Book Title: Nemirangratnakar Chand
Author(s): Shivlal Jesalpura
Publisher: L D Indology Ahmedabad

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Page 11
________________ A संज्ञक प्रति अन्तिमपत्र / दिवनाश श्रीमोमऊगरुभएसयामुमतिमाबुराणघरा श्री नरेइमविवापियरमदाफलायमंमया मरियरुजयुमदायलिविवला| गराजिमंमितपवरक्तिसमनमोधोनमुयायामीसीमनामीस्मिदिन याय नाश्वानाममदान आपकायेवितियाasnामायासवानियकोवादिविरिसदाशिला/विमानवाणीनि]ि माणीवनजाणीवकामारमाववामिश्वरमना भिमादमाममानामयोगयोगिविधिमयोगिवारवारदिपायगेमचंद कियपविविध मजिसमश्नविधियामायामयी धाकल्पवधीकरिवडीवरधिकामातीकिसागीदिममिनोनित वापदालगीएम मनापागरोगनागदिश्व हन जऊगडिपासदामुककगनमिनयरोदिया / मानमायरममिदिवायमिमारिगयणगणनकमा मुमुनश्चमक समुरमुरनगंगाजारप्रतिवन वरऊलावलायनिश्शुलझांलगमशिन मिडिगाव सवरियाविरमागितालगाधकलाम दविजयकुलकमल्लिाविमलजगिमोदवडावभरकवललगी वहिमनामश्वरिसमावाहकम्मनिरजली वासनावि नंजा अविवलपदिश्रवरियानमार गजया अवसौरवण्यायश्वरित ऊसवादवनकोश्वरालादण्यममय निवरणाशनयुजगधिजीक्षकम्पारणका१५६निनमिनायबोधगंगानाकरामाधादातीयोपबंधः। सलारंगवहनल ताशुनाबाश्रीरामाश्री। श्रा माग

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