवससोनएकरेमिराअायासरियसि कडादियंसिअहमितवण सगरमासकर) लोहा करी | परीस ॥ । जिम ॥ श्रीमान अकालमरामजी तिवा इमंसेणय सोगिएण्याईचामिजदाएंचमांअहजाश्ववरोविजमितते
महारा॥
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पनी तेसदालपुत्र) सेदेवताई। एहवुवचनसांसलरंधकई तयरहीतविचरवालागो निवारपनातेदेवता
एसेसहालपुत्रेतिणंदेवेणं एवंचुन्नेिसमाणे असाएजावविहरति ततेणंसेदेवे Pई सदालपुत्रन सयरहीत विचरतो। देषान क्लासदालपुत्रनई बेचार त्रिवार) श्म
महालपुतं असायंकावविहरतिमापासतिर महालपुर्तदोपितइंपिएवं कदिउ। हेसदालपुत्रप्रतई निमजपुर्ववनकहित तिवारपना तेसदालपुबई तेदेवतालु। क्यासी दंतोसद्दालपुवातंचेवतणतिततेप्तस्मसदालतस्मातेर्णदेवेणं बेवार। [त्रिणवार एड्वचन |सांतलीनई इमलास्पाअध्यवशाय मज जिमचुलणापसाचीतयुं दोचंपितञ्चंपिएवंदुन्नमासमाणसानयंत्रशलिए एवंजदाचुललिपाया निमजसदान पुत्र जेणईदेवनाऽमाटो । जेणामाटोविविष्टवपुत्रमास्यो जेणेमाहोलघुपुत्रमारीनई तदेवाचति जेणेममपुत्रा जेणेमममशिनयंपुन जेणेममंकायंस
उपनो।
वडोपुत्रमा स्था
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वर
यणदार
माहरोसरीरपरडोअनई अदमणा मादी ए ) अविमिन्ना। नार्या]] | सम्पराषकार)
जावत्राश्चति जावीयममश्मा अणिमितासायरिया जावसमसुहड़ सुरवऽखनासादानारे तेदनईपालदासर माहराघरघालेबुलेन) मुझनईभागलिमारमई तेमा रकसादियातिपीयम्लतिसातोगिहातोगीसिरममयतोघापतितं टचं श्रेयतोनिश्चमुझनश्पृपुरु माखं| श्मकरीन मालवानई जिमजुतलिपिलाघांसो तिम सेयरवस्तुममपयंपुरिसं गिरितालिका उछाईएजदाचुललिविया नहे जा सर्वे जोलिबुं। परंएनलो इहांनिमित्रा कोलाहनकरतोसोसलाने कहि सेवचुनामिपिताना
सवंतालिया नवरंधशिमिता कोलादलंसुणितातणेति सेसंचुलाण परई कदिवउं हांपतलो अरुणचुगविमानन विषई निहाया आजघुतो गवीन मादा साफसई) पयावतच्या नवरं अरुणचुपउवधातो जावमदग्वदेदेवासे मिशिहिति
विपिन
सायईि
विदेन विषई।
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पारंसीइंबई।
सिंहा।
समाप्त:1] उपासगदशांगनोसातमो अध्ययनसदालपुत्रनो पुरोधयो उ दवाभो अध्ययन
निविवाउनासादसा संतपंचशयांसमन अहमस्सउखे उपास.
||मनिश्च देनंबु । तेकाल तेसमानई राजग्टहनामानगरजसो गुणासिलवामान्वेसज श्रेणिकना पए
व पवंबनुजबुतेणंकालेर रायनिदेनगरे गुणमिलेचेतिए सेवाए मरामा निहां राजगृहनगरमईवि माहासतकनामा | ग्रहस्त रदबई । कधिचंतबाई, सयातचरणरायगिदिनगरेमदासयएनाम गाहावतीपरिवसति अहेजाव तेहनश्कोमात निमआणंदनीपरई होएतलो आहिरणनाको सर्कसाठकदेतादेशविशेषज्य
वानस जाणवी विशेष तेलाईकरीअधिक प्रमाणभूमिनइंविषईडाटाबई अपरिवरजहाप्राणंदेरावरंदिरणकोडाती सकंसाउनिहागपनता || आठदिरणमाकोडि कांस्पामहान व्यापारध्वाधरंबई। बाहिरणनाकोड।। कास्पासही उठदिरणकोडीजा सकेसावहिपशाउयादरमकोडा सकस
कर
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नादिकाप्याम्गअसाहजारगारदसहजारकवरग
नेहलोघरवापरोधानकचो आच रशद जारगई एकवर गोकल | तेमाहासत्तक) श्रावकने उपविञ्चरपवनाउअध्वया दशगोसादस्सिएरगंवएणं तस्ममदासतग
रेवती । प्रमुष । तेर तायी | ऊती] | एक शादाणनधीसरूपबई।। तेह।। स्मारेवईपामोरकातो तेरेससारियातोहोबा अदीनावसरूवातो तस्मर्ण माद-मतगना रेवती। सार्या कोलाहमापनावेनापो आठदिलनाकोडिला श्राध्द मादासतगस्सरेवतीतारियातो कोलादरियांतीदिरणकोडीतो अव्व या दसहजारगाइएकवर्गहश मेषधाकतीयबार |सार्यानई पोतानापीह यादमगोसाहस्मिएपंदोबा अवसेसाएं।ऽवालसएहसारियाकोलादरि | रघकी एक एक दीरणनीकोडा लावा पकएकगोकजवर्यलाचाल दसद जारगाई पकवर्यकतो।। यातो एगमणादिरणकोडी एगमेगेयवण दसगोसादस्मिएणं वपूर्ण होला
