Book Title: Bhagavana  Mahavira Hindi English Jain Shabdakosha
Author(s): Chandanamati Mata
Publisher: Digambar Jain Trilok Shodh Sansthan

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Page 435
________________ 384 बोधचतुष्क भावान महावीर हिन्दी-अंग्रेजी जैन शादकोश बोधचतुक - healthtreatusket म. आ. मे अश्रमः गणवस्थ म हान तक Aquarter of knowledgesre sensory. scriptural ब्राह्मवर्ष पाला पविग क अम्याम दारना clairvoyance. & telepathic ब्रह्मचर्य तप ऋद्धिमान. श्रुत, अवधि, मन यशा। ये मान । Pahmararur Tepa Reirthi. बोध पाहु - Heakha Pahreadir. A type of supernatural power (perta ring to celiA book wntten by:1rwa Kund Kund bacy. श्राबार्य कुन्दकुन्द (ई.+27-179) कृन एक. ग्रंथ । क ऋद्धि इत्त व निमरी के प्रभाव में लि पनि बोधायन - Bodhersarma युद्ध. दुर्भिक्षादि शांत हो जाते हैं । Name of a commentator of Ved literature HET VIGTIT - Hraderary report बादरायण के ब्रम्हपुत्र पर दीका निपने वाले एक बेदात Seventh model siage of celibacy of Jaina layपरित्य नर्तक । follower. श्राव की सातवा भनिपाः उगनें प्राचनसीमन जा त्यानी बोधि - Bodhi होकर पूर्ण बहाग्य से रहता है. इसका पाक पायक अपने Gain of perted knowledge ar wisdom (reg right Faith, knowledge and conduct). पत्र-पुत्रियों के विवाह के अभिरिक्त अन्य किसी के विवाह को सम्पादर्शन, शान, चारिप, की शक्ति होना बोधि है । अनुमोदना नहीं चारता है। बोधितबुद्ध - Bodhitabuttfina. ब्रह्मचर्याणुव्रत - Batthunwaryanvrota. One enlighened with knowledge gained through Vow of partial celibacy, to limit the desires with others own wife only जिन्को रोगदेश पूर्वक ज्ञान की निहाधिन पर भगुफ्ती में एक व्रतः एक देश ब्रमचर्य पालन' अथवा कहगत है। म्वदारमताव रखना। 1- Bedistartebra अष्टाधारी - Brnfuncteriri. One of the twelve particular reflections, Involve Acetibate. ment in the means of internal enlightenment. अथर्य व्रत का परिपूर्ण रूप से पालन करने वाला । 12 पाचनाओं में एक जिस उपाय से सम्यामान की उत्पत्ति हो, बहादत्त - Bratunatana. ठप उपाय का चितवन करने को बोधि दुर्लभ भावना कहते हैं। Name of the 12" Chakravart - Bruttirin. 12वें चक्रवती का नाम, जो मरकर 7वें नरक गये । Aruling demigod of Lord Dushpdant, The all ब्रह्मदेव - Brahmadeya pervading spiril of the universe. The supreme Name of an Acharya, the writer of Dravy soul. Samgrah Tika, Paralma Prakash fika elc. तिलोयपण्णत्त के अनुसार पुष्पदंत मागफन का शासक यक्ष, द्रव्यसंग्रह एय परमात्म प्रकाश टीका आदि के कर्ता एक कहीं इन्का नाप अजिनदत भी आता है। शब्द: रामरत वस्तुओं आचार्य। को प्रकाश करने वाला और स्यात् पद मे चिहित शब्द बना है. बहार्षि - Brahinerati परमात्मा । Saints having supemalural knowledge (portain. बह (देव) - Braima (DER) ing la wisdom and medicines), Another name A type of kralporusi deities. of aukaruik deities. कल्पवासी देवों का एक भेद, 5थे स्वर्ग के देव । बुद्धि और औषधि ऋद्धियुक्त साधु ब्रह्मर्षि महलाते हैं, लौतिक (स्वर्ग)- Brahna(Surya) देवों की भी जर्षि कहते हैं। Name of the 3rd Patat (layer) of Brahmenugat and खालोक - Bratunaioka. the litth panicular place of heaven. An upper world (the 5* heaven). बायुगल का तृतीय परल, कल्पवासी स्वों का पांचवा कल्प। 5वां स्वर्ग, लोकांतिक देवों की निवास भूमि । पचर्य - Brahmacurya. ब्रह्मवाद - Brohnavida. Celibacy, a vow Name of doctrine (related to non-dualism). पन, वचन व काय में मौ सेवन आदि अझ का त्याग करना, एक तवाद । परजनों में एक व्रत. श्रावक की 1वीं प्रतिया, 10 लक्षण खापविद्या - Brahmavidyi. पर्य का 10 पर्य: पैथुन या कामसेवन का त्याग करना एवं A book written by Acht Mallishan आत्मा में तीन होना म्हाचर्य है । आचार्य मल्सिण (. 1128)रा रचित एक अंश । बाचर्य आश्रम- Hrutanekaryakirutu. साविलास - Brahinavitāsa, Life span of celibacy A book written by Panti Bhagvali Das प. भगवती दाम (ई. 1674-1643) दारा रचित एक पंथ ।

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