________________
तिमऊ चिंतव
उपासगाव जेठपुत्ते कडं बेठा वित्ता। मित्र जेठ तं च
१
| मित्र जेष्टव कुबे टुपुबी नई | कुलास सनवेशि के पुरुब वित्ता कुल्ला गसंनिवे
| पोता नुं तेंरुन विषइ | यौषध साला मोसाल | पडिलेही श्रमण | जगवंतीम फावार नइ | पास जे धर्म नई । सेगा तं कुलं सिंपोसह साल पडिले हात्ती समस्या गवना तियेधम्म। अंग कार 17. आदरु बितेरु पिरि | अनाचार रहिनपालनु विच विपुल विस्तामति मजेजिमा करचोबि रामचिंतनात घन्यायाषा दिम स्वादिमध पत्त्रिनव संपतिताणं विहरित एवं सपे हे शन क विउ साधनव
नापजावि ।। नइ ||
रकडा [विशतपच्चाराऐजावाप्प महाघा तरणालं कियसरायमंड |
वसिसु हासवर गए [मित्तनाशनि से बेधिपरितं स हितेवि १७