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________________ देवई माहावीरदेव | समोसा | परिषदानी कली वांदवा | पबपाबीवली ) गोलमन्त्रादिदेईन ई श्रमण लगवंत म | महावीरे समोसरलं | परिसा निगया | जावप डिगया। गोय माइसमले सगवा महा हावीर पहक हिजं) इम) निश्वई हे गौतम | राजगृहननं विषमं ॥ [ माहरो || शिष्य | महासत्तकनामा वीरे एवं व्यासी एवं खलु गोयमा इदेवराय गिदेनयरिं । ममं त्र्यंतेवासी महासय‍ ||| श्रावक तेराई श्रावक | पोष) साना नईविषई | बेहला मरणनां सं लेषणा करी | फु-मुंबई नामंसमणो वास पोसह सा लाए पश्चिममार पंत्तिय संले दुलाए झुसियस सरीर || नातपा ली च्याल वाढतो) मरला वांबतो ! | विचरइंबई]] तिवारी /तेमा हास शेरे तत्त्रपा ं पडियारखिए। कालंत्र्य एव कंखमा ऐ | विहरति तप्तस्मा तक || ||श्रावकनई ]] |रेवती || गाधापतिली || मद्यकरी माती ॥ सुनती घुमती हासयगस्सा समणे वासगस्स | रेवगा हा दडली | मन्त्रा लुलिया दिइए विसी
SR No.650006
Book TitleUpasakadasanga Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
AuthorSomji Rishi
PublisherSurat
Publication Year1783
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_upasakdasha
File Size29 MB
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