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उपासग पक्ष
[१] मादा विदेहन इंविषई) | सीफसई ] ] समाप्तः [ [ उपासगदशां गनुं चोघो अध्ययन संपूर्ण
हित्ती | मादा विदेदेवा से सिशिदिति निखेवे ॥ ववास गदसाणं च तंत्रशय गं।। -सुरादेवनो | ६ || प्रारंसीइं पांच मंत्र एम निश्व | जंन | |तेकाल ) | तेसमान इंविषई ) | ||समनं॥४॥ ॥ देवो पंचम स्म एवं स्वच्तु जंछ | ते एगंका ने ए| तेणे समर्पणं| च्या त्र्याललीयानगरी | संखवनद्यांनब | ) तिहांजितशत्रुरा | तिहांला तकुग्रह | रुविंतत्र्मने
ध्ययन
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जाबशेष
स्तर
कोई प्रास
सियान गरी मेरववरणा उद्या ऐ| जिया चुराया चुन सएगा दोवती हे नावच या बहिनी कोडि | निधांनल मिमादद्वारा | बहिरानी को डी व्यापारनें विषइंबई ।। परिलूप बहिरण को डी तो निहरणु पत्ता) बहिरण को डिनो वहि पत्ता | बहिरानी को डीनो घर वा परो बरं घालको बवर्ग | दसमहश्रगाधं एक वर्ग 1 | बऊला ५५
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'सात हजार ६००00
बहिरण कोडी तोपविचरपान बच्या दस गोसाहसी एचएएं बऊला