द
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उपासग
प६
नीसचो
तेकाल | तेसमान इंविषई | | सामीसमासस्या ) | परिषदानी सरी) जिम | आद वांदवा | तिम) ते का लेणं तेणं समां सामीस मो सटे | परिसानि गया जहा गाणं दो त दानि महम्मत तिम श्रावक नो पडिवज्यो | | एत जोद्विशे या कोडिको स्पा सहित पूर्व चोवीस को कहे वांदवानी सरोज กรุงจริงๆ) |ग्रञ्छति तदेव सावयधम्मं पडिवनि एवरं चदिर को डीसकसाउ | उच्चा वीवर्य कहिवां रेवती ] प्रमुख। तेर सार्या उपरांति | | शेषघाकरं । सर्वमेकन्तुं |
ま
पचख शेष बल तिमजन्या इमंचणे - समच एतारूप अतिग्रह) एनी परिजांणवा इंचा क्या लं कारें
रेति वया रेवपामो वाहिं तेरसहिंतारिया हिं। श्रवमे संमेऊ विहं) प [ईन] | दिन दिन || चरवाति से मंसवंत देव । इमं च एतारुवंतियद् यतिजिहति कहना कलिं प्रतरं कल्परं मुजन || बेोलकां सानु पत्र ) सोनश्या तरीन ] ] दिवसा यन चर्ण कप्पतिमब दो लिया ए कंस पाईए। दिरण सरियाए संविवद् रियाए संव
लातोदिव
GE
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तमाहादार
सायकवोएन तिवारपना तेमादामतकरदस्त॥ श्रावक] जब जावादिपदानो बहरिण ततेणंसेमहासयएगादावताएसमोवासजाए अतिगयजा जोगधकई मासादानपडिलासतो विचरइंबई तिवारपना श्रमण नग, नादिरई जिणपद वाजावेजावपडिलासमाविहरतिततेणंसमण्डावबदिया जव नविषऽविकार विचरल तिवार ते रेवती ) गावापत्तनी एकदाप्रस्ताव मध्यराधि यविदारं विदरतिततेसासेरेवतीए गाढावश्याए अपयाकयाई पुवर नई ममयनविषई ऊटबजागरिका जागता) धकी! एतानरूपएडवो अध्यव सावरतकालसमयंसाऊबजागरियंजागरमागरमाइमेयारवेश सायः । उपनो) | | इम निश्चई इहो, ५। । बार बार] स्पोकना) व्याया। लिएधासम्पनिला एवंखल्भश्मीसिंज्वालसणसवतीए विधा
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5g
करी नामकता माहासतक आवकनई] [संघानई उदारसला मनुष्यसंबंधाया लोग
पणनोसंचाएमिमदासए समोवासपसमिरालाईमा पसगाऽतो उपासग
तोगवती विचरानसऊँ तेमाटर यानिश्च मुफ़ एजे १२बार ]) स्पोकितेदनई ।। गोगाजमाणीविहरिनपातसेयरवलुममा यतातोऽवालस्मविसवनी अग्निकरीनई) सस्वईकरीनई विषईकरीन जीवतयधकारहातक अनई) ऋग्रिपणवामपनगेहावा विस्मप्पणवा जावीयाउववरोविनाए। तिबारसोक्यना एक एकसुवसनीकोडि एकएकवर्गगाने आपण पई अंगीकारकरीनविचरूं सासिएपगमेगंदिरणकोडा एगमेगंवयं सयमेवउवसंपधिनाविहर माहासतक | श्रावक संघातई उदारतोगशोगक्ता विचरीस इमविचारीनई. तेद महासएवं समतावासएंसहि उरालाईजावविदरिनएएवंसपेहिनिशता
न
ខ
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॥ बार सोकानउ ) - आंतरं] विविवर॥ जोतिघकी। सिंज्वालसवती अंतराणियाछिहाणियविवाहालिया पडिजागरमागी विचरच. तिवारपना तेरेवतागाधापतिलक एकदाजस्तावई तेहा बार।। स्पोकिनुं ।।। विहरतितपणंसारवगाहावा अलयाकयाीतसिंडवालसहसती आंतरुअवसर जागानई बस्पोकिनई सस्त्रशंकरा] माराजीनेजावर मालस्पोकिनई विषदेईनाई।
अंतरंजाणिसाबसवनीसलपनगणं नद्देवेति बसवत्तीजविसप्पउगएं मारीनइं) / पवार योकिाना || पाहना । । एकएककोडिएवं२कोडिसो एकक उहवति एतासिंज्वालाहसवती कोलरिया एगमेगहिरणकोडि एगमे एवं गो तेरेवतीmaापतीला पो| पब माहासतक। श्रावक संघातई उदारपधान, गव्यं सयमेवंपतिवाति महासयएएसमोवासएणसहि उरालाई तो
तरलीधा
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वित
