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________________ तिवारपबपिडनुपरिमाण कारबागांद घृततिलतंऽलपातिघवा राबमादालादा अधवा मुगादिकदानिटाला नेहनपेचकहाई अपूवा ऽधनाराबकानघा मुंगदालिनोरस प्रधानश्यश्करीसस्कास्वननेह लिमग नायकहीतयाणतरंचणविऊ विहिंपरिमाणकारतिनिनबएगा।कापकाएअवसेस ना.बाकानामसेषवाकतापे तिवारमबानकण क वाननुयरिमाणकर नकलप एक जर्नुपच षाणा ॥ श्रादप्रावक पिघाविहिंपच्चखाशाशतयाणंतरचणीतरकविहिपरिमाणकरेनिनन्नबाण घृतपूमकघेव। अघवा घामलेपघा बाकासेघधाकता सर्व पकवाननुमच निवारपनी|| जलाषावा पाण हिंधैय पुमाहिरिवंडखजए हिवाअवसेसेत्सवाविह पच्चरखातिरसतदाणतरंच उदनकर परिमाणकरसंवाद प्रावका नकलपशएककलमसालिकमोदि सेषधाकता३. चौघांप्रमु गणनदण विहिंपरिमाकरितिननब कलमसालिनदवसेसंनद विहं पचमाणावा तिवारपनीमूदालिन परिमाण करमन अाणद । नकलया कालायाचणका सूपतादालि कहाम्रावका कारखान्पविशेषदालि। पच्चरकातिशतदातरचणसूयविहिंपरिमाण कारतिनिनवकलायसना
SR No.650006
Book TitleUpasakadasanga Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
AuthorSomji Rishi
PublisherSurat
Publication Year1783
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_upasakdasha
File Size29 MB
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