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________________ सर्व विलेपन न पचमाणा तिवारपनी वली फूलना जाति वापचषाण करा नकलपक्ष। वलेवा विहिंपचरकाशतदाणतरचणमुफविहिंपरिमाणकरेननबएगे उपासग एक हपदमाधोलुक मला अधवा मालताऊसम) सेष बाजा फुल पञ्चखाणारा माला मोकला। सुरपन मेगामालकसमेदामेणवानवसेसमुफ्फविहिंपच्चरकाशत तिवारपावला प्राप्तरण विधिने प्रमाण करि आणंद नकलयः । एकला सोनाना अंमल नामांकित बीडं। अपूरवकरणातरणा । दाण तरचणातरण विहि/परिमाया करेशननबामहेकालेजतेहिनाममु मुश्किा सेघवाकता अात्तरण। सर्व पचघाणारण तिवारपना बला धूपणा मुं। मरिमाणकर विना। दाण्याअवसेसाप्रातरण विहिं यचरकाशतयाणीतरचणाधूवण विहिपरिम आगदा नकलप अगर। ऊंदरुगूद। घाकता | बा जी सर्व धूप। पचषाण २०त्रिविधि करेशाननबअगरु सक्वधूवामादितहि अवसेसाधूवा विहंपच्चरखाना षगलि) लोनान
SR No.650006
Book TitleUpasakadasanga Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
AuthorSomji Rishi
PublisherSurat
Publication Year1783
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_upasakdasha
File Size29 MB
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