लोग सोगवतावकाविचराईते रेवती गाधापतिपणी मांसनालोलपा मोसनई उपासग न
गतोगाईनमाणाविहरति ततेसारेवती गादावश्णा मंसलोलुयामसेस म विषम मातिमासन विषई घणकारश्करी मोसना सोलाको तल्लीनई || सामानई लिया जाशीवरमा बजविहदिमेसेहिया सोनेहियातलिएहितधिएगि मुरष मात्र मेरी मुजब साधु पागनोमलजातिनांमद्यसंघातितेला विचररंबई तिवारी सुचाम चामेरगंचा मऊंचासी चापसणंच आसाएमागविदरति तएवं राज्यटदिनगरन एकदा प्रस्ताव अमारानो घोषजमधलकड़ियोजेन तिवारपल तेरेवता । रायगिदिनयरे ग्राण्याकयाई त्रामाधाएघुहियाविदोकातरण सेरेवईम मांसनालोलपाऊंना मांसनईविषमुछितिजन पोतानापादनापुरुषमरतेरावाने एहबुंकहि उन्हे सलाखया मंसेमुमछियाधा कोलघरिएपुरिसेसहावईश एवंवयासी उसे
बाम ताडा विशेष
सूराविशेष
तोगवताधका
दिप
वघाति कामकरस्पा।
८
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हेदेवाएंपियामादरा पादरना। वर्यगोकनधा) दिनदिनपत्तें बई। गाश्नावोउ
देवाणुपिया ममंकोलघरिएहती व पहिलोकानाकनिडवेजोगपोय डामारीनई| मुनायोतिवारपना तेपीदरनई) पुरुषईविता गाधापतियानोवचन त एउवेदशममंउवणेहातएणंतेकोलघरिया पुरिमारवईएगादावईणापत हितकाधो पत्रा विनयसहात सात्तलानई रेवतीगाधापतिणनापादरनाश्राव्या हति एयमहविणएपडिमुणेतिरेवईएगादावईगाए कोलघरिएदितो वर्गगोकनया दिनदिनप्रतई । बबई गायनावालरामारानरेवती गाधापनियापन। वाहितो कात्राकर्तिपुस्सिोडवे गोणपोयएवादितिर रेवईएगाहावश्णा आणनापतिवार से रेवता तेगाऽनुमांस सोलाकरीतनरंच मद्यसंघातई नोगवतापाताधका उवणेतितएणसारेवई तेहिंगोमंसेदि सोलिदियधासुरचक्षत्रासाएमाणाधवि
लानई
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विचरब तिवारपगते महासत्तकश्रावक घसीलबत्तादिककरी पोतानो यात्मात्तावतोयको उपास
दरतितएणंतस्ममदासयगस्माबजहिंसीलवयजाव अप्पासावेमारण उदवरसयतिकमरंधकर तिमनशविर वडापुत्रनऊटब सेषषुव पोषसालानविपई।
नोत्तारघापानई वत् स्मा चौदससंचलरावितिकंज्ञा गवंतदेवजेहपुर्तव्वेईजावपोसहसालाएसम श्रमण तगवंत धर्मपप्पो अंगीकारकरीनविचरवालागो तिवारपल तेरेवत्तीगाधापत्तिण) ।। माहवारनो।
स्मजावधम्मपल्लनि उवसंपधिनाविहरतितएणंसारेवईगादावणी मद्यपानकरीमानी मद्यनवसाईकुरा विषयाकेस उदबाबस्वतागती एनावि जिहांपोषधसाला |
ताविकलबताउचाउमाघे मन्त्रालोलुया विणकैसी उत्तरिय विक्करमाणारजेणेवपोसदसाला जिहां मतमतकश्रावकबा विहां आवानई मोइजन्माउपजावराडारपनाति ८
पताकामदीपककारीयावेचन । जेणेवमहासयए समोवासएतेणेवनवागमतिमोजम्मायजएगा|
तुलसाघुमती
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हावत्तांव
षानता
गाररसमय स्वासणासंबंधाया कटाक्षदर्शनादिकदे मादासतक) श्रावकतई पहबोल सिंगारियाईवितावासवदंसेमाणीरमहासयर्यसमोवासयं एवंद वालागा देतोमाहाशातक। श्रावक धर्मनाकामा पुएपनाकामी ]] मर्गनाकोमा यासीईसोमदासयया समोवासयाधम्मकामया पुणकामयासयकाम || मोनाकोम। धर्मनाबालक पु-पनावालक 1 | मर्यनावालक मोहनावालक।। या मोरखकामयाधम्मर्कषिया पुणकंखिया सयकंखियामोरवकरिक्या धर्मनो तरस्पाट पुगनोनरस्पोठ मनोतरस्पोठ मोलनोतरस्पोळई. किसुनई) धम्मपिवासिया पुणपिवासीयासपिवासीया मोरवपिवासीया किशंदो हदेवाणुंपिया धर्मकरी पुन्पाईकरा |मकर मोदकरा जो उम्हो मुझसंघात।। वाणुपियाधम्मावापुसिणवा सणवा मोरवेणवा जमंजमंमएसिहि।।
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सशचित्तन।
उदार मनुष्पसंबंधाया तोगतोवतोधको नीविचरतो तिवारपीते माहासत
जरालाईमाणुस्सगाईतोगतोगाईजमाणेनोविदरमितपर्णसे महास उपास.
