Book Title: Gaumata Panchgavya Chikitsa
Author(s): Rajiv Dikshit
Publisher: Swadeshi Prakashan

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Page 45
________________ को आज नहीं तो कल। कल नहीं तो परसों। परसों नहीं तो नरसों। - इस प्रश्न को बहुत दिनों तक टाल के नहीं रखा जा सकता। इसको ऐसे ही .. हल करना पड़ेगा जैसे अभी हमने कई गंभीर प्रश्न हल किये हैं। भारत पाकिस्तान के बंटवारे का प्रश्न था बार-बार टाल नहीं सकते थे तो हल किया थोड़ा दर्द हुआ। लेकिन हल हुआ। एक लाईन खिंच गई कि वो पाकिस्तान है। यह भारत है। चीन के साथ हमारा गंभीर प्रश्न हुआ सीमा विवाद पर बहुत दिनों तक टाल नहीं सकते थे तो हमने फैसला किया। यह भी प्रश्न बहुत गंभीर है। क्योंकि भारत के करोड़ों लोगों की मान्यताओं व आस्थाओं से जुड़ा हुआ है और हमारे संपूर्ण भारत के जीवन से जुडा. हुआ है। हम भारतवासी गांधीजी के शब्दों में अगर कहें कि हम सनातनी हिन्दु हैं। गांधीजी जब यह ताल ठोंक के कहते हैं कि मैं सनातनी हिन्दु हूँ। क्यूँ? क्योंकि मैं पूर्व जन्म में मानता हूँ। जरा इसको जाने इसमें है क्या। दुनिया में भारतीयता को छोड़कर ऐसी कोई दूसरी सभ्यता नहीं है जो पूर्वजन्म को मानती हो। अभी आज की दूनिया में चार बड़ी सभ्यताए तो मौजूद हैं और इतिहास में बहुत सारी सभ्यताए आकर चली गई। फिलहाल में चार मौजूद हैं। एक इस्लामिक सभ्यता, इज़राईल वाली सभ्यता, एक है ज्युज वाली सभ्यता यहुदीज्म वाले और एक है हमारी भारतीय सभ्यता। चार - तो पक्की है ही। तो भारतीयता में भी कई सारी उपसभ्यताए हैं। एक जैनिज्म है, बुद्धिज्म है और बहुत सारे है। ऐसे ही ईसाईत में भी बहुत सारी उपसभ्यताएं हैं। ऐसे ही इस्लाम में भी बहुत सारी उपसभ्यताएं हैं। ऐसे ही ज्युजिज्म में हैं। भारत की सभ्यता को छोड़कर इस्लाम ईसाईयत और यहूदी तीनों सभ्यताओं में पूर्नजन्म नहीं माना जाता। वो मानते हैं कि जन्म एक बार होता है बार-बार नहीं होता। इसलिए उस सभ्यता में जो भी कुछ करना है। वो एक ही जन्म में करना है। क्योंकि आपको दुबारा जन्म नहीं मिलेगा। मेरे बहुत सारे मित्र हैं, दोस्त हैं। अमेरिका में रहते हैं, युरोप में रहते हैं। पहले मेरे साथ पढ़ाई करते थे लेकिन भाग के चले गए अमेरिका, युरोप को। और वो कई बार मुझको कुर्तक करते रहते हैं। वो कहते हैं'यार-देखो हमारा अमेरिका तो बहुत अच्छा है। अब वो हमारा अमेरिका बोलते हैं। हाँ,- लॉयलटी इतनी चेंज हो गई है कि हमारा अमेरिका बहुत अच्छा है। जन्म भारत में लिया। हवा यहाँ की खाई, पानी यहाँ का पिया; मिट्टी में यहाँ के खेले, भोजन यहाँ का किया, यहाँ के लोगों की खून पसीने की कमाई के टॅक्स के पैसे पर इंजीनिअरींग किया, भाग गए अमेरिका। काम वहाँ कर रहे हैं। भारत को कुछ नहीं दे रहे हैं। कभी-कभी.एहसान करते हैं यहाँ आ जाते हैं तो गालियां देकर चले जाते हैं। भारत में बहुत गंदगी है, सड़क पर कुत्तें घुमते रहते है, गाय घूमती रहती है, भैंस घूमती रहती है। और घर में छिपकली आ जाती है, मच्छर आ जाते हैं। यह कोई देश है गौमाता पंचगव्य चिकित्सा

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