क) श्रावक। रेवता गावापत्तिानो एअरहवोवचनानुवि तेक्वनन जाई ए
यएसमगोवासए रेवतीगादावश्णए एयम:नोवादातिनोपरिजाणाति चितअण्येतो अपजाणतो मोन्गकरा]] धर्माध्यानधानोविचरलई)|| प्रणादायमाणे अपरियाल्धिमाणि सिगाए धम्मशागोवगए वितर ॥ तिवारपना तेरेवतागाधापतिलाई । मदासतक) श्रावकनपटजाएग वनाबे विणवार म तितएणसारेवशादावमहासययंसमोवासयंदोच्चंपितञ्चंपिएवं कहिउँ हेमादासतकाममवेक्ति नेमादासतकरंतिम चितअणदेनोमोनकरी धर्मधानध्यातोति र व्यासा दंतोतंचेवसणे सोवितदेवजावणाटाश्यमाणे जावविदरति
वातकही।
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घका
तिवारपनी तेरेवती गाधापतिमादासतक श्रमणोपासकनो अादरअएपीमती। ततेणंसारेवर्शगाहावईणी महासपर्ण समरणोवासएगादाश्यमाणे अण जाणतोतेस्त्रानोवचन एडवी निमावीजेदिसघका तिमनगई || तिवारपना]
अपरियाणियमाएगजामेवदिसिंपाउनया तामेवदिसिंपडिगया सपणं ते मादासतक श्रावक पदिलीश्रावक नाप्रतिज्ञा अंगाकारकरीनई) / विचरमंठ सामदासयएसमोवासए पदमउवासगपडिमंजवसंपधिशाग विदर । पहेला श्रावकनी प्रतिज्ञा जवामुत्रनया तिमअगायारपणिकावी तिवारपळाने महाशतक) | तिपदमउवासगपरिमाहासुन जावएक्कारस्मवितएशंसे महासयएस
श्रावक नेतिझाकरवल अतिऽबलजबानसाजालनासरीपद तिवारपलाते महासतक मोवासए। तेणं चरालेणं कावकि सेधमसिंतएजाए तएणंतस्मामदास
पुरीकाधा
राउदार।
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उपासग
तिज्ञाईकरी
श्रावक। एकदाप्रस्ताव मध्यरात्रिनासमान विषई। धर्म यगस्मसमणोवासयस्मात्रणयाकयाशपुवरनावरतकालसमयसिधम्म जागरका जागताधको पदचितववालागो घामानिश्चई जापनगायारउदारण जागरियं जागरमागरमा अयंत्रशचिएएवंखलुअश्मेणं उरालेणं) जिम आणंद तिमन] | बेदलामरानतिई। मैलेषणाकरी मुघुलसरार सात जदाश्रारणेदोतदेवाअपश्चिममारणतिय संलेदणासियसरीरे सक्षपा पालागावांबतो मरणरुपकालअणदाबतो। विचरईलई तिवारपबा तेमाहासतक। एंपडियाइरिकए कालेप्रगावकरवमाणे विदरतितिएणतसमदासयास
समणोपासक] मुताध्यवसाध्यानरंकर अवधिज्ञानावरणकम अवविज्ञानप समोवासगरमामुहिणं अशवसाणेणं जास्ववसमेणं नदिमाणेस
र
मदयउपसमई।
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हुनयोजन कसरूयोजन दिसई
पार्वदिसिलवणसमुई।। । एकसदश्रयोजनप्रमाण हेत्रसामजोग देष | माद पन्ने पुरिश्चिमेलवणसमुद्दे जोयणसहस्मियंस्वितंजारापासत्तिएवंद हिएइंपकस पश्चिमदिसए उतर चुलहेमवंत वर्षधरपर्वत सामजागर देषज्ञ खि पञ्चचिमणानन्तरेणंजावचुनदिमवंतावासदरपवयं जाणापासति नधोलोकरंअधमरनप्रसानरकटधवीए) लोलुखुउनरकावासो चउरामासहस्रवर्ष) आयुनिस् अदिश्मीसेरयाणपसारापुटवाए लोलुचुयनरयेचउरासीईवाससहस्सा सीमकर्म। जाणाई देष तिवारपळा तेरेवतागाधापतिण इणिषस्तावमद्यपानक श्योजाणापासत्तिातएणसारेवगादावई अमयाकयाईमता जाव शेषनवी उदवाबस्वतांणनाउघाडेमा जिहांपोषधमाला जिहां महासत्तका राषनव नद्यनेवसरकरालुलताघुमना .
श्रावका उत्तरियक्किममाएर जैऐवपोसहसाला जेऐवमदासयए।समगोवा
रीमाती
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उवासन
D) लिहां श्राचानई महासत्तकश्रावकनातिमनुर्ववर याव बनाने वणवार एमकदि)। सपणेवउवागनश्शामदासययंतहेवतगति जावदोञ्चपित्तचंपिएवंवयासी दिनावकश्मा मर्ववरक िमहास
चरका महास श्रावकई दिकतामन तिवारपलाने तक
रेवती गामापतिणणबेनुं बेवार विणवार हसीलदेवतएरोसेमहासयएसमगोवासए रेवगाहावर्शाए दोचवितछवि पदबुवचन सोसलान रासाणोक्रोधधमधमवालागो अवधिहामाईजुजीनव जालीन रेवना
विज्ञानकरीने विशेषजागई। गाधापत्तिला एवंबुसमाणे ग्रासुरुधवदिपजउदिमाणेातीपश्शरेवगाहावं MINS
हर बस्तेदपापकर्मनईषमाएईकराणवसमा ई एवंवयासी इंशोरेवई मबियपश्चिएएवरवलउम्दं यातासत्तरत दई विसचिकाकरीनई रोगई पाडातीघकी आधिकरी) असमाधिपास 2 समालसएणे वाक्षिणाप्रतिस्यासमा अहहहवमहासमाहि
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बनी कालनसमकालकरीनई अगतई पपवमरनपतानरगन्यवाने विष लोलुचुचनरगावासो पत्ता कालमामेकालंकिवायदेश्मीसेरयाणपत्साए पुटवीएलोलुपचुपनेर
उरामासदेवरसाऊषानीस्विती नरकनऽविषई नारकीपण निदाउपजीस्पतिवार इए चौरासीईवाससहस्साहिईएसुनिरश्रमानेरश्यतापाउववकिहिसिातते पबीने रेवत्तागाधापतिलाई महासतक | श्रावक नोएडवोवचन सांतजीन) श्मबोली
सारेवईगाहावईणामहामएणं समोवासपए एवंवुत्तासमाए एवंवया || रुसोकोपोमु महामतक। श्रावक -हाणब मुझउपरई महासतक श्राव सारुणंमभमदासयपणे समरणेवासएगदाणे मर्ममहासयएणं समणे का रोअध्यवसायबई, मुजउपर महासतक श्रावक । नजाणाए। मुजन वासपणे अशावयाएं मर्ममहासयएसमगोवासएननकुई अर्दक
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नई॥
किस्पर्शमरणई मारपदं श्मसांसलीनापीन बीदना त्राही त्रासा) उदवेगपीमा सयपनो
विकमारणं मारिझिस्मामितिकहतीया तजातिसियानविणासंजायस उपासग
पबदलवरंपाबावलापानीव जिहां पोताघर तिआवाचीनई) आर्यभानधावा या सणियंरपच्चोसकई जेणेचसएगिदेतेऐववागवतिर उहयजाव लाग। तिवारपना तेरेवत्तीगाधापतिणी ]] पापकरी सातदिवसमा विमुचिकाकरीनशे रोगई शियाईतएणंसारवशादावईमा अंतोसत्तरतस्सालसएएवादिणा पत्तवीधकी] | आरोग्यांनश्करी कालमरणनईसमरंकालकरीन मअध्योगते अतितश्यासमा अहवसहा कालमासेकालकिच्चा मासेरय रत्नषतापयवान विष लोउचुननामान सदसवर्ष हवने तेसमानई श्रमणतगर्वन गप्पसाएपुढवाए लोलुचुयनरयो जावउववन्ना तेएकाले समगतगवं
ए
रकस्नविषय
अपनी
कान
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देवई
माहावीरदेव | समोसा | परिषदानी कली वांदवा | पबपाबीवली ) गोलमन्त्रादिदेईन ई श्रमण लगवंत म | महावीरे समोसरलं | परिसा निगया | जावप डिगया। गोय माइसमले सगवा महा हावीर पहक हिजं) इम) निश्वई हे गौतम | राजगृहननं विषमं ॥ [ माहरो || शिष्य | महासत्तकनामा वीरे एवं व्यासी एवं खलु गोयमा इदेवराय गिदेनयरिं । ममं त्र्यंतेवासी महासय ||| श्रावक तेराई श्रावक | पोष) साना नईविषई | बेहला मरणनां सं लेषणा करी | फु-मुंबई नामंसमणो वास पोसह सा लाए पश्चिममार पंत्तिय संले दुलाए झुसियस सरीर || नातपा ली च्याल वाढतो) मरला वांबतो ! | विचरइंबई]] तिवारी /तेमा हास शेरे तत्त्रपा ं पडियारखिए। कालंत्र्य एव कंखमा ऐ | विहरति तप्तस्मा तक || ||श्रावकनई ]] |रेवती || गाधापतिली || मद्यकरी माती ॥ सुनती घुमती हासयगस्सा समणे वासगस्स | रेवगा हा दडली | मन्त्रा लुलिया दिइए विसी
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जिदामदास तक )
श्रावक
मस्तक ना के सचुटा करीम माधालु | जहां पोषधसाना |
गुड ती
उत्तरिकिय विकरमाली २ | जेणेव पोसद साला ए| जेणे व मादा सयए समणो []] तिहां | आवीन | मोह उन्माद उपजावलदार काम पूर्ववत् । इम कदिवा लाग| तिमजर्ववत् दीपक कारी यांवचन वासपतेव जवागञ्चतिर मोडमा जाएगा इं| जाव एवं वयासी | तदेवजाव बेदार त्रिवार || एकद्धिं । | से || महा सनक || || श्रावक ॥ धर्मनाकामीमुरु ॥ नोग सो गदतो नह दोचंपितचंपि एवं दयामी) दंतो मदामय्या समणो वासया | धम्मकामया विचरतो कि स्पृधर्मा तिवारी तेम हा सतक | श्रावक | रेवती गाथा पति नुक्चन | बे । जावनो विहरसि तरसेम दासय समलो वा सप रेवगा हा वाण दो वार त्रिवार | इममूर्ववत् कुदुसमाज्ञानमुंजो अवधिज्ञान देषी नहं । कूकरमधम्मो चेपि तचेपि एवं वुत्ते समारच्या सुरू ते जड़िउ जई उहाच्या तो ए
1975
उपासग
र
एस
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रेवतागाधापतिणीपत मकहियावर उतरकिजाश्म निश्चई नकल्प गोतम रेवईगादावईणि एवंवयासी जावववक्रिदिसिनोखलुकप्पईगोय
श्रावक|| मरणनई अंतई। सलेषणाकाधीतेणईकरीमुस्पोशरीर सात मासमणोवासगरम पश्चिममारणतियाजावभूसियसरीरस्सातनपा पाणीप्रणवोबतो। । मरणजावतपत्रणवांबनांधकांनई अनेरानईब) सत्प|| तम्या
परियाऽषियस्म/कालअलवकरखमाणमा परोसंतेहि तच्चेहि नहि । मत्तत्यवाहतपरं अनेरान अकमनाक अप्रियकारी अमपोगन । मननश्चणगमतो एहि संपलिहहिं अदिपिपदि प्रमणुगदिश्रमणमिदि पहवउक्चना कहिनाव नेमारइंतिहां जाउ हेदेवाएंपिया उन्हो महासतक। श्रावकनई। वागरणेहिं वागरितएतंगदिशंदेवाणंपिया उममहासययं समरणेवास
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उपासग
एए
|| श्म कहिजं || निश्वशं हे देवाएं प्रिया | नकल्प ] | ॥ श्रावकनई] | मरलनांसिंघा
יון
यं पवंदयासी | नोख तु देवाएं प्पिया कप्पई) समलो वा सगस्म | पश्चिममारणं काधा मर्ववत् ससपा कदिन कल्पइंनडमे देदेवा एंत्रिया | | रेवली गावातिल ते नई निष्टवचन
तिय जावप सातदि | जावदागरित्र) म्हे देवा गुपिया रेवगा दाव यवातून अनिष्ट | ५| वचन जेम्हे || कजिं | | तेमाटतुम्हे पचानक
च्या लोबो तेहि लिपि वागरखेदि । वा गरिया । तं नंड मंष्यमाणस्लोए पवई | यधायोग्प । प्रायवित] [लीयन | तिवारी ते ] | सगवंल गौतम | | श्रमण || हिं जाद ऊ हा रिच पायचिपडिवजातिते से सगर्व गोयमे समएस्स ||तगवंत | माहावीर वचनतत करूं || विनय सहीत) सांस ली नई। तिधी नी सरीन 5|| लगवन महावीर स्तत्रियमहं दिए | पडिले २ तप डिनिरव मंति
y
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|| राजरनगरमध्य मधोमा प्रवेसकस्मोकरीने जिदां महासतक आवकji शरायमिदनगरंमर्शमशेणं अणुपक्सिजेणेवमहासयगस्मासमोवा घरबा जिहां महासत्तका श्रावक तिहां अावीमई) तिवारपली ते सगस्मगिदे जेणेवमहासयएसमोवासए तेणेवउवागतिशतएम्सेम महासतका श्रावकशासगवंतगौतमनई आवत्ता देषान हर्षपापोहीयानविषईपल हासयएसमोवासएसगवंगोयमापद्यमाणंपासईशहाजावदियाए तगर्व भगवंतगौतमनई नमस्कार तिवारपनातेसगवंतगोतम माहासतक श्रावकप्रतज्ञ मकहि गोयमवंदईनर्ममर्शतएणंसेगवंगोयमे महासययं समएवासय एवंद 5] | मनिश्वर हेदेवाणंत्रिया।। श्रमणत्तगवंतमा हावारई माया मताप्युं । यासी एवंखलुदेवाएंपिया समणेतगर्वमहावारी एवंमाश्वशएवंतासति
वादीनई
करीन
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एपरुणुं विशेषऽपरुणु निश्शनकल्प। देदेवाणुपिया) श्रावकनई.) मलेषणानवि), पणवेशपसवेर्शनोखलुकप्पीदेवाणुप्पिया समोवासगरमाअपविमना
कोरवचननक उम्हे हे देवाणुप्पिया) रेवतागाधापतिणावतई बकवोरवचनकहि। NĘ
वागरीतए उम्झएर्ण देवाणु प्पिथा रेवगाहावईया संहिंजावधागरिया तेदन उमे देदेवाएंप्रिया एस्लानक बालोवो | यायोग्पषाबितलीयो तिवारपत्र तनंउमंदेवाणुपिया पयस्मास्साबालोपहिंजावपाडवद्याक्षिततेणं ने मादासतक) श्रावकई जगवंतगोतमनुवचनतहितकाघु एयर्ध विनयमहीन सात सिमदासयएसमावासए सगवंतोगोयमस्मतहति एयमविलाएपरिस जीन ते घांनक) यालोयचं यघायोप! |पायछिन्न लायोलेनि गतिशतमाएमालोएशि जावजादारिदंच पायबिपडिवजाति)
dardstha
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तिवारपनाने लगवंतगौतम मादामतक]] श्रावकना] समीपरंधकी। नासरीनई तएणसोसगवंगोयममहासयगस्मासमणोवासगरमचंतिया परिनिरव Inराजगृदनगरमध्य मध्योमध्य) नासरीन) जिहां श्रमण सगवंत महावीर तिहां शिवरायगिर्दनगरंमशमशेर्णनियतिरजेणेक्समतगवंमाहावीरते
गावानई श्रमण सगवंत मादावारनई वादाने नमस्कारकरीने संजमशेतपक्का पवनवागढतिरसमतगवंमहावीरं वंदश्नमंसईता संजमेणंतवसाप्रपा आपणोत्रात्मानावनोयको तिवारपबी अमणसगवंतमहावारदेव एकदाप्रस्तावचं राजगृहनगर
सावेमाणेविहरतिशतएर्णसमणेसगर्वमहावीरेयलयाकयाशरायगिहा मा गुणसिल चैतउद्यानधका। नासरान चादिरजिनपद नविषई उनगराउगुणसिलाउचेतिया पडिनिरकमश्यता बदियानिणवयं
विचरबई
SK
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}] विचरइंबई] | तिवारप||ते | मादा सतक ] | श्रावकरें। घलुंसी लजलादिक । श्रापणे। वहारं विहरति तप से महासय समणो वासए बऊदिसी लजाव प्णा आत्मा सावतां || वीसवरस | सावित्रा वी संवा सायं | कनी प्रतिज्ञा | | सम्पम् प्रकार सगप डिमान सम्मका एफा से त्रा | मा सियाए संलेदार अप्पालंमित्ता साविनो । सल | | बेदानई । लोइपडिकर्मी सुदवई | समाधिन इंपांम्पा मरणानई। | सहिंसन्नाईसराई | बेदीता लो झ्यपडिकं समादिपत्ते कालमा अवसर पामी का सौधर्म देवलो करें | रुदितंसक || विमाननइंविषई अपनो|| यारफ्यो मन ||से कालं किच्चा सोमे कप्पेरुविडंस विमा लेडदव ने चत्तारिप लिनो
श्रावकनी ) ( प्रतिज्ञा | पाली नई । । श्रगीयार ॥ | श्राव समो वा सगं परियाज गंपाउलित्ता | एक्च्चा रसाउदा काया शंकरी | मासदिननी | संलेषण करी नई | आप या त्माऊंसी फरसी नई
नई
रानई
उपासग
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स्विति। माहाविदेददेवनविष मिशासी समाप्त रोघय उपासगदशोगस्पमाहास वमातिहितिमाहाविदेदेवास सिशिदिति निरखेवाजवासमदसाग्रता तकस्पअष्टमंअध्ययनसमर्म। दिवईनवमुपारंजाब पणाप नियरहे लेकालचोपोआरो मन्यनयणं समन्नावानवमसनरवेवज एवंवखुजबुत्तेणंकानेश्मा सावधानगरीनवि कोइनामचै जितशत्रुराजा तिहासावधानगरीनविष नंदणिप्रियनामर्श, वकीपनयरीए कोहएचेए जियशत्रुरायातकणंसावलीपनदिएणपियानाम || गावापति वसईबरं धनादायावतको धारवी चारदिरणनीकोड वरतानविषाइंडा गादावर्षपरिवसति अहेजावअपरिपचतारिदिरणकोडीतो निहोणपना
बाईचत्राशि चारहिरणीनीकोड दिनध्यापार चारदिरणनीकोडानोघरवाषरोधालकचोला । अक्षारिदिरणकोडातोवहीपस्तावेचनारिदिरणकोडीतो पविचरपन्ना
पउद्यान
नईविषबई
दिका
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उपासणी Up
कारकस्वा
यारगोकला । दसहजारगाईकरीएकवर्यगोकल) | असिनीनाम सार्या मादाचारावासमोर
चनारिवया दसगोसादस्सिएरवएणं अस्मिणीसारिया सामीसमोसहे " जिमश्रादयान तिमनग्टहस्वनोधर्म परिवज्योग्रंगी मादावारबादिरदेशमें विष बिहारकीयो जहाग्राणंदोतदेवगिदिधम्मपडिवहति सामीबदियानिणवयाविहारविहर तिवारपना नेनंदणप्रिय) प्रावक) अयउ। जाणधयो जावजीवनो यावत पतिलाततो तितएशंसेनंदणीपिया समणोवासएजापाप्रतिगयजावाजीवे जावपरिलाते घको विचरचई तिवारपबी ने / नंदणप्रयतेदनई श्रावक नई एं। सालमाचार माणे विदरतितएतस्मादिलिपियस्मासमोवासगस्माबजहिंसीलच्य श्रावकजत उदायी यावर आपण चात्मा चउदवरसअतिक्रमरंधक तिमन वडाबेय गण जावअप्पासावेमाणसाचग्दरमसंवबराशंवतातहेवजेठ
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नई कुटंब न विषघापी नई यावत् श्रमण सगवंत || माहावीरनी॥ | समीपनो धर्मकादियंते । पुत्तं कडं बेहावे ईश्ता जाव समासव | महावीरस्म तियंधम्मपण || चांगी कार करी नई |]] विचरइंबई|| यावत्। वासवरसनीश्रावकनी पत्लोविक गदिमां ज्या पाली शेष त्रिं नवसंपजित्ताविहरति जावदी संवासा परियागंना रुगवे ननेंविषरं | अपना | मादाविदेद् क्षेत्र नईविषरं | मुक्ति जास्परं । समाप्त / ] उपास गट्यांगस्प नवमं । चिमाणे उदवाय महाविदेदे वा से सिशिद्धित्ति निवेदन वा सगदशा न ॥ अध्ययनं नंदल पियस्प संली | हवदेश अध्ययन पारंजी ) इम) निश्वई हे जंबु | तेकाल | वमंशयणं समत्तं॥ बः॥ दशमस्म उरखे व जे एवं श्वस्तु जंबु | तेणं का समान | सावळी नगरीन | कोहनांमि उद्यां | जिसस चुनामराजा || तिदां सावळी नगरी में विषदं |लेश सावजीनयरी को एचेश्ए | जियस चुराया तच सावजी एनयरीए
इंबई
नवनषेड
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क
(मालदीपिया नामागाधापति) वसईबई धनादा यावर कोश्वासवानस चत्तारि पारदरगना
सालदापिया नामंगदावईपरिवसईऋतजावयपरिसईयचन्तारिक्षिरसको उपासग
कोडा निध्यानधरती माहिबई यारिदिरणकोडि दियापारविषलाई) यारहिरण कोडिनो]]|| था
डीज/निदाणपउनाउ चनाशिविरमकोरीतोवहिपमानाचारविरमाकोडीतो घरवाषरोबधाजक आरिगोकल दसहजारगाईकरीएकगोकलकहाई फगुणानामसार्या माहावीर
चोलादिक । पविञ्चरपउताजा तारिवया दसगोसाइसीएणक्यणं फगुणितारिया सामा/ समोसस्या जिगआणंदश्रावक तिमनिकसो निमज) सदस्चनोधमोअंगीकारकस्यो जिमकामदेव।। समासदे जहानागंदो तदानिगतोतदेवागिदिधम्मंपडियऊतिजदा कामदयो तिमज वडाबेटानइंघरनो पोषधनासालानई श्रमणसगवतमाहावीरनो]] |समापश्नोधर्मा तदाजेठपुतंहविता पोसदसालाए समणस्मसगवउमहावीरस्म अंतियधम्म
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बाघ
प्रज्ञाशा अंगीकारकरीनई विचर पनजोदि उपसर्यविना अगीयार श्रावकनीतिज्ञा | परमजिवसंपधिताणंविदरतिनवरंनिरुवस एकारस्मविश्वासगापडि
तिमन जाणिवउँ) | एमकामदेवतापरिजोग जाग यावत् सोधर्मादेवलोक अरूणकिल माजतदेवताणियचा एवंकामदेवगण नेयजावसोहम्मेकअरूणकि विमाननशेविषज्ञ देवनापणे उपना} स्थिति चारपसोपमाऊडं।) माहाविदेदेवांविष मि लेविमाणे देवताएउववन्ने निश्चतारिपलिउवमातिमादाविदेदेवासे सि
मुक्तिजा पदशश्रावक वरसई वर्ततधकई चिंतदना पदशन वासवरसना । शिदिति दशगाविसमेसंवञ्चरेवहमाणेणं चिंतादसएविवीसंवासासम श्रावकना प्रवपापालान! एम निश्च हेजंबु श्रमणलगवंत मादा वीरदेवा यावद।। गोवासयपरियाज एवरवलुजंबुसमणेगासगवयामहावीरेणं जावसं
१५पनरने,
पसर+
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ग्राणश्रावक १कामवर चुनावयाँसुरादेव।
मुक्तिनाजाण सातमाअंगना उपासगटसांगना समाअधोयनना एअर्धपरुप्पोकहि उवासग
पत्रण सन्नमस्सगरमानवामगदसाणंदसमस्सप्रशयणस्सायमपमा
| दशमो अध्ययनमालदापायानोसप्ताः ।। ब) वाणियगाम चंपागाम बे वाारसानगरी २००
दामंत्रायएसमा बावाणियगामेचंपाइवेयवाणारसीएन
आलंसायानगरी] किंपिलपुरनगर जांग ॥ पोलासपुर राजगृहनगर सावळा यशपालसियापुरवकिपिपुरंचबोधरि पोलासरायगिह साछी पुरनगर एब ए हश्रावकना नगरा) निश्च जर जाणवा ||२|| सिवमंदार पुरेण्यदोन्निसधिएएउवासगाएं नयरावखुऊत्तिबोधछाशसिवनंद ना सामावणाध बऊला५) पुंसा६] अथिमित्रा) रेवती८] असिणि १०० सहारासामाधवबजलापपुस्साहाअग्रिमीशायरेवईणअसिलि
चुद्धसतक ५
कुमकोली3.६.
सालमिया १०
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ती देवता है रोना
४५
|| तिमफगुली |१०| [ सायनानाम ||३|| अवधिज्ञान१] पिसाच देवतार मायामा सोल तदफ गुणीय१०] सद्या नामादिनाश पिसायपर मायाश्वाहि खनन | उत्तरासानो ६ || तार्यासुतानो ं | ऽष्टरेवती नो [८] बिऊंश्रावक नई उपसर्गनही १० ||१४| रिडिया सुयाच्चयाय निरुदसगुगया दोन्निर रुविरुणविनिश्वरुणविमानारुणतरुण रुजविमानह चारुरूपा लेख तुरुगप्प ३ अरुण कंते सिठेयपाशयय अरुण अरुणवि अरुण गति रूकी ५॥ उपास दशांगनोदशमोध्येयनसा लप्रियानो संपूर्ण बठेचुए विडिंसागवेल की ले रणाचा सगद साणंदसमंशयांसमंत्री |१०|| उपासगदशांगना | सातमा श्रंगनो || एक | ऋतस्कंध |] तेनादयध्येयन ] | ए (१) बवास गदशाएं| सत्त्रमस्सग स्स) एगो सुयरवंधो दशशया एका
मान १
मांन
विमान, डिसविमान विमान विमान
मॉन
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________________ एकारस दश चेवपद दिवमईतणाई एश्रुतस्कंध सम्पकपकारलदेसरंग।। उवासग रस्मदसगा दसवेवदिवसेसुबहिर्मति उसुयबंधोसमुद्दिति गुणविश कति दोसुदिवसेसुधेतगंतदेवगडतिसतमामंगसंपूर्ण श्री ॥संचतरप३वर्षवशापयदिरोगाथाश्रीररूपजीऋषिश्रीस्या तिजसिंघजीतसिष्णपक्राषिश्रीपत्राचंदजीतस्पशिणकाष सोमनाला स्वत।सुरतिबिंदिर सेवामननाजेसंघाबा तेऊंयरपठनाई निशाउयासकसमा गंधाघ 5 सर्वसवा 25 ॥ब सोनी कारको नेला217 तुलसीरुजी मनसषकल के कुत्रारजाजानानासाबग सुनद्यारजाना